Sulgan
Author:
Kailash WankhedePublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
समकालीन हिन्दी कहानी में भाषा का ऐसा संवेदना से पगा सुललित प्रयोग इधर अकसर देखने में नहीं आता जैसा कैलाश वानखेड़े के यहाँ मिलता है।</p>
<p>वे कहानी के पात्रों को मंज़िल तक पहुँचाकर अपने कथा-सूत्र को समेटने की जल्दी में नहीं रहते। इसके बजाय पाठक को कुछ समय उस वातावरण में रहने देते हैं, जहाँ वे उसे लेकर गए हैं। आसपास का प्राकृतिक और नागरिक परिवेश उनकी भाषा में एक पात्र की तरह ही साकार होता चलता है।</p>
<p>गहरी संवेदना, विषयों की बहुविधता, और संवेदना के गहरे सरोकारों के लिए भी उनके कथाकार को विशेष रूप से जाना जाता है।</p>
<p>इस संकलन में कैलाश वानखेड़े की नौ कहानियाँ हैं—‘उन्नति जनरल स्टोर्स’, ‘जस्ट डांस’, ‘ज़िन्दगी और प्यास', ‘गोलमेज’, ‘उस मोड़ पर’, ‘कँटीले तार’, ‘खापा’, ‘काली सडक़’ और ‘हल्केराम’। अपने कथ्य, भाषिक प्रांजलता और सघन सामाजिक मानवीय संवेदनाओं के लिए ये कहानियाँ लम्बे समय तक याद रखी जाएँगी।
ISBN: 9789388753661
Pages: 128
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ek Kahani Beech Me Hai
- Author Name:
Krishn Bihari Noor
- Book Type:

- Description: बीसवीं सदी के बेहद लोकप्रिय शायर कृष्ण बिहारी 'नूर' की ये किताब उनकी ग़ज़लों, गीतों, नज़्मों और अशआर का संकलन है। 'नूर' की ये किताब एहसास, जमाल, गुदाज़ और इख़्लास की शायरी से भरपूर है। इस किताब में अक्सर ऐसी लतीफ़ कैफ़ियतों को ज़बान दी गई है जो आसानी से लफ़्ज़-ओ-बयान की गिरफ़्त में आती हैं। इस संकलन में बहुत से आईने बोलते नज़र आते हैं, बोलते सुनाई देते हैं, और बोलते महसूस होते हैं।
Bhakti Yoga (Pb)
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangh, Rajneeti Aur Media
- Author Name:
Devendra Swarup
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kailas Manasarovar
- Author Name:
Rajeev Gupta
- Book Type:

- Description: भारतीय चिंतन के अनुसार, ‘व्यक्ति जिस भाव से भगवान् के प्रति अपनी आस्था प्रकट करता है, उसी के अनुरूप उसे भगवान् का सान्निध्य मिलता है।’ इसी आस्था के चलते हिंदुओं की ऐसी मान्यता है कि हिमालय के कैलास पर्वत पर साक्षात् शिव का निवास है। परिणामतः कैलास पर्वत हिंदुओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है और लगभग प्रत्येक हिंदू अपने जीवन में एक बार कैलास मानसरोवर की यात्रा करना चाहता है। कैलास मानसरोवर सांस्कृतिक भारत का अभिन्न अंग है। यह हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं का श्रद्धा-स्थल है। अपनी कैलास मानसरोवर तीर्थयात्रा के अनुभवों के आधार पर पाठकगणों को जानकारी उपलब्ध करवाकर उनके अंतस् में आस्था जाग्रत् करना इस पुस्तक के लेखन व प्रकाशन का विनम्र उद्देश्य है।
Ambapali
- Author Name:
Ramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Primary Teacher Recruitment" Uchch Prathamik Higher Primary School Class 6 To 8 Samanya Adhyayan "General Knowledge"- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Discipline Hai Jahan, Safalta Hai Wahan Hindi Translation of How To Lead A Disciplined Life
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KE PRASIDDHA MANDIR
- Author Name:
SADHANA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Saṅt Jñāneśwar
- Author Name:
Raghunandan Trikannad
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description.
The Making of A Value Investor: What A Bear Market Taught Me About Investing - Aap Bhi Ban Sakte Hain Value Investor Hindi Edition
- Author Name:
Gautam Baid
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JANIYE BIHAR KA BHOOGOL
- Author Name:
Subodh Kumar Nandan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Upanivesh Mein Stree
- Author Name:
Prabha Khetan
- Book Type:

