Swaraj Ka Shankhnaad
(0)
₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355210692
-
Pages304
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Showman : Raj Kapoor
- Author Name:
Ritu Nanda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Prem Aur Sazish
- Author Name:
Sanjay Kumar Paul
- Book Type:

- Description: ‘प्रेम और साजिश’ कहानी माधव और अंकिता के प्रेम-प्रसंग से शुरू होकर बहुत से अदभुत मोड़ों से गुजरकर खत्म होती है। अंकिता की शादी की खबर सुनकर माधव का दिल टूट जाता है और वह सुसाइड करने की सोचता है। माधव का ममेरा भाई उसको प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है। दो साल के अंदर एस.एस.सी. की प्रतियोगिता परीक्षा पास कर माधव सी.बी.आई. में सब इंस्पेक्टर बन जाता हैं। माधव की पोस्टिंग कोलकाता में होती है। माधव को बंगाली लडक़ी अन्नू से प्यार हो जाता है। इस बीच माधव को टॉलीवुड (बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री) की मशहूर अभिनेत्री लीना डे, जिसकी लाश श्रीनगर के एक होटल में पानी से भरे टब में मिलती है, का केस दिया जाता है। केस की छानबीन से पता चलता है कि लीना सपरिवार जम्मू में अपने किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल हुई थी। शादी के बाद लीना कश्मीर घूमना चाहती थी, पर उसका पति प्रसेनजित, जो एक फिल्म डायरेक्टर है, कश्मीर से कोलकाता आकर अभिनेत्री स्वास्तिका बनर्जी, जिसके साथ प्रसेनजित का अफेयर है, का जन्मदिन मनाता है। चूँकि घटना दूसरे राज्य में हुई थी, इसलिए पुलिस इसे नैसर्गिक मौत मानकर केस को रफा-दफा कर देती है। माधव असली अपराधी की तलाश में दिन-रात एक कर देता है। अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन जरूर कानून के शिकंजे में फँस जाता है। कहानी कई पड़ाव पार करते हुए अंत में अपने अंजाम तक पहुँच ही जाती है।
Zindagi
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Annihilation of Caste
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: Annihilation of Caste is an undelivered speech written in 1936 by B. R. Ambedkar, an Indian academic turned politician. He wrote Annihilation of Caste for the 1936 meeting of a group of liberal Hindu caste reformers in Lahore. After reviewing the speech’s controversiality, conference organizers revoked Ambedkar’s invitation. He then self-published the work. The work is considered a classic and is being re-evaluated time and again.
B. R. Ambedkar : Bhartiya Waltair Evam Marx
- Author Name:
P.N. Singh
- Book Type:

-
Description:
डॉ. अम्बेडकर में वाल्तेयर जैसी मेधा, आलोचनात्मक विवेक और साहस था
और उन्होंने भी हिन्दू समाज की मानसिक जड़ता को तोड़ने के लिए अद् भुत साहस का परिचय दिया।
अम्बेडकर ने जड़ता के विरुद्ध संघर्ष किया और उनके नाम से जुड़े राजनीतिक आन्दोलन, सत्ता-केन्द्रित होते हुए भी, प्रायः सभी सामाजिक संघर्षों से कमोबेश जुड़े हुए हैं।
मार्क्स, गांधी और बाबा साहब तीनों ही अपने-अपने ढंग से मनुष्य की अभावग्रस्त स्थितियों से मुक्ति चाहते हैं। यह मुक्ति काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। मार्क्स आर्थिक मुक्ति पर बल देते हैं, अम्बेडकर साहब सामाजिक मुक्ति पर और गांधी सत्य और अहिंसा के माध्यम से अपनाई गई वैयक्तिक मुक्ति पर। तीनों के अलग-अलग विशेष क्षेत्र हैं। लेकिन मानव-जीवन तो एक ही है। ये तीनों अलग-अलग अधूरे हैं। इसीलिए मार्क्स, गांधी और अम्बेडकर के सार्थक निष्कर्षों को सावधानीपूर्वक लागू करने में ही मानव समाज का हित है।
BHARTIYA SAMAJ HINDI CINEMA AUR STREE
- Author Name:
Sulbha Kore
- Book Type:

- Description: Book based on hindi cinema
The Diary of a Young Girl (Deluxe Edition)
- Author Name:
Anne Frank
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
All is Well: Heal Your Body with Medicine, Affirmation and Intuition Book by Louise L. Hay In Hindi | Rules For Happy Life Sabkuchh Theek-Thak Hai!
- Author Name:
Louise L. Hay::Mona Lisa Schulz
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khadisutra
- Author Name:
Nachiket Joshi
- Book Type:

- Description: सदियों पहले से खादी हमारे देश में उत्पादित होती थी, लेकिन उसे अग्रस्थान दिलाया गांधीजी ने। समय के साथ खादी में निहित स्वदेशीपन का विचार और देश के प्रति उसका भाव फीका पड़ता गया। खादी अपनी थी, किंतु उसे अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहन की जरूरत पड़ने लगी, काफी लंबा इंतजार करना पड़ा, परंतु अब मानो यह इंतजार पूरा होता दिखाई दे रहा है। वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने खादी का नए सिरे से प्रचार-प्रसार करना शुरू कर दिया, उसी के परिणामस्वरूप आज खादी के क्षेत्र में फिर से नई ऊर्जा आई है। पिछले कुछ सालों में खादी का क्षेत्र इतना आगे बढ़ चुका है कि अब इसमें आशातीत निवेश हो रहा है और लोग बढ़- चढ़कर खादी का प्रयोग कर रहे हैं। खादी का पुनरुद्धार होता दिखाई दे रहा है। नई पीढ़ी को भी खादी की ओर आकर्षित करने में और खादी को एक फैशन स्टेटमेंट बनाने में मोदीजी ने अद्भुत पहल की है। इस पुस्तक का उद्देश्य है सामान्यजन तक सरल भाषा में खादी के बारे में जानकारी पहुँचाना और उन्हें खादी के साथ जोड़े रखना। दरअसल, खादी एक साधारण कपड़ा नहीं वरन् स्वदेशी का प्रतीक है, देश की आत्मा से जुड़ी हुई पोशाक है। यह एक आदर्श चरित्र धारण करने की प्रेरणा देता है।खादी को भारतीय संस्कृति का नाम देना गलत नहीं होगा। अगर हम खादी की पृष्ठभूमि में जाकर देखें तो रामायण और महाभारत में भी खादी का वर्णन मिलता है। खादी से जुड़े सभी आयामों पर अत्यंत व्यावहारिक और वस्तुस्थिति बनाने वाली एक संपूर्ण पुस्तक ।
Yogiji Ke Prerak Prasang "योगीजी के प्रेरक प्रसंग" Motivational Incident Compilation of Yogi Adityanath An Indian Hindu Monk and Politician (Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath Book in Hindi)
- Author Name:
Sheelwant Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nayi Samiksha
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

Six Glorious Epochs of Indian History
- Author Name:
Vinayak Damodar Savarkar
- Book Type:

