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Bharat Itihas Aur Sanskriti

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भारत : इतिहास और संस्कृति मुक्तिबोध की बहुचर्चित कृति है। 1962 में प्रकाशित होते ही यह विवादों में घिर गई थी। तत्कालीन मध्य प्रदेश शासन ने ‘भद्रता और नैतिकता के विरुद्ध’ ठहराते हुए इस पुस्तक को प्रतिबन्धित कर दिया था। पुस्तक पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मुकदमा चला जिसने 1963 में निर्णय दिया कि पुस्तक के 10 आपित्तजनक अंशों को हटाकर ही इसका पुनर्प्रकाशन किया जा सकता है। अदालती फैसले का पूरा सम्मान करते हुए आपत्तिजनक अंशों को हटाकर यह पुस्तक अब अपने समग्र रूप में प्रस्तुत है। मुक्तिबोध की इच्छा थी कि कम-से-कम सामान्य रूप में यह पुस्तक जनता के समक्ष रहे। प्रस्तुत संस्करण में यह प्रयत्न किया गया है कि जिस स्वरूप में यह लिखी गई थी हू-ब-हू उसी स्वरूप में पाठकों के सामने आए। समग्र पुस्तक का जो अनुक्रम मुक्तिबोध ने बनाया था अध्यायों के क्रम भी उसी के अनुसार रखे गए हैं।

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भारत : इतिहास और संस्कृति मुक्तिबोध की बहुचर्चित कृति है। 1962 में प्रकाशित होते ही यह विवादों में घिर गई थी। तत्कालीन मध्य प्रदेश शासन ने ‘भद्रता और नैतिकता के विरुद्ध’ ठहराते हुए इस पुस्तक को प्रतिबन्धित कर दिया था। पुस्तक पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मुकदमा चला जिसने 1963 में निर्णय दिया कि पुस्तक के 10 आपित्तजनक अंशों को हटाकर ही इसका पुनर्प्रकाशन किया जा सकता है।

अदालती फैसले का पूरा सम्मान करते हुए आपत्तिजनक अंशों को हटाकर यह पुस्तक अब अपने समग्र रूप में प्रस्तुत है। मुक्तिबोध की इच्छा थी कि कम-से-कम सामान्य रूप में यह पुस्तक जनता के समक्ष रहे। प्रस्तुत संस्करण में यह प्रयत्न किया गया है कि जिस स्वरूप में यह लिखी गई थी हू-ब-हू उसी स्वरूप में पाठकों के सामने आए। समग्र पुस्तक का जो अनुक्रम मुक्तिबोध ने बनाया था अध्यायों के क्रम भी उसी के अनुसार रखे गए हैं।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
3rd
Publication year
2022
Weight
282 grams
ISBN-13
9789395737609
Pages
320
Reading time
~11 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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