🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store

Jahiram Pad Neh

Published by

Prabhat Prakashan

In category

Mythology

Language

Hindi

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


About the book

रामकथा भारतीय जन-मानस की प्राण है। यह हिंदु मन में गहरे तक पैठी हुई है। रामायण में अनेक पात्रों का सजीव चित्रण हुआ है। इनमें कुछ पात्र ऐसे हैं जो कथा में एक-दो बार आए हैं और फिर विलुप्त हो गए। कुछ पुरुष पात्र ऐसे हैं, जो मुख्य भूमिका में तो नहीं रहे पर हैं अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और इनकी उपस्थिति कथा के अंत तक रही है। प्रसिद्ध विद्वान् लेखक नरोत्तम पांडेय ने रामायण कथा का बड़ी गहराई से अनुशीलन किया है। प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने अपनी तर्क-बुद्धि से रामकथा में से चार रामपद नेहियों—हनुमान, अंगद, लक्ष्मण और भरत—की आस्था, निष्ठा, सेवा-समर्पण एवं शौर्य का विवेचन किया है। इसमें जहाँ-तहाँ साधी रूप में वाल्मीकीय रामायण के आख्यानों की सहायता ली गई है। ‘जाहिराम पद नेह’ में युवराज अंगद का चरित्र एवं व्यक्तित्व शेष चरित्रों की तुलना में अधिक सकर्मक और निष्काम है। सुग्रीव कुशल प्रशासक हैं। विभीषण की क्रियाएँ भेदमूलक हैं। धर्म-अध्यात्म में रुचि रखनेवाले एवं रामायण-प्रेमी पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।

Read more

₹ 200

160 20% off

Available

Rachnaye membership

Pick a membership and see exactly what it gets you

  • 15 Free Deliveries
  • 1 Free Book up to ₹500 MRP

Format

Frequently bought together
Jahiram Pad Neh This book ₹160
Dron Ki Atmakatha Manu Sharma ₹500
Pachola Pramod Namdevrao Borsare ₹250
3 books selected ₹950 ₹910

100% Original

Fast Dispatch

Secure Payment

About the Book

रामकथा भारतीय जन-मानस की प्राण है। यह हिंदु मन में गहरे तक पैठी हुई है। रामायण में अनेक पात्रों का सजीव चित्रण हुआ है। इनमें कुछ पात्र ऐसे हैं जो कथा में एक-दो बार आए हैं और फिर विलुप्त हो गए। कुछ पुरुष पात्र ऐसे हैं, जो मुख्य भूमिका में तो नहीं रहे पर हैं अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और इनकी उपस्थिति कथा के अंत तक रही है।
प्रसिद्ध विद्वान् लेखक नरोत्तम पांडेय ने रामायण कथा का बड़ी गहराई से अनुशीलन किया है। प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने अपनी तर्क-बुद्धि से रामकथा में से चार रामपद नेहियों—हनुमान, अंगद, लक्ष्मण और भरत—की आस्था, निष्ठा, सेवा-समर्पण एवं शौर्य का विवेचन किया है। इसमें जहाँ-तहाँ साधी रूप में वाल्मीकीय रामायण के आख्यानों की सहायता ली गई है।
‘जाहिराम पद नेह’ में युवराज अंगद का चरित्र एवं व्यक्तित्व शेष चरित्रों की तुलना में अधिक सकर्मक और निष्काम है। सुग्रीव कुशल प्रशासक हैं। विभीषण की क्रियाएँ भेदमूलक हैं।
धर्म-अध्यात्म में रुचि रखनेवाले एवं रामायण-प्रेमी पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।

Book details

Fast dispatchShips within 48 hours
Secure paymentOnline or cash on delivery
100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Hardbound
Publisher
Prabhat Prakashan
Publication year
2011
Weight
200 grams
ISBN-13
9788188140923
Pages
136
Reading time
~5 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
10 × 10 cm
Language
Hindi

Recommended for you

Customer reviews

Be the first to write a review

Read this one? Tell other readers what you thought about the story, the translation and the print.

Offers

Loading offers…

whatsapp