Male Mein Manohar
Author:
Aadarsh K VarmanPublisher:
Unbound ScriptLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 124.5
₹
150
Available
हॉस्पिटल से लौटने के बाद क्यों बदल गया कुलदीप ? मनोहर ने मेले में क्या कुछ नया सीखा ? बॉटम हार कर भी जीत गया लेकिन कैसे ? और चीनू ने दीपावली में नया क्या सीखा ? ये कहानियाँ कहने के तरीके में सरल, भाषा में आसान और सीख में स्पष्ट हैं । इनमें बच्चों की उत्सुकता, जिज्ञासा और मनोविनोद के लिए बहुत कुछ है ।
ISBN: 9788119745647
Pages: 56
Avg Reading Time: 2 hrs
Age: 0-11
Country of Origin: India
Recommended For You
Abhibhavak Kaise Hon
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description: "शिक्षकों और बालकों पर पुस्तकें चाहे कम ही सही, परंतु लिखी गई हैं। माता-पिता या अभिभावक कैसे हों? इस विषय पर पहली बार ही कोई पुस्तक हिंदी साहित्य में प्रकाशित हुई है। मुझे पहल करने का गौरव प्राप्त हो रहा है। इस पुस्तक की शैली भी अनोखी है। अभिभावकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हो रहा है। हर विषय के विशेषज्ञ उसमें अपने व्याख्यान दे रहे हैं। फिर शंका-समाधान के लिए प्रश्न एवं उत्तर की व्यवस्था से पुस्तक और अधिक सरल तथा सरस बन गई है। माता-पिता अपने बच्चों की तथा परिवार की भलाई के लिए इस पुस्तक को अवश्य पढें़। इसमें ऐसा बहुत कुछ मिलेगा, जो माता-पिता बन जाने के बाद भी हमें पता नहीं है। हमें अपने दायित्व का बोध नहीं है। हम या तो बच्चों को मारते-डाँटते हैं या शिक्षकों को दोष देते रहते हैं। मेरा दावा है कि इस पुस्तक को पढ़ने के बाद हम सच्चाई को समझेंगे, अपने कर्तव्य को जानेंगे, समझेंगे तथा निभाएँगे।
Ashoksundari
- Author Name:
Sumit Kumar Sambhav
- Book Type:

- Description: Hindi Book
Godhuli
- Author Name:
Jagdish Prasad Singh
- Book Type:

-
Description:
“अनुराधा भी चाहती थी सुख-शान्ति का जीवन। लेकिन घर का माहौल इतना दूषित था कि वहाँ एक पल गुज़ारना नरक में जीने जैसा था। पिता जहाँ घर की नौकरानी की ‘सेवा’ का आकांक्षी थे, तो वहीं पिता द्वारा तिरस्कृत माँ दुनिया-जहान से दूर अपने पूजा-पाठ में लीन और दोनों भाइयों की उच्छृंखलता सीमाओं का अतिक्रमण करने को उद्धत। ऐसे में अनुराधा चली आती है देवल, और वहीं एक कॉलेज के हॉस्टल में रहकर शिक्षा ग्रहण करने लगती है। वहीं एक सहेली के माध्यम से उसकी भेंट एक राजनेता से होती है। नेता उसके जीवन में क्या आता है, उसकी जीवनधारा ही बदलकर रह जाती है। और फिर रह जाती है वह लुटी-पिटी, ठगी-सी।” जगदीश प्रसाद सिंह का एक विचारोत्तेजक उपन्यास है—गोधूलि।
लेखक ने अपने इस उपन्यास के माध्यम से महिलाओं के उत्पीड़न के साथ जहाँ सामाजिक ताने-बाने की टूटन को उजागर किया है, वहीं कालाबाज़ारियों, भ्रष्टाचारियों, अपराधियों, आतंकवादियों को प्रश्रय देनेवाले तथाकथित नेताओं की कारगुजारियों पर भी रोशनी डाली है कि किस तरह वे अपनी कुत्सित भावनाओं को तरजीह देने के पीछे देश तक को बेच देने पर उतारू हैं।
Alag-Alag Vaitarni
- Author Name:
Shivprasad Singh
- Book Type:

