Cinema Ko Padhte Huye
(0)
₹
399
₹ 319.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
सामान्य दर्शक फिल्मों को सिर्फ मनोरंजक दृश्य माध्यम के रूप में देखता है, लेकिन शिवानी राकेश की इस किताब की मूल स्थापना ही यही है कि फिल्में सिर्फ देखी ही नहीं जातीं, बल्कि पढ़ी भी जाती हैं। रचनाकार ने कई विश्व स्तरीय सिने-सिद्धान्तकारों का उद्धरण देते हुए यह स्पष्ट किया है कि सिनेमा के इस ‘पाठ’ के लिए हमें फिल्मों को सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक अनुशासनों के बीच रखकर परखना होता है। यदि हम इतिहास की समझ के साथ इन फिल्मों को देखते हैं तो उन्हें नए नजरिये से देखने का मौका मिलता है। यह किताब हिन्दी सिनेमा की कई प्रमुख फिल्मों का विश्लेषण करते हुए उन्हें एक विमर्श के रूप में देखने का दृष्टिकोण देती है और यही इसकी सफलता है। लेखक ने भारतीय सिनेमा की अनेक फिल्मों का गहन विश्लेषण किया है। पुस्तक में अन्तर्वस्तु विश्लेषण पद्धति का उपयोग करते हुए कई चर्चित और कलात्मक रूप से उत्कृष्ट कही जाने वाली फिल्मों के पात्रों, कथानकों और संवादों का विस्तृत अध्ययन किया है। इस किताब में आप महिलाओं के मुद्दों पर बनी फिल्में, प्रवासी सिनेमा, युद्ध आपदा और दूसरे कई भिन्न विषयों पर आधारित फिल्मों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास से लेकर सिनेमा में उठाए गए सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर भी इस किताब में विस्तृत चर्चा की गई है। मुझे यकीन है कि यह किताब छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी सन्दर्भ सामग्री के रूप में अपनी जगह बनाएगी।</p> <p>—दिनेश श्रीनेत
Read moreAbout the Book
सामान्य दर्शक फिल्मों को सिर्फ मनोरंजक दृश्य माध्यम के रूप में देखता है, लेकिन शिवानी राकेश की इस किताब की मूल स्थापना ही यही है कि फिल्में सिर्फ देखी ही नहीं जातीं, बल्कि पढ़ी भी जाती हैं। रचनाकार ने कई विश्व स्तरीय सिने-सिद्धान्तकारों का उद्धरण देते हुए यह स्पष्ट किया है कि सिनेमा के इस ‘पाठ’ के लिए हमें फिल्मों को सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक अनुशासनों के बीच रखकर परखना होता है। यदि हम इतिहास की समझ के साथ इन फिल्मों को देखते हैं तो उन्हें नए नजरिये से देखने का मौका मिलता है। यह किताब हिन्दी सिनेमा की कई प्रमुख फिल्मों का विश्लेषण करते हुए उन्हें एक विमर्श के रूप में देखने का दृष्टिकोण देती है और यही इसकी सफलता है। लेखक ने भारतीय सिनेमा की अनेक फिल्मों का गहन विश्लेषण किया है। पुस्तक में अन्तर्वस्तु विश्लेषण पद्धति का उपयोग करते हुए कई चर्चित और कलात्मक रूप से उत्कृष्ट कही जाने वाली फिल्मों के पात्रों, कथानकों और संवादों का विस्तृत अध्ययन किया है। इस किताब में आप महिलाओं के मुद्दों पर बनी फिल्में, प्रवासी सिनेमा, युद्ध आपदा और दूसरे कई भिन्न विषयों पर आधारित फिल्मों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास से लेकर सिनेमा में उठाए गए सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर भी इस किताब में विस्तृत चर्चा की गई है। मुझे यकीन है कि यह किताब छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक उपयोगी सन्दर्भ सामग्री के रूप में अपनी जगह बनाएगी।</p>
<p>—दिनेश श्रीनेत
Book Details
-
ISBN9789348229908
-
Pages256
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Mauritius Ki Swarnim Smritiyan
