BPSC Bihar Public Service Commission General Studies Combined Competitive Preliminary Exam (Solved Papers 1992–2023)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 396
₹
495
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789354888731
Pages: 428
Avg Reading Time: 14 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ek Surgeon ka Chintan
- Author Name:
V.N. Shrikhande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishna Janmabhoomi
- Author Name:
Mahek Maheshwari
- Book Type:

- Description: The sole intention of the outcome of the book is do provide clearer view with regard to the position of the Krishna Janmasthan and Shahi Idgah Mosque. I have written this book so that Readers may arrive at a conclusion themselves with regard to status quo of the disputed site whether it is a Temple or a Mosque. The book encompasses vividly the historical facts with regard to Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah mosque, legal position what is and what should be. It’s not only about the historical facts but then also about the Islamic law, Hindu Dharmshastras, culture & practices and above all a broader picture in the light of the Constitution of India. Efforts have been made to keep this book as a complete package of historical, philosophical and legal treatise with a flow and language that even the layman could assimilate it.
AAO BACHCHO, KHELEN KHEL
- Author Name:
RAKESH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirmal Verma Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Nirmal Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dhwaniyon Ke Aalok Mein Stree
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

-
Description:
प्रख्यात लेखिका मृणाल पाण्डे की यह नवीनतम कृति संगीत-जगत के अनेक अनदेखे-ओझल वृत्तान्तों का आकलन है। इसमें इन गायिकाओं-गवनहारियों के जीवन-संघर्ष का वर्णन है, जिनके सुर और संगीत का आलोक तो हमारे सामने है, लेकिन स्त्री होने के कारण और अपने समय-समाज की कथित कुलीनता के दायरे से बाहर होने के कारण जिन अवरोधों का पग-पग पर उन्हें सामना करना पड़ा, उस अँधेरे का कहीं कोई ज़िक्र नहीं करता। गौहर जान से लेकर बेगम अख़्तर तक और मोघूबाई से लेकर गंगूबाई हंगल तक—कलाकारों की एक लम्बी फ़ेहरिस्त यहाँ हम देख सकते हैं, जिन्हें अकल्पनीय प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच संगीत-साधना करनी पड़ी।
वास्तव में संगीत के प्रसंग से पाण्डे ने इस किताब में सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास की उस दरार पर रोशनी डाली है, जिसका भरना अब तक बाक़ी है। उन्होंने बेहद आत्मीयता से तमाम प्रसंगों का उल्लेख किया है, जिससे पुस्तक ने अकादमिक विवेचना के बजाय एक दिलचस्प अनौपचारिक पाठ की शक्ल ले ली है। ज़ाहिर है, यह पाठक के दिल को छू लेती है।
Samkalin Bhartiya Chitrakala : Husain Ke Bahane
- Author Name:
Ashok Bhowmick
- Book Type:

- Description: Arts
Hamar Pasar Sansar Sar
- Author Name:
Raman Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Collection of Maithili Essay
Shadi Bandar Mama Ki (Poems for Children)
- Author Name:
Nishant Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UNDOUBTEDLY NISHANK : A Literary Reading
- Author Name:
Gopal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ke Aranya Senani
- Author Name:
Shriprakash Mani Tripathi
- Book Type:

- Description: आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक अरण्य नायकों की गौरव-गाथा का स्मरण है। इसमें भारत के जनजातीय समुदायों के सत्रह स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान की कहानी है। वनों, बीहड़ों, पर्वतों और वनांचलों में बसनेवाले सामान्य ग्रामवासी किस तरह अपने समाज और भारत की आजादी के लिए आगे बढ़े, शक्तिशाली ब्रिटिश राज से टक्कर ली और अपना उत्सर्ग किया। इस पुस्तक में स्वातंत्र्यचेता अरण्य सेनानियों के संघर्ष को स्वर दिया गया है। आजादी के ये सत्रह मतवाले भारत के विभिन्न प्रांतों से हैं। इनकी जनजातियाँ भिन्न हैं। इनकी पृष्ठभूमि और संस्कृतियाँ अलग-अलग हैं, फिर भी आजादी की उत्कट अभिलाषा इन सबके हृदय में समान रूप से करवटें लेती है। यह पुस्तक इन्हीं अभिलाषाओं का प्रतिरूपण है। ‘आजादी के अरण्य सेनानी’ पुस्तक की यह विशेषता है कि इसे शुष्क इतिहास की तरह नहीं बल्कि एक भावात्मक गाथा की तरह लिखा गया है। ऐसी गाथा, जो पाठकों के मन में इन बलिदानियों का चित्र खींच देती है और उनके भीतर राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रीय अस्मिता का अनहद नाद गूँजने लगता है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस पुस्तक का प्रणयन आजादी की लड़ाई में भारत की जनजातियों के संघर्ष और बलिदान की भूमिका को सशक्त एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का संकल्प लेकर किया गया है। यह पुस्तक तत्संबंधी संकल्प की प्रस्तुति है।
Bharat Ke Warren Buffett Rakesh Jhunjhunwala
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: भारत के वॉरेन बफे' और 'बुल मार्केट के राजा' के रूप में विख्यात प्रसिद्ध निवेशक एवं बिजनेस मैग्नेट राकेश झुनझुनवाला शेयर और स्टॉक बाजार का सुपरिचित नाम हैं। उनकी संपत्ति लगभग 5.8 अरब डॉलर, लगभग 45 हजार करोड़ रुपए है। यह उन्हें पुश्तैनी नहीं मिली, बल्कि अपनी कर्मठता, सोच, परिश्रम और बुद्धिमत्ता से उन्होंने अर्जित की है। उनका मानना है कि शेयर बाजार में निवेश बहुत सूझ-बूझ और तसल्ली से करनेवाला काम है। बिना जाँचे-परखे अपनी मेहनत की कमाई को कभी भी स्टॉक में न डालें तथा तरह-तरह के फालतू स्टॉक टिप्स के अनुसार निवेश न करें। वे कहते हैं कि निवेश करते समय स्वयं पर भरोसा और विश्वास होना बहुत आवश्यक हे। यह पुस्तक आपको बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के सफल जीवन से तो परिचित करवाएगी ही, साथ ही अत्यंत रहस्यमय एवं अनिश्चित स्टॉक मार्केट में सही निवेश करने, कम नुकसान करने और टिके रहने के व्यावहारिक टिप्स भी देगी। शेयर बाजार, निवेश और पूँजी के विषय में बहुत सटीक जानकारी देनेवाली एक पठनीय पुस्तक।
Hum Sab Fake Hain
- Author Name:
Neeraj Badhwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khari-Khari
- Author Name:
Dr. Nand Kishore Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NAYI KAHANI AALOCHNA
- Author Name:
Uday Shankar
- Book Type:

- Description: Criticism
Jad Kata Ped Tatha Anya Laghu Kathayen "जड़-कटा पेड़ तथा अन्य लघुकथाएँ" | Short Fiction Stories Book in Hindi
- Author Name:
Ramniwas ‘Manav’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paninikaleen Bharatvarsh पाणिनिकालीन भारतवर्ष | Cultural Study of Ashtadhyaya Book In Hindi
- Author Name:
Vasudev Sharan Agarwal
- Book Type:

- Description: पाणिनिकालीन भारतवर्ष आचार्य वासुदेवशरण अग्रवाल की अक्षय कीर्ति का स्वर्णकलश है। पाणिनि-संबंधी उनकी पहली कृति है--'पाणिनि ऐज सोर्स ऑफ इंडियन हिस्टरी '। डॉ. राधाकुमुद मुखर्जी के निर्देशन में लिखित यह उनका शोधप्रबंध है, जिसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें सन् 1941 में पी-एच.डी. उपाधि प्रदान की थी। पाणिनि संबंधी उनके द्वारा संवर्द्धित रूप में पुनः प्रस्तुत दूसरा ग्रंथ-रत्न है--' इंडिया ऐज नोन टू पाणिनि '। इस पर सन् 1946 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने ही उन्हें डी.लिटू. की उपाधि से विभूषित किया। उनके परीक्षकों में डॉ. राधाकुमुद मुखर्जी के अतिरिक्त महामहोपाध्याय डॉ. आर. शाम शास्त्री और प्रो. विधुशेखर भट्टाचार्य भी थे। वासुदेवजी ने द्वादश वर्षपर्यत संस्कृत भाषा और 'पाणिनीय अष्टाध्यायी ' का सम्यक् अध्ययन किया था । इसलिए वे पाणिनि के सूत्रों की व्याख्या में इतनी गहरी पैठ बना सके और भारत के इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ हमारे लिए उद्घाटित कर सके । उन्होंने एक बार पुन: इन दोनों कृतियों की सामग्री का उपयोग करते हुए हिंदी में एक सर्वथा नई कृति 'पाणिनिकालीन भारतवर्ष ' की रचना की, जो न केवल दोनों कृतियों का समाहार है, बल्कि अधिक पूर्णतर है। मातृभाषा हिंदी की अनुपम सेवा के साथ ही हिंदी-भाषियों पर उनका यह अतिशय अनुग्रह और उपकार है। प्राचीन बृहत्तर भारत की प्रामाणिक तस्वीर के लिए डॉ. अग्रवाल का यह ग्रंथ अनिवार्य है। इसमें पाणिनि और उनके शास्त्र के अतिरिक्त तत्कालीन भारत के भूगोल, सामाजिक जीवन, आर्थिक दशा, प्राचीन जनपद, राज्यतंत्र एवं शासन, शिक्षा और साहित्य, धर्म एवं दर्शन आदि सभी का विस्तार सहित विवरण और विवेचन है। यह भारतमाता के चरणों में अर्पित उनकी अनूठी श्रद्धांजलि और राष्ट्रभक्ति का अमिट अभिलेख है।
The Life and Times of Gopal Krishna Gokhale
- Author Name:
Mamta Kumari
- Book Type:

- Description: "I am not a Democrat. I don't believe in democracy. I believe in liberty and rights. - Gopal Krishna Gokhale This proclamation of Gopal Krishna Gokhale heralded the struggle for freedom in India. Who influenced whom and how this struggle began is written in the annals of history. Many freedom fighters advocated British rule, but few dominated the scene as Gopal Krishna Gokhale. His impact on the course of the Indian National Movement was considerable. He awakened Indians, especially the youth and motivated them to rise and fight for their rights and freedom in the country. This a critical biography for everyone to know about this great freedom fighter.
Kora Kagaz
- Author Name:
Gajra Kottari, Nirmal Chawla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Kahani Lagataar
- Author Name:
Ram Darash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Benipuri Granthawali : Vols. 1-8
- Author Name:
Ramvriksh Benipuri
- Book Type:

- Description: श्रीरामवृक्ष बेनीपुरी बीसवीं सदी के उन हिन्दी लेखकों में हैं जिन्होंने साहित्य और पत्रकारिता को नई दिशा दी। साहित्य की विभिन्न विधाओं में उन्होंने श्रेष्ठतम लेखन किया। कथा-साहित्य और नाटक में नए प्रयोग किए और कालजयी कृतियों की रचना की। इसी तरह राजनैतिक और साहित्यिक दोनों ही तरह की पत्रकारिता को उन्होंने अपनी सशक्त लेखनी से नया रूप दिया। स्वाधीनता सेनानी बेनीपुरी समाजवाद की राजनीति के आरम्भकर्ताओं में रहे हैं। उनका यह बहुमुखी व्यक्तित्व उन्हें 20वीं सदी के महानायकों की क़तार में खड़ा करता है। ज़िन्दगी की बहुस्तरीय व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने अनवरत साहित्य-लेखन किया और महान साहित्य की रचना की। उनका सम्पूर्ण लेखन अग्रगामी मनुष्य के लिए बहुमूल्य और पाथेय है। बेनीपुरी ग्रन्थावली के आठ खंडों में हम यह दुर्लभ पाथेय प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्रन्थावली के पहले खंड में उनकी कहानियाँ, शब्दचित्र, उपन्यास, ललित निबन्ध, स्मृति चित्र और कविताएँ संकलित हैं। ‘चिता के फूल’ कहानी-संग्रह में शोषित समाज की पीड़ा को अभिव्यक्ति मिली है। ‘लाल तारा’, ‘माटी की मूरतें’ तथा ‘गेहूँ और गुलाब’ नामक शब्द-चित्र संग्रहों की रचनाओं में उन्होंने भारतीय गाँव के किसान-जीवन को सम्पूर्णता में अभिव्यक्त किया है। अपने उपन्यास ‘पतितों के देश में’ के अन्तर्गत उन्होंने भारतीय जेल-जीवन के नरक से साक्षात्कार कराया है। ‘क़ैदी की पत्नी’ में एक स्वाधीनता सेनानी के उपेक्षित परिवार की कहानी कही है। ललित निबन्ध-संग्रह ‘सतरंगा इन्द्रधनुष’ में उन्होंने लोक-संस्कृति के मानवीय स्वरूप और प्रकृति के सौन्दर्य का दिलचस्प चित्रण किया है। ‘गांधीनामा’ में दिवंगत पुत्र के लिए क़ैदी पिता की संवेदनात्मक यादें हैं। इस खंड की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बेनीपुरी की कविताएँ हैं जिनके अप्रकाशित होने की वजह से आलोचकों का ध्यान इस ओर नहीं गया। परिशिष्ट में बेनीपुरी का विस्तृत परिचय तथा उनके गाँव बेनीपुर का वृत्तान्त भी शामिल है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book