Shrinaresh Mehta Rachanawali : Vols. 1-11
(0)
₹
11000
8800 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
श्रीनरेश मेहता अपनी परम्परा के प्रति ‘आत्मविस्मृत आधुनिकों’ में नहीं, बल्कि उन आधुनिक कवियों में हैं, जो तमाम आयातित विचारों और प्रवृत्तियों के लिए खुले रहते हुए भी उनकी अधीनता स्वीकार नहीं करते। इतना ही नहीं, सतत एक आधुनिक भारतीय कवि की उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं। वे निषेध नहीं करते, वरन् अपरिहार्य हो उठे आयातित विचारों और विचारधाराओं के बीचोबीच अपनी ही संस्कारगत प्रज्ञा से नई लपट उठाते हैं, अपने भीतर से विचारों और मूल्यों का सन्धान करते हैं, जो वैकल्पिक या ‘प्रति’ नहीं हैं, स्वयं संकल्प हैं, जिनकी सन्दर्भवत्ता भी है, प्रासंगिकता भी और सनातनता भी।</p> <p>भाषा के नए प्रयोगों और अन्वेषणों की दृष्टि से श्रीनरेश मेहता का आधुनिक युग में भी कोई सर्जक उल्लंघन नहीं कर सका है। उसका कारण उनका वैदिक, औपनिषदिक, सांस्कृतिक परम्परा में प्रयुक्त भाषा में नवार्थ भरना है; भागवत, वृन्दावन, प्रार्थना, ऋचा, मंत्र, गायत्री, अनुष्टुप, शिवत्व, उपनिषद्, वैष्णवता, उत्सव, यज्ञ, बिल्व–पत्र, यज्ञोपवीत, अश्वत्थ—जैसे पचासों शब्दों और उनके विभिन्न रूपों का सिर्फ़ प्रयोग ही नहीं, इनमें नया अर्थ भरना सर्वथा भाषा का मौलिक अन्वेषण है। इसके अलावा मालवा के लोक–शब्द, बांग्ला–शब्द आदि का भरपूर प्रयोग श्रीनरेश जी की भाषा में मिलता है; और कहना न होगा कि वह सर्जक वास्तव में बहुत बड़ा होता है जो भाषा का सन्धान करता है।</p> <p>श्रीनरेश मेहता के काव्य में प्रकृति की महत् भूमिका है। प्रकृति से उनका बड़ा घरोपा है। उनके भीतर के तार उससे जुड़े हैं। यहाँ तक कि उनका स्वयं का जीवन प्रकृत रहा—अकृत्रिम, सहज। प्रकृति के अनेक रूप, रंग, बिम्ब, सम्बन्ध श्रीनरेश मेहता के काव्य में आद्यन्त खिले हुए हैं। वह उनके सोच और अभिव्यक्ति की सहयात्री है।</p> <p>ग्यारह खंडों में प्रकाशित श्रीनरेश मेहता रचनावली का यह पहला खंड है। इस खंड में ‘बनपाखी! सुनो!!’, ‘बोलने दो चीड़ को’, ‘मेरा समर्पित एकान्त’, ‘उत्सवा’, ‘तुम मेरा मौन हो’, ‘अरण्या’, ‘आखिर समुद्र से तात्पर्य!’ शीर्षक काव्य–संकलन शामिल हैं।
Read moreAbout the Book
श्रीनरेश मेहता अपनी परम्परा के प्रति ‘आत्मविस्मृत आधुनिकों’ में नहीं, बल्कि उन आधुनिक कवियों में हैं, जो तमाम आयातित विचारों और प्रवृत्तियों के लिए खुले रहते हुए भी उनकी अधीनता स्वीकार नहीं करते। इतना ही नहीं, सतत एक आधुनिक भारतीय कवि की उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं। वे निषेध नहीं करते, वरन् अपरिहार्य हो उठे आयातित विचारों और विचारधाराओं के बीचोबीच अपनी ही संस्कारगत प्रज्ञा से नई लपट उठाते हैं, अपने भीतर से विचारों और मूल्यों का सन्धान करते हैं, जो वैकल्पिक या ‘प्रति’ नहीं हैं, स्वयं संकल्प हैं, जिनकी सन्दर्भवत्ता भी है, प्रासंगिकता भी और सनातनता भी।</p>
