Dr. Kalam Ke Sapanon Ka Bihar
Author:
Lalit Kumar SinghPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
"बिहार राज्य का इतिहास अत्यंत ही प्राचीन एवं गौरवशाली रहा है। यह राज्य पूर्व ऐतिहासिक काल से ही विकसित होनेवाली संस्कृतियों का महत्त्वपूर्ण केंद्र रहा है और विभिन्न युगों में इसने देश के इतिहास एवं सांस्कृतिक जीवन में अग्रणी भूमिका निभाई है।
इतना प्राचीन एवं गौरवशाली अतीत होने तथा विकास एवं उन्नति के पथ पर अग्रसर होने की सारी क्षमताएँ होते हुए भी आज यह राज्य विकसित राज्यों की श्रेणी से बाहर है।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सदा बिहार के उत्कर्ष का स्वप्न देखते रहे और इसकी संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रेरित करते रहे।
इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए न सिर्फ वैज्ञानिक सोच, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की भी रूपरेखा निर्धारित की है। इसमें प्रस्तुत विचार ‘महात्मा बुद्ध के संदेश’ के सदृश्य बिहार की प्रगति के लिए वरदान हैं।
डॉ. कलाम की विभिन्न बिहार-यात्राओं के दौरान दिए गए संदेशों का संकलन है यह पुस्तक। इनसे प्रेरित होकर राज्य के सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर विकास-कार्यों में अपनी ऊर्जा लगाएँ, तो विकसित बिहार के स्वप्न को साकार करना कठिन नहीं होगा।
ISBN: 9789386001368
Pages: 208
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ek Kadam Hazar Afsane
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Vidyalaya Kaksha-6 Solved Papers 2024-2005
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anubhooti
- Author Name:
Chiranjeev Sinha +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Bachche
- Author Name:
Raskin Bond
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DRDO MULTI TASKING STAFF BHARATI PARIKSHA-2020 (20 PRACTICE SETS)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manohar Chitrakala
- Author Name:
Avantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dictionary of Botany
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwa Ke Pracheen Vaigyanik
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: आप कल्पना कीजिए कि यदि पहिए का आविष्कार न हुआ होता तो क्या मानव विकास कर पाता! कंप्यूटर के बिना क्या आज के मानव जीवन की कल्पना की जा सकती है। अस्तु, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जिस एक विधा ने मानव जीवन को एक नई दिशा और एक नया मार्ग दिखाया है, वह है विज्ञान। चिकित्सा, खगोल विज्ञान, कंप्यूटर, भू-विज्ञान आदि क्षेत्रों में विज्ञान की नई-नई खोजों, आविष्कारों और नवाचार ने पृथ्वी का स्वरूप ही बदल दिया। इन आविष्कारों और खोजों को करनेवाले महान् वैज्ञानिकों ने अप्रतिम योग्यता और प्रतिभा का परिचय देकर गहन अध्ययन, अनुसंधान और शोध करके नाना प्रकार की वस्तुएँ, तकनीक, सूत्र और प्रमेय ईजाद किए, जो कालांतर में मानव सभ्यता के विकास की नींव का पत्थर साबित हुए। प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे ही विश्व विख्यात वैज्ञानिकों के व्यक्तित्व व कृतित्व का संक्षिप्त लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जा रहा है, जिन्होंने इस संसार को नए मापदंड दिए। इसमें उस समय की राजनीतिक परिस्थितियाँ, नई-नई खोजों के लिए उत्सुकता तथा उन वैज्ञानिकों के समक्ष आई कठिनाइयों का दिग्दर्शन है। अत्यंत पठनीय एवं प्रेरक वैज्ञानिक जीवनियों का संकलन।
Aao Chalen Gram-Sabha
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: आपको गाँवों के पंचायतीराज के बारे में जानने-समझने की जिज्ञासा रहती है। पंचायतें किस प्रकार कार्य करती हैं? इनका ढाँचा कैसा है? ग्राम पंचायत क्या है? हमारे देश में पंचायतीराज की व्यवस्था किस प्रकार की है? ग्रामसभा में क्या होता है? पंचायत विकास के कौन से कार्य करवाती है? कार्यों की निगरानी पंचायतें कैसे करती हैं? मनरेगा योजना में कैसे काम होता है?—इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको इस पुस्तक में पढ़ने को मिलेंगे। ये सारी जानकारियाँ ‘पंचायतीराज की छह कहानियों’ के माध्यम से दिया गया हैं। आपको पंचायत की नई-नई जानकारियाँ मिलेंगी। बाद की तीन कहानियों में जंगल में चुनाव के बहाने आपको यह जानने का मौक़ा भी मिलेगा कि चुनाव में क्या गड़बड़ियाँ होती हैं। अगली कहानियों में हमारे देश की जनगणना की ख़ास बातें भी पता लगेंगी। थर्मामीटर, सिलाई मशीन, बल्ब की कहानियाँ आपको विज्ञान की खोजों में आनेवाली कठिनाइयों का पता भी देंगी। साथ ही यह बताएँगी कि निरन्तर परिश्रम करके कठिनाइयों पर कैसे पार पाया जा सकता है। दो कहानियों में बैंक से लेन-देन की विधि भी जान पाएँगे। ‘प्याऊ-परम्परा’ को जीवित करने पर ज़ोर देती एक कहानी है। कहानियाँ सरल भाषा में लिखी गई हैं। एक बहुत ही महत्वपूर्ण कृति।