-
Description:
प्रेमचन्द के बाद ग्रामीण जीवन का चित्रण करनेवाले सफल कथाकारों में शिवप्रसाद जी अगली पंक्ति में आते हैं। अपने इस वृहद् उपन्यास में उन्होंने उत्तर प्रदेश के करैता गाँव को समस्त भारतीय गावों के प्रतिनिधि के रूप में ग्रहण करके अत्यन्त यथार्थवादी एवं विचारोत्तेजक चित्रण प्रस्तुत किया है। स्वतंत्रतता आई, ज़मींदारी टूटी। करैता के किसानों को लगा कि दिन फिरेंगें। मगर हुआ क्या। अलग-अलग वैतरणी। अलग-अलग नर्क। इसे निर्मित किया है भूतपूर्व ज़मींदारी ने, धर्म तथा समाज के पुराने ठेकेदारों ने, भ्रष्ट सरकारी ओहदेदारों ने जिससे इस वैतरणी में जूझ और छटपटा रही है गाँव की प्रगतिशील नई पीढ़ी। निश्चय ही यह कृति हिन्दी उपन्यास साहित्य की एक उपलब्धि है।
The Melody of Life
- Author Name:
Uttam Kumar +1
- Book Type:

- Description: From the Editor�s Desk There is beauty in Life; right from beginning to the end there are messages scattered around. Some of us pick up those messages and rewrite it using words that add more meaning to otherwise lifeless letters and then present it to the world as stories and poems. �Melody of Life� is one such collection of poems by amateur and established writers from India. It�s an attempt to provide a platform to young poets and bridge the gap that exists between readers and writers. Varied topics and different styles; each poem is sure to leave you mesmerized and filled with desire to read more� Rachna Gupta Bansal Life is the best creation of God. There is life all around us; in the Air that breezes past us; in the Sea waves; in tree leaves and so on. There are different shades of life and a person spends whole life understanding these shades. This collection of poems by different poets from across India gives us a glimpse into these shades. Each and every poem gives us a different in-depth understanding of Life. Uttam Kumar
Bhaya Kabeer Udas
- Author Name:
Usha Priyamvada
- Book Type:

-
Description:
शरीर की पूर्णता-अपूर्णता का प्रश्न किसी-न-किसी स्तर पर मन और जीवन की पूर्णता के प्रश्न से भी जुड़ जाता है। यह उपन्यास शुरू से लेकर आख़िर तक इसी सवाल से जूझता है कि क्या सौन्दर्य के प्रचलित मानदंडों और समाज की रूढ़ दृष्टि के अनुसार एक अधूरे शरीर को उन सब इच्छाओं को पालने का अधिकार है जो स्वस्थ और सम्पूर्ण देहवाले व्यक्तियों के लिए स्वाभाविक होती है। उपन्यास की नायिका विदेशी भूमि पर अपना सहज और अल्पाकांक्षी जीवन जी रही होती है कि अचानक उसे मालूम होता है, उसे स्तन-कैंसर है और यह बीमारी अन्तत: उसके शरीर से उसके सबसे प्रिय अंग को छीन ले जाती है। लेकिन मन! तमाम चोटों के बावजूद मन कब अधूरा होता है, वह फिर-फिर पूरा होकर मनुष्य से, जीवन से अपना हिस्सा माँगता है, अपना सुख।
उषा प्रियम्वदा बारीक और सुथरे मनोभावों की कथाकार रही हैं, उनके पात्र न कभी ऊँचा बोलते हैं, न कभी बहुत शोर मचाते हैं, फिर भी ज़िन्दगी और अनुभूति की उन गलियों को आलोकित कर जाते हैं, जहाँ से गुज़रना हर किसी के लिए उद्घाटनकारी होता है।
यह उपन्यास भी इसी अर्थ में महत्त्वपूर्ण है। इसमें उन्होंने बहुत नई-सी दिखनेवाली कथाभूमि पर, बहुत सहज ढंग से मानव-मन की चिरन्तन लालसाओं, कामनाओं, निराशाओं और उदासियों का अत्यन्त कुशल और समग्र अंकन किया है।
Uske Hisse Ki Dhoop
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

