Kahne Ko Bahut Kuchh Tha

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प्रभाष जोशी की इस पुस्तक में उनके सम्पूर्ण लेखन से चुनकर प्रतिनिधि लेखों का संग्रह किया गया है<strong>।</strong> वे एक समाजधर्मी पत्रकार थे जिन्होंने अपने समय के बनते इतिहास का दो टूक विश्लेषण किया<strong>।</strong> उसके साथ ही अपने सक्रिय वैचारिक पहल से समकालीन इतिहास को बनाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई<strong>।</strong> आज के समय में ऐसे पत्रकार और समाज चिन्तक की कमी एक गतिरोध और यथास्थिति का माहौल बना रही है<strong>।</strong> ऐसे में प्रभाष जोशी के ये लेख एक नई पहल के लिए प्रेरित करते हैं<strong>।</strong> पुस्तक में इन अध्यायों के अन्तर्गत लेख रखे गए हैं, उनके शीर्षक हैं : ‘पत्रकारिता है सदाचारिता’, ‘अपनी हिन्दी का हाल’, ‘शिखरों के आसपास’, ‘राजमंच का नेपथ्य’, ‘खेल का सौन्दर्यशास्त्र’ तथा ‘बार-बार लौटकर जाता हूँ नर्मदा’<strong>।</strong> ये शीर्षक ही पुस्तक में संकलित लेखों के कथ्य बयान कर देते हैं<strong>।</strong> एक बार फिर से प्रभाष जोशी को पढ़ना आपको इस मुश्किल समय से नए सिरे से परिचित कराएगा<strong>।</strong> सामाजिक बदलाव की पहल के लिए प्रेरित करेगा<strong>।</strong>

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ISBN
9788126726868
Pages
416
Avg Reading Time
14 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

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प्रभाष जोशी की इस पुस्तक में उनके सम्पूर्ण लेखन से चुनकर प्रतिनिधि लेखों का संग्रह किया गया है<strong>।</strong> वे एक समाजधर्मी पत्रकार थे जिन्होंने अपने समय के बनते इतिहास का दो टूक विश्लेषण किया<strong>।</strong> उसके साथ ही अपने सक्रिय वैचारिक पहल से समकालीन इतिहास को बनाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई<strong>।</strong> आज के समय में ऐसे पत्रकार और समाज चिन्तक की कमी एक गतिरोध और यथास्थिति का माहौल बना रही है<strong>।</strong> ऐसे में प्रभाष जोशी के ये लेख एक नई पहल के लिए प्रेरित करते हैं<strong>।</strong> पुस्तक में इन अध्यायों के अन्तर्गत लेख रखे गए हैं, उनके शीर्षक हैं : ‘पत्रकारिता है सदाचारिता’, ‘अपनी हिन्दी का हाल’, ‘शिखरों के आसपास’, ‘राजमंच का नेपथ्य’, ‘खेल का सौन्दर्यशास्त्र’ तथा ‘बार-बार लौटकर जाता हूँ नर्मदा’<strong>।</strong> ये शीर्षक ही पुस्तक में संकलित लेखों के कथ्य बयान कर देते हैं<strong>।</strong> एक बार फिर से प्रभाष जोशी को पढ़ना आपको इस मुश्किल समय से नए सिरे से परिचित कराएगा<strong>।</strong> सामाजिक बदलाव की पहल के लिए प्रेरित करेगा<strong>।</strong>

Book Details

  • ISBN
    9788126726868
  • Pages
    416
  • Avg Reading Time
    14 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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