The Diary of a Young Girl (Deluxe Edition)
(0)
₹
700
560 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355717733
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vigyan Ki Baaten
- Author Name:
Akhilesh Srivastava
- Book Type:

- Description: इस निबंध संकलन में न सिर्फ प्रकृति के अवयव; जैसे- आकाश, सूर्य पृथ्वी, पानी आदि के बारे में प्रामाणिक सूचनाएँ दी गई हैं, बल्कि मानव के विकास, शरीर की बनावट व विभिन्न अंगों के कार्य-व्यापार के बारे में भी आवश्यक जानकारी संकलित की गई है। निबंधों की रचना में इस बात का बराबर ध्यान रखा गया है कि ये उबाऊ और नीरस न होने पाएँ। पुनः निवेदन है कि इन निबंधों में किसी भी विषय पर दी गई जानकारी पूर्ण और अंतिम नहीं है, बल्कि सिर्फ उतनी ही सूचनाओं का समावेश किया गया है जितना किशोर पाठक आसानी से ग्रहण कर सकें। आशा है ये निबंध किशोर वर्ग के पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। -अखिलेश श्रीवास्तव 'चमन'
ABHINAV BINDRA
- Author Name:
Gagandeep
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
India's Philosophic Quest: Call of The Self
- Author Name:
Pranav Khullar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Colour With Crayons
- Author Name:
Manohar Sundaram
- Book Type:

- Description: Colour With Crayons Activity, Animal, Flowers, Transport, Alphabet Book for Kids Age 3 - 6 Years - Children Drawing and Colouring Book for Early Learners
Shrinaresh Mehta Rachanawali : Vols. 1-11
- Author Name:
Shri Naresh Mehta
- Book Type:

-
Description:
श्रीनरेश मेहता अपनी परम्परा के प्रति ‘आत्मविस्मृत आधुनिकों’ में नहीं, बल्कि उन आधुनिक कवियों में हैं, जो तमाम आयातित विचारों और प्रवृत्तियों के लिए खुले रहते हुए भी उनकी अधीनता स्वीकार नहीं करते। इतना ही नहीं, सतत एक आधुनिक भारतीय कवि की उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं। वे निषेध नहीं करते, वरन् अपरिहार्य हो उठे आयातित विचारों और विचारधाराओं के बीचोबीच अपनी ही संस्कारगत प्रज्ञा से नई लपट उठाते हैं, अपने भीतर से विचारों और मूल्यों का सन्धान करते हैं, जो वैकल्पिक या ‘प्रति’ नहीं हैं, स्वयं संकल्प हैं, जिनकी सन्दर्भवत्ता भी है, प्रासंगिकता भी और सनातनता भी।
भाषा के नए प्रयोगों और अन्वेषणों की दृष्टि से श्रीनरेश मेहता का आधुनिक युग में भी कोई सर्जक उल्लंघन नहीं कर सका है। उसका कारण उनका वैदिक, औपनिषदिक, सांस्कृतिक परम्परा में प्रयुक्त भाषा में नवार्थ भरना है; भागवत, वृन्दावन, प्रार्थना, ऋचा, मंत्र, गायत्री, अनुष्टुप, शिवत्व, उपनिषद्, वैष्णवता, उत्सव, यज्ञ, बिल्व–पत्र, यज्ञोपवीत, अश्वत्थ—जैसे पचासों शब्दों और उनके विभिन्न रूपों का सिर्फ़ प्रयोग ही नहीं, इनमें नया अर्थ भरना सर्वथा भाषा का मौलिक अन्वेषण है। इसके अलावा मालवा के लोक–शब्द, बांग्ला–शब्द आदि का भरपूर प्रयोग श्रीनरेश जी की भाषा में मिलता है; और कहना न होगा कि वह सर्जक वास्तव में बहुत बड़ा होता है जो भाषा का सन्धान करता है।
