Auraq E Khizani
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अहमद मुश्ताक़ की ग़ज़लों में नाजुकी, बारीकियाँ और जुनून की तीव्रता बहुलता से देखने को मिलती हैं। प्रस्तुत किताब में अहमद मुश्ताक़ की चुनिन्दा रचनाओं का संकलन है| यह किताब उर्दू लिपि में प्रकाशित हुई है और पाठकों के बीच ख़ूब पसंद की गई है|
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अहमद मुश्ताक़ की ग़ज़लों में नाजुकी, बारीकियाँ और जुनून की तीव्रता बहुलता से देखने को मिलती हैं। प्रस्तुत किताब में अहमद मुश्ताक़ की चुनिन्दा रचनाओं का संकलन है| यह किताब उर्दू लिपि में प्रकाशित हुई है और पाठकों के बीच ख़ूब पसंद की गई है|
Book Details
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ISBN9788192664811
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Pages144
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Avg Reading Time5 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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गीत कहाँ है अब यहाँ/गीत जैसा कुछ है’—गीतकार स्वानंद किरकिरे इस संग्रह की एक कविता की शुरुआत इन पंक्तियों से करते हैं। वे इधर की फ़िल्मों के चहेते गीतकारों में से एक हैं, जिसकी वजह शायद यह ईमानदारी ही है? इन कविताओं की उपलब्धि भी और औज़ार भी यही ईमानदारी है। कवि के रूप में उन्होंने कहीं अपने व्यक्ति से बेईमानी नहीं की, न ख़ुद से यह कहा कि वे शायर हैं, न यह कि गीतकार हैं, न यह कि कवि हैं। वे तेज़गाम दुनिया के बीचोंबीच बैठे, अपने-आप के परदे से दुनिया को देख रहे हैं और वह जितना उन्हें समझ आ रही है, उसे लिख रहे हैं। कविताओं की इस पुस्तक को पढ़ना एक अनुभव है...। और उम्मीद है, हिन्दी का नया पाठक इसे अपनी अनुभव-सम्पदा में मोती की तरह जड़कर रखेगा।
He Ram…!
- Author Name:
Mahesh Katare
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