<p>भाषा के नए प्रयोगों और अन्वेषणों की दृष्टि से श्रीनरेश मेहता का आधुनिक युग में भी कोई सर्जक उल्लंघन नहीं कर सका है। उसका कारण उनका वैदिक, औपनिषदिक, सांस्कृतिक परम्परा में प्रयुक्त भाषा में नवार्थ भरना है; भागवत, वृन्दावन, प्रार्थना, ऋचा, मंत्र, गायत्री, अनुष्टुप, शिवत्व, उपनिषद्, वैष्णवता, उत्सव, यज्ञ, बिल्व–पत्र, यज्ञोपवीत, अश्वत्थ—जैसे पचासों शब्दों और उनके विभिन्न रूपों का सिर्फ़ प्रयोग ही नहीं, इनमें नया अर्थ भरना सर्वथा भाषा का मौलिक अन्वेषण है। इसके अलावा मालवा के लोक–शब्द, बांग्ला–शब्द आदि का भरपूर प्रयोग श्रीनरेश जी की भाषा में मिलता है; और कहना न होगा कि वह सर्जक वास्तव में बहुत बड़ा होता है जो भाषा का सन्धान करता है।</p>
<p>श्रीनरेश मेहता के काव्य में प्रकृति की महत् भूमिका है। प्रकृति से उनका बड़ा घरोपा है। उनके भीतर के तार उससे जुड़े हैं। यहाँ तक कि उनका स्वयं का जीवन प्रकृत रहा—अकृत्रिम, सहज। प्रकृति के अनेक रूप, रंग, बिम्ब, सम्बन्ध श्रीनरेश मेहता के काव्य में आद्यन्त खिले हुए हैं। वह उनके सोच और अभिव्यक्ति की सहयात्री है।</p>
<p>ग्यारह खंडों में प्रकाशित श्रीनरेश मेहता रचनावली का यह पहला खंड है। इस खंड में ‘बनपाखी! सुनो!!’, ‘बोलने दो चीड़ को’, ‘मेरा समर्पित एकान्त’, ‘उत्सवा’, ‘तुम मेरा मौन हो’, ‘अरण्या’, ‘आखिर समुद्र से तात्पर्य!’ शीर्षक काव्य–संकलन शामिल हैं।
Book Details
-
ISBN9788180316531
-
Pages3564
-
Avg Reading Time119 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aise The Bharat Ke Gaon
- Author Name:
Dr. Vishnu Mittal
- Book Type:

- Description: देश का अधिकांश गुणी समाज आज भी गाँवों में ही निवास करता है। कभी-कभार, बुजुर्गों की जुबानी सामाजिक ज्ञान की बहुत सी बातें सुनने को मिल जाती हैं, जो हमारी किताबों का हिस्सा नहीं होतीं। सच में, भारतीय गाँवों की कल्पना के पीछे पुरखों का गजब चिंतन रहा है। जहाँ आहार और गौरव की सुरक्षा होय विज्ञान, कला, अध्यात्म और सामाजिक अर्थशास्त्र के चारों मजबूत स्तंभ हों। छोटे-छोटे औजारों से बड़े-बड़े काम करने संभव हों। घर का वास्तु-विज्ञान आरोग्य के लिए श्रेष्ठ हो, प्रकृति से घिरे हुए गाँव में हरे-भरे खेत-खलियान, निर्मल जल लेकर बहती हुई नदियाँ, तालाब, कुएँ, हमेशा गुनगुनाती और उत्सव मनातीं, मेहनती औरतों की मुसकान हो। युवाओं के चेहरे पर संतोष का भाव हो। गाय के साथ भागते-दौड़ते बच्चों की खिलखिलाहट हो। बुजुर्गों के होंठों पर भी मुस्कान हो। ऐसे गाँवों की कहानी है इस पुस्तक में।
Prakash Manu Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Prakash Manu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indra Nooyi A Complete Biography
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: Revered as a role model for generations of women, Indra Nooyi has consistently ranked amongst the world’s 100 most powerful women. An alumna of Indian Institute of Management (Kolkata) and Yale School of Management, she has held positions at Johnson & Johnson, Boston Consulting Group, Motorola, Asea Brown Boveri. The former Chairperson and the Chief Executive Officer of PepsiCo., was with the company for nearly 12 years before being named it’s CEO. With numerous awards and accolades to her name, including Best CEO awards, she was included in the National Women’s Hall of Fame in 2021.
