Bhakti Yoga (Pb)
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355715821
-
Pages80
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Ugate Suraj ka Desh JAPAN
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: जापान जाने के आपके पास असंख्य कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से जापान की बिजनेस संस्कृति, सुंदर समुद्र तट, मेहनतकश लोग, हिमाच्छादित पर्वत- श्रृंखला, अद्भुत मंदिर, ज्वालामुखी, नैसर्गिक सौंदर्य, वहाँ की परंपराएँ, रीति-रिवाज, परिधान, त्योहार, खाना, उच्च प्रौद्योगिकी, कार्यशैली और सबसे ऊपर वहाँ की विनम्रता पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करती है। जापानी अध्यात्म से जुड़े रहते हैं; अत्यंत सक्रिय जीवन जीते हैं; राष्ट्रनिष्ठ होते हैं और मानवीय गुणों से युक्त पारस्परिक जीवन जीते हैं। बड़ी मात्रा में प्राकृतिक संसाधनों का आयात करने के बावजूद जापान दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। दुनिया के किसी देश में इस तरह की नीति का निर्माण करने के बावजूद आर्थिक विकास पर आगे बढ़ने का और कोई उदाहरण फिलहाल नहीं है। इससे अलग जापान दुनिया के सबसे ज्यादा निवेश करनेवाले देशों में भी शामिल है। अधिकतर लोग जापान की प्राकृतिक सुंदरता और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखने वहाँ जाते हैं। यह पुस्तक संक्षेप में जापान की संस्कृति, अर्थव्यवस्था, रीति-रिवाज, इतिहास, भूगोल से लेकर वहाँ के पर्यटक स्थलों, शैक्षिक तंंत्र, धार्मिक विविधता, भाषा, जैवविविधता, राजनीतिक व्यवस्था की जानकारी सहज ही उपलब्ध कराती है।
Chir Parayi
- Author Name:
Kadambari Mehra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
By The Way
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
D.H. Lawrence Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
D.H. Lawrence
- Book Type:

- Description: ‘डी. एच. लॉरेंस की लोकप्रिय कहानियाँ’ साहित्य के विविध रस समेटे हुए हैं। इस कहानी-संकलन में उनके इस वैशिष्ट्य को परखा जा सकता है। भाग्य और वैभव की लोलुपता मनुष्य को किस त्रासदी तक ले जाती है, इसका साक्ष्य ‘काठ का अनाम घोड़ा’ कहानी है। उनकी चर्चित कहानी ‘अंतर्ध्वनि’ स्त्री-पुरुष के मानवीय संबंध के संदर्भ में धार्मिक अवधारणा के सापेक्ष सहज स्वातंत्र्य को वरीयता देती है। ‘वन मानुष’ कहानी आज भी पुरुष के आदिमानव जैसी पाशविकता वाले स्वभाव की ओर संकेत करती है। लॉरेंस की कहानियाँ मनोविज्ञान और दार्शनिकता का कलेवर लिये जिस तरह पाठक तक सहजता से पहुँचती हैं, वह विरल है। पैंतालीस वर्ष से भी छोटे जीवन में उन्होंने साहित्य-जगत् को जो दिया, वह विपुल तो है ही, गुणात्मक स्तर पर भी अद्भुत कहा जाता है।
Greatest Power of Your Mind
- Author Name:
Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: There are many different methods used to remove the mental, emotional and physical blocks which inhibit the flow of the healing life. Everyone is definitely concerned with the healing of bodily conditions and human affairs. Your subconscious mind will heal the burn or cut on your hand even though you profess to be an atheist or agnostic.
Bhikhari Thakur : Angarh Hira
- Author Name:
Tayab Hussain
- Book Type:

-
Description:
अखिल भारतीय भोजपुरी सम्मेलन के दूसरे अधिवेशन 1974 में, अपने अध्यक्षीय भाषा में भिखारी ठाकुर का उल्लेख करते हुए राहुल सांकृत्यायन ने कहा था—हम लोगों की बोली में कितनी ताकत है, कितना तेज है, यह आप लोग भिखारी ठाकुर के नाटकों में देखते हैं। लोगों को क्यों अच्छे लगते हैं भिखारी ठाकुर के नाटक? क्यों दस-दस पन्द्रह-पन्द्रह हजार की भीड़ होती है इन नाटकों को देखने के लिए? लगता है कि इन्हीं नाटकों में जनता को रस मिलता है! जिस चीज में रस मिले, वही कविता है। किसी की बड़ी नाक हो और वह केवल दोष ही सूँघता फिरे तो उसके लिए... क्या कहा जाए। मैं यह नहीं कहता कि भिखारी ठाकुर के नाटकों में दोष नहीं हैं, दोष हैं तो उसका कारण भिखारी ठाकुर नहीं हैं, उसका कारण पढ़े-लिखे लोग हैं। वे लोग यदि अपनी बोली से नेह दिखलाते, भिखारी ठाकुर का नाटक देखते और उसमें कोई बात सुझाते तो ये सब दोष मिट जाते। भिखारी ठाकुर हम लोगों के एक अनगढ़ हीरा हैं। उनमें कुल गुण हैं, सिर्फ इधर-उधर थोड़ा तराशने की जरूरत है ।
यह पुस्तक उसी अनगढ़ हीरे के कृतित्व की समग्रता में पड़ताल करती है। यहाँ यह उल्लेख करना अनुचित नहीं होगा कि इस पुस्तक के लेखक ने ही भिखारी ठाकुर को अपने पी-एच.डी. का विषय बनाकर भोजपुरी के इस अप्रतिम नाटककार-कवि की तरफ अकादमिक जगत का ध्यान आकर्षित किया था। आज साहित्य-संस्कृति के क्षेत्र में भिखारी ठाकुर का नाम अपरिचित नहीं है तो इसमें तैयब हुसैन की भूमिका को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। इस पुस्तक में उन्होंने न केवल भिखारी के व्यक्तित्व-कृतित्व की बल्कि भोजपुरी समाज की और उसके सन्दर्भ से वस्तुत: उत्तर भारतीय समाज की सामाजिक-सांस्कृतिक गुत्थियों को खोलने का प्रयास किया है जो निश्चय ही विचारणीय और बहसतलब है।
Rebel Monk
- Author Name:
Rajeev Sharma
- Book Type:

- Description: * From Srinagar to Kamrup-Kamakhya and from Calcutta to Kochi, the name of Adi Shankar was like a torchbearer to illuminate my path. While searching the footprints of that great traveller, it was not known when the circumambulation across India was completed effortlessly. * Every reform becomes a stereotype over a period. It is the habit of history to witness every revolution becoming hypocritical and free warriors becoming dictators. While being a monk, he had the courage to say that | am neither an idol nor a worshipper, nor am | a priest, nor religion, nor caste. * Adi Shankaracharya has the answers to all the questions of today’s youth, their curiosities and frustrations as well. Who else would be the outstanding management guru than him who changed the consciousness and the ways of life of the entire nation. The monks who were beyond all the disciplines of the world, he organised them into arenas and ashrams. He made them disciplined and organised. The conflict between Buddhism and Hindus was pacified. Shaivas, Vaishnavas, Shakyas, Ganapathis all were put together in one thread. * I hope that this story of that amazing, brilliant child, the miraculous teenager and the charming young Shankar may light up your path and the story might unfold the mystic episodes of his life, which is the prime humble motive behind writing this book.
Rajendra Babu Patron Ke Aaine Mein-1
- Author Name:
Tara Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Be Your Own Chanakya
- Author Name:
Renu Saini
- Book Type:

- Description: Chanakya, through his monumental work 'Arthashastra" and his various policies, has attempted to convey the concept to everyone that agility, ingenuity, education, and good behavior are essential for any kind of life. Whether one is a warrior or a householder, a student or a ruler, or even a common man or a soldier, these qualities are important. An educated and intelligent person can make even an impossible thing possible and transform an unfavourable situation into a favourable one. It is generally said that time changes everything. but Chanakya believes that such a person changes time by transforming themselves, demolishing old records, and making new ones. A learned and intelligent person knows how to achieve their goals by giving them positive, rapid, concrete, long-term, and distinct forms. The purpose of writing this book shall be accomplished even if a single reader can use it as a medium to uplift their life and attain their desired goals.
Ramvilas Sharma Rachanawali (Part-2 Bhasha Aur Vigyan)
- Author Name:
Ramvilas Sharma
- Book Type:

-
Description:
भाषा, विचार, साहित्य, दर्शन, संस्कृति, इतिहास और समाजशास्त्र समेत मानव, उसके वर्तमान और भविष्य को लक्षित आलोचना के विराट व्यक्तित्व रामविलास शर्मा का लेखन न केवल परिमाण में विपुल है, बल्कि चिन्तन की लगभग सभी सम्भव दिशाओं में मौलिक दृष्टि तथा गहन अध्ययन से प्रसूत पथ-निर्देशक अवधारणाओं का विशाल आगार है।
उनको पढ़ना हिन्दी मेधा के शिखर से गुजरना है। साहित्य-रचना के मर्म तक पहुँचने के लिए उनकी आलोचकीय जिज्ञासा रस, लय, शब्द-संयोजन आदि की पड़ताल करते हुए भाषा-विज्ञान, भाषा-इतिहास और दर्शनशास्त्र तक पहुँची। मार्क्सवादी विश्व-दृष्टि उनके चिन्तन और विवेचन की अविचल आधारभूमि रही, लेकिन उसे भी उन्होंने अपनी सीमा नहीं बनने दिया।
आलोचना-समीक्षा करते समय उन्होंने सिद्धान्तों या प्रतिमानों को विशेष महत्त्व नहीं दिया। उनके अनुसार, 'प्रतिमान आलोचना की अग्रभूमि में स्थित नहीं हैं। प्रत्येक रचना अपना प्रतिमान गढ़ती है; आलोचक उसका अन्वेषण करते हुए रचनाकार की विश्व-दृष्टि, उसकी परिस्थिति, परिवेश और यथार्थ-चित्रण का मूल्यांकन करता है।’
यह रामविलास शर्मा रचनावली का दूसरा भाग है जिसमें उनके भाषा तथा भाषाविज्ञान सम्बन्धी लेखन को प्रस्तुत किया गया है। भाषा को लेकर भी रामविलास जी का अध्ययन व्यापक और विचारोत्तेजक रहा है जिसमें उन्होंने भावी अध्ययन तथा विचार-विमर्श के लिए कई नए प्रस्थान बिन्दु प्रस्तुत किए।
रचनावली के इस बीसवें खंड में रामविलास शर्मा के बहुचर्चित अध्ययन ‘भाषा और समाज’ को प्रस्तुत किया गया है। समाज के विकास के सन्दर्भ में भाषा का अध्ययन करते हुए उन्होंने इसमें भाषाविज्ञान और समाजविज्ञान की अनेक मान्यताओं का तर्क सहित खंडन-मंडन किया है। भाषा-सम्बन्धी अनेक व्यावहारिक समस्याएँ भी यहाँ उनके विवेचन का विषय बनी हैं।
रचनावली के इस इक्कीसवें खंड में रामविलास जी की बहुचर्चित कृति ‘भारत की भाषा-समस्या’ को प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पुस्तक में भाषा-समस्या के विभिन्न पक्षों पर विस्तार से विचार करते हुए वे अन्य बिन्दुओं के साथ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हिन्दी और उर्दू के मध्य एक बुनियादी एकता है और सभी जनपदीय बोलियाँ परस्पर सम्बद्ध हैं।
रचनावली के इस बाईसवें खंड में उनकी दो महत्त्वपूर्ण पुस्तकें ‘आर्य और द्रविड़ भाषा-परिवारों का सम्बन्ध’ तथा तीन जिल्दों में प्रकाशित ‘भारत के भाषा परिवार और हिन्दी’ का पहला खंड शामिल किया गया है। भाषा-सम्बन्धी उनके सुदीर्घ चिन्तन में इन पुस्तकों की विशेष महत्ता रही है।
रचनावली के इस तेईसवें खंड में ‘भारत के प्राचीन भाषा-परिवार और हिन्दी’ का दूसरा खंड प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पुस्तक में उन्होंने इण्डो-यूरोपियन भाषा-परिवार की भारतीय पृष्ठभूमि का विस्तृत विश्लेषण किया है। वे बताते हैं कि हिन्दी का विकास एक ‘वृहत्तर विकास-प्रक्रिया का अंग है’ और इसे समझने के लिए केवल संस्कृत की पृष्ठभूमि पर्याप्त नहीं है।
रचनावली के इस चौबीसवें खंड में ‘भारत के प्राचीन भाषा-परिवार और हिन्दी’ शीर्षक उनके विशद अध्ययन का तीसरा खंड प्रस्तुत है। इस पुस्तक में नाग, द्रविड़ और कोल भाषा-परिवारों व हिन्दी प्रदेश की विशेषताओं का विवेचन किया गया है। भारतीय व्याकरण परम्परा तथा भाषाविज्ञान और भौतिकवाद विषयक चिन्तन भी इस खंड का हिस्सा है।
Dwiteeya Vishwa Yuddha
- Author Name:
Capt. Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamleshwar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Kamleshwar
- Book Type:

