Gillu
(0)
₹
249
206.67 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
अपने परिवेश से, मनुष्य का रिश्ता केवल लोभ-लाभ का नहीं हो सकता। यह संसार के साथ मनुष्य के अंतर्लोक के लिए भी घातक है। नन्ही गिलहरी 'गिल्लू' से महादेवी जी का जुड़ाव, पूरे परिवेश से उनकी आत्मीयता में बदल जाता है। गिल्लू संग धीरे-धीरे हमारे भीतर एक भावलोक निर्मित होता है, जो उसके साथ ही डूब जाता है- जैसे वीणा के तारों से उठी सरगम । इसे पढ़ने के बाद, अपने आसपास के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को देखने का हमारा तरीक़ा वही नहीं रह जाता। कलात्मक चित्रांकन, इस रेखाचित्र में शब्दों की निहित संवेदना को मूर्त कर देता है।
Read moreAbout the Book
अपने परिवेश से, मनुष्य का रिश्ता केवल लोभ-लाभ का नहीं हो सकता। यह संसार के साथ मनुष्य के अंतर्लोक के लिए भी घातक है। नन्ही गिलहरी 'गिल्लू' से महादेवी जी का जुड़ाव, पूरे परिवेश से उनकी आत्मीयता में बदल जाता है। गिल्लू संग धीरे-धीरे हमारे भीतर एक भावलोक निर्मित होता है, जो उसके साथ ही डूब जाता है- जैसे वीणा के तारों से उठी सरगम । इसे पढ़ने के बाद, अपने आसपास के पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को देखने का हमारा तरीक़ा वही नहीं रह जाता। कलात्मक चित्रांकन, इस रेखाचित्र में शब्दों की निहित संवेदना को मूर्त कर देता है।
Book Details
-
ISBN9789347125546
-
Pages22
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dj Pe Mor Nacha
- Author Name:
Kamlesh Pandey
- Book Type:

- Description: This book has no description
The Elephant's Child
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Toddler Yoga
- Author Name:
Sanskriti Sharma Singh
- Book Type:

- Description: Are you fascinated with animals? Do you like moving about? Is it fun for you when you make silly faces? Do you want to be healthier and happier? Yayy! Then this book is definitely for you! Read, move, act, and have fun with your friends and family! Toddler Yoga helps you learn different yoga poses in a fun and engaging way. If that's not enough, you also learn the alphabet while you're at it! Sanskriti Sharma Singh is a Clinical Psychologist and a hands-on mother who is committed to the holistic development of her child. She finds the practice of Yoga, among other things, most suited to achieve this goal.
Hasya Vinod Ki Kahaniyan
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: मैंने अपनी जिंदगी में बंबई को मुंबई, कलकत्ता को कोलकाता और मद्रास को चेन्नई बनते देखा। समय बदला, नाम बदला और अब अगर बॉण्ड बदलकर बोंडा हो जाए तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।’ इन पंक्तियों के साथ शुरू होता है उत्कृष्ट लेखक रस्किन बॉण्ड की रचनाओं का एक और अद्भुतसंकलन। साधारण स्थितियों की बेमिसाल समझ और तीक्ष्णता के साथ देखने की योग्यता के साथ रस्किन बॉण्ड हमें अपने घर, अपने गाँव और अपनी जिंदगी में झाँकने को आमंत्रित करते हैं। बंदरों, बनैले सुअरों, फूलों से डरनेवाली आंटी, खुद को महान् क्रिकेटर रणजी समझने वाला सनकी भतीजा और सात वर्षीय गौतम जैसे लोगों के साथ यह संकलन हर उम्र के पाठकों को दिलचस्प लगेगा। हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद के विविध रंगों से सजा रोचक कहानियों का पठनीय संकलन।
Dhapu Panala
- Author Name:
Kailsh Mandlekar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Thalua Club and Phir Nirasha Kyon?
- Author Name:
Babu Gulab Rai
- Book Type:

- Description: साहित्यकारों के विचार ‘‘पहली ही भेंट में उनके प्रति मेरे मन में जो आदर उत्पन्न हुआ था, वह निरंतर बढ़ता ही गया। उनमें दार्शनिकता की गंभीरता थी, परंतु वे शुष्क नहीं थे। उनमें हास्य-विनोद पर्याप्त मात्रा में था, किंतु यह बड़ी बात थी कि वे औरों पर नहीं, अपने ऊपर हँस लेते थे।’’ —राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ‘‘बाबूजी ने हिंदी के क्षेत्र में जो बहुमुखी कार्य किया, वह स्वयं अपना प्रमाण है। प्रशंसा नहीं, वस्तुस्थिति है कि उनके चिंतन, मनन और गंभीर अध्ययन के रक्त-निर्मित गारे से हिंदी-भारती के मंदिर का बहुत सा भाग प्रस्तुत हो सका है।’’ —पं. उदयशंकर भट्ट ‘‘आदरणीय भाई बाबू गुलाब रायजी हिंदी के उन साधक पुत्रों में से थे, जिनके जीवन और साहित्य में कोई अंतर नहीं रहा। तप उनका संबल और सत्य स्वभाव बन गया था। उन जैसे निष्ठावान, सरल और जागरूक साहित्यकार बिरले ही मिलेंगे। उन्होंने अपने जीवन की सारी अग्नि परीक्षाएँ हँसते-हँसते पार की थीं। उनका साहित्य सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरक बना रहेगा।’’ —महादेवी वर्मा ‘‘गुलाब रायजी आदर्श और मर्यादावादी पद्धति के दृढ समालोचक थे। भारतीय कवि-कर्म का उन्हें भलीभाँति बोध था। विवेचना का जो दीपक वे जला गए, उसमें उनके अन्य सहकर्मी बराबर तेल देते चले जा रहे हैं और उसकी लौ और प्रखर होती जा रही है। हम जो अनुभव करते हैं—जो आस्वादन करते हैं, वही हमारा जीवन है।’’ —पं. लक्ष्मीनारायण मिश्र ‘‘अपने में खोए हुए, दुनिया को अधखुली आँखों से देखते हुए, प्रकाशकों को साहित्यिक आलंबन, साहित्यकारों को हास्यरस के आलंबन, ललित-निबंधकार, बड़ों के बंधु और छोटों के सखा बाबू गुलाब राय को शत प्रणाम!’’ —डॉ. रामविलास शर्मा
The Talking fish and other folktales
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: Explore a world of enchanting stories in "The Talking Fish and Other Folktales." Meet Chand the goldsmith, learn the lessons a wise For Me imparts to lazy sons, discover the rabbit's clever sea-crossing trick, and unravel the playful deceptions between Nanduka and Lakshahinang. Touch the elephant with Blind Men and grasp diverse perspectives. Beautifully illustrated, this book promises answers to intriguing questions, creating a delightful journey through folklore's rich tapestry. Immerse yourself in captivating tales that entertain, educate, and leave an indelible mark. Perfect for all ages, this collection is a magical addition to your literary treasures.
Chanchal Fluffy
- Author Name:
Prachi Kaul
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Akalmand Gadha
- Author Name:
Madhu Pant
- Book Type:

- Description: पहले पढ़ी हर कहानी में गधा बेवक़ूफ़ निकला होगा, लेकिन यहाँ कुछ अलग है । इस गधे ने बेवक़ूफ़ी के अपने इतिहास से काफ़ी कुछ सीखा है। यह कहानी सिखाती है कि ग़लतियाँ करना और बेवकूफ़ बन जाना, ज़्यादा बड़ी कमी नहीं है । सबसे बड़ी कमी है, उससे न सीखना ।
Dadu Takes Me To Gurudwara By Tanvi Nishchal
- Author Name:
Tanvi Nishchal
- Book Type:

- Description: Tag along with Mahi as she visits Gurudwara for the first time with her best buddy, Dadu and how he answers her whats and whys
Nanhi aur Raja Dhumketu
- Author Name:
Advika Dubey
- Book Type:

- Description: धूमकेतु नाम के एक राजा अज़ब-गज़ब सपने देखते रहते हैं। सपने में ख़ुद को ही चोट पहुँचाते रहते हैं। लेकिन उन्हें लगता है कि, उनके साथ ऐसा करने वाले ख़ुद वह नहीं बल्कि कोई और है । सारे सैनिक परेशान हैं। ऐसे में आती है- नन्ही । नन्ही अपनी चतुराई से न सिर्फ़ सैनिकों को राजा के गुस्से से बचाती है बल्कि ढेर सारा इनाम भी पाती है। यह सब वह कैसे करती है? इसके लिए तो किताब पढ़नी पड़ेगी!
Vyang Ke Naye Chehre
- Author Name:
Purnima Surinder Kaur
- Book Type:

- Description: व्यंग्य, समकालीन विसंगतियों से लड़ने का सबसे सक्षम भाषिक प्रयोग है। इसमें हिंदी के युवा व्यंग्यकारों की ताज़ा अभिव्यक्तियाँ हैं। शिवम् चौकसे धार्मिक आस्था और पाखंड के पीछे अनिवार्यतः मौजूद रहने वाले क्षद्म को बेपर्दा करते हैं। उन्हें पढ़ते हुए परसाई जी की रचना 'वैष्णव की फिसलन भी याद आएगी। व्यंग के नये चहरे पूर्णिमा, अस्मिता मौर्य और अर्चिता सावर्ण्य को पढ़ते हुए इस बात पर ध्यान जाना चाहिए कि हिंदी व्यंग्य विधा में स्त्रियों की संख्या कितनी कम है। उस लिहाज से इस संकलन में तीन महिला व्यंग्यकारों का नाम अपर्याप्त होकर भी उल्लेखनीय कहा जाएगा। इन तीन युवा व्यंग्यकारों की शैली कथात्मक है। संजय गोरा खेल विधा को प्रभावी ढंग से व्यंग्य और विनोद में बदल देते हैं। शीतल रघुवंशी, चिराग अग्रवाल, दीपेश और सचिन शर्मा किंचित कथात्मकता, गल्प और मुहावरों का प्रभावी इश्तेमाल करते हैं। प्रिय युवा व्यंग्यकारों में सबसे प्रतिष्ठित नाम है। उनका व्यंग्य पढ़ते हुए इसका कारण भी समझ आएगा।
Teddy Evam Anya Kahaniyan
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description: यह पांच कहानियों का संकलन है। इस किताब में अच्छी सीख और कहानियाँ हैं। हर कहानी आपको हँसाएगी, सिखाएगी और ऐसे रास्ते दिखाएगी, जिन्हें सिर्फ़ लिटरेचर ही दिखा सकता है। ये कहानियाँ बच्चों में साहस, समझदारी, प्रकृति-प्रेम और कल्पनाशीलता की कलात्मक खेती हैं। जब बैग में रसदार फल की ख़ुशबू पाकर भालू माशा की ओर बढ़ने लगा तो उसने बचने के लिए क्या किया? और राजू ने अपने दोस्त खच्चर के लिए क्या किया जब उसे किसी व्यापारी को बेंच दिया गया? क्या दोनों आज़ाद हो पाये? डूबती हुयी चींटी को बचाने के लिए नीलकंठ ने महुए का एक पत्ता गिरा दिया। यह नीलकंठ और चींटी की दोस्ती की शुरुआत थी। लेकिन यह मिसाल कैसे बनी? निश्चय ही आप इनका जवाब चाहते होंगे पर जवाब तो ये कहानियाँ ही देंगी!
Gillu ki nayi kahani
- Author Name:
Dr Nidhi Agarwal
- Book Type:

- Description: गिलहरी के आत्मीय साहचर्य से उपजे अद्भुत रोमांचक अनुभवों से भरी, मानवीय संवेदनाओं का विस्तार करने वाली अनूठी पुस्तक। -नरेश सक्सेना 'गिल्लू की नयी कहानी' में महादेवी वर्मा का अमर पात्र गिल्लू नये रूप में अवतरित हुआ है। लेखिका के आँगन में इस लघुप्राण नन्हे-से जीव के मिलने से, उसके प्रति स्नेह का निर्झर फूट पड़ता है। इसमें परिवार की एकजुटता के हँसमुख सूत्र निहित हैं। यहाँ रेखाचित्न से आगे की जानकारी मिलती है। बेहद दिलचस्प किताब, जिसे बच्चे, किशोर और वयस्क सभी रम कर पढ़ सकते हैं ।
Kahin Nahi
- Author Name:
Madhu B. Joshi
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Chiya Ki Cycle Hindi By Yash Malviya
- Author Name:
Yash Malviya
- Book Type:

- Description: संता क्लाज़ से थोड़ी कम ही इनकी झक-झक दाढ़ी है संता के तो रेनडियर हैं इनकी धक्का गाड़ी है इक काँधे पर झोला है दिल बच्चों सा भीला है झोले में कविताएँ हैं खुशियाँ दाएँ बाएँ हैं यश अंकल तो संता जैसे हो - ही कर के हंसते हैं इनके पास तो गीतों वाले नन्हें-नन्हे बस्ते हैं
Meri Dus Rachnayen Dr. Prem Janmejai
- Author Name:
Dr. Prem Janmejai
- Book Type:

- Description: Book
The Very Best of the Common Man
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Very Best of The Common Man features a collection of the various cartoons that were created by the master cartoonist, R K Laxman. The common man is a famous cartoon caricature that was consistently used throughout this cartoonist's works. These cartoons depict various socio-political situations from the perspective of the common man who lives everywhere in India. Political uncertainty, economic calamities, widespread corruption and middle-class angst are some of the themes used in these cartoons.
BIJALI KE JHATKE
- Author Name:
Shivshankar Mishra
- Book Type:

- Description: असंगतियाँ जब जीवन और समाज में स्थान और अधिकार पाने लगें, विडंबनाएँ जब दिखती हुई होकर भी पकड़ में नहीं आएँ, अन्याय जब परंपराएँ बनाने लगें, दुःख जब अपने प्रतिरोध के उपायों से वंचित किए जाएँ, जब व्यवस्था अपने विद्रूप में ही स्थापित हो ले, तब बनता है व्यंग्य।...व्यंग्य का एक बड़ा पाठक-वर्ग है, एक बड़ा बाजार है। लेकिन यहीं से उसकी असली समस्या भी शुरू होती है। यहीं से व्यंग्य में बाजार-पक्षीय विचलन बनने लगते हैं और परिणाम होता है कि व्यंग्य का वह पाठ कुल मिलाकर एक मनोरंजक राइट-अप बनकर रह जाता है; उसका उद्देश्य वही हो जाता है, उसकी सीमा भी वही होती है।... मैंने यही अनुभव किया है कि व्यंग्य देश-काल-जीवन की एक अप्रत्याशित और अवांछित स्थिति, सिचुएशन है, जो किसी भी तरह का हो सकता है, किसी भी तरह के भाषा-शिल्प में हो सकता है। फिर भी, एक बात तय है कि वह न तो कोई मात्र हास्य-उत्पादक रचना होगी, न ही ललित-विनोदिनी।... चूँकि मेरा ज्यादा रचनात्मक जुड़ाव काव्य की तरफ रहा, इसलिए सहज ही ऐसा हुआ कि मेरी कविताओं में, गजलों में और दूसरे रूपों में व्यंग्य को अधिक नियमित ढंग से जगह मिली। और—जब कभी कोई अनुभव-विषय दीर्घकालिक रूप से प्रेरता-उद्वेलता रहा तो गद्य में भी लिखा। यहाँ ये एक साथ संकलित हैं। इन का स्वभाव भी मेरे स्वभाव में ही बना है। इनकी भाषा, शिल्प और शैली भी मेरे अभ्यासोंकेहीअनुरूपहैं। (‘लेखक का वक्तव्य’ से)
Hell & Heaven
- Author Name:
Shreeji
- Book Type:

- Description: Suddenly we heard a scream, a sound of pure agony which ripped through our senses as we ran towards the sound, we were disgusted to see them eating so madly. Suddenly, a bone under her foot cracked, which caused the giant creatures to turn. around, she expected them to run towards us or take out their swords from their waist, but her eyes widened as she saw bright red blood running down their chin, their eyes dull and lifeless like empty shells and then Anestasia's and other's blood ran cold as they saw Henry's leg and Olivia's arm in their hands their body on their plates mouth open and eyes white.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book