Childhood Of Kalam
- Author Name:
Srijan Pal Singh
- Book Type:

- Description: Greatness is not by accident. Greatness is a quality processed, honed and learnt over a lifetime of learning and hard work. Great human beings are built when a curious mind is met with life-changing lessons, often early in childhood. Just like the nature and quality of a tree are decided by the characteristic of the seed, and how it is sown, the worth of human life is shaped in the early stage of childhood. Often these life teachings as a growing up child transform into the values which set the boundaries of one�s adult actions and govern one�s decisions. We all know Dr Kalam as an eminent teacher, an excellent President, an exception scientist, a talented rocket scientist, a team man, an institution builder and a man of ethics and integrity. But what went behind the scenes in the formative days of "Little Kalam" shaped him slowly but surely into Dr Kalam � , the man we remember and admire. This book aspires to take you into this early history of the childhood of Kalam, tracking "Little Kalam" as he begins his first steps into the sands of Rameshwaram � , which one day will translate into a march to the Rashtrapati Bhawan.
Bharat Ki Sarvangeen Unnati Ka Mantra Antyodaya
- Author Name:
Dr. Saravan Singh Baghel "Shravan"
- Book Type:

- Description: एकात्म मानवदर्शन और अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि हमारी सोच और हमारे सिद्धांत हैं कि असहाय और अशिक्षित लोग हमारे भगवान हैं। हम सभी का यह सामाजिक और मानवीय धर्म है कि इन वंचितों का उत्कर्ष हो। इसी विराट विचार को आत्मसात् कर जन-कल्याण के लिए उपयोगी कार्यों की प्रेरणा हमें पं. दीनदयालजी से मिलती है। भारत-दर्शन का मूल विचार पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उदय से है। इस कार्य को पूर्ण करने में हमें कई चुनौतियों का सामना करना पडे़गा। मगर भारत के पूर्ण विकास की कल्पना और सार्थकता इसी अंत्योदय विचार से की जा सकती है। अंत्योदय से राष्ट्रोदय की संकल्पना को मूर्तरूप प्रदान करती हमारी वैचारिक भावभूमि ही भारत के कल्याण और विकास की अभिलाषा को संतुष्ट करने के क्रम में अनवरत कर्मशील है। गरीबी के बारे में दीनदयालजी का विचार था—राष्ट्र की रक्षा के लिए हर व्यक्ति को न्यूनतम जीवन स्तर, जैसे उसके मौलिक अधिकार, भोजन, कपड़ा, मकान, दवाई, शिक्षा और उसकी सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा का आश्वासन सरकारों द्वारा उन्हें प्रदान किया जाना चाहिए। यह पुस्तक देश के विकास में हर वर्ग की भागीदारी तय कर राष्ट्र-निर्माण का मार्ग प्रशस्त करनेवाली चिंतनपरक है।
251 Amazing Facts of Mathematics
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Mathematics pertains not only to calculations. Its inner beauty can be judged once you dive deep into the ocean of mathematics and bring to the surface some interesting pearls for self satisfaction. The deeper you dive, the better are the chances of obtaining pearls of superior quality. This book is a collection of 251 informative mathematical facts that have been gleaned through several years of extensive research. It not only deals with the history of ancient mathematics but also focuses on researches undertaken in recent times. The information collected here is so interesting and informative that lovers of mathematics and researchers alike will find this book of immense help. Potential mathematician as well as lovers of mathematics will be able to glimpse the other side of mathematics which is rarely observed in any book. Also useful for students of all classes that will help them develop interest in Mathematics.
Mrigtrishna
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Ram Sabke Ram "मेरे राम सबके राम" Book in Hindi - Fazle Gufran