- Description: भारतीय कथाकारों में कमलेश्वर की लोकप्रियता का कोई जवाब नहीं। न तो उनसे पहले, न ही उनके बाद वैसी लोकप्रियता किसी और को हासिल हो सकी। उन्होंने आरंभ में ही ‘दूरदर्शन’ में लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परिक्रमा’ शुरू किया। बाद में ‘दूरदर्शन’ के महानिदेशक भी बने। आँधी, मौसम, डाक बँगला, द बर्निंग ट्रेन, राम-बलराम जैसी सौ के करीब फिल्में और चंद्रकांता संतति जैसे तमाम सीरियल लिखनेवाले कमलेश्वर ने ‘सारिका’, ‘कथायात्रा’, ‘गंगा’ और ‘श्रीवर्षा’ जैसी पत्रिकाओं का संपादन किया। जीवन के आखिरी समय तक अखबारों में कॉलम लिखनेवाले कमलेश्वर की कलम उनके हाथ से कभी छूटी नहीं। कमलेश्वर की पहली कहानी ‘फरार’ सन् 1946 में कानपुर से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक ‘जय भारत’ में छपी थी, जबकि ‘कॉमरेड भारती’ सन् 1948 में छपी, जिसे उनकी पहली कहानी मान लिया गया था। उन्होंने ढेर सारी कहानियाँ लिखीं, जिनमें से उनकी कुछ लोकप्रिय कहानियाँ इस संग्रह में प्रस्तुत हैं। कहानियाँ अलग-अलग आस्वाद लिये हुए हैं। आशा है सुधी पाठकों को ये कहानियाँ रुचेंगी और अपनी सी लगेंगी।
Rajee Seth ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Rajee Seth
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SISKIYAN LETA SWARG
- Author Name:
Nida Nawaz
- Book Type:

- Description: Diary based on Kashmir Issues
Hamar Pasar Sansar Sar
- Author Name:
Raman Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Collection of Maithili Essay
Fostering Innovations in Students
- Author Name:
Vigyan Ratna Lakshman Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Savarkar : Vichar Ki Prasangikta "सावरकर : विचार की प्रासंगिकता" Book in Hindi - Dr. Ashok Modak
- Author Name:
Dr. Ashok Modak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Fire in the Belly
- Author Name:
Sumer Sethi, Md
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gopbandhu Das : Aadhunik Odisha Ke Nirmata
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tai
- Author Name:
Medha Kirit
- Book Type:

- Description: भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का संसदीय कामकाज, लोकसभा में सर्वोच्च स्थान पर विराजित नेतृत्व के समक्ष प्रकट होनेवाली चुनौतियाँ, उसके अधिकारों का विस्तृत दायरा, इन सबके साथ न्याय करनेवाले एक पंचवर्षीय व्रतधारी कर्तृत्ववान नेतृत्व की प्रेरक यशोगाथा, पुस्तक के रूप में.. लगातार आठ बार इंदौर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद, सर्वानुमति से लोकसभा अध्यक्ष का महती दायित्व निभानेवाली वरिष्ठ महिला सांसद। अपने मृदु स्वभाव और निरपेक्ष व्यवहार से सबको अपना बनाकर निर्बाध रूप से लोकसभा का संचालन करनेवाली तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'Mother of Speakers' से सम्मानित" पदमभूषण सुमित्रा महाजन (ताईजी) के लोकसभा अध्यक्ष पद के शीर्षस्थ कार्यकाल का बहुआयामी आलेख''मेधा किरीट की अध्ययनपूर्ण कलम से.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book