Amar Krantidoot Chapekar Bandhu
Author:
Arunesh KumarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
चापेकर बंधु--दामोदर हरी चापेकर, बालकृष्ण हरी चापेकर तथा वासुदेव हरी चापेकर--तीनों भाइयों को क्रांतित्रयी कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। चापेकर बंधु पुणे के पास चिंचवड के निवासी थे और बाल गंगाधर तिलक को अपना गुरु मानते थे। आरंभ से ही उनके मन में भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराने की दृढ़ भावना थी । सन् 1896 में जब पुणे में प्लेग महामारी फैली तो इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने रैंड नामक एक अधिकारी को तैनात किया । रैंड के गोरे अधिकारी जाँच के नाम पर घर-घर लोगों पर अत्याचार करने लगे। इन अत्याचारों ने चापेकर बंधुओं को अंदर तक आक्रोशित करके रख दिया। उन्होंने रैंड से बदला लेने की ठान ली।
एक दिन जब रैंड और उसका साथी एक उत्सव में भाग लेकर लौट रहे थे तो बालकृष्ण ने रैंड के साथी आयस्रट को तथा दामोदर ने रैंड को गोली मारकर दोनों का काम तमाम कर दिया। घर के भेदी द्रविड़ बंधुओं की चुगलखोरी के कारण दामोदर तथा बालकृष्ण को गोरी सरकार ने फाँसी दे दी। इससे क्षुब्ध सबसे छोटे वासुदेव हरी चापेकर ने अपने मित्र महादेव रानाडे की मदद से चुगलखोर द्रविड़ बंधुओं को मार गिराया और खुद भी फाँसी पर चढ़ गया।
इस प्रकार अंग्रेजों से लोहा लेकर चापेकर बंधुओं ने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया, उसने देशवासियों के मन में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की आग को और तेज करने का काम किया।
माँ भारती के सपूतों चापेकर बंधुओं की प्रेरक जीवनगाथा।
ISBN: 9789355210906
Pages: 184
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Sanchar Kaushal Aur Vyaktitva Vikas
- Author Name:
Dr. Puneet Bisaria • Dr. Virendra Singh Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samkalin Bhartiya Chitrakala : Husain Ke Bahane
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Arts
BPSC Bihar Public Service Commission General Studies Combined Competitive Preliminary Exam (Solved Papers 1992–2023)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Padma Sachdev ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Padma Sachdev
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mewar Kesri Maharana Sanga
- Author Name:
M.I. Rajasvi
- Book Type:

- Description: भारत के इतिहास में यदि राजपूताना की वीरगाथाओं का स्वर्णिम अध्याय न होता तो इसकी वैसी भव्यता न होती, जैसी आज है। यहाँ की धरती भले ही वर्षा की बूँदों के लिए तरसती रही हो, परंतु सत्ता-सिंहासन के लिए निरंतर होते रहे युद्धों से टपकते रक्त से यह भूमि सदैव सिंचित होती रही। आन-बान और शान के साथ ही सत्ता के षड्यंत्रों में रचे-बसे यहाँ के वीरतापूर्ण वातावरण में राजपूतों की महिमा का भव्य दर्शन होता है। इस भूमि पर जहाँ एक ओर सतियों ने जौहर की प्रचंड ज्वालाओं में भस्म होकर भारतीय नारी के दृढ संकल्प और सतीत्व की नई परिभाषा लिखी है, वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता प्रिय राजाओं और अन्य राजपूतों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण तक अर्पण कर दिए। महान् राजा बप्पा रावल की संतति ने राजपूताना को अपने रक्त से सिंचित करके राजवंश का गौरव बढ़ाया और राजपूती शान का वर्चस्व बनाए रखा। प्रस्तुत पुस्तक ‘मेवाड़ केसरी महाराणा साँगा’ में उनके अपार धैर्य और असीम पराक्रम की गौरवगाथा है, जो राजपूताना की अमर कहानी है। शौर्य, पराक्रम, बलिदान, त्याग के प्रतीक महाराणा साँगा की प्रेरणाप्रद जीवनगाथा।
The Constitution of India – Original Book
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: ★ About The Book ★The presented edition of the book ‘The Constitution of India’ is a unique book in A4 size. Book is beautifully printed with full text of Constitution of India. ♥ Highlights of The Book ♥This document of the book lays down the framework demarcating fundamental political code, structure, procedures, powers, and duties of government institutions and sets out fundamental Rights, Directive principles, and the duties of citizens. The book has designed with Satyamev Jayate and Original Preamble. Original Signatures of the Constituent Committee members also included in the book. Table of Content of the book framed with a special manner.
The Mukesh Ambani Way: Biography & Success Secrets (Reliance Industries) | Life Lesson From A Successful & Inspirational Businessman
- Author Name:
Sujata Singh +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anand Versha
- Author Name:
Sudhir Kakkar
- Book Type:

- Description: ‘आनन्द-वर्षा’ एक रहस्यवादी के निर्माण और आध्यात्मिक पथ पर उसके आश्चर्यजनक अनुभवों की कथा है। यह दो ऐसे पुरुषों की कहानी भी है जिनका चरित्र एक-दूसरे से बिलकुल अलग है, लेकिन एक निर्णायक मुलाक़ात के बाद जिनके बीच एक दुर्लभ सम्बन्ध विकसित होता है। बुजुर्ग मध्वाचार्य जो सम्पूर्ण समर्पण और निर्द्वन्द्व भक्ति-भाव में डूबा है, युवा गोपाल का गुरु बनता है, जबकि गोपाल का विकास पश्चिमी तर्कवाद और इस विश्वास के साथ हुआ है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता ख़ुद है। गुरु अपने शिष्य का परिचय आत्मा से कराता है और इस प्रकार उसके भीतर एक निहायत ही निजी युद्ध की शुरुआत कर देता है—युद्ध जो भावना और विवेक तथा विश्वास और तर्क के बीच चलता है। इस उपन्यास के विषय में ‘डकन हेराल्ड’ का मत है : “(यह कथा) कई स्तरों पर चलती है। इसमें अनेक रहस्य और व्याख्याएँ निहित हैं जो विचारोत्तेजक हैं, हमारे सामने कई उद्घाटन करती हैं और अन्ततः बहुत मानवीय हैं। यह हमें दैवीय के प्रति मनुष्य की चाह का सन्देश देती है। दैवीय जो मनुष्य में ही निहित है।’’ अंग्रेज़ी के प्रख्यात लेखक खुशवंत सिंह के अनुसार यह ‘अत्यन्त पठनीय’ पुस्तक है जिस पर ‘सभी गम्भीरचेता लोगों को ध्यान देना चाहिए।’
Suno Bachcho, Jallianwala Bagh Ki Kahani
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mrityunjaya Motivational Story Collection Book
- Author Name:
Puneet Vashistha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Teacher Recruitment Upper Primary School Teacher Class 6-8 General Studies
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhujia ke Badshah
- Author Name:
Pavitra Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Success Principles of Jeff Bezos | Best Quotes from The Great Entrepreneur: Amazon | Leadership Principles | Lessons & Rules For Success
- Author Name:
Shikha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokmanya Bal Gangadhar Tilak
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Jeevan
- Author Name:
Helen Keller
- Book Type:

- Description: "वर्ष 1890 के वसंत में मैंने बोलना सीखा। मेरे अंदर हमेशा यह इच्छा उमड़ती रहती थी कि मैं श्रव्य ध्वनियाँ मुँह सेनिकाल सकूँ। मैँ एक हाथ अपने गले पर रखकर शोर किया करती थ्ज्ञी और दूसे हाथ से अपने होंठों का चलना महसूस करती थी। मुझे शोर करनेवाली हर चीज पसंद थी और बिल्ली का घुरघुराना तथा कुत्ते का भौंकना मुझे अच्छा लगता था। मुझे अपना एक हाथ गायक के गले पर रखना भी अच्छा लगता था। अपनी दृष्टि और श्रवण-शक्ति खोने से पहले मैं बात करना जल्दी सीखने लगी थी; लेकिन मेरी बीमारीक े बाद यह पता चला कि मेरा बोलना इसलिए बंद हो गया, क्योंकि मैं सुन नहीं सकती थी। मैं सारे-सारे दिन अपनी माँ की गोद में बैठी रहती थी और अपना हाथ माँ के चेहरे पर रखे रहती थी, क्योंकि उसके होंठों की क्रिया को महसूस करने में मुझे आनंद आता था और मैं अपने होंठ भी हिलाती थी; हालाँकि मैं भूल चुकी थी कि बात करना क्या होता है। —इसी आत्मकथा से हेलन कीलर इस रूप में प्रेरणाप्रद हैं कि बोल-सुन-देख न पाने के बावजूद उन्होंने अद्भुत जिजीविषा, लगन, परिश्रम व साहस के बल पर जीवन जिया—एक सार्थक जीवन। और विश्व को दिखा दिया कि शारीरिक अक्षमता होते हुए भी व्यक्ति अगर ठान ले तो चुनौतीपूर्ण जीवन भी आसानी से जिया जा सकता है। विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य रखने और साहस दिखाने का अनुपम उदाहरण बनी हेलन कीलर के जीवन से हम प्रेरणा लें तो इस पुस्तक का प्रकाशन सार्थक होगा।"
Srijnatmak Aur Shantimay Jeevan Ke Liye Shiksha
- Author Name:
Devi Prasad
- Book Type:

-
Description:
आज की प्रतियोगितावादी और मशीनी दुनिया में हमारे सामने अनेक नई समस्याएँ और प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। इन्हीं में एक प्रमुख प्रश्न हमारी शिक्षा से भी सम्बन्ध रखता है, क्योंकि यही वह औज़ार है जो हमें लगातार असहिष्णु होती दुनिया में बेहतर मनुष्य बनाने में काम आ सकता है। आख़िर शिक्षा है क्या? उसका उद्देश्य क्या है? शिक्षा के प्रमुख अंग क्या होने चाहिए? आज के बच्चे, आज की शिक्षा पाने के बाद, किस प्रकार के नागरिक बनेंगे?
आज ज़रूरत यह है कि बच्चे और वयस्क ऐसी शिक्षा पाएँ कि वे आपस में एक-दूसरे के नज़दीक होने के साथ-साथ सारे समाज से जुड़ें और सारी मानव जाति एक होकर समता और आत्मीयता से पूर्ण जीवन बिताए।
पुस्तक के लेखक का मानना है कि हम कला और उद्योग को शिक्षा-पद्धति का केन्द्र बनाएँ, क्योंकि वह हमारे समाज को सन्तुलित करने का काम कर सकती है। देवी प्रसाद का यह विचार उनकी उस आन्तरिक समझ से सम्बन्ध रखता है जो तथाकथित आधुनिकता के विकास से जुड़ी हुई है। वे कहते हैं कि व्यक्ति की सृजनात्मकता का ख़ात्मा आज की शिक्षा-व्यवस्था के द्वारा हुआ है जिसने हमें अत्यन्त भयानक और अवसरवादी अवस्था में डाल दिया है।
हमारे समाज में निचले तबक़े के लोगों के लिए कुछ भी ऐसा बाक़ी नहीं रहता जिसकी कोई अहमियत हो। यह इसलिए क्योंकि निर्णय वे लेते हैं जो समाज के ‘पिरामिड’ की चोटी पर विराजमान हैं। इसलिए यह पुस्तक उस पिरामिड को सीधा करने की कोशिश करती है। यह आधुनिकता की व्याख्या को भी बदलने का प्रयास करती है।
यह कहना यथेष्ट होगा कि यह पुस्तक उन लोगों के लिए है जो हमारे पूरे संसार की चिन्ता करते हैं, केवल शिक्षा-व्यवस्था की नहीं। यह एक ऐसे व्यक्ति के लम्बे अनुभव और विचारों को दर्शाती है जो शान्तिवाद की मुहिम में प्रत्यक्ष रूप से लगा हुआ था।
Political Mysteries
- Author Name:
K R Malkani
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Kabir Granthawali (Sateek)
- Author Name:
Ramkishor Sharma
- Book Type:

-
Description:
कबीर निर्गुण सन्त काव्यधारा के ऐसे शब्द-साधक हैं जिन्होंने अपने युग की धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था से टकराकर अद्भुत शक्ति प्राप्त की। पारम्परिक सांस्कृतिक प्रवाह में सम्मिलित प्रदूषित तत्त्वों को छानकर उसे मध्यकाल के लिए ही आस्वादनीय नहीं, बल्कि आधुनिक जनमानस के लिए भी उपयोगी बना दिया। भारतीय धर्म साधना में ऐसा निडर तथा अकुंठित व्यक्तित्व विरला है।
पंडितों, मौलवियों, योगियों आदि से लोहा लेकर कबीर ने जनसाधारण के स्वानुभूतिजन्य विचारों और भावों की मूल्यवत्ता स्थापित की। कबीर की वाणी सन्त-कंठ से निसृत होकर साधकों, अनुयायियों एवं लोक-जीवन में स्थान एवं रुचि भेद के अनुसार विविध रूपों में परिणत हो गई। इसलिए कबीर की वाणी के प्रामाणिक पाठ निर्धारण की जटिल समस्या कड़ी हो गई।
कबीर पन्थ में बीजक की श्रेष्ठता मान्य है, विद्वानों ने ग्रन्थावलियों को महत्त्व दिया है। सामान्य जन के लिए लोक में व्याप्त कबीर वाणी ग्राह्य है। अतः तीनों परम्पराओं में से किसी को भी त्यागना उचित नहीं है। फलत: कबीर की रचनाओं का समग्र रूप तीनों के समाहार से ही सम्भव है। प्रस्तुत ग्रन्थावली का सम्पादन इसी दृष्टि से किया गया है। मूल पाठ के साथ कबीर की मूल साधना तथा मन्तव्य के अनुकूल भाष्य प्रस्तुत किया गया है। इसमें अपनी इच्छित दिशा में आवश्यकता से अधिक खींचकर पाठकीय सोच को कुंठित करने की चेष्टा नहीं की गई है। कबीर-वाणी के प्रामाणिक एवं समग्र पाठ की दृष्टि से तथा उसमें निहित विचारों, भावों एवं अनुभूतियों को उद्घाटित करने की दृष्टि से यह कृति निश्चित ही महत्त्वपूर्ण एवं संग्रहणीय है।
Mewar Evam Marathaon Ki Sahasra Varshon Ki Shauryagatha "मेवाड़ एवं मराठाओं की सहस्र वर्षों की शौर्यगाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Raghu Hari Dalmia +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
"दिल्ली दरबार" Dilli Durbar Book in Hindi by Manoj Kumar Mishra
- Author Name:
Manoj Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book