Samaj, Paryavaran Aur Abhiyantriki
- Author Name:
Arvind Kumar Gupta
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में तीन अलग-अलग विषयों—समाजशास्त्र, पर्यावरण तथा इंजीनियरी को एक-दूसरे का आधार मानते हुए समाहित किया गया है। ये तीनों ही विषय समाज के विभिन्न घटकों को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं। आठ अध्यायों में विभाजित इस पुस्तक में समाजशास्त्र, सामाजिक उद्विकास एवं प्रक्रियाएँ, अभियन्ता एवं समाज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी निर्धारण एवं हस्तान्तरण, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण तथा उद्योगों में मानवीय सम्बन्ध, आदि के विभिन्न क्षेत्रों में होनेवाले विकास तथा समाज से सम्बन्धों पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक दी इंस्टीट्यूशन ऑफ़ इंजीनियर्स, (इंडिया) द्वारा संचालित सेक्शन ‘ए’ के पाठ्यक्रम के अनुसार तथा हिन्दी-भाषी विद्यार्थियों की कठिनाइयों को विशेष रूप से ध्यान में रखकर लिखी गई है। विश्वास है कि अन्य पाठकों के लिए भी यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी।
Ramayan Ke 51 Prerak Prasang
- Author Name:
Daji Panashikar
- Book Type:

- Description: "1 मई 1834 को जनमे दाजी पणशीकर (मूल नाम नहरिविष्णु शास्त्री) ने औपचारिक स्कूली शिक्षा के बाद व्याकरणाचार्य पिताश्री विष्णु शास्त्री से घर में ही वेदों की शिक्षा, साथ ही पं. श्रीपादशास्त्री किंजवडेकर से संत साहित्य एवं उपासना शास्त्र की विधिवत् शिक्षा ग्रहण की। प्रमुख संपादित ग्रंथ हैं : ‘एकनाथांचे भावार्थ रामायण-2 खंड’ जिसके दस संस्करण निकल चुके हैं। ‘श्रीनाथांचे आठ ग्रंथ’; प्रमुख टीका ग्रंथ : ‘कर्ण खरा कोण होता?’, ‘महाभारत एक सूडाचा प्रवास’, ‘कथामृत’। इनके अलावा कपटनीति, शब्दोत्सव आदि सात पुस्तकें भी लिखीं। गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली तथा विदेशों में अब तक लगभग 1800 व्याख्यान संपन्न। मराठी अखबारों में स्तंभ-लेखन।"
37 Years 2024-1988 NEET Chapterwise And Topicwise Solved Papers Chemistry (Rasayan Vigyan) Syllabus Based on NCERT Class 11 & 12
- Author Name:
Dr. Sunita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishwaguru Bharat: Kal, Aaj Aur Kal "विश्वगुरु भारत: कल, आज और कल" Book in Hindi- Dr. Parshuram Gupt
- Author Name:
Dr. Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kisan Andolan Aa Mithila Samaj
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: A Collection of Maithili Articles Collected from Antika Magazine
Bhakta Prahlad
- Author Name:
Anil Kumar 'Salil'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishna Janmabhoomi
- Author Name:
Mahek Maheshwari
- Book Type:

- Description: The sole intention of the outcome of the book is do provide clearer view with regard to the position of the Krishna Janmasthan and Shahi Idgah Mosque. I have written this book so that Readers may arrive at a conclusion themselves with regard to status quo of the disputed site whether it is a Temple or a Mosque. The book encompasses vividly the historical facts with regard to Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah mosque, legal position what is and what should be. It’s not only about the historical facts but then also about the Islamic law, Hindu Dharmshastras, culture & practices and above all a broader picture in the light of the Constitution of India. Efforts have been made to keep this book as a complete package of historical, philosophical and legal treatise with a flow and language that even the layman could assimilate it.