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: मॉरीशस भारत से दूर ' एक और भारत ' की अनुभूति करानेवाली यात्रा है । माँ गंगा की एक और धरती का साक्षात् दर्शन- ' गंगोतरी से गंगा सागर ' जैसी । मॉरीशस उन पुरखों की जीवटता की कहानी है, जिन्होंने दासता की दारुण यंत्रणाओं के बीच भी अपनी संस्कृति व संस्कारों को बचाए रखा । नई पीढ़ियों ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी जन्मभूमि मॉरीशस को समृद्ध, सुसंस्कारित ही नहीं बल्कि मातृभूमि भारत का जीवंत प्रतिरूप ही बना दिया । यही नहीं, दास बनाकर लाए गए पुरखों की इन संततियों ने स्वयश से यशस्वी बनकर आज यहाँ की बागडोर भी सँभाल ली है । जो लोग कठिन-से-कठिन स्थितियों में भी हार माननेवाले नहीं होते, स्वयं यश अर्जित करनेवाले, सबके प्रति सरल होते हैं, और मन में जो ठान लिया, उसे कर दिखानेवाले होते हैं ऐसे कर्मठ लोग ही मनुष्यों में शिरोमणि होते हैं । प्रस्तुत पुस्तक में मॉरीशस की सांस्कृतिक झाँकी, पर्व, त्योहार, वेश- भूषा, खान-पान तथा विकसित मॉरीशस की विकास-यात्रा सरसता से सँजोई गई है । मॉरीशस की स्वर्णिम स्मृतियों का झरोखा है यह पुस्तक ।
Dharohar Vastunisth Rajasthan (Rajasthan Objective Hindi)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samarth Guru Ramdas
- Author Name:
Ed. Rajasvi
- Book Type:

- Description: "भारत के सकल समाज के उद्धार में समर्थ गुरु रामदास का महत्त्वपूर्ण योगदान है। समर्थ गुरु ने युवावस्था में ही ख्याति अर्जित कर ली थी। गुरु रामदास ने ऐसे अनेक दुष्कर एवं असंभव लगनेवाले कार्य किए, जिन्हें संपन्न करने के कारण उन्हें ‘समर्थ गुरु’ कहा गया। लंबे समय के बाद समर्थ गुरु की भेंट छत्रपति शिवाजी से हुई। दोनों ने मिलकर स्वराज की स्थापना का बीड़ा उठाया, जिसमें वे सफल रहे। समर्थ गुरु के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में छत्रपति शिवाजी मराठा साम्राज्य की स्थापना एवं उसकी नींव मजबूत करने में सफल रहे। बिना गुरु के ज्ञान नहीं होता है, गुरु ही सच्चा मार्गदर्शक होता है और वह गुरु समर्थ रामदास जैसा हो तो निस्संदेह शिवा का ही जन्म होता है। वह शिवा जो राष्ट्र का गौरव है, रक्षक है, मार्ग-प्रदर्शक है। प्रस्तुत पुस्तक ‘समर्थ गुरु रामदास’ भारतीय जन-समुदाय के लिए अत्यंत पठनीय है। "
Prayas | Basis of Effort To Create An Educational Environment Book in Hindi
- Author Name:
Sanjay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Loktantra Ki Maya
- Author Name:
Arvind Mohan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Sena Ka Gauravshali Itihas
- Author Name:
Major General Ian Cardozo
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Esop Ki Kahaniyan
- Author Name:
Prantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best Management Quotes
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Behind Closed Doors, Can I Love you More? - Shilpa Narang Chatwani
- Author Name:
Shilpa Narang Chatwani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shivkamini Mahadevi Ahilyabai "शिवकामिनी महादेवी अहिल्याबाई" Book in Hindi
- Author Name:
Arundhati Singh Chandel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Vivekanand Ka Hindu Chintan "स्वामी विवेकानंद का हिंदू चिंतन" | Lecture & Ideology of Swami Vivekanand About Hindu Dharma
- Author Name:
Rajkumar Upadhyay ‘Mani’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Do Seengon Wala Rishi "दो सींगों वाला ऋषि" Hindi Translation of The Sage With Two Horns: Unusual Tales From Mythology | Sudha Murty
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vishya Chalchitra
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Warren Buffett Bol Raha Hoon
- Author Name:
Mahesh Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DADIJI KE SATH SHISHTACHAR
- Author Name:
Tanvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Story of A Foreign Investor
- Author Name:
S.K. Uppal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Wright Bandhu
- Author Name:
Samuel Willard Crompton
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shyam, Phir Ek Bar Tum Mil Jate!
