Hone Ka Dukh : Khand Do
Author:
Shankha GhoshPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 559.2
₹
699
Available
हमारी परम्परा में यह माना गया है कि गद्य कवियों का निकष होता है। यह निरा संयोग नहीं है कि प्राय: सभी भारतीय भाषाओं में महत्त्वपूर्ण कवियों ने अच्छा, सरस और रोशनी देनेवाला गद्य लिखा है। हम इस पुस्तक माला में ऐसा कवि-गद्य प्रस्तुत करने के लिए सचेष्ट हैं। शंख घोष न सिर्फ़ इस समय बाङ्ला के सबसे बड़े कवि हैं, वे भारतीय कवि-समाज में भी मूर्धन्य हैं। उनका गद्य हम दो खंडों में प्रस्तुत कर रहे हैं। यह दूसरा संचयन है। हम मानते हैं कि इसे हिन्दी में लाकर हम हिन्दी के सर्जनात्मक-बौद्धिक भूगोल में कुछ विस्तार कर रहे हैं। स्वयं हिन्दी की आलोचना-भाषा में इससे कुछ उद्वेलन सम्भव है। यह उनकी सूक्ष्म जीवन और काव्य-दृष्टि का साक्ष्य है : कई विषयों पर नए ताज़े ढंग से सोचने के लिए हमें प्रेरित भी करता है। उनके यहाँ बारहा ऐसे अनुभवों को गद्य में रूपायित करने की चेष्टा है जो अक्सर गद्य के अहाते से बाहर रहे आए हैं।
—अशोक वाजपेयी
ISBN: 9789387462083
Pages: 261
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Jab Bapu Ko Himalaya Ne Roka
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: भारतीय सांस्कृतिक नवजागरण के अग्रदूत गौतम बुद्ध, सम्राट् चंद्रगुप्त, आदिशंकराचार्य, समर्थ रामदास, महर्षि दयानंद सरस्वती, वेदांत केसरी स्वामी विवेकानंद, स्वामी रामतीर्थ आदि महात्माओं ने हिमालय की गोद में प्रेरणा प्राप्त की। इसी की शरण और सान्निध्य में निष्काम कर्म यानी ‘अनासक्ति’ का महापाठ सीखा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी हिमालय से अभिभूत रहे। उनकी कृति गीता का अनुवाद ‘अनासक्ति योग’ संयोग से इसी हिमालय की प्रेरणा से पूरी हो पाई। यहीं उन्होंने इसकी सारगर्भित प्रस्तावना लिखी। इस पुस्तक में उनके व्यवहृत जीवन का दर्शन भी समाहित है। गीता को बापू ने किस तरह अपने आचरण में ढाल लिया, इसका भी जीवंत दस्तावेज है यह ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक। भारतव्यापी दौरे पर निकले बापू स्वास्थ्य लाभ और सीमांत पर्वतीय जनता में नई उमंग भरने यहाँ आए थे। ये वर्ष १९२९ की गरमियों के दिन थे। नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत होते हुए वह कौसानी पहुँचे। यहाँ की नयनाभिराम छटा और सामने दुग्ध धवल हिमालय के अप्रतिम-आध्यात्मिक सौंदर्य ने बापू के पाँवों में जैसी बेडिय़ाँ डाल दीं। दो दिन के प्रवास पर यहाँ आए गांधीजी पूरे १४ दिन यहीं रुके रह गए। कौसानी चाय बागान का यह अतिथि-गृह, जहाँ बापू ठहरे और ‘अनासक्ति योग’ पुस्तक लिखी, वही आज ‘अनासक्ति आश्रम’ के नाम से जाना जाता है। भारतवर्ष के मस्तक हिमालय का जयघोष करती गौरवबोध करवाने वाली पठनीय कृति।
Acharya Chanakya
- Author Name:
Anil Kumar 'Salil'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Hindu View Of Arts
- Author Name:
Dattopant Thengadi
- Book Type:

- Description: The curiosity and interest of European art-lovers in the aesthetic aspect of Hindu life continued uninterruptedly. That gave rise on the one hand to ever-increasing appreciation by the genuine devotees of arts and, on the other, jealousy and anxiety on the part of imperialists and their stooges in the field of art. The sculpture of ancient and medieval India claims its place on the very highest levels of artistic achievement. We shall not find a sculptural art of a more profound intention, a greater spirit, a more consistent skill of achievement. An assured history of two millenniums of accomplished sculptural creation is a rare and significant fact in the life of a people... All Hindu Art orginates from, is dedicated to, and finds its fulfilment in, the realisation of the Absolute, the One without the second. Art is charged with a spiritual message in India today, the message of the Nationality... Hence, art offers us the opportunity of a great common speech and its rebirth is essential to the up-building of the motherland its reawakening rather.
Bharatiya Ank Prateek Kosh "भारतीय अंक प्रतीक कोश" Book in Hindi
- Author Name:
Acharya Nishantketu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Sankalp (Hindi Translation of Promises To Keep)
- Author Name:
Joe Biden
- Book Type:

- Description: राष्ट्रपति जो बाइडन बराक ओबामा के प्रिय और एक प्रभावशाली उपराष्ट्रपति के रूप में उभरने से पूर्व की अपनी जीवन-यात्रा की चर्चा कर रहे हैं। जो बाइडन ने अमेरिकी इतिहास का एक प्रभावशाली युग देखा है और उसका अंग भी रहे हैं। ‘मेरे संकल्प’ पुस्तक में उन्होंने अपने अनुभवों से अपने व्यक्तित्व, अपने सहयोगियों तथा सरकारी संस्थाओं से जो कुछ सीखा है, उसका रहस्योद्घाटन किया है। अपनी परंपरागत ईमानदारी एवं सद्बुद्धि के साथ बाइडन बेहद मर्मस्पर्शी व प्रेरक ढंग से स्क्रैंटन, पेंसिलवेनिया व विल्मिंगटन, डेलावेयर के रूढि़वादी कैथोलिक परिवार में अपनी परवरिश, व्यक्तिगत त्रासदियों पर विजय, जानलेवा बीमारियों, व्यावसायिक असफलताओं, राष्ष्ट्रपतियो, वैश्विक नेताओं और विधायकों के साथ अपने संबंधों तथा सीनेट कमेटियों पर अपने दमदार नेतृत्व को याद कर रहे हैं। अपनी स्मृतियों के माध्यम से बाइडन अपने आरंभिक जीवन में प्राप्त उन प्रेरणादायक सिद्धांतों की चर्चा करना भी नहीं भूलते, जिससे उन्होंने दूसरे व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाकर परिवार और भरोसे का सम्मान कर, संकल्प, स्पस्टवादिता तथा ईमानदारी की कद्र कर इस नींव के सहारे अपने जीवन में पति, पिता एवं जन-सेवक की भूमिका को बखूबी निभाया है। ‘मेरे संकल्प’ पुस्तक राजनेता के चिंतन-मनन की एक अंतरंग शृंखला है, जिसने अमेरिका के सर्वाधिक प्रभावशाली नेताओं में स्थान बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन राजनीति के दाँव-पेंच से दूरी बनाकर रखी। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रति संकल्प का भी एक जीवंत साक्ष्य है।
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class I-V) 25 Solved Papers with Latest Solved Paper
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yugdrashta Sayajirao
- Author Name:
Baba Bhand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Personal Development Made Easy - A Step-by-Step Guide (English) - Grandmaster Avadhut Das
- Author Name:
Grandmaster Avadhut Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CV Raman
- Author Name:
Tejen Kumar Basu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gunkari Phal
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

- Description: फल प्रकृति द्वारा इनसान को दिए गए अनुपम वरदान हैं। ये कभी ताज़े, कभी पकाकर और कभी सुखाकर खाए जाते हैं। ये क्षुधा शान्त करते हैं, तृप्ति प्रदान करते हैं। मीठी सुगन्ध और उन्नत स्वाद वाले फल चित्त को आह्लादित करते हैं। स्वस्थ शरीर के संचालन के लिए जिन प्राकृतिक तत्त्वों की ज़रूरत है, वे हमें फलों से मिलते रहते हैं। इनके द्वारा कैल्शियम, लोहा, ताम्र, फॉस्फ़ोरस आदि खनिज लवण, चिकनाई और विटामिनों की शरीर में आपूर्ति होती रहती है। फलों को रुग्णावस्था में पथ्य रूप में खिलाया जाता है। कुछ रोगों के निवारण के लिए चिकित्सक मुख्य रूप से फलों का सेवन कराते हैं। पैंसठ फलों का 39 रंगीन तथा 103 सादे चित्रों के साथ इस पुस्तक में परिचय दिया गया है। उनका स्वरूप, प्राप्ति-स्थान, विविध भाषाओं में उनके नाम, उनकी खेती, उनका रासायनिक संघटन, उनके गुण और उनकी पौष्टिक उपादेयता का प्रतिपादन किया गया है। ताज़ा खाए जानेवाले लोकप्रिय फल इसमें सम्मिलित किए गए हैं जैसे—आम, अमरूद, अंगूर, चीकू, नासपाती, केला, पपीता, लीची, सन्तरा, ख़रबूजा, तरबूज़ आदि; पहाड़ी इलाक़ों में पैदा होनेवाले फल खुमानी, सेब, आड़ई, आलूबुखारा, बगूगोशा, चेरी, स्ट्रॉबेरी, आदि; बाहर के देशों से भारत में सम्प्रविष्ट किए गए फल जैसे—कीवी, एवाकाडो, दुरियन, राम्बुतान; सूखे मेवे (ड्राई फ्रूट्स), जैसे—काजू, बादाम,अख़रोट, पिस्ता, चिलगोज़ा, किशमिश आदि।
Geysers
- Author Name:
Vertul Singh
- Book Type:

- Description: रज़ा के व्यक्तिगत संग्रह से—पत्राचार में रज़ा—प्रस्तुत किया जा रहा है। यह संकलन मुख्य रूप से उस दौर से सम्बन्धित है जब भारत में आधुनिक कला आन्दोलन सक्रिय होकर एक आकार ले रहा था, और रज़ा और उनके मित्र यानी हुसेन, सूज़ा, बाकरे, बाल छाबड़ा, अकबर पदमसी, रामकुमार, तैयब मेहता, गायतोण्डे, परम्परा के पुनरुत्थान के इस ऐतिहासिक संघर्ष में शामिल थे जहाँ वे, उस अधिकांशत: भारतीय आधुनिकतावाद की रचना कर रहे थे जोकि दर्शन और शैली की बहुलता में निहित था और जिसमें आलोचनीयता तथा ग्रहणशीलता दोनों का समावेश था। वे एक-दूसरे से पत्रों के द्वारा अपने व्यक्तिगत मुद्दों के साथ-साथ उस सौन्दर्यशास्त्र पर भी चर्चा किया करते जिसे वे व्यक्त करने का प्रयास कर रहे थे। वे अपने हर्ष, चिन्ता तथा सरोकारों का साझा करते, और यदाकदा वित्त और आवास भी। वे एक-दूसरे के प्रयासों तथा समस्याओं, सफलताओं और असफलताओं के प्रशंसक थे तथा कभी-कभी एक-दूसरे के प्रति सहज तथा निष्पक्ष विचारों को भी व्यक्त करने में संकोच नहीं करते। इन पत्रों के माध्यम से हम उस दौर के एक बेहद अन्तरंग स्वगत ख़ाका और साथ ही एक वैयक्तिक प्रक्षेपवक्र को भी चित्रित कर सकते हैं जो इन कलाकार मित्रों और कामरेड्स ने उकेरा।
Shivaji Maharaj The Greatest
- Author Name:
Dr. Hemantraje Gaikwad
- Book Type:

- Description: "छत्रपति शिवाजी महाराज अप्रतिम थे। उनका पराक्रम, कूटनीति, दूरदृष्टि, साहस व प्रजा के प्रति स्नेहभाव अद्वितीय है। सैन्य-प्रबंधन, रक्षा-नीति, अर्थशास्त्र, विदेश-नीति, वित्त, प्रबंधन— सभी क्षेत्रों में उनकी अपूर्व दूरदृष्टि थी, जिस कारण वे अपने समकालीन शासकों से सदैव आगे रहे। राष्ट्रप्रेम से अनुप्राणित उनका जीवन सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है और अनुकरणीय भी। छत्रपति शिवाजी महाराज ने ‘हिंदवी स्वराज’ की अवधारणा दी; अपनी अतुलनीय निर्णय-क्षमता और सूझबूझ व अविजित पराक्रम के बल पर मुगल आक्रांताओं के घमंड को चूर-चूर कर दिया; अपनी लोकोपयोगी नीतियों से जनकल्याण किया। शिवाजी महाराज की तुलना सिकंदर, सीजर, हन्नीबल, आटीला आदि शासकों से की जाती है। यह पुस्तक उस अपराजेय योद्धा, कुशल संगठक, नीति-निर्धारक व योजनाकार की गौरवगाथा है, जो उनके गुणों को ग्राह्य करने के लिए प्रेरित करेगी। "
Rang Badalati Delhi
- Author Name:
Jagdish Mamgain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Uttar Pradesh Prashnottari
- Author Name:
Sanjay Kumar Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NURSERY RHYMES
- Author Name:
SACHIN
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Essence of Business & Management
- Author Name:
Motilal Oswal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
4 Stormy Trials of Veer Savarkar
- Author Name:
Harendra Srivastava
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shikhar Tak Chalo
- Author Name:
Kusum Lunia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cello Tape Killer "सेलो टेप किलर" (Hindi Translation of Whisper To Me Your Lies)
- Author Name:
Novoneel Chakraborty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trillion Dollar Economy: Yogi Govt | Uttar Pradesh On The Move The Plans, Policies, Goals And Achievements By The Government of The State | Book In English
- Author Name:
Dr. Sheelwant Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...