Masroof Aurat
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इस किताब में आपको जिन कहानीकारों की कहानियाँ मिलेंगी, वो बहुत से लोगों के लिए नए हैं। इस किताब के ज़रीए कोशिश की गई है कि उन आवाज़ों को इकठ्ठा किया जाए जो अक्सर नज़र-अन्दाज़ कर दी गई हैं। इन कहानियों के ज़रीए आपको ये बताने की कोशिश की गई है कि हमारे समाज में जहाँ औरतें हमारे आस-पास साँस ले रही हैं, पैदा होते ही उन पर किस तरह पत्थर फेंकने शुरू कर दिए जाते हैं। ये कहानियाँ औरतों के साथ होने वाले ज़ुल्म का दस्तावेज़ भी हैं और समाज में उनको ना-समझ और दूसरा दर्जा देने वाले मर्दों का आईना भी।
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इस किताब में आपको जिन कहानीकारों की कहानियाँ मिलेंगी, वो बहुत से लोगों के लिए नए हैं। इस किताब के ज़रीए कोशिश की गई है कि उन आवाज़ों को इकठ्ठा किया जाए जो अक्सर नज़र-अन्दाज़ कर दी गई हैं। इन कहानियों के ज़रीए आपको ये बताने की कोशिश की गई है कि हमारे समाज में जहाँ औरतें हमारे आस-पास साँस ले रही हैं, पैदा होते ही उन पर किस तरह पत्थर फेंकने शुरू कर दिए जाते हैं। ये कहानियाँ औरतों के साथ होने वाले ज़ुल्म का दस्तावेज़ भी हैं और समाज में उनको ना-समझ और दूसरा दर्जा देने वाले मर्दों का आईना भी।
Book Details
-
ISBN9789394494725
-
Pages141
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Mohsin Khan
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अल्लाह मियाँ का कारख़ाना उर्दू ज़बान में लिखे जा रहे आज के कुछ अहम नॉवेलों में से एक है। इस नॉवेल में एक बच्चे के ज़रिए मुस्लिम मुआशरे के हालात और समाजी, मआशी, मज़हबी, तालीमी और घरेलू ज़िन्दगी की परेशानियों का ज़िक्र बड़े ही आम और नर्म तरीके से किया गया है। इस नॉवेल का मफ़हूम जितना संजीदा है, तर्ज़ उतनी ही तज्रबाती है।
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