श्रीनरेश मेहता के काव्य में प्रकृति की महत् भूमिका है। प्रकृति से उनका बड़ा घरोपा है। उनके भीतर के तार उससे जुड़े हैं। यहाँ तक कि उनका स्वयं का जीवन प्रकृत रहा—अकृत्रिम, सहज। प्रकृति के अनेक रूप, रंग, बिम्ब, सम्बन्ध श्रीनरेश मेहता के काव्य में आद्यन्त खिले हुए हैं। वह उनके सोच और अभिव्यक्ति की सहयात्री है।
ग्यारह खंडों में प्रकाशित श्रीनरेश मेहता रचनावली का यह पहला खंड है। इस खंड में ‘बनपाखी! सुनो!!’, ‘बोलने दो चीड़ को’, ‘मेरा समर्पित एकान्त’, ‘उत्सवा’, ‘तुम मेरा मौन हो’, ‘अरण्या’, ‘आखिर समुद्र से तात्पर्य!’ शीर्षक काव्य–संकलन शामिल हैं।
Amrit Kaal Odyssey Book | Rangam Trivedi & Vaidyanathan Iyer
- Author Name:
Rangam Trivedi +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BIHAR KE MAHAPURUSHON KA SANKSHIPT PARICHAY
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rochak Jatak Kathayen
- Author Name:
Pradeepika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vidrohi Sannyasi
- Author Name:
Rajeev Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Bhi Ban Sakte Hain Intelligent Investor
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: एक स्मार्ट निवेशक को चाहिए कि वह अपने निवेश में विविधता रखे; क्योंकि विविधता आपको भविष्य में होनेवाले संभावित नुकसानों से बचा सकती है। स्मार्ट निवेशक कभी भी तर्कहीन मुनाफे की तलाश नहीं करता; बल्कि उसका ध्यान सुरक्षित, स्थिर व नियमित रिटर्न पर होता है। यदि आप स्मार्ट व बुद्धिमान निवेशक बनना चाहते हैं तो अपनी स्वयं की शोध पर भरोसा करें और बाजार में चल रही अफवाहों एवं टिप्स को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन करनेवाली और बुरा प्रदर्शन करनेवाली कंपनियाँ होती हैं, परंतु वास्तव में अच्छे शेयर जैसी कोई चीज नहीं होती। शेयर का वह प्राइस अच्छा होता है, जिस पर उसका वैल्युएशन सस्ता और भविष्य में ग्रोथ की संभावना वाला हो। आपको शेयर बाजार में एक निवेशक की तरह कार्य करना चाहिए, न कि एक सट्टेबाज के रूप में। शेयर बाजार में आपको अपनी पूँजी को छोटे हिस्सों में बाँटकर निवेश करना आवश्यक है, ताकि आप कभी भी अपना सारा पैसा न गँवाएँ। स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव होता रहता है और निवेशक इस उतार-चढ़ाव का लाभ उठाना चाहते हैं। इसी वजह से आम निवेशक जब बाजार बढ़ रहा होता है, तब बाजार और भी बढ़ेगा, इस उम्मीद में महँगे दाम पर भी शेयर खरीद लेते हैं तथा जब बाजार गिरने लगता है तो वे स्टॉप लॉस की अवधारणा के कारण सस्ते में शेयर बेच देते हैं; परंतु ऐसा करके वे अपने आप को एक निवेशक की जगह सट्टेबाज में तब्दील कर देते हैं।
All is Well
- Author Name:
Dr. Sneh Desai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Loknayak Jaiprakash Narayan
- Author Name:
Pankaj Kishor
- Book Type:

- Description: "लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्तूबर, 1902 को बिहार के सारण जिले के सिताबदियारा गाँव में हुआ। पढ़ाई में वे शुरू से ही कुशाग्र थे, इसलिए राजनीतिशात्र और समाजशात्र में बी.ए. एवं एम.ए. अमेरिका से किए। सन् 1929 में पं. नेहरू के आमंत्रण पर वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान महात्मा गांधी उनके गुरु और पथ-प्रदर्शक बने। स्वतंत्रता और गांधीजी के निधन के बाद जयप्रकाश नारायण, आचार्य नरेंद्र देव और बसावन सिंह ने पहली विपक्षी सोशलिस्ट पार्टी का गठन किया। बाद में उसका नाम प्रजा सोशलिस्ट पार्टी कर दिया गया। जयप्रकाश नारायण का कहना था कि सिर्फ शासक बदलने से समस्या का हल नहीं होता, जब तक कि सारी व्यवस्था में आमूल परिवर्तन न हो। चंबल के चार सौ डाकुओं का समर्पण; बिहार में अराजक सत्ता व्यवस्था, कुशिक्षा, अपराध व अराजकता के खिलाफ ऐतिहासिक छात्र आंदोलन; व्यवस्था में बदलाव के लिए संपूर्ण क्रांति के आह्वान से लेकर केंद्र में इंदिरा गांधी की तत्कालीन सरकार को सत्ता से उखाड़कर लोकतंत्र की बहाली तक जयप्रकाश नारायण ने विविध सत्याग्रही भूमिकाओं का निर्वहण किया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इस देश में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन लाने के लिए एक संपूर्ण क्रांति का सपना देखा और देश के सम्मुख उसे प्रस्तुत किया। प्रस्तुत है स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद के क्रांतिकारी विचारक, दूरद्रष्टा और समाज में चेतना जगानेवाले लोकनायक की पठनीय एवं प्रेरणादायी जीवनी।
SCHOOLON MEIN YUAN-SHOSHAN ROKANE KE UPAYA
- Author Name:
Sadhna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Yashpal Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्दोत्तर हिन्दी कथा साहित्य में यशपाल असाधारण महत्त्व के लेखक हैं। उन्होंने गद्य की प्राय: सभी विधाओं में लिखा है। प्रेमचन्द की तरह ही उनका भी लेखन ख़ाली समय को भरने का एक शग़ल-भर नहीं था। उनके लिए सामाजिक परिवर्तन में उसकी एक स्पष्ट और सुनिर्दिष्ट भूमिका थी। अपने लेखन से वे बहुत कुछ वही काम करना चाहते थे जिसके लिए अपनी तरुणाई में वे सामाजिक और राजनीतिक क्रान्ति की ओर मुड़े थे। उनके उपन्यास, कहानियाँ, आत्म-वृत्तान्त, वैचारिक लेखन, यात्रा-साहित्य यानी उनका लिखा सब कुछ इसी एक सूत्र में गुँथा और पिरोया गया लगता है। इस सबका एक ही घोषित-अघोषित लक्ष्य है—एक बेहतर दुनिया की खोज और निर्माण। विवादों से बचकर निकलना यशपाल की प्रवृत्ति नहीं है। सब कहीं और प्रायः हमेशा वे जैसे विवादों को आमंत्रित करते हैं, क्योंकि उनका विश्वास था—वादे-वादे जायते तत्त्वबोध। ‘यशपाल रचनावली’ के चौदह खंडों की योजना वस्तुतः उनके साहित्य में निरन्तर बढ़ती हुई इसी दिलचस्पी का परिणाम है। हर बड़े और समर्थ लेखक की तरह यशपाल भी अपने समय के प्रति सच्चे रहकर ही आज हमारे समय के लिए और भी सार्थक, प्रामाणिक एवं विश्वसनीय हैं। उनकी रचनावली की सार्थकता का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि जिस और जैसे समाज का निर्माण वे करना चाहते थे, उसकी आवश्यकता इधर बहुत शिद्दत से महसूस की जाती रही है। अपने समय और समाज को यशपाल ने जितनी अच्छी तरह समझा और जाना था, उसके उदाहरण भारतीय समाज में अधिक नहीं हैं। इसे जानने और समझने की भरपूर क़ीमत भी उन्होंने चुकाई। इस तरह यह रचनावली प्रकारान्तर से इस सच को भी सामने लाती है कि साहित्य, कला एवं विचार की दुनिया में उठाया जानेवाला जोखिम ही किसी लेखक के बड़े और सार्थक होने की एक ज़रूरी शर्त हो सकता है। ‘यशपाल रचनावली’ के पहले खंड में यशपाल के उपन्यास ‘दादा कामरेड’, ‘देशद्रोही’ और ‘गीता’; दूसरे खंड में ‘दिव्या’, ‘अमिता’ और ‘अप्सरा का शाप’; तीसरे खंड में ‘झूठा सच : वतन और देश’; चौथे खंड में ‘झूठा सच : देश का भविष्य’; पाँचवें खंड में ‘मनुष्य के रूप में’, ‘बारह घंटे’ और ‘क्यों फँसें’; छठे खंड में ‘तेरी मेरी उसकी बात’ और सातवें खंड में उनके दो अनूदित उपन्यास ‘पक्का कदम’ और ‘जुलैखाँ’ शामिल हैं। ‘रचनावली’ के आठवें खंड में यशपाल के कहानी-संग्रह—‘पिंजरे की उड़ान’, ‘वो दुनिया’, ‘तर्क का तूफ़ान’, ‘अभिशप्त’ और ‘ज्ञानदान’; नौवें खंड में ‘भस्मावृत्त चिंगारी’, ‘फूलों का कुर्ता’, ‘धर्मयुद्ध’, ‘उत्तराधिकारी’ ‘चित्र का शीर्षक’ और ‘तुमने क्यों कहा था मैं सुन्दर हूँ’; दसवें खंड में ‘वो भैरवी’, ‘उत्तमी की माँ’, ‘सच बोलने की भूल’, ‘खच्चर और आदमी’, ‘भूख के तीन दिन’ और ‘लैम्प शेड’ शामिल हैं। वहीं ‘रचनावली’ के ग्यारहवें खंड में निबन्ध-संग्रह—‘मार्क्सवाद’, ‘गांधीवाद की शव-परीक्षा’, ‘रामराज्य की कथा’, ‘देखा सोचा समझा’ और ‘बीवी जी कहती हैं मेरा चेहरा रोबीला है’; बारहवें खंड में ‘न्याय का संघर्ष’, ‘चक्कर क्लब’, ‘बात-बात में बात’ और ‘जग का मुजरा’; तेरहवें खंड में यशपाल के कहानी-संग्रह—‘लोहे की दीवार के दोनों ओर’, ‘राहबीती’ और ‘स्वर्गोद्यान : बिना साँप’ तथा कथा-नाटक ‘नशे-नशे की बात’ शामिल हैं, तो चौदहवें खंड ‘सिंहावलोकन’ में यशपाल के क्रान्तिकारी जीवन के संस्मरण को शामिल किया गया है।
Lord of Records
- Author Name:
Dr. Harish Chandra Burnwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mathematics Quiz Book
- Author Name:
Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Mathematics fascinates those who love it but there are many who are scared of it because of its lengthy calculations. However they show their love for mathematics in other ways. The aim of writing this quiz-book on mathematics is to augment the knowledge of budding mathematicians on its basics in addition to its history. The questions from different branches of mathematics, with more than 60 images of mathematicians, curves, graphs and mathematical shapes have made it an extraordinary book. The 18 topics, 1000 questions, around 100 images prove undoubtedly, this book is better in all respects. 1. Who is called the �Euclid of Algebra�? 2. What is the value of Golden ratio which is made popular recently by the book the Da Vinci Code? 3. Which civilization used the sexagesimal system in mathematics? 4. What do mathematician call a regular polygon with eight sides? 5. What is the measure of each angle of an equilateral tirangle? and so on... �from this book
Hindi Tukant Kosh
- Author Name:
Ramanath Sahai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 11-12 "हिंदी भाषा" Hindi | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mirage (Mrig Trishna)
- Author Name:
Omkar Lal M Parmar
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Simmi Harshita ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Simmi Harshita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book