urdu Dictionary for Beginners
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Timsal MasudPublisher:
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This comprehensive Urdu-English cum English-urdudictionary is crafted specifically for beginners, designed to aid in language learning and understanding. With clear definitions, contextual examples, and phonetic transcriptions, this dictionary simplifies the process of navigating between English and Urdu. Whether you're a student, traveler, or language enthusiast, this user-friendly guide will assist you in expanding your vocabulary and enhancing your language skills. Unlock the world of urduand English communication effortlessly with this essential reference tool.
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This comprehensive Urdu-English cum English-urdudictionary is crafted specifically for beginners, designed to aid in language learning and understanding. With clear definitions, contextual examples, and phonetic transcriptions, this dictionary simplifies the process of navigating between English and Urdu. Whether you're a student, traveler, or language enthusiast, this user-friendly guide will assist you in expanding your vocabulary and enhancing your language skills. Unlock the world of urduand English communication effortlessly with this essential reference tool.
Book Details
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ISBN9789394494442
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Pages221
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Avg Reading Time7 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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‘श्रेष्ठ निबन्ध’ आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के चुने हुए निबन्धों का संग्रह है—ऐसे निबन्ध जो उनके सभी प्रकार के निबन्धों का सही प्रतिनिधित्व करते हैं, साथ ही उनकी आचार्यसुलभ गरिमा को उद्भाषित भी करते हैं। इन्हें पढ़ने से यह स्पष्ट होता है कि आचार्य शुक्ल ने बौद्धिक एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भारतीय रस-सिद्धान्त को पुनराख्यायित करते हुए काव्य की जिस विश्लेषणात्मक पद्धति का विकास किया, वह प्रासंगिकता की दृष्टि से आज भी कितनी महत्त्वपूर्ण है। उनकी निबन्ध-शैली की प्रायः सभी विशिष्टताओं की झलक इनमें मिल जाती है—चाहे वह उनकी विचारात्मकता हो या भावात्मकता अथवा व्यंग्यात्मकता। निबन्ध-रचना की दृष्टि से वह एक विचारक ही नहीं, बल्कि एक सहृदय रचनाकार के रूप में भी हमारे सामने प्रत्यक्ष हो उठते हैं।
ये श्रेष्ठ निबन्ध प्रस्तुत करते हुए डॉ. रामचन्द्र तिवारी ने इसके आरम्भ में एक उपयोगी भूमिका दी है जिसमें आग्रह-मुक्त भाव से उन्होंने आचार्य शुक्ल की वैचारिकता का विवेचन और रचना-दृष्टि का विश्लेषण किया है।
Shreshth Nibandh : Aacharya Ramchandra Shukla
Acharya Ramchandra Shukla
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