- Author Name:
Dinkar Joshi
- Book Type:

- Description: "दौड़कर उसने कृष्ण के पाँव से तीर खींचने के लिए हाथ बढ़ाया । कृष्ण उसकी व्यग्रता को निमिष- भर ताकते रहे, फिर निषेध में दाहिना हाथ उठाया । जरा ठिठक गया- '' क्यों, नाथ, क्यों?'' '' रहने दो, भाई! माता गांधारी के वचन में व्यवधान बनने का व्यर्थ प्रयत्न मत करो!'' बड़ी धीरता से वे बोले । '' मैंने महापातक किया है! मुझे क्षमा करो, नाथ! मैंने.. .मैंने आपको जंगली प्राणी समझकर आप पर तीर चलाया । यह मैंने क्या किया, नाथ!'' जरा भूमि पर लोटकर करुण क्रंदन करने लगा । '' उठो वत्स!'' करुणार्द्र स्वर में कृष्ण बोले, '' तुम्हारा नाम क्या है?'' '' मेरा नाम ?. .जरा ! '' '' जरा !. .ठीक!'' कृष्ण का मधुर हास्य छलका । तलवे से बहकर रक्तधारा भूमि पर काफी दूर चली गई थी । '' जरा, तुम्हारा नाम सार्थक है, तात ! ' जरा ' कभी किसीको नहीं छोड़ती ! अमरत्व के अभिशाप ने जिसे घेरा हो, उसे भी महाकाल जरा समेट ही लेता है न! जरा, तू तो निमित्त मात्र है, वत्स!'' - इसी उपन्यास से कोई भी भारतीय भाषा ऐसी नहीं है जिसमें श्रीकृष्ण को केंद्र में रखकर काव्य, कहानी, उपन्यास. नाटक, संदर्भ-ग्रंथ आदि साहित्य का सर्जन न किया गया हो । ' श्याम, फिर एक बार तुम मिल जाते ' (मूल गुजराती में लिखा) उपन्यास इन सबसे अनूठा इसलिए है कि यह सिर्फ उपन्यास नहीं है-यह तो उपनिषद् है! यथार्थ कहा जाए तो यह उपनिषदीय उपन्यास है । तत्कालीन आर्यावर्त्त में श्रीकृष्ण एक विराट् व्यक्तित्व था । जब यह व्यक्तित्व अनंत में विलीन हो गया तो जो सन्नाटा छा गया, उस सन्नाटे के चीत्कार का यह आलेखन है जब श्रीकृष्ण सम्मुख थे तब बात और थी जब वे विलीन हो गए तब वसुदेव-देवकी से लेकर अर्जुन, द्रौपदी, अश्वत्थामा, अक्रूर उद्धव और राधा पर्यंत पात्रों की संभ्रमिद मनोदशा को एक अनूठी ऊँचाई के ऊपर ले जाता है यह उपन्यास । "
Art & Science Of Balance: Finding Bliss in Life’s 7 Spectrums
- Author Name:
Dr. Pankaj Chugh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Wealth Creation Thoughts
- Author Name:
Raamdeo Agrawal
- Book Type:

- Description: What heads of business say about this book "It is really very interesting and informative book for reading." BBrij Mohan Lall Munjal Chairman & Whole-time Director, Hero Motocorp Ltd. "Its pointed and thought-provoking contents - not to speak of its attractive presentation - make it a handy reference for keeping in touch with reality." -Bhaskar Ghosh Ex. MD, Induslnd Bank Ltd. "I have already glanced through them and found them excellent." -Rahul Bajaj Chairman, Bajaj Auto Ltd. This handy book contains quotations from various books and market gurus over the years. This collection of quotes, simple one-liners on investing, has a profound meaning that will serve as a guide and impact any trader or investor. To summarise, the book contains a mix of insightful yet humorous and entertaining quotes supported by caricatures to make it a good read.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book