- Description: यह किताब जीवन के दो पक्षों के बारे में है। एक स्त्री का और दूसरा उपनिवेश का। न इस उपनिवेश को समझना आसान है और न स्त्री को। अगर यह उपनिवेश वही होता जिससे बीसवीं सदी के मध्य में कई देशों और सभ्यताओं ने मुक्ति पाई थी तो शायद हम इसे राजनीतिक और आर्थिक परतंत्रता की संरचना करार दे सकते थे। अगर यह उपनिवेश वही होता जिससे लड़ने के लिए राष्ट्रवादी क्रान्तियाँ की गई थीं और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की अवधारणा पेश की गई थी तो शायद हम इसके ख़िलाफ़ उपनिवेशवाद विरोधी प्रत्यय की रचना आसानी से कर सकते थे। यह नवउपनिवेश के नाम से परिभाषित हो चुकी अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय पूँजी की अप्रत्यक्ष हुकूमत भी नहीं है। यह तो अन्तराष्ट्रीय वित्तीय पूँजी, पितृसत्ता, इतरलिंगी यौन चुनाव और पुरुष-वर्चस्व की ज्ञानमीमांसा का उपनिवेश है जिसकी सीमाएँ मनोजगत से व्यवहार-जगत तक और राजसत्ता से परिवार तक फैली हैं। दूसरे पक्ष में होते हुए भी स्त्री पाले के दूसरी तरफ़ नहीं है। वह उपनिवेश के बीच में खड़ी है। उपनिवेश के ख़िलाफ़ संघर्ष उसका आत्म-संघर्ष भी है और यही स्थिति स्त्री को समझने की मुश्किलों के कारण बनी हुई है। स्त्री मुक्ति-कामना से छटपटा रही है लेकिन उपनिवेश के वर्चस्व से उसका मनोजगत आज भी आक्रान्त है। गुज़रे ज़मानों के उपनिवेशवाद विरोधी संघर्षों की तरह औरत की दुनिया के सिपहसालार उपनिवेश के साथ हाथ-भर का वह अन्तराल स्थापित नहीं कर पाए हैं जो इस लड़ाई में कामयाबी की पहली शर्त है। ‘उपनिवेश में स्त्री : मुक्ति-कामना की दस वार्ताएँ’ इस अन्तराल की स्थापना की दिशा में एक प्रयास है। ये वार्ताएँ कारख़ाने और दफ़्तर में काम करती हुई स्त्री, लिखती-रचती हुई स्त्री, प्रेम के द्वन्द्व में उलझी हुई स्त्री, मानवीय गरिमा की खोज में जुटी हुई स्त्री, बौद्धिक बनती हुई स्त्री और भाषा व विमर्श के संजाल में फँसी हुई स्त्री से सम्बन्धित हैं।
Bhasha Ki Khadi
- Author Name:
Om Nishchal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trading With Chart Pattern And Price Action Breakout | Price Action Trading | Candlestick Patterns Technical Analysis By Mahesh Chandra Kaushik
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JPSC PT 1st & 2nd Paper Question Bank 2024 | Answers with Detailed Explanation (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samudri Shaiwal Aur Uski Bahu-Upyogita
- Author Name:
Dr. D.D. Ojha +1
- Book Type:

- Description: शैवाल, एल्गी (Algae) या काई की संरचना अपेक्षाकृत अति सरल होने के कारण उन्हें एक कोशिकावाला पादप माना जा सकता है। ये प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन का निर्माण करते हैं। शैवाल स्वच्छ जल (तालाब, पोखर, झरना) और लवणीय जल (समुद्री जल) में मुख्यतया पाए जाते हैं। कुछ शैवाल कीचड़ में भी मिलते हैं। इनमें वास्तविक जड़ें, तना, पत्ती व संवहन ऊतक नहीं पाए जाते हैं तथा ये विश्व के सभी भागों में पाए जाते हैं। कुछ शैवाल बर्फ पर, पेड़ों के तनों, चट्टानों तथा अधिपादप के रूप में दूसरे पौधों पर भी पाए जाते हैं। ये कई रंगों के, यथा हरे, नील-हरित, भूरे तथा लाल रंग के भी होते हैं तथा इनमें विद्यमान वर्णकों तथा रासायनिक अवयवों के आधार पर ये कई क्षेत्रों, यथा औषधीय, कृषि, ऊर्जा, मत्स्यपालन, उद्योग, पर्यावरण सुधार तथा अन्य क्षेत्रों में उपयोगी हैं। इस बहु-उपयोगी पुस्तक में शैवाल की परिभाषा, शैवाल विज्ञान का इतिहास, वर्गीकरण, सामान्य लक्षण, पर्यावास, खाद्योपयोगी शैवाल, औषधीय उपयोग, जैव उर्वरक, जैव ईंधन, शैवालीय ऊर्जा तथा पर्यावरण शोधन में अवदान, समुद्री शैवाल की वाणिज्यिक खेती एवं उसके विविध आयाम तथा अनेक तत्संबंधित विषयक तकनीकी जानकारी सरल एवं बोधगम्य भाषा में यथोचित श्वेत-श्याम एवं रंगीन चित्रों सहित प्रदान करने का सुप्रयास किया गया है, जिससे सभी वर्ग के सुधी पाठक लाभान्वित हो सकें।
I Am Simran
- Author Name:
S.K. Narang
- Book Type:

- Description: Destiny tossed her from one tragedy to another. Pushed into the dark lanes of hatred and neglect, love came not from known but from unknown. Happiness occasionally peeped in her life through small slits of life-window only to wither soon and make way for perpetual pain. Death, she thought, would have been more sympathetic than the cruelty of life but she was determined to live for a mission. Destiny defied even her noble thoughts and deeds. Lured by the charms of green pastures, love and trust were sacrificed by one who promised to be her life-partner. She finally discovered peace, tranquility and eternal bliss in the service of the destitute and in search of enlightenment. She lived for others. She discovered herself.
Hamara Panchayati Raj
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: भारत की आत्मा गाँवों में बसती है। ग्राम-व्यवस्था वस्तुतः राष्ट्र-व्यवस्था की बुनियाद है। यही कारण है कि हमारे राष्ट्रनायकों ने सामाजिक उन्नयन, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक प्रगति और राजनीतिक चेतना की दृष्टि से गाँवों को पर्याप्त महत्त्व दिया है। सबका मानना है कि भारत के विकास का रास्ता गाँवों से होकर गुज़रता है। महात्मा गांधी के श्रम, स्वदेशी और स्वावलम्बन की कर्मभूमि अधिकांश अर्थ में गाँव ही है। प्रतापमल देवपुरा द्वारा लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ पुस्तक पंचायती राज के प्रति जानकारी व जागरूकता उत्पन्न करने हेतु लिखी गई है। पुस्तक जनप्रतिनिधियों से लेकर सामान्य नागरिकों के लिए सामाजिक रूप से उपयोगी है। 50 छोटे-छोटे अध्यायों में पंचायती राज से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व जानकारियों की सूत्र-शैली में प्रस्तुति सकारण है। इस पद्धति से सूचनाएँ सरलता से प्राप्त हो जाती हैं। जैसे ‘सूचना का अधिकार’ के अन्तर्गत पहला सूत्र है, ‘सूचना के अधिकार का अर्थ है—नागरिकों द्वारा सूचना माँगने पर सूचना मिले जिससे उसका जीवन बेहतर एवं सुरक्षित बने; इसके साथ ही सरकारी विभागों द्वारा सूचना देने का कर्तव्य।’ सरल व सुबोध भाषा में लिखित ‘हमारा पंचायती राज’ अत्यन्त जनोपयोगी पुस्तक है।
Sattapur Ke Nakte
- Author Name:
Gopal Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Veer Birsa
- Author Name:
Ghanshyam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book