-
Description:
परम्परागत भारतीय समाज में स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के बीच मानवीय स्वतंत्रता, ख़ासकर नारी-स्वातंत्र्य का सवाल सदा ही अनदेखा किया जाता रहा है, और मृदुला गर्ग का यह उपन्यास परम्परागत ही नहीं, बल्कि आधुनिकता के घिसे-पिटे वैचारिक चौखटे से भी बाहर निकलकर यह सवाल उठाता है कि स्त्री-पुरुष सम्बन्धों का आधार क्या है—प्रेम अथवा स्वतंत्रता? और क्या इन सम्बन्धों का सत्य सिर्फ़ मनोगत है अथवा इनके समानान्तर कोई दैहिक सच्चाई भी है?
देखा जाए तो मृदुला गर्ग का यह बहुचर्चित उपन्यास एक त्रिकोणात्मक प्रेम-कथा है, लेकिन प्रेम इसकी समस्या नहीं है—समस्या है स्वतंत्रता, जो स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान रूप से मूल्यवान है। प्रेम अगर व्यक्ति की स्वतंत्रता और उसके वैयक्तिक विकास को बाधित करता है तो वह अस्वस्थ है। लेखिका ने इस विचार को उस गहराई से चित्रित किया है जहाँ उसकी रागात्मकता पाठ को मुग्ध कर लेती है और प्रत्येक स्थिति पाठकीय संवेदना का अटूट हिस्सा बन जाती है।
Alice Ajubon Ki Dunia Mei
- Author Name:
Lui Cairol
- Book Type:

-
Description:
‘एलिस अजूबों की दुनिया में’ किशोर पाठकों के लिए लुइस कैरोल की क़लम से लिखा गया विश्वप्रसिद्ध उपन्यास है। दुनिया की विभिन्न भाषाओं में अनूदित इस कथाकृति का यह हिन्दी अनुवाद प्रसिद्ध कथाशिल्पी कृष्ण बलदेव वैद ने किया है।
उपन्यास के केन्द्र में है एलिस नाम की एक बालिका जिसके स्वप्न-जगत का इसमें दिलचस्प उद्घाटन हुआ है। अपने सपने में प्रवेश करके एलिस एक ऐसी दुनिया में जा पहुँचती है, जहाँ सबकुछ अजूबा है—सारी प्रकृति, पशु-पक्षी और तमाम तरह के कीट-पतंग। यहाँ तक कि वह स्वयं भी अपने रूप-सरूप में अजूबा हो उठती है। हैरान होती है अपने-आप पर और अपने आसपास पर। विचित्र, मूर्खतापूर्ण और निर्मम लगता है उसे उस दुनिया के ताश के पत्तों जैसे राजा-रानी का न्याय। वह न सिर्फ़ उनका विरोध करती है, बल्कि अपनी साहसपूर्ण बुद्धिमत्ता से उन्हें छकाती भी है।
वास्तव में इस पुस्तक के सहारे लेखक ने मनोवैज्ञानिक तरीक़े से किशोर मानस की उस दुनिया की टोह ली है, जिसमें उसकी वास्तविक दुनिया ही एक नए रंग-रूप में मौजूद होती है।
Chitralekha
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Rating:
- Book Type:

- Description: चित्रलेखा’ न केवल भगवतीचरण वर्मा को एक उपन्यासकार के रूप में प्रतिष्ठा दिलानेवाला पहला उपन्यास है, बल्कि हिन्दी के उन विरले उपन्यासों में भी गणनीय है, जिनकी लोकप्रियता बराबर काल की सीमा को लाँघती रही है। ‘चित्रलेखा’ की कथा पाप और पुण्य की समस्या पर आधारित है। पाप क्या है? उसका निवास कहाँ है? —इन प्रश्नों का उत्तर खोजने के लिए महाप्रभु रत्नाम्बर के दो शिष्य, श्वेतांक और विशालदेव, क्रमशः सामन्त बीजगुप्त और योगी कुमारगिरि की शरण में जाते हैं। इनके साथ रहते हुए श्वेतांक और विशालदेव नितान्त भिन्न जीवनानुभवों से गुज़रते हैं। और उनके निष्कर्षों पर महाप्रभु रत्नाम्बर की टिप्पणी है, "संसार में पाप कुछ भी नहीं है, यह केवल मनुष्य के दृष्टिकोण की विषमता का दूसरा नाम है। हम न पाप करते हैं और न पुण्य करते हैं, हम केवल वह करते हैं जो हमें करना पड़ता है।
Andha Ullu
- Author Name:
Sadegh Hedayat
- Book Type:

-
Description:
ईरान के ही नहीं, विश्व के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में गिने जाने वाले उपन्यास ‘अन्धा उल्लू’ का लेखन इसके लेखक ने बम्बई में अपने भारत प्रवास के दौरान किया था।
एक हताश व्यक्ति के भीतरी अँधेरे और उसे चारों तरफ़ से भींचकर रखे रहने वाली दुनिया के प्रति उसका क्षोभ इस उपन्यास के शब्द-शब्द में बिंधा है जिसे सुपरिचित कथाकार नासिरा शर्मा ने बड़े मनोयोग से मूल फ़ारसी से हिन्दी में प्रस्तुत किया है।
अपने असंगत अतियथार्थ में यह उपन्यास जहाँ हमें ख़ुद से दूर की कोई चीज़ लगता है, वहीं अपने उन्हीं विवरणों और प्रतिक्रियाओं में अपने बहुत क़रीब भी लगता है। संवेदनहीन ज्यामितिक आकृतियों से घिरे हमारे आधुनिक मनोजगत का वह स्याह विस्तार इसमें अंकित हुआ है, जहाँ पाँव रखने का साहस हम अक्सर नहीं कर पाते।
अथाह निराशा, भयावह दुःस्वप्नों, घोर अकेलेपन और मृत्युबोध के हौलनाक चित्रण के चलते ईरान में इस उपन्यास पर प्रतिबन्ध भी लगा जिसका एक कारण यह भी बताया जाता है कि इसे पढ़ने के बाद कुछ पाठकों ने अपना जीवन समाप्त करने के प्रयास भी किए। लेकिन इस उपन्यास में अभिव्यक्त सचाई को नकार पाना कभी सम्भव नहीं हुआ और समय के साथ ‘अन्धा उल्लू’ हरेक सजग संवेदनशील व्यक्ति के लिए एक अपरिहार्य पाठ के तौर पर अधिक से अधिक मान्य होता गया।
Ranu Aur Bhanu
- Author Name:
Sunil Gangopadhyay
- Book Type:

-
Description:
— रवीन्द्रनाथ को प्रतिदिन पूरे भारत से सैकड़ों चिट्ठियाँ मिलती थीं। वे यथासम्भव उनका जवाब भी देते थे। एक दिन एक पत्र पाकर कवि को बड़ा कौतुक महसूस हुआ। उस पत्र को वाराणसी से रानू नामक एक बालिका ने लिखा था। इसी उम्र में वह कवि का काफ़ी साहित्य पढ़ चुकी थी। वे ही उसके सबसे क़रीबी व्यक्ति हो गए थे। उसकी शिकायत थी कि कवि इन दिनों इतनी कम कहानियाँ क्यों लिख रहे हैं। कवि ने उस बालिका के पत्र का जवाब दे दिया।
अपने गृहस्थ जीवन में रवीन्द्रनाथ को कभी मानसिक सुख-शान्ति नहीं मिली थी। अचानक एक दिन लम्बी बीमारी भोगने के बाद कवि की प्रिय बड़ी बेटी माधुरी लता का देहावसान हो गया। कवि टूट गए। उसी दिन अशान्त चित्त से एक भाड़े की गाड़ी लेकर वे भवानीपुर पहुँचे। नम्बर ढूँढ़कर एक घर के सामने रुककर उन्होंने पुकारा—रानू! रानू!
अपना नाम सुनते ही तेज़ी से एक बालिका नीचे उतर आई। कवि अपलक उसे देखते रह गए। यह वे किसे देख रहे थे? यह परी थी या स्वर्ग की कोई अप्सरा! उसी दिन अट्ठावन वर्षीय कवि से उस बालिका का एक विचित्र रिश्ता क़ायम हो गया। रानू कवि के खेल की संगिनी बन गई। नई रचनाओं की प्रेरणादात्री, उनकी खोई ‘बउठान’।
और रानू के लिए कवि हो गए उसके प्रिय भानु दादा।
कवि के चीन-भ्रमण के समय उनकी अनुपस्थिति में रानू की शादी तय हो गई। रानू अब सर राजेन मुखर्जी के पुत्र वीरेन की पत्नी बन गई। दो सन्तानों की माँ।
कवि अब वृद्ध थे। उन्हें जीवन के अन्तिम दिनों में रानू से क्या मिला? वह क्या सिर्फ़ ‘आँसुओं में दु:ख की शोभा’ बनी रह गई?
सुनील गंगोपाध्याय की क़लम से एक अभिनव और अतुलनीय उपन्यास।
A Tracker And The Heart Stealer
- Author Name:
Rajeev Pundir
- Book Type:

- Description: Brijesh is a decorated police officer; an expert in tracking mobile calls and electronic surveillance. On his inputs, paramilitary forces and police become successful in eliminating a group of dreaded terrorists in J&K. Soon he gets out of turn promotion to the post of Inspector. He’s assigned another case to crack the Nexus of cricket betting. Encouraged by his promotion, he dedicates himself to this case – almost forgetting his own family. And this proves counterproductive to him. One day when he reaches his home, the excerpt below speaks volumes of the state of affairs between him and his wife Anu. But she didn't care and started her outburst, “I’ve suffered a lot during these years,” and stared at him, “why have you come now and how can I trust you?” skeptical, she asked again giving him her hateful look. He continued to stare at the floor and she at his face. Soon, a drop of pain emerged at the ‘brims of his eyes and the tears on either of his cheeks traversed like a channel of a seasonal rivulet and fell on the ground. Perhaps the stony floor also cried out of pain and heat—heat of atonement, disgust, self-reproach, insult, feeling of used and misused, deceit, losing his wife and kids—all contained into his tears. But Anu didn’t listen that cry, her heart didn't melt, and she slammed the door right at his face. Why did it happen? – read the novel.
Tin Pahar
- Author Name:
Krishna Sobti
- Book Type:

- Description: ‘साँझ की उदास-उदास बाँहें अँधिआरे से आ लिपटीं। मोहभरी अलसाई आँखें झुक-झुक आईं और हरियाली के बिखरे आँचल में पत्थरों के पहाड़ उभर आए। चौंककर तपन ने बाहर झाँका। परछाई का सा सूना स्टेशन, दूर जातीं रेल की पटरियाँ और सिर डाले पेड़ों के उदास साए। पीली पाटी पर काले अक्खर चमके ‘तिन-पहाड़,’ और झटका खा गाड़ी प्लेटफॉर्म पर आ रुकी।’ इन्हीं वाक्यों के साथ नियति की यह कथा खुलती है। जया, तपन, श्री, एडना जिसके अलग-अलग छोर हैं। झील के अलग-अलग किनारे जिस तरह उसके पानी से जुड़े रहते हैं, उसी तरह आकांक्षा के भाव में एक साथ बँधे। आकांक्षा सुख की, चाह की, प्रेम की। ‘दार्जिलिंग के नीले निथरे आकाश,’ लाल छतों की थिगलियों, ‘पहरुओं से खड़े राजबाड़ी के ऊँचे पेड़ों,’ चक्करदार ‘सँकरी घुमावोंवाली चढ़ाइयों-उतराइयों,’ ‘हवाघर की बेंचों,‘ और गहरे उदास अँधेरों के बीच घूमती यह कथा जिन्दगी के अँधेरों-उजालों के बारे में तो बताती ही है, एक भीने यात्रा-वृत्तान्त का भी अहसास जगाती है। लेकिन इस उदास ‘नोट’ के साथ - ‘जिसकी साड़ी का टुकड़ा भर ही बच सका, वह इन सबकी क्या होती होगी...क्या होती होगी।’
Sitaron Ki Ratein
- Author Name:
Shobha De
- Book Type:

- Description: सितारे रात में ही चमकते हैं या कहें कि हर सितारे का एक अँधेरा भी होता है। लेकिन दर्शक की नज़र अक्सर सितारों पर ही जाती है, उनके अँधेरों पर नहीं। यह प्रक्रिया हमारी फ़ितरत से भी सम्बन्ध रखती है, और सीमा से भी। शोभा डे इसी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करती हैं। वे उन अँधेरों को भी उघाड़कर देखती हैं, जिन्हें रोशनी ने छुपाया हुआ है। विडम्बना यह कि लेखिका की आँख से देखे और दिखाए गए ये अँधेरे 'बॉलीवुड' की जिन सच्चाइयों को उजागर करते हैं, उन्हें अक्सर ही 'गॉसिप' कहकर नकार दिया जाता है। लेखिका ने इस पुस्तक में मुम्बई की फ़िल्मी दुनिया के जिन चरित्रों को चित्रित किया है, वे अमूर्त नहीं हैं। उन्हें पहचाना जा सकता है—ख़ासकर इसकी केन्द्रीय चरित्र आशा रानी को। यथार्थ और लेखकीय कल्पना के बावजूद उसे हम जीवित-जाग्रत अभिनेत्री के रूप में भी पहचान सकते हैं, और एक प्रतीकात्मक चरित्र के रूप में भी। उसके इर्द-गिर्द और भी कितने ही तारों-सितारों की पहचान की जा सकती है। दरअसल यह एक ऐसी रंगीन दुनिया है, जिसका उद्दाम आकर्षण किसी भी कलाकार को किसी भी हद तक ले जा सकता है। देह इस दुनिया में सिर्फ़ उपभोग और ऊँचाई पर पहुँचने का माध्यम है। निषेध और नैतिकता यहाँ सिर्फ़ शब्द हैं। स्त्री है, जो बिछी हुई है और पुरुष है, जो तना हुआ है। कहना न होगा कि अंग्रेज़ी से अनूदित शोभा डे की यह कृति हिन्दी पाठकों के लिए एक नया अनुभव होगा। अलग-अलग फ़िल्मी चरित्रों की पेशगोई के बावजूद इसे एक दिलचस्प उपन्यास की तरह पढ़ा जा सकता है।
Seemayen Tootati Hain
- Author Name:
Shrilal Shukla
- Book Type:

-
Description:
दुर्गादास को एक हत्या के जुर्म में जनमक़ैद हो गई है। उसके बाद ही मानवीय सम्बन्धों की हत्या के प्रयास और उन सम्बन्धों की सर्वोपरिता की यह कथा शुरू होती है। इसमें जिस बहुरंगी संसार की रचना हुई है, वहाँ वास्तविक संसार जैसा ही उलझाव है। उसकी विशृंखलता में एक ओर कोई तारानाथ पारम्परिक विश्वासों के सहारे व्यवस्था खोजने की कोशिश करता है और उस प्रक्रिया में अपने को खड़ा करने की ताक़त पाता है, दूसरी ओर कोई विमल किसी भी स्थिति के लिए अपने को पहले से तैयार न पाकर सिर्फ़ कुछ होने की प्रतीक्षा करता रहता है। और धर्म, प्रेम और अपराध-जैसी तर्कातीत वृत्तियों में बँधी हुई ज़िन्दगी इस अव्यवस्थित उलझाव से निरन्तर जूझती रहती है। अपराध-कथा के-से प्रवाहवाली यह रचना वास्तव में वृहत्तर जीवन की कथा है जो पाठक को सहज अवरोह के साथ अन्त तक लाते-लाते उसे मानवीय नियति की अप्रत्याशित गहराइयों में उतार देती है।
सुविख्यात उपन्यास ‘राग दरबारी’ की रचना के पाँच साल बाद प्रकाशित होनेवाला श्रीलाल शुक्ल का यह उपन्यास उनकी अन्य कृतियों से सर्वथा भिन्न है और उनकी सर्जनात्मक प्रतिभा के कई ऐसे आन्तरिक स्रोतों का परिचय देता है जिनका उपयोग हिन्दी कथा-साहित्य में प्रायः विरल है।
Kuchh Alpa Viraam
- Author Name:
Sachchidanand Joshi
- Book Type:

- Description: ‘कुछ अल्प विराम’ को साहित्य की किसी एक विधा के खाँचे में डालकर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि यह विधाओं की परिधि को तोड़कर जिंदगी की सच्चाई से सीधा संबंध जोड़ती है। इसमें जीवन के उन सभी छोटे-बड़े प्रसंगों को इकट्ठा करने की कोशिश की है, जो गुदगुदाते हैं, हँसाते हैं, रुलाते हैं, कभी हल्की सी चपत लगाते हैं और कभी चिकोटी काट लेते हैं। सबकुछ उतना ही जितना जरूरी है, हमें हमारी असमय नींद या तंद्रा से जगाने के लिए काफी है। कभी लघुकथा के माध्यम से, तो कभी किस्से के माध्यम से और कभी-कभी संस्मरण के माध्यम से। जरूरी नहीं कि जिंदगी का हर सबक, हर समय किसी भारी भरकम शास्त्रीय किताब से ही सीखा जाए। जिंदगी के छोटे से प्रसंग भी कई बार बड़ा सबक सिखा जाते हैं। ऐसे ही प्रसंगों को जो हमारे जीवन में अल्प विराम की तरह हैं, बेहद सरल भाषा और सहज शैली में सँजोकर प्रस्तुत करने की कोशिश है, ‘कुछ अल्प विराम’।
Shri Shriganesh Mahima
- Author Name:
Mahashweta Devi
- Book Type:

-
Description:
यह बिहार के एक गाँव की कहानी है, जो बीसवीं सदी में नहीं, अभी भी मध्ययुग के बीहड़ अँधेरों में जी रहा है और जहाँ आज भी भारत सरकार का नहीं, बल्कि ऊँची जाति के राजपूत मालिकों का प्रभुत्व चलता है। वही निरंकुश यह तय करते हैं कि नीची जातियों के मर्द–औरतों की भूमिका कब ज़रख़रीद ग़ुलाम, कब बँधुआ मज़दूर, कब उजड़े किसान और कब रखैल की होगी।
भूमि–अधिपति श्री श्री गणेश है, इस बर्बर और हिंस्र व्यवस्था का निरंकुश शासक जिसकी महिमा का बखान जन्म से लेकर उसके पिताश्री की रखैल और उसकी धाय माता लछिमा के हाथों मारे जाने तक बड़ी सशक्त शैली में किया गया है। लेकिन फ़िलहाल हारी जानेवाली इस लड़ाई में शामिल लोगों की चित्र–वीथी में हैं हर जगह और हर युग में अत्याचारी के विरुद्ध चिनगारी फूँकने वालों की परम्परा में राँका दुसाध, गांधीवादी अभय महतो, नक्सली जुगलकरन और बस्तियों से जंगलों में भागकर आई अनाम भीड़।
उपन्यास में हरेक की छवि बड़ी ही सहज और सशक्त रंगों में उभारी गई है। मध्यवर्ग की नई पीढ़ी की यौवन पल्लवी शाह की बौनी सहानुभूति पर किया गया कटाक्ष इस उपन्यास के पाठक कभी भूल नहीं पाएँगे। लेकिन बीहड़ अँधेरे में किरण है सरसतिया की आवाज़, जो अपनी कोख से राँका दुसाध जैसी उद्धत सन्तान को टेर रही है, यही है इस उपन्यास में उपन्यासकार की आस्था का उद्घोष।
Aaina Saaz
- Author Name:
Anamika
- Book Type:

-
Description:
हमारे दौर की राजनीति, समाज, आदमी–सब अपने भीतर से लेकर बाहर तक जाने कैसे तो जंजाल में उलझे हुए हैं, और जब उसे सुलझाने चलते हैं, उस जाल से निकलकर खुली, साफ़ जगह में आने के लिए हाथ-पाँव पटकते हैं तो सुलझते-निकलते नहीं, और उलझ जाते हैं।
क्या नहीं है हमारे पास? जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, अब वह भी है, और भरोसा है कि अब जिसकी कल्पना करेंगे, वह भी कल हो उठेगा।
लेकिन ताला अगर कहीं लग गया है तो वह कल्पना ही पर है; और उसके संगी-साथी दूसरे कई मनोभाव-मनोशक्तियाँ और इनका सरदार एक सूफ़ी मन, उजली कामनाओं, और धरती-आकाश को एक करते धवल सपनों की छतरी; यह सब उस ताले के भीतर कहीं छटपटा-सिसक रहे हैं।
खुसरो एक पैदा हुआ, मध्यकालीन कहे जानेवाले उस साँवले हिन्दुस्तान में जिसकी छतें इतनी ऊँची होती थीं, कि हम बौनों की तिमंज़िला बाँबियाँ उनमें खड़ी हो जाएँ। यह उस ख़ुसरो की आत्मकथा से रचा हुआ उपन्यास है जिसमें ख़ुसरो की चेतना को जीनेवाले आज के कुछ सूफ़ी मनवालों की कहानी भी साथ में पिरो दी गई है।
ख़ुसरो इस कथा में अपना वह सब बताते हैं जिस तक हम उनकी नातों, क़व्वालियों और पहेलियों की ओट में नहीं पहुँच पाते–कि उनका एक परिवार था, एक बेटी थी, बेटे थे, पत्नी थी, और थे निज़ाम पिया जिनकी निगाहों के साए तले उन्होंने वह सब सहा जो एक साफ़, हस्सास दिल अपने ख़ून-सने वक़्तों और बेलगाम सनकों से हासिल कर सकता था।
और इसमें कहानी है सपना की, नफ़ीस की, ललिता दी और सरोज की भी, जो आज के हत्यारे समय के सामने अपने दिल के आईने लिए खड़े हैं, लहूलुहान हो रहे हैं, पर हट नहीं रहे, जा नहीं रहे, क्योंकि वे उकताकर या हारकर अगर चले गए तो न पद्मिनियों के जौहर पर मौन रुदन करनेवाला कोई होगा, न इंसानियत को उसके क्षुद्रतर होते वजूद के लिए एक वृहत्तर विकल्प देनेवाला।
Nadi Ki Toot Rahi Deh Ki Awaz
- Author Name:
Shriprakash Mishra
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास ज़मीन से जुडी समस्या पर आधारित है और इस मामले में यह प्रेमचन्द्, रेणु, शिवप्रसाद सिंह आदि की रचनाओं की आगे की कड़ी के रूप में दिखेगा, एक सर्वथा अपरिचित क्षेत्र और परिस्थिति में अवस्थित। यहाँ असम के लोगों का जीवन अपने पूरे सांस्कृतिक वितान के साथ तथा उसका टकराव अन्य संस्कृतियों के साथ जो बहिरागतों के आने के कारण बना है, उभरकर चित्रित हुआ है। वहाँ का आम आदमी अनुभव करता है कि वह अपने ही वतन में अल्पसंख्यक होता जा रहा है। अपने मध्यवर्गीय चरित्र के कारण सरकारें उसका समाधान निरन्तर टालती रहती हैं। परिणामस्वरूप इंसरजेंसी और आतंकवाद वहाँ के जीवन का अंग बन जाता है। लड़ते हुए लोगों का एक पूरा जीवन बीत जाता है, पर एक अदना-सा ज़मीन का टुकड़ा हस्तगत नहीं हो पाता। आज जो राष्ट्रीय नागरिकता पंजी और नए नागरिक विधान की बहस चल रही है, उसकी रुनझुन उपन्यासकार ने काफ़ी पहले अनुभव कर ली है। यह पूरा वृत्तान्त एक सुन्दर कहानी के माध्यम से इस उपन्यास में आया है। श्रीप्रकाश मिश्र निम्न मूलतः कवि हैं। इसलिए उनका प्रकृति का, मनुष्य के स्वभाव का, नौकरशाहों और राजनेताओं के व्यवहार का वर्णन एक खूबसूरत भाषा में हुआ है। यह उपन्यास पाठकों को कई तरह से समृद्ध करेगा।
The Bestseller
- Author Name:
Ajitabha Bose
- Book Type:

- Description: Every author wants to become a bestseller one day. Do you know over 1 lac books are published in India every year! Only a few become a bestseller. Have you ever wondered how it is to live a life of a Bestselling author? Come, join me and read a Story of life, love and dreams. It's a story of priyanshi and her dream to become a bestseller. || Book Teaser by Rajeev Khandelwal || "size doesn't matter when it's love." - Shah Rukh Khan || "ajitabha wants to bring a new trend in Books for the busy generation." - The Telegraph || "big love stories in small packages." - Hindustan times || "love stories runs in his veins." - India today || "it's not easy to sum Up a story in a few pages and keep the emotions intact! Ajitabha's attempt to that is worth appreciating." - Sudeep Nagarkar.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book