Kabir Granthawali (Sateek)
Author:
Ramkishor SharmaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
कबीर निर्गुण सन्त काव्यधारा के ऐसे शब्द-साधक हैं जिन्होंने अपने युग की धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक व्यवस्था से टकराकर अद्भुत शक्ति प्राप्त की। पारम्परिक सांस्कृतिक प्रवाह में सम्मिलित प्रदूषित तत्त्वों को छानकर उसे मध्यकाल के लिए ही आस्वादनीय नहीं, बल्कि आधुनिक जनमानस के लिए भी उपयोगी बना दिया। भारतीय धर्म साधना में ऐसा निडर तथा अकुंठित व्यक्तित्व विरला है।</p>
<p>पंडितों, मौलवियों, योगियों आदि से लोहा लेकर कबीर ने जनसाधारण के स्वानुभूतिजन्य विचारों और भावों की मूल्यवत्ता स्थापित की। कबीर की वाणी सन्त-कंठ से निसृत होकर साधकों, अनुयायियों एवं लोक-जीवन में स्थान एवं रुचि भेद के अनुसार विविध रूपों में परिणत हो गई। इसलिए कबीर की वाणी के प्रामाणिक पाठ निर्धारण की जटिल समस्या कड़ी हो गई।</p>
<p>कबीर पन्थ में बीजक की श्रेष्ठता मान्य है, विद्वानों ने ग्रन्थावलियों को महत्त्व दिया है। सामान्य जन के लिए लोक में व्याप्त कबीर वाणी ग्राह्य है। अतः तीनों परम्पराओं में से किसी को भी त्यागना उचित नहीं है। फलत: कबीर की रचनाओं का समग्र रूप तीनों के समाहार से ही सम्भव है। प्रस्तुत ग्रन्थावली का सम्पादन इसी दृष्टि से किया गया है। मूल पाठ के साथ कबीर की मूल साधना तथा मन्तव्य के अनुकूल भाष्य प्रस्तुत किया गया है। इसमें अपनी इच्छित दिशा में आवश्यकता से अधिक खींचकर पाठकीय सोच को कुंठित करने की चेष्टा नहीं की गई है। कबीर-वाणी के प्रामाणिक एवं समग्र पाठ की दृष्टि से तथा उसमें निहित विचारों, भावों एवं अनुभूतियों को उद्घाटित करने की दृष्टि से यह कृति निश्चित ही महत्त्वपूर्ण एवं संग्रहणीय है।
ISBN: 9788180317798
Pages: 688
Avg Reading Time: 23 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Patanjali Yog Sutra
- Author Name:
B.K.S. Iyengar
- Book Type:

- Description: "व्यवहारिक ज्ञान से संपन्न पतंजलि का ‘योगसूत्र’ उन लोगों के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करता है, जो शाश्वत सत्य की खोज में जुटे हैं। खोज करनेवाला साधक इसका अनुसरण और अभ्यास कर वास्तविक महात्मा बन सकता है। योगसूत्र एक दर्शन है, जो खोज करनेवालों को (आत्मा) पुरुष का रूप प्रत्यक्ष तौर पर दिखा देता है। जिस प्रकार एक दर्पण किसी के रूप को दिखाता है, उसी प्रकार योगसूत्रों के अनुसार पतंजलि की बताई योग-साधना करने से व्यक्ति को अपने अंदर एक महान् ऋषि जैसे गुण दिखाई पड़ते हैं। योग एक विषय के रूप में किसी महासागर जितना विशाल है। व्यक्ति इसमें जितनी गहराई तक उतरता है, उसे गूढ़ रहस्यों का उतना ही ज्ञान होता जाता है, जो किसी के व्यक्तिगत ज्ञान से परे (अकल्पित ज्ञान) होता है। यह किसी भी व्यक्ति के मस्तिष्क की बुद्धि को और आध्यात्मिक हृदय के ज्ञान को धारदार बनाता है। इसका अभ्यास करनेवाले अपने अंदर सृजनात्मकता का विकास कर पाते हैं। आप अपने दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ विश्वास के साथ योग का अभ्यास करें और सच्चे योगी तथा सच्चा मनुष्य बनने का सुफल प्राप्त करें। जीवन को सार्थक दिशा देनेवाले सूत्रों का संकलन, जो आपके लिए स्वास्थ्य और सफलता के द्वार खोलेंगे।"
Baat Bolegi, Hum Nahin
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mila Tej Se Tej
- Author Name:
Sudha Chauhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. Suresh Awasthi Ke Pratinidhi Vyangya "डॉ. सुरेश अवस्थी के प्रतिनिधि व्यंग्य" Book in Hindi
- Author Name:
Chakradhar Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPPSC Combined State/Senior Subordinate Services General Studies "सामान्य अध्ययन" Paper 1 and 2 Chapter Wise Solved Papers 1991-2023 (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Bhi IAS Ban Sakte Hain
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Cinema Mein Hashiye Ka Samaaj
- Author Name:
Editor : Gourinath
- Book Type:

- Description: यह आम धारणा है कि सिनेमा मनोरंजन का साधन है। हम जैसे कुछ लोगों का मानना है कि सिनेमा न सिर्फ मनोरंजन का साधन है बल्कि एक ऐसा प्रभावशाली माध्यम है जो जनमत निर्माण में सक्षम है। पहली पंक्ति वालों के लिए सिनेमा का कथ्य या उसमें गढ़े गए चरित्रों की सामाजिक/सांस्कृतिक/आर्थिक/धार्मिक पृष्ठभूमि का कुछ विशेष अर्थ नहीं होता। सिनेमा में क्या और कैसे दिखाया गया है—जैसे प्रश्नों के प्रति यह बड़ा तबका उदासीन रहता है। वह उसमें मनोरंजन के तत्वों तक ही स्वयं को सीमित कर लेता है। भावनात्मकता के चरम पर अदा किए गए सम्वाद या हास्य उत्पत्ति के निमित्त रचे गए स्टीरियोटाइप्स को हाथों-हाथ लेता है और इसमें निहित स्वार्थों की अनदेखी कर देता है। वह सिनेमा और बाज़ार, सिनेमा और प्रभुवर्ग, सिनेमा और समाज के अंतर्सम्बंधों से नावाक़िफ़ होता है। उसे यह नहीं पता कि ‘चुलबुल पाण्डेय’ कैसे हिट हो जाते हैं। उसे नहीं पता कि ‘रावण’ कैसे फ्लॉप हो जाता है। उसे नहीं पता कि बड़े-बड़े धन्नासेठों के घर का नौकर भोजपुरी मिश्रित हास्यास्पद हिन्दी क्यों बोलता है। उसे नहीं पता कि हिन्दी फ़िल्मों में दलित नायकों का अकाल सा क्यों है। उसे तो यह भी नहीं पता कि फिल्मों में जो स्त्री होती है, वह सामान्य स्त्रियों से इतना भिन्न क्यों होती है और मुसलमान चरित्र टोपीबाज़ क्यों होता है। ‘हिन्दी सिनेमा में हाशिये का समाज’ में इन्हीं प्रश्नों और सामाजिक-धार्मिक तथा आर्थिक-राजनीतिक जटिलताओं को उद्घाटित करने वाले लेखों को संकलित किया गया है। पुस्तक में योगदान देने वाले सभी लेखक फिल्म विशेषज्ञ हैं और वे सिनेमा के अंतःपुर की कथाओं-व्यथाओं से परिचित हैं। पुस्तक पठनीय होने के साथ ही सिनेमा जगत के मनोविज्ञान को समझने में सहायक भी है।
Raksha Vigyan
- Author Name:
Dr. Manmohan Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Be a Humble Winner
- Author Name:
Suresh Mohan Semwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NDA/NA National Defence Academy & Naval Academy Entrance Examination Solved Papers (2024-2015) | Paper 1 (Mathematics) & Paper 2 (General Ability Test)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Captain Saurabh Kalia
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shrinaresh Mehta Rachanawali : Vols. 1-11
- Author Name:
Shri Naresh Mehta
- Book Type:

-
Description:
श्रीनरेश मेहता अपनी परम्परा के प्रति ‘आत्मविस्मृत आधुनिकों’ में नहीं, बल्कि उन आधुनिक कवियों में हैं, जो तमाम आयातित विचारों और प्रवृत्तियों के लिए खुले रहते हुए भी उनकी अधीनता स्वीकार नहीं करते। इतना ही नहीं, सतत एक आधुनिक भारतीय कवि की उपस्थिति भी दर्ज कराते हैं। वे निषेध नहीं करते, वरन् अपरिहार्य हो उठे आयातित विचारों और विचारधाराओं के बीचोबीच अपनी ही संस्कारगत प्रज्ञा से नई लपट उठाते हैं, अपने भीतर से विचारों और मूल्यों का सन्धान करते हैं, जो वैकल्पिक या ‘प्रति’ नहीं हैं, स्वयं संकल्प हैं, जिनकी सन्दर्भवत्ता भी है, प्रासंगिकता भी और सनातनता भी।
भाषा के नए प्रयोगों और अन्वेषणों की दृष्टि से श्रीनरेश मेहता का आधुनिक युग में भी कोई सर्जक उल्लंघन नहीं कर सका है। उसका कारण उनका वैदिक, औपनिषदिक, सांस्कृतिक परम्परा में प्रयुक्त भाषा में नवार्थ भरना है; भागवत, वृन्दावन, प्रार्थना, ऋचा, मंत्र, गायत्री, अनुष्टुप, शिवत्व, उपनिषद्, वैष्णवता, उत्सव, यज्ञ, बिल्व–पत्र, यज्ञोपवीत, अश्वत्थ—जैसे पचासों शब्दों और उनके विभिन्न रूपों का सिर्फ़ प्रयोग ही नहीं, इनमें नया अर्थ भरना सर्वथा भाषा का मौलिक अन्वेषण है। इसके अलावा मालवा के लोक–शब्द, बांग्ला–शब्द आदि का भरपूर प्रयोग श्रीनरेश जी की भाषा में मिलता है; और कहना न होगा कि वह सर्जक वास्तव में बहुत बड़ा होता है जो भाषा का सन्धान करता है।
श्रीनरेश मेहता के काव्य में प्रकृति की महत् भूमिका है। प्रकृति से उनका बड़ा घरोपा है। उनके भीतर के तार उससे जुड़े हैं। यहाँ तक कि उनका स्वयं का जीवन प्रकृत रहा—अकृत्रिम, सहज। प्रकृति के अनेक रूप, रंग, बिम्ब, सम्बन्ध श्रीनरेश मेहता के काव्य में आद्यन्त खिले हुए हैं। वह उनके सोच और अभिव्यक्ति की सहयात्री है।
