Swami Vivekanand Ka Hindu Chintan "स्वामी विवेकानंद का हिंदू चिंतन" | Lecture & Ideology of Swami Vivekanand About Hindu Dharma
Author:
Rajkumar Upadhyay ‘Mani’Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789355627384
Pages: 208
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Main Bhagat Singh Bol Raha Hoon
- Author Name:
Anil Kumar
- Book Type:

- Description: भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की धधकती ज्वाला के बिंब शहीद-ए-आजम भगत सिंह से सब परिचित हैं। युवावस्था में ही मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। अपने जाँबाज साथियों के साथ उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति का एक ऐसा मोरचा खोला कि अंग्रेजी शासन की चूलें हिल गईं। भगत सिंह न केवल प्रखर क्रांतिकारी थे, अपितु एक दूरदर्शी व्यक्ति, गहन अध्येता व कुशल वक्ता भी थे। उनके विचार समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा देनेवाले थे। यह संकलन भारत माँ के वीर सपूत क्रांतियोद्धा भगत सिंह के सुविचारों से हमारा परिचय कराएगा और मार्ग प्रशस्त करेगा।
Anandmurti : Shri Shri Ravi Shankar
- Author Name:
Francois Gautier
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tumhara Namvar
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
नामवर सिंह आधुनिक हिन्दी के सबसे बड़े संवादी थे। इस पुस्तक में संकलित पत्र उनके संवादी-भाव को समझने की एक नई दृष्टि देते हैं।
‘तुम्हारा नामवर’ के पहले खंड में परिजनों को लिखे पत्र हैं। मझले भाई रामजी सिंह को सम्बोधित पत्र अनेक दृष्टियों से विशिष्ट हैं। इन पत्रों में आधुनिक एवं पारम्परिक जीवन के द्वन्द्वों के दबावों की अनेक झलकें संकेत रूप में मौजूद हैं। सबसे छोटे भाई काशीनाथ सिंह को लिखे पत्र उन स्थितियों और जीवन-प्रसंगों पर रोशनी डालते हैं जिनमें नामवर सिंह का निर्माण हुआ। व्यक्तिगत पत्रों में बेटी समीक्षा को दार्जिलिंग से लिखे गए दस पत्रों का एक अलग ही महत्त्व है। अठहत्तर वर्ष की अवस्था में गहन भावनाओं से भरे हुए ये पत्र ‘चिट्ठी भी हैं और डायरी भी’। इन्हें हिन्दी की हँसमुख और दिलख़ुश गद्य परम्परा में सम्मान के साथ रखा जा सकता है।
दूसरे खंड में साहित्य-सहचरों—केदारनाथ अग्रवाल, मुक्तिबोध, राजेन्द्र यादव, विश्वनाथ त्रिपाठी, रवीन्द्र कालिया, कमला प्रसाद, नंदकिशोर नवल और महेन्द्रनाथ राय—को लिखे गए पत्र संकलित हैं। इन पत्रों में एक पाठक के रूप में नामवर जी अपने समय-साहित्य के विभिन्न मुद्दों पर न सिर्फ़ बातचीत की एक वृहद् ज़मीन तैयार करते दिखते हैं, बल्कि लेखक व सम्पादक के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी भी निभाते नज़र आते हैं। तीसरे खंड में श्रीनारायण पांडेय के नाम लिखे गए पत्रों को व्यक्तिगत-पारिवारिक पत्रों की शृंखला में ही रखा जा सकता है। पांडेय जी 1952-1954 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में नामवर जी के छात्र रहे हैं। ये पत्र काशीनाथ सिंह के नाम पत्रों की ही तरह महत्त्वपूर्ण हैं। नामवर जी के व्यक्तित्व के छिपे हुए रूपों के साथ ही उनके राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक विचारों की गम्भीर झलक इन पत्रों में मौजूद है।
इस पुस्तक से बाहर भी अभी हज़ारों पत्र लोगों के निजी संग्रह में मौजूद होंगे। उन्हें भी प्राप्त होने के बाद अगले संस्करण में शामिल कर लिया जाएगा। बावजूद इसके ‘तुम्हारा नामवर’ में संकलित पत्र हिन्दी आलोचना में ‘दूसरी परम्परा की खोज’ करनेवाले नामवर सिंह के जीवन-अनुभव से निकला वह जीवन-दर्शन हैं जिनके आलोक में केवल अतीत, वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य का भी बहुत कुछ पढ़ा, समझा और रचा जा सकता है।
KISHORE VA KISHORIYON KI BAATEN
- Author Name:
Dr. Poonam +2
- Book Type:

- Description: "युवा वर्ग के जीवन का महत्त्वपूर्ण संबल है अच्छा स्वास्थ्य। पोषण एवं यौन स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी को आसान तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास है। सही जानकारी के अभाव में युवा कई तरह के यौन संक्रमण एवं उससे होनेवाली जटिल समस्याओं के शिकार होते हैं। ऐसे कई नाजुक एवं जरूरी विषयों को हमने छुआ है। आज हमारे देश की पूरी आबादी का 37 प्रतिशत युवा वर्ग है। वर्ष 2015 तक युवा वर्ग की पूरी सम्मानितसंख्या 51 करोड़ है।इतनीबड़ीयुवाआबादीहमारे देश का गौरव है। इसी युवा वर्ग को एक दिशा देने का प्रभाव है—युवा मित्र। युवा मित्र में स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नोत्तर को बहुआयामी तरीके से प्रस्तुत किया गया है। ऐसे कई सवाल होते हैं, जिन्हें किशोर पूछने में संकोच का अनुभव करते हैं और अभिभावक एवं शिक्षक उत्तर देने में।"
BPSC Bihar Shikshak Bahali "Teacher Recruitment" Class 11 To 12 Bhugol "Geography" 20 Practice Sets- Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tumi Chir Sarathi
- Author Name:
Taranand Viyogi
- Book Type:

- Description: Memories based on Nagarjun
Gharaunda
- Author Name:
Manu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Infinity
- Author Name:
Minal Arora
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shiksha Ka Arth Evam Auchitya
- Author Name:
Ravindranath Prasad Singh
- Book Type:

- Description: शिक्षा अपने व्यापक अर्थ में नियत समय तक चलने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि व्यक्ति शैशवावस्था से मरणासन्न तक जो कुछ सीखता और अनुभव प्राप्त करता है। प्राप्त सीख एवं अनुभव का उपयोग खुद और जग कल्याणार्थ करता है। खुद और दूसरों का मूल्य समझता है तथा इन मूल्यों की महत्ता समझते हुए जीवन का औचित्य साकार करता है। वही वास्तविक शिक्षा है।
The Naga Story "द नागा स्टोरी" | Unveiling The Secrets of Naga Warriors Book in Hindi
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shreshtha Hasya Vyangya Ekanki
- Author Name:
Kaka Hatharasi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sabke Apne Bapu
- Author Name:
Shobha Mathur Brijendra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aana Mere Ghar
- Author Name:
Tulsi Devi Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gita Mein Gyanyog
- Author Name:
Champa Bhatia
- Book Type:

- Description: दरणीया चंपा भाटिया की इस पुस्तक की पांडुलिपि से गुजरते हुए मैंने महसूस किया कि यह एक सहज-सरल आध्यात्मिक मन का स्वाभाविक प्रस्फुटन है। न कोई बनावट, न बुनावट। चंपाजी ने आध्यात्मिक-धार्मिक आयोजनों, समागमों में जो सुना, समझा और आत्मसात् किया, उसे जस-की-तस रख दिया है। इस पुस्तक में कहीं भी पांडित्य प्रदर्शन का प्रयास नहीं किया गया है। चंपा भाटिया कोई विदुषी नहीं हैं। वह एक गृहिणी हैं। वे घर-परिवार चलाने के लिए कारोबार भी सँभालती हैं। उसमें से समय निकालकर उन्होंने गीता के श्लोकों के अध्ययन-मनन के उपरांत आम लोगों की समझ में आनेवाली भाषा में तत्त्वज्ञान को निरूपित करने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में विभिन्न श्लोकों की व्याख्या करते हुए सतोगुणी, रजोगुणी और तमोगुणी कर्मों की चर्चा तो की गई है, लेकिन निष्काम कर्म (यानी कर्मों के फल का कोई बंधन न होना) को अत्यंत बरीकी से उकेरा गया है। इस पुस्तक में यह पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया गया है कि ज्ञाता और ज्ञेय की एकता ही ज्ञान है। ईश्वर को जानने के लिए तीन बुनियादी शर्तें इस पुस्तक में बताई गई हैं—इच्छा (जिज्ञासा), श्रद्धा और समर्पण। इतना अवश्य है कि इसके अध्ययन से जिज्ञासुओं को ईश्वर को जानने-समझने के लिए एक रोशनी जरूर मिलेगी। दूसरे शब्दों में कहें तो गीता के तत्त्वज्ञान के शोधार्थियों, अर्घ्यताओं के लिए यह पुस्तक पाथेय का काम करेगी, ऐसी आशा है। यह उन्हें संतृप्त भले ही न करे, लेकिन अतृप्त मन को तृप्ति की राह तो बताएगी ही। —बैजनाथ मिश्र पत्रकार एवं पूर्व सूचना आयुक्त, झारखंड
Ek Indradhanush Zubeda Ke Naam
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
REET Grade-III Adhyapak Level 2 Samajik Adhyan Guide (REET Level 2 Teacher Social Studies Guide in Hindi)
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dalit Sahitya Ka Saundaryashastra
- Author Name:
Omprakash Valmiki
- Book Type:

- Description: वर्ण-व्यवस्था के अमानवीय बन्धनों ने शताब्दियों से दलितों के भीतर हीनता भाव को पुख़्ता किया है। धर्म और संस्कृति की आड़ में साहित्य ने भी इस भावना की नींव सुदृढ़ की है। ऐसे सौन्दर्यशास्त्र का निर्माण किया गया जो अपनी सोच और स्थापनाओं में दलित विरोधी है और समाज के अनिवार्य अन्तर्सम्बन्धों को खंडित करने वाला भी। जनवादी, प्रगतिशील और जनतांत्रिक साहित्य द्वारा भारत में जन्मना जाति के सन्दर्भ में केवल वर्ग की ही बातें करने से उपजी एकांगी दृष्टि के विपरीत दलित साहित्य सामाजिक समानता और राजनीतिक भागीदारी को भी साहित्य का विषय बनाकर आर्थिक समानता की मुहिम को पूरा करता है—ऐसी समानता जिसके बग़ैर मनुष्य पूर्ण समानता नहीं पा सकता। दलित चिन्तन के नए आयाम का यह विस्तार साहित्य की मूल भावना का ही विस्तार है जो पारम्परिक और स्थापित साहित्य को आत्मविश्लेषण के लिए बाध्य करता है और झूठी और अतार्किक मान्यताओं का विरोध। अपने पूर्व साहित्यकारों के प्रति आस्थावान रहकर नहीं, बल्कि आलोचनात्मक दृष्टि रखकर दलित साहित्यकारों ने नई जद्दोजहद शुरू की है, जिससे जड़ता टूटी है और साहित्य आधुनिकता और समकालीनता की ओर अग्रसर हुआ है। यह पुस्तक दलित साहित्यान्दोलन की एक बड़ी कमी को पूरा करती हुई दलित-रचनात्मकता की कुछ मूलभूत आस्थाओं और प्रस्थान बिन्दुओं की खोज भी करती है, और साहित्य के स्थापित तथा वर्चस्वशाली गढ़ों को उन आस्थाओं के बल पर चुनौती भी देती है।
Madhya Bharat Ke Pahaadi Elake
- Author Name:
Capt. J. Forsith
- Book Type:

-
Description:
‘मध्यभारत के पहाड़ी इलाक़े’ पुस्तक मध्यभारत के उन पहाड़ी और मैदानी इलाक़ों से हमारा साक्षात्कार कराती है जहाँ आदिवासियों की गहरी पैठ रही है।
पुस्तक हमें बताती है कि आम तौर पर लोग भारत के ‘पहाड़ी’ और ‘मैदानी’ इलाक़ों की ही बात करते हैं। पहाड़ी इलाक़े से उनका अभिप्राय होता है—मात्र हिमालय पर्वत शृंखला तथा मैदानी इलाक़े यानी बाक़ी देश। पृथ्वी पर बड़े-बड़े पर्वतों, जिन्हें ‘पहाड़’ से ज़्यादा कुछ नहीं कहा जाता, और तथाकथित ‘मैदानी’ इलाक़ों के बीच जो बहुत-सी ज़मीन पड़ी है, उसके लिए कोई निर्दिष्ट भौगोलिक नाम नहीं है।
प्रायद्वीप के दक्षिण में नीलगिरि नाम की पर्वत शृंखला है, जिसकी ऊँचाई 9000 फ़ीट है, लेकिन भारत से बाहर और भारत में भी इसे ऐसे इलाक़े के रूप में बहुत कम लोग जानते हैं, जो बीमार लोगों का आश्रय स्थल और विताप (जिसकी छाल से कुनैन बनती है) की नर्सरी है।
यह पुस्तक हमें उन स्थानों का भी भ्रमण कराती है, जहाँ पहुँचना मनुष्य के लिए लगभग दुष्कर है। इसमें नर्मदा घाटी, महादेव पर्वत, मूल जनजातियों, सन्त लिंगों का अवतरण, सागौन क्षेत्र, शेर, उच्चतर नर्मदा, साल वन आदि का भी विस्तार से वर्णन हुआ है।
प्रकृति-प्रेमियों, पर्यटकों तथा शोधकर्ताओं के लिए एक बेहद ज़रूरी पुस्तक।
Srila Prabhupada Ki Gauravgatha | Hindi Translation of Sing Dance and Pray | Hindol Sengupta
- Author Name:
Hindol Sengupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nathpanth Ka Itihas
- Author Name:
Padmaja Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...