Jism Ka Bartan Sard Pada Hai
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रेख़्ता हर्फ़-ए-ताज़ा सीरीज़’ की शक्ल में ‘रेख़्ता बुक्स’ की पेशकश। उर्दू शाइ’री की नवोदित प्रतिमाओं में से एक अमीर हम्ज़ा साक़िब की शाइ’री का इन्तिख़ाब। 9788193960981
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रेख़्ता हर्फ़-ए-ताज़ा सीरीज़’ की शक्ल में ‘रेख़्ता बुक्स’ की पेशकश। उर्दू शाइ’री की नवोदित प्रतिमाओं में से एक अमीर हम्ज़ा साक़िब की शाइ’री का इन्तिख़ाब। 9788193960981
Book Details
-
ISBN9788193960981
-
Pages108
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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