Devi Devtaon Ke Rahasya
- Author Name:
Devdutt Pattanaik
- Book Type:

- Description: हिंदू देवी-देवताओं के नयनाभिराम और सुंदर चित्र भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं तथा उनमें आस्था एवं भक्तिभाव की अजस्र धारा प्रवाहित कर देते हैं। पर कम ही लोग इन चित्रों में प्रदर्शित विभिन्न स्वरूपों के बारे में ज्ञान रखते हैं। प्रस्तुत पुस्तक हिंदू कलेंडर कला के इन चित्रों के रहस्यों को सुलझाने का एक सुंदर प्रयास है। इसमें बताया गया है— गणेश सभी बाधाओं को दूर करनेवाले देवता हैं। शेर पर सवार चामुंडा प्रकृति पर अपने प्रभुत्व का संकेत करती है। अपनी हथेली को उठाकर देवी अपने भक्तों से कहती हैं कि डरने की जरूरत नहीं है। गणेश का एक टूटा हुआ दाँत संयम का प्रतीक है। भू-देवी, यानी गाय के रूप में पृथ्वी लक्ष्मी का दूसरा रूप है। हिंदुओं की आस्था के केंद्रबिंदु देवी-देवताओं के चित्रों के माध्यम से धार्मिक नवजागरण का मार्ग प्रशस्त करती एक पठनीय पुस्तक।
Indian Mujahideen
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description: India was divded because of the obduracy of Jinnah, and in August 1947 India was partitioned and a separate country Pakistan came into existence. The demand for creation of a separate Islamic country for Muslims by dividing India was being raised since 1940. Babasaheb Dr. Bhimrao Ambedkar believed that the partition of India into two countries on religious lines was not practically possible, and such a partition would be more harmful for humanity than the Nation, and lead to large-scale violence, which actually happened. Dr. Ambedkar believed that Hindus and Sikhs in the newly-created nation of Pakistan should come to India, and Muslims in India should go to Pakistan, an Islamic country created on religious lines. Despite so many years have passed, some terrorist organisations (state actors) such as Indian Mujahideen, Lashkar-e-Tayyiba, Jaish-e-Muhammed, Hizbul Mujahideen etc. have continu- ously waged a war against India and have gone forward to destabilise and disturb our socio-economic situations. This book takes an in-depth look at the heinous misdeeds of the 'Indian Mujahideen', the masterminds of Islamic terrorism, who created an army of Islamic Jihadis whose brutal and bestial acts have put humanity to shame. These heretics have worked to bring the world to its knees by creating an atmosphere of fear and intimidation by making videos of their heinous inhuman acts of torture and broadcast- ing them across the world. A well-researched readable book exposing the activities, mechanisms, working style and dangerous intentions of the terrorist organisation 'Indian Mujahideen', which has become synonymous with terror.