ग्यारह खंडों में प्रकाशित श्रीनरेश मेहता रचनावली का यह पहला खंड है। इस खंड में ‘बनपाखी! सुनो!!’, ‘बोलने दो चीड़ को’, ‘मेरा समर्पित एकान्त’, ‘उत्सवा’, ‘तुम मेरा मौन हो’, ‘अरण्या’, ‘आखिर समुद्र से तात्पर्य!’ शीर्षक काव्य–संकलन शामिल हैं।
Savarkar : Vichar Ki Prasangikta "सावरकर : विचार की प्रासंगिकता" Book in Hindi - Dr. Ashok Modak
- Author Name:
Dr. Ashok Modak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Akbar Birbal Ke Kisse "अकबर-बीरबल के किस्से"
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Malala Yousafzai
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swayam Ki Khoj
- Author Name:
Dr. Sanjay Biyani
- Book Type:

- Description: अक्सर हम यही समझते हैं कि हमारी जिंदगी में परेशानियों का कारण बाहर है, लेकिन जब मैंने बहुत खोज की तो पाया कि ऐसा नहीं है। वास्तव में जिंदगी आशा और निराशा दोनों से मिलकर बनती है | जिंदगी खुशी और गम दोनों से मिलकर बनती है | निराशा व हताशा के समय हम लोग बहुत घबरा जाते हैं और कुछ लोग तो जिंदगी से रुखसत होने की भी सोचने लगते हैं; लेकिन वास्तव में हमारा सही मायने में विकास तो इसी कारण से आरंभ होता है | यह पुस्तक आपके जीवन में निराशा को खत्म कर देगी, आपके जीवन में आशा लेकर आएगी; आपको अधिक ऊर्जा के साथ काम करना सिखाएगी; आपमें प्रेम और त्याग को लाएगी; आपके जीवन में सहजता और सरलता लाएगी; आपके कार्य करने की क्षमता और अधिक बढ़ जाएणी, और आप कहेंगे-वाह! मजा आ गया! वास्तव में जिंदगी तो बहुत खूबसूरत है। आपके जीवन में निराशा, हताशा, कुंठा भले ही रहे, परंतु उन्हें डील करने का आपका तरीका काफी हद तक बदल जाएगा | आप इन सब परिस्थितियों को हँसी-खुशी से लेने लगेंगे | अपने जीवन में झाँककर परिस्थितियों से जूअभकर, सफलता का मार्ण ढूँढ़ने का मार्ग दिखाती है यह पुस्तक “स्वयं की खोज” |
Bheegi Ret
- Author Name:
Ravi Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ideas and Opinions
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description: A new edition of the most definitive collection of Albert Einstein’s popular writings gathered under the supervision of Einstein himself. The selections range from his earliest days as a theoretical physicist to his death in 1955; from such subjects as relativity, nuclear war or peace, and religion and science, to human rights, economics, and government. Ideas and Opinions presents the famed theoretical physicist Albert Einstein's observations on the development of his academic discipline and also his views on such diverse social topics as freedom, religion, education, politics, government, pacifism, disarmament, the fate of the Jewish people in Nazi Germany, and the likelihood of a nuclear holocaust.
Captain Saurabh Kalia
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Saurabh Kalia was born on June 29, 1976 at Amritsar (Punjab) to Smt Vijaya and Dr. N K Kalia. Rank—Captain Unit—4 Battalion, JAT Regiment War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) You should not only read and know about this great heroic story of our brave soldiers, but also share it with your friends, parents and siblings, so that we never lose sight of what these heroes did for our nation. Captain Saurabh Kalia is a true inspiration for all of us as he sacrificed his life for our country. He displayed unflinching confidence, valour and bravery in the Kargil war. Our country will always be grateful to its hero.
Sarvswant
- Author Name:
Saketanand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...