- Description: "Six Glorious Epochs of Indian History is a learning experience which covers the period of Muslim invasions in India and brave retaliation by the natives. No less was the struggle of Indian manes against British rule and for freedom and liberation of the mother country. The author’s tribute to the martyrs and his letters to dear ones from Andamans, miscellaneous statements and writings are also included in this book. The first four epochs are covered in only hundred plus pages while the last two epochs span almost four hundred plus pages, signifying the importance that the author gave to this period. So far we have been given the picture of British rule, the history and politics in India by foreign and leftist writers, but in this book Veer Savarkar makes us look at the country’s history and politics from the Bharatiya perspective. Not only does he analyse the mistakes committed by Hindus since the time of Alexander’s invasion till the British rule, he tries to enlighten our minds with the prevalent situation in his time. All that he himself learnt from history, he tries to correct through this book of his.
Bharatiya Sanskar
- Author Name:
Indu Veerendra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Etawah Janpad Ki Seemavarti Boliyon Ka Bhasha
- Author Name:
Ramshankar Katheria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
hemlet
- Author Name:
William Shakespeare
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nyayapalika ke Bahuaayam
- Author Name:
Dr. Prabhat Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jungle
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwaticharan Verma Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description: भगवतीचरण वर्मा ने अपने प्रथम उपन्यास ‘पतन’ की रचना अपने कॉलेज के दिनों में की थी जो गंगा पुस्तक माला के अन्तर्गत प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास को वे अपनी अपरिपक्व रचना मानते थे और उन्होंने इसे अपनी रचनाओं में गम्भीरता से नहीं लिया। सन् 1932 में भगवती बाबू ने पाप और पुण्य की समस्या पर अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्रलेखा’ लिखा जो हिन्दी साहित्य में एक क्लासिक के रूप में आज भी प्रख्यात है। ‘तीन वर्ष’ उनका प्रथम सामाजिक उपन्यास है जो एक प्रेमकथा है। सन् 1948 में उनका प्रथम वृहत उपन्यास ‘टेढे़-मेढ़े रास्ते’ आया जिसे हिन्दी साहित्य के प्रथम राजनीतिक उपन्यास का दर्जा मिला। इसी शृंखला में उन्होंने आगे चलकर वृहत राजनीतिक उपन्यासों की एक शृंखला लिखी जिनमें ‘भूले-बिसरे चित्र’, ‘सीधी-सच्ची बातें’, ‘प्रश्न और मरीचिका’, ‘सबहिं नचावत राम गोसाईं’ और ‘सामर्थ्य और सीमा’ प्रमुख हैं। भगवतीचरण वर्मा के सभी उपन्यासों में एक विविधता पाई जाती है। उन्होंने हास्य-व्यंग्य, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक सभी विषयों पर उपन्यास लिखे। कवि और कथाकार होने के कारण वर्मा जी के उपन्यासों में भावनात्मकता और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। ‘चित्रलेखा’ में भगवती बाबू का छायावादी कवि-रूप स्पष्ट दिखता है जबकि ‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’ को उन्होंने अपनी प्रथम शुद्ध बौद्धिक गद्य-रचना माना है। रचनावली के इस खंड में प्रस्तुत, साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास ‘भूले-बिसरे चित्र’ अतीत के चित्रों का एक विशेष एलबम है जिसके चित्र कभी धुँधले नहीं पड़ सकते। जीवन के सभी पहलुओं से रू-ब-रू कराता यह कालजयी उपन्यास है।
Lokmanya Bal Gangadhar Tilak
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agyey Sanchayita
- Author Name:
Sachchidananda Hirananda Vatsyayan 'Ajneya'
- Book Type:

- Description: अगर स्वतंत्रता को बीसवीं शताब्दी की एक बीज अवधारणा मानें तो जिन मूर्धन्य और कालजयी लेखकों ने इस अवधारणा को अपने सृजन, विचार और आयोजन का केन्द्र बनाया, उनमें अज्ञेय का स्थान ऊँचा और प्रमुख हैं। हिन्दी को उसकी आधुनिकता और भारतीय स्वरूप देने में भी अज्ञेय की भूमिका केन्द्रीय रही है। उनकी यह शीर्षस्थानीयता और केन्द्रस्थानीयता उन्हें न सिर्फ़ हिन्दी बल्कि समूचे भारतीय साहित्य का एक क्लैसिक बनाती है। स्वतंत्रता और अपने आत्मबोध के अन्वेषण और विन्यास के लिए अज्ञेय ने साहित्य की शायद ही कोई विधा होगी जिसमें न लिखा हो। उन सभी में अर्थात् कविता, कहानी, उपन्यास, आलोचना, यात्रा-वृत्तान्त, ललित निबन्ध, डायरी, सम्पादन में उनका कृतित्व श्रेष्ठ कोटि का है। हिन्दी में उनसे पहले और बाद में भी कोई और साहित्यकार नहीं हुआ है जो इतनी सारी विधाओं में सक्रिय रहा है और जिसने उनमें से हरेक में शीर्षस्थानीयता हासिल की हो। हिन्दी में आधुनिकता, नई कविता और प्रयोगवाद आदि अनेक प्रवृत्तियों के अज्ञेय प्रमुख स्थापित और अवधारक भी रहे हैं। उनके विपुल और विविध कृतित्व से यह पाठमाला उनकी कुछ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण, विचारोत्तेजक और प्रतिनिधि रचनाओं को एकत्र करने का यत्न है। इसके पीछे यह विश्वास है कि यह संचयन अज्ञेय के संसार के प्रति नई जिज्ञासा उकसाकर पाठकों को उनके विपुल साहित्य और विचार के साक्षात्कार और रसास्वादन के लिए प्रेरित करेगा। अज्ञेय-साहित्य के मर्मज्ञ और प्रसिद्ध-आलोचक नन्दकिशोर आचार्य ने पूरी ज़िम्मेदारी, समझ और रसिकता के साथ यह संचयन किया है जिससे इस पाठमाला का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book