Upanyas Ki Pahchan : Maila Aanchal
- Author Name:
Gopal Ray
- Book Type:

- Description: गोपाल राय द्वारा ‘उपन्यास की पहचान’ शृंखला में व्यावहारिक आलोचना को आधार बनाकर फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की अप्रतिम रचना ‘मैला आँचल’ को परखने की प्राथमिक कोशिश की गई है। कहते हैं कि ‘मैला आँचल’ के प्रकाशन के बाद हिन्दी में आंचलिक उपन्यासों का आन्दोलन-सा चल पड़ा। ऐसा नहीं है कि भारतीय ग्रामीण जीवन को केन्द्र रखकर उपन्यास न रचे गए हों; किन्तु आंचलिक उपान्यासालोचना का मानदंड रचने में ‘मैला आँचल’ की महत्ती भूमिका रही है। गोपाल राय ने ‘उपन्यास की पहचान’ शृंखला की कड़ी में इन्हीं तथ्यों का उद्घाटन करने के साथ, उपन्यास की व्यावहारिक आलोचना की सैद्धान्तिक पहचान का आधार ‘मैला आँचल’ के कथ्य और शिल्प में तराशने की समग्र कोशिश की है। यह पुस्तक आंचलिक उपन्यास की अवधारणा और हिन्दी उपन्यास की परम्परा को रेखांकित करने के साथ-साथ फणीश्वरनाथ रेणु की उपन्यास-यात्रा पर भी अपनी बात रखती है। ‘मैला आँचल’ के कथ्य, शिल्प, पात्र-योजना, भाषा आदि के रचनात्मक तत्त्वों पर प्राथमिक बयान दर्ज करती है। कह सकते हैं कि उपन्यास के रचनात्मक मानकों की व्यावहारिक परख करते हुए ‘मैला आँचल’ की पढ़त को यह पुस्तक नये आयाम प्रदान करेगी।
Upanivesh Mein Stree
- Author Name:
Prabha Khetan
- Book Type:

- Description: यह किताब जीवन के दो पक्षों के बारे में है। एक स्त्री का और दूसरा उपनिवेश का। न इस उपनिवेश को समझना आसान है और न स्त्री को। अगर यह उपनिवेश वही होता जिससे बीसवीं सदी के मध्य में कई देशों और सभ्यताओं ने मुक्ति पाई थी तो शायद हम इसे राजनीतिक और आर्थिक परतंत्रता की संरचना करार दे सकते थे। अगर यह उपनिवेश वही होता जिससे लड़ने के लिए राष्ट्रवादी क्रान्तियाँ की गई थीं और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की अवधारणा पेश की गई थी तो शायद हम इसके ख़िलाफ़ उपनिवेशवाद विरोधी प्रत्यय की रचना आसानी से कर सकते थे। यह नवउपनिवेश के नाम से परिभाषित हो चुकी अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय पूँजी की अप्रत्यक्ष हुकूमत भी नहीं है। यह तो अन्तराष्ट्रीय वित्तीय पूँजी, पितृसत्ता, इतरलिंगी यौन चुनाव और पुरुष-वर्चस्व की ज्ञानमीमांसा का उपनिवेश है जिसकी सीमाएँ मनोजगत से व्यवहार-जगत तक और राजसत्ता से परिवार तक फैली हैं। दूसरे पक्ष में होते हुए भी स्त्री पाले के दूसरी तरफ़ नहीं है। वह उपनिवेश के बीच में खड़ी है। उपनिवेश के ख़िलाफ़ संघर्ष उसका आत्म-संघर्ष भी है और यही स्थिति स्त्री को समझने की मुश्किलों के कारण बनी हुई है। स्त्री मुक्ति-कामना से छटपटा रही है लेकिन उपनिवेश के वर्चस्व से उसका मनोजगत आज भी आक्रान्त है। गुज़रे ज़मानों के उपनिवेशवाद विरोधी संघर्षों की तरह औरत की दुनिया के सिपहसालार उपनिवेश के साथ हाथ-भर का वह अन्तराल स्थापित नहीं कर पाए हैं जो इस लड़ाई में कामयाबी की पहली शर्त है। ‘उपनिवेश में स्त्री : मुक्ति-कामना की दस वार्ताएँ’ इस अन्तराल की स्थापना की दिशा में एक प्रयास है। ये वार्ताएँ कारख़ाने और दफ़्तर में काम करती हुई स्त्री, लिखती-रचती हुई स्त्री, प्रेम के द्वन्द्व में उलझी हुई स्त्री, मानवीय गरिमा की खोज में जुटी हुई स्त्री, बौद्धिक बनती हुई स्त्री और भाषा व विमर्श के संजाल में फँसी हुई स्त्री से सम्बन्धित हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book