Jahiram Pad Neh
Author:
Narottam PandeyPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Mythology0 Ratings
Price: ₹ 160
₹
200
Available
रामकथा भारतीय जन-मानस की प्राण है। यह हिंदु मन में गहरे तक पैठी हुई है। रामायण में अनेक पात्रों का सजीव चित्रण हुआ है। इनमें कुछ पात्र ऐसे हैं जो कथा में एक-दो बार आए हैं और फिर विलुप्त हो गए। कुछ पुरुष पात्र ऐसे हैं, जो मुख्य भूमिका में तो नहीं रहे पर हैं अत्यधिक महत्त्वपूर्ण और इनकी उपस्थिति कथा के अंत तक रही है।
प्रसिद्ध विद्वान् लेखक नरोत्तम पांडेय ने रामायण कथा का बड़ी गहराई से अनुशीलन किया है। प्रस्तुत पुस्तक में लेखक ने अपनी तर्क-बुद्धि से रामकथा में से चार रामपद नेहियों—हनुमान, अंगद, लक्ष्मण और भरत—की आस्था, निष्ठा, सेवा-समर्पण एवं शौर्य का विवेचन किया है। इसमें जहाँ-तहाँ साधी रूप में वाल्मीकीय रामायण के आख्यानों की सहायता ली गई है।
‘जाहिराम पद नेह’ में युवराज अंगद का चरित्र एवं व्यक्तित्व शेष चरित्रों की तुलना में अधिक सकर्मक और निष्काम है। सुग्रीव कुशल प्रशासक हैं। विभीषण की क्रियाएँ भेदमूलक हैं।
धर्म-अध्यात्म में रुचि रखनेवाले एवं रामायण-प्रेमी पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।
ISBN: 9788188140923
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Ramesh Oza +1
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- Description: आधुनिक भारताच्या इतिहासात घडलेल्या भीषण दंग्यांची जेव्हा चर्चा होते तेव्हा नोआखालीचे नाव आवर्जून घेतले जाते. 16 ऑगस्ट 1946 रोजी मुस्लीम लीगने पुकारलेल्या प्रत्यक्ष कृती दिनाच्या निमित्ताने कोलकाता येथे भीषण सांप्रदायिक दंगे भडकले. त्याची धग कोलकातापासून 400 किलोमीटर दूर असलेल्या आजच्या बांग्लादेशमधील नोआखाली जिल्ह्यापर्यंत जाऊन पोहोचली. तेव्हा नोआखालीतील अल्पसंख्य हिंदूंचे अश्रू पुसण्यासाठी, त्यांच्यात आत्मविश्वास निर्माण करण्यासाठी शहात्तर वर्षांचे वयोवृद्ध गांधीजी तेथे चार महिने जाऊन राहिले. हा त्यांच्या आयुष्यातील सर्वात कठीण काळ होता. मानवाच्या इतिहासात सत आणि असत शक्तींमधे अखंड चाललेल्या संघर्षात चिरंतन सत मूल्यांच्या रक्षणासाठी गांधीजींचे नोआखालीत जाऊन राहणे यास फार मोठे महत्त्व आहे. किंबहुना आज आपला समाज स्वातंत्रोत्तर काळातील सर्वात कठीण आव्हानाला सामोरा जात असताना हे महत्त्व आणखी वाढते. कारण सांप्रदायिकतेच्या समस्येने आज अत्यंत उग्र रुप धारण केले असून पुन्हा एकदा मानवतेच्या अस्तित्वापुढे प्रश्नचिन्ह निर्माण झाले आहे. अशा पार्श्वभूमीवर हिमालयाएवढ्या आव्हानाचा सामना करत गांधीजींनी मानवाच्या असीम आत्मबलाचा अत्युच्च मानबिंदू नोआखालीतून कसा प्रस्थापित केला, याची ही कहाणी रमेश ओझा आणि श्याम पाखरे या लेखक द्वयींनी आपल्यासमोर मांडली आहे. आजच्या अत्यंत निराशाजनक परिस्थितीत नोआखाली पर्वाचे स्मरण करून देणारी ही कादंबरी वाचकांना मानवतेच्या रक्षणासाठी नवी प्रेरणा देईल अशी आशा आहे. नोआखाली | रमेश ओझा, श्याम पाखरे Noaakhali| Ramesh Oza And Shyam Pakhare
Shribharat Vijaya
- Author Name:
Acharya Sohanlal Ramrang
- Book Type:

- Description: श्री भरत विजय महर्षि वाल्मीकि के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम राघवेंद्र के लौकिक जीवनकाल की अंतिम घटना है। कथानक वर्णन में केकय देश आततायी गंधर्वों के कारण अनेक संकटों से ग्रस्त हो गया। इनसे मुक्ति पाने के लिए अयोध्या नरेश श्रीराम से प्रार्थना की गई। केकय देश को गंधर्वों के आतंक से मुक्त करने के लिए श्री भरत के सेनापतित्व में अयोध्या से विशाल चतुरंगिणी सेना चली। इस सैन्याभियान में उनके दोनों पुत्र तक्ष एवं पुष्कल भी साथ थे। सिंधु नद के पार गंधर्वों से भयंकर युद्ध छिड़ गया, निरंतर सात दिनों तक लोक विलयंक युद्ध होता रहा। किंतु किसी प्रकार विजय-प्राप्ति की स्थिति न आती देखकर श्री भरत ने मृत्युदेव के प्रलयंकारी सेवर्कास्त्र का प्रयोग कर तीन करोड़ गंधर्वों का संहार कर डाला। पाँच वर्ष पश्चात् श्री भरत अयोध्या लौटे। ये पाँच क्यों लगे? इसी का उत्तर अन्यान्य शास्त्रों के आधार पर देने का जो प्रयत्न किया गया, वही ‘श्री भरत विजय’ है। श्रीरामकथा के इस अल्पज्ञान प्रसंग की प्रस्तुति ही श्री भरत विजय के रूप में यह कृति है। __________________________________________ विषय सूची अनुच्छेद—पृष्ट समर्पण—5 प्रणामांजलि—7 श्रीरामकालीन भूगोल——9 श्रीराम कथा का एक विलुप्तप्राय अध्याय : श्रीभरत विजय—11 श्रीभरत विजय के पात्र—43 मार्गदर्शक ग्रंथ एवं कृतियाँ—47 आशीर्वचन—51
Adventures of Rama
- Author Name:
Wonder House
- Rating:
- Book Type:

- Description: This delightful collection of stories from Indian mythology introduces young readers to our enriching and ancient culture and wisdom.
Fukatchech Salle
- Author Name:
Dr. Ravindra Laxmikant Tamboli
- Book Type:

- Description: वाचाल तर वाचाल, असे आम्हाला शिकवले गेले होते. म्हणून आम्ही वाचत गेलो आणि वाचलेले जे काही होते त्यामुळेच संपन्नपणे वाढलो. अलीकडेही ‘वॉचाल' तर बिघडाल असे पोटतिडकीने सांगूनही वाचनावर बहिष्कार का टाकला जात आहे, याचा उलगडा होऊ शकत नाही. अनुत्तरित प्रश्नांवर खूप चिंतन करून उत्तर शोधायचे असते म्हणून आम्ही त्या शोधात वेळोवेळी जे काही लिहीत गेलो त्यातील काही लिखाण ‘फुकटचे सल्ले' म्हणून या पुस्तकात एकत्रितपणे दिले आहे.हे सल्ले फुकटचे असले तरी त्यांना अनुभवांचा आधार आहे. म्हणून ते महत्त्वाचे ठरतात. तेव्हा सदरचे पुस्तक विकत घेऊन आमचे हे फुकटचे सल्ले आपल्या जीवनात उपयोगात आणाल अशी आशा आहे. Fukatchech Salle | Dr.Ravindra Laxmikant Tamboli फुकटचेच सल्ले | डॉ.रवींद्र लक्ष्मीकांत तांबोळी
The Vedas and Upanishads for Children
- Author Name:
Roopa Pai
- Rating:
- Book Type:

- Description: 3,000 years ago, deep inside the forests of India, a great ‘thought- revolution’ was brewing. In those forest labs, the brightest scientist-philosophers contemplated the universe and reflected upon the already-ancient texts called the Vedas, gaining some startling insights into questions that we still have no watertight answers to, like: * What is the universe made of? * How do I know I’m looking at a tree when I see one? * Who am I? My body, my mind, my intelligence, my emotions, or NOTA? And where did they put those explosive findings? In a sprawling body of goose-bumpy, thought-provoking and fascinating oral literature called the Upanishads! Intimidated? Don’t be! For this joyful, fun guide to some of India’s most enduring and secular wisdoms, reinterpreted for first-time explorers by author Roopa Pai, is guaranteed to keep you turning the pages. Why haven’t you read it yet?
Gidhadanchi Mejwani
- Author Name:
Dr. Nitin Hande +1
- Book Type:

- Description: रितसर कामांसह गैरकृत्यांसाठी मध्यस्थांची, दलालांची यंत्रणा कशी काम करते आणि त्यातून भारतीय लोकशाहीतील काळे कारनामे कसे आकाराला येतात यांचा शोध या पुस्तकातून घेण्यात आलेला आहे. शोधपत्रकारिता करणाऱ्या जोसी जोसेफ यांनी मागील दोन दशकांत या समस्येची व्यापकता कशी वाढली आहे हे उघडकीस आणले आहे. त्यातून समोर आलेले चित्र स्फोटक आणि भयावह आहे. आधुनिक भारताचा याआधी कधी घेण्यात न आलेला अनेक पातळ्यांवरचा शोध म्हणजे गिधाडांची मेजवानी हे पुस्तक आहे. ते वाचकांना अस्वस्थ करते, कृतिप्रवण करते, परिवर्तनासाठी आक्रोश करायला भाग पाडते. लोकशाहीबद्दल काळजी असणाऱ्या तसेच देशात घडलेल्या घडामोडींमागे दडलेले सत्य समजून घेण्यास इच्छुक असलेल्या प्रत्येकाने हे पुस्तक वाचले पाहिजे. Gidhadanchi Mejwani | Josy JosephTranslation by : Dr. Nitin Hande गिधाडांची मेजवानी | जोसी जोसेफअनुवाद : डॉ. नितीन हांडे
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