- Author Name:
Fazle Gufran
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Katra-Katra Zindagi
- Author Name:
Anup Kochhar Dewan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acharya Chatursen Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: आज के युग की भौतिकता और यंत्रवतता से यदि आप बेजार हो गए हों तो हिंदी के यशस्वी रचनाकार आचार्य चतुरसेन की ये कहानियाँ आपको मानवीय स्वाभाविकता व संवेदनशीलता, त्याग, समर्पण एवं सेवा के सुखद संसार में ले जाएँगी। सामान्य जीवन से और जमीनी वास्तविकता से जुड़े रहना आचार्यजी की रचनाओं की अपनी ही विशेषता है, इसी कारण आप उनकी रचनाओं के पात्रों को न केवल हर रूप में पसंद करते हैं, अपितु उनको प्यार भी करते हैं। यही कारण है कि ये कहानियाँ जीवन के प्रति आपके दृष्टिकोण में न केवल परिवर्तन लाएँगी, बल्कि जीवन और जीवन की घटनाओं को देखने तथा समझने का आपका नजरिया भी बदल जाएगा। इन कहानियों के पठन, चिंतन व मनन के बाद आप स्वयं को एक नए इनसान के रूप में पाएँगे, जिसका दुनिया में कोई वैरी नहीं होगा।
James Joyce Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
James Joyce
- Book Type:

- Description: शाम का समय था। वह खिड़की के परदों से अपना सिर सटाकर बैठी बाहर की ओर देख रही थी। लोग चले जा रहे थे। आखिरी छोरवाले मकान में रहनेवाला आदमी भी अपने घर की ओर जा रहा था, जिसके कदमों की आवाज उसे साफ सुनाई दे रही थी। यहाँ कभी एक मैदान हुआ करता था, जिसमें रोज शाम को वे दूसरे बच्चों के साथ खेला करते थे। बाद में बेलफास्ट के एक आदमी ने उसे खरीद लिया और उसपर पक्के मकान बनवा दिए। वही घर, जिसकी एक-एक चीज उसने खुद सलीके से सजाकर रखी थी और अभी एक सप्ताह पहले ही सब चीजें झाड़-पोंछकर रखी थीं। कमरे में खड़ी-खड़ी वह एक-एक चीज को निहार रही थी, जिसे शायद अब वह दुबारा कभी नहीं देख पाएगी। पुराने टूटे पड़े हारमोनियम के ऊपर दीवार पर एक तसवीर थी, लेकिन उसका नाम अब तक वह नहीं जान पाई थी। इतना जानती थी कि वे उसके पिता के स्कूल के दोस्त थे। —इसी पुस्तक से प्रसिद्ध कथाकार जेम्स ज्वॉइस अपनी किस्सागाई के लिए ख्यात हैं। उनकी कहानियों में मानव मन एवं भावनाओं का गहराई से विश्लेषण देखने को मिलता है। उनकी लोकप्रिय कहानियों का पठनीय संकलन।
Ek Farishta Aisa Dekha "एक फरिश्ता ऐसा देखा" Book In Hindi
- Author Name:
Prem Sagar Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishna Sobti Ki Katha-Yatra
- Author Name:
Nand Bhardwaj
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कथा-साहित्य में नारी चेतना के उन्मेष और स्त्री-अस्मिता के सन्दर्भ में जिन कथाकारों की प्रभावशाली भूमिका रही, उनमें कृष्णा सोबती का नाम बहुत आदर से लिया जाता है। वे इस अर्थ में भी विशिष्ट हैं कि उनका कथा-साहित्य स्त्री-अस्मिता से जुड़े सवालों से जूझने की नई दृष्टि और ऊर्जा देता है। उनके स्त्री-चरित्र जहाँ समाज की रूढ़ मान्यताओं, सड़े-गले क़ायदों और असंगत तौर-तरीक़ों को चुनौती देते हैं, वहीं अपनी सहज स्वतंत्रता के पक्ष में ऐसे सवाल भी खड़े करते हैं, जिनसे स्त्री के लोकतांत्रिक अधिकारों की हिमायत के साथ मानवीय सरोकारों का एक व्यापक धरातल निर्मित होता है।
‘कृष्णा सोबती की कथा-यात्रा’ पर केन्द्रित यह आलोचना कृति इस बात को विशेष रूप से रेखांकित करती है कि कृष्णाजी के रचनाकर्म को किसी ऐतिहासिक काल-खंड, भौगोलिक दायरों या सामयिक जीवन-यथार्थ के किन्हीं खास विषयों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनके कथा-साहित्य में हमारे समय-समाज की वास्तविकताओं और कमजोर होते पारिवारिक संबंधों के बीच स्त्री के साथ बढ़ते अमानवीय बरताव के विरुद्ध स्त्री-रचनाशीलता का जो संघर्ष उभरकर सामने आया है, वह स्त्री की भूमिका को और प्रभावशाली बनाता है।
उनके उपन्यासों में ‘डार से बिछुड़ी’ की पाशो, ‘मित्रो मरजानी’ की मित्रो, ‘सूरजमुखी अँधेरे के’ की रतिका, ‘तिन पहाड़’ की जया, ‘ज़िन्दगीनामा’ की शाहनी, चाची महरी और बिन्द्रा, ‘दिलो-दानिश’ की महक और छुन्ना, ‘ऐ लड़की’ की अम्मू और उनकी खुद्दार बेटी, ‘समय सरगम’ की आरण्या और उनकी लेखन यात्रा के अन्त में छपी कृति ‘चन्ना’ की कथानायिका चन्ना सरीखे स्त्री-चरित्र आज़ादी के बाद हिन्दी कथा-साहित्य में उभरती स्वायत्त स्त्री की जीती-जागती मिसाल हैं।
‘कृष्णा सोबती की कथा-यात्रा’ में कृष्णा सोबती की इसी संघर्षशील स्वायत्त स्त्री की छवि को उजागर करने का प्रयास किया गया है।
Manavdeh Aur Hamari Deh Bhashayen
- Author Name:
Ramesh Kuntal Megh
- Book Type:

- Description: यह एक विलक्षण संहिता है जो मानवदेह तथा अनेकानेक देहभाषाओं के विश्वकोश जैसी है। इसे अध्ययन-कक्ष, शृंगार-मेज़, ज्ञान-परिसंवाद तथा रात्रि-शय्या में बेधड़क पास एवं साथ में रखना वांछनीय होगा। यह अद्यतन ‘देह धुरीण विश्वकोश’ अर्थात् अकुंठ ‘बॉडी इनसाइक्लोपीडिया’ है। पन्द्रह वर्षों की इतस्ततः अन्वीक्षा-अन्वेषण-अनुप्रयोग से यह रची गई है। इसके लिए ही कृती-आलोचिन्तक को निजी तौर पर अमेरिका में मिशिगन (डेट्राइट) में अपनी बेटी मधुछंदा के यहाँ प्रवास करना पड़ा था। इसका प्रत्येक पन्ना, रेखाचित्र, चित्र चार्ट सबूत हैं कि ‘मानवदेह और हमारी देह्भाषाएँ’ अन्तर-ज्ञानानुशासनात्मक उपागम द्वारा समाजविज्ञानों, कला, साहित्य, समाजेतिहास आदि से संयुक्त ‘सांस्कृतिक-पैटर्न’ का भी एक प्रदर्श है। यहाँ सिरजनहार की आलोचिन्तना की दावेदारी की जाँच तथा देनदारी का इम्तहान भी होगा। तथापि इसके निर्णायक तो आप ही हैं। यह ‘ग्रन्थ’ क्षयिष्णु कुंठाओं, रूढ़ वर्जनाओं-अधोगामी पूर्वग्रहों के विरुद्ध, अतः उनसे विमुक्त होकर, शालीनता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा आम आदमी की बेहतर भौतिक ज़िन्दगानी की समझदारी से प्रतिबद्ध है। इसमें भारत, रूस, अमेरिका, रोम, मेक्सिको, इजिप्त के कला-एलबमों तथा ग्रन्थाकारों और म्यूज़ियमों का भी नायाब इस्तेमाल हुआ है। यह दस से भी ज़्यादा वर्षों की तैयारी द्वारा अमेरिका-प्रवास में सम्पन्न हुआ है। लक्ष्य है : असंख्य-बहुविध प्रासंगिक सूचनाएँ देना, ज्ञान के बहुआयामी-अल्पज्ञात क्षितिजों को खोजना, तथा मानवदेह और उसकी विविध देहभाषाओं का वर्गीकरण, शिक्षण-प्रशिक्षण, तथा उदारीकरण करते चलना। अथच।सर्वांत में अपने ही देश में उपेक्षित जनवादी राजभाषा हिन्दी को 21वीं शताब्दी की कलहंसनी बनाकर स्वदेश में देशकाल के पंखों द्वारा कालोत्तीर्ण उड़ानें देना। सो, यह ग्रन्थ भारत एवं विश्व की सांस्कृतिक-ऐतिहासिक हंसझील-नीड़ के मुझ जैसे सादे बन्दे का हंसगान भी है। अगर आपको पसन्द आए तो इसे एक ‘आधुनिक देहभागवत’ भी कह लें। तो आपकी राय का दिन-प्रतिदिन इन्तज़ार रहेगा—ऐसे विमर्श में! हीरामन और नीलतारा के संकल्प से।
Success Principles of Ratan Tata: Story of Tata (Achievements + Wisdom + Life + Biography + Success Tips of Ratan Tata)
- Author Name:
Vinod Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sheeba Ki Rani Makeda
- Author Name:
Sushma Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Oorja Rajya Ka Sapna : Nakaratmakta Ke Mayajaal Mein
- Author Name:
Raj Kumar Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
POSITIVE THINKING (ENG-PB)
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Personality Development is not possible without positive thinking. This attitude only has the capacity to open the doors of success for you. This book inspires you to abandon negativity (pessimism) and to think with an open mind. With its aid, you can transform your life. It has a collection of keys to your success – P.M.A (Positive Mental Attitude). By following the practical principles prescribed so lucidly and clearly in this book you can achieve P.MA materialize your dreams. So come, brace yourself for flying high and getting inspired by your indomitable will and determination, touch newer peaks of success in life. A must read book for those who want to succeed in life.
Bharat Ka Dalit-Vimarsh
- Author Name:
Suryakant Bali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Share Bazar Mein Safal Kaise Hon?
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book