Fursatiye
(0)
₹
209
₹ 167.2 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
सब चौसठ की एक बरसती रात में दस सितंबर को मैं केसली जिला सागर में पैदा हुआ। केसली में इसलिये पैदा हुआ क्योंकि पिताजी सरकार की नौकरी कर रहे थे। बाद में वे नौकरी बदल कर खंडवा चले गये तो स्कूली शिक्षा-दीक्षा खंडवा मे हुई। पिताजी की देखा-देखी पढ़ने में दिलचस्पी जगी। बचपन की हर शाम खंडवा में माणिक्य वाचनालय में गुज़री किताबें पढ़ने के अलावा कुछ किया ही नहीं मैंने। कॉलेज की पढ़ाई नरसिंहपुर मे हुई और तेईस साल में सरकारी अफ्रसर हो गया। आजकल एडीशनल कमिश्रर एक्साइज़ म.प्र. हूँ और जीवन ठीक-ठीक बीत रहा है। आमतौर पर एक बार सरकार की नौकरी पा जाने के बाद आप निकाले नहीं जाते। आपको अपनी रोटी की चिंता करना नहीं होती, ऐसे में सरकारी नौकरी अच्छी छोकरी दिलवाती है। जिंदगी सुख से बीतती है। आप वह सब कुछ कर सकते हैं, जो आप करना चाहते हैं। सरकारी नौकरी के इन तमाम फ़ायदों के मज़े लूटने के बावजूद मैंने जीवन भर उतनी ही नौकरी की हमेशा, जितने में काम चल जाये। आप कम काम करते हैं तो कम ग़लतियाँ करते हैं और कम ग़लतियाँ करने वाला सरकारी आदमी हमेशा सुखी बना रहता है। कम काम करने का एक फ़ायदा और है। आपके पास वक़्त की। कमी नहीं होती। मैंने इस वक़्त का इस्तेमाल घूमने-फिरने, दुनिया और लोगों को समझने के अलावा फेसबुक पर लिखने-पढ़ने में किया। 'साहबनामा' व्यंग्य-संग्रह और 'तुम्हारी हँसी सदानीरा' काव्य संग्रह के बाद मेरी तीसरी किताब है यह। यह भी फुरसत के वक़्त में की गई लिखा-पढ़ी का ही नतीजा है। मैं उम्मीद करता हूँ, इसे आप पढ़ेंगे और यह आपको पसंद आयेगी।
Read moreAbout the Book
सब चौसठ की एक बरसती रात में दस सितंबर को मैं केसली जिला सागर में पैदा हुआ। केसली में इसलिये पैदा हुआ क्योंकि पिताजी सरकार की नौकरी कर रहे थे। बाद में वे नौकरी बदल कर खंडवा चले गये तो स्कूली शिक्षा-दीक्षा खंडवा मे हुई। पिताजी की देखा-देखी पढ़ने में दिलचस्पी जगी। बचपन की हर शाम खंडवा में माणिक्य वाचनालय में गुज़री किताबें पढ़ने के अलावा कुछ किया ही नहीं मैंने। कॉलेज की पढ़ाई नरसिंहपुर मे हुई और तेईस साल में सरकारी अफ्रसर हो गया। आजकल एडीशनल कमिश्रर एक्साइज़ म.प्र. हूँ और जीवन ठीक-ठीक बीत रहा है। आमतौर पर एक बार सरकार की नौकरी पा जाने के बाद आप निकाले नहीं जाते। आपको अपनी रोटी की चिंता करना नहीं होती, ऐसे में सरकारी नौकरी अच्छी छोकरी दिलवाती है। जिंदगी सुख से बीतती है। आप वह सब कुछ कर सकते हैं, जो आप करना चाहते हैं। सरकारी नौकरी के इन तमाम फ़ायदों के मज़े लूटने के बावजूद मैंने जीवन भर उतनी ही नौकरी की हमेशा, जितने में काम चल जाये। आप कम काम करते हैं तो कम ग़लतियाँ करते हैं और कम ग़लतियाँ करने वाला सरकारी आदमी हमेशा सुखी बना रहता है। कम काम करने का एक फ़ायदा और है। आपके पास वक़्त की। कमी नहीं होती। मैंने इस वक़्त का इस्तेमाल घूमने-फिरने, दुनिया और लोगों को समझने के अलावा फेसबुक पर लिखने-पढ़ने में किया। 'साहबनामा' व्यंग्य-संग्रह और 'तुम्हारी हँसी सदानीरा' काव्य संग्रह के बाद मेरी तीसरी किताब है यह। यह भी फुरसत के वक़्त में की गई लिखा-पढ़ी का ही नतीजा है। मैं उम्मीद करता हूँ, इसे आप पढ़ेंगे और यह आपको पसंद आयेगी।
Book Details
-
ISBN9789390540884
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Moti Guj - The Mutineer
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Common Man Meets The Mantri
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: A collection of gems by our best-loved cartoonist, R.K. Laxman From financial crises to the woes of householders, from political instability to rampant corruption, these cartoons capture the entire gamut of contemporary Indian experience. Hilarious and thought-provoking at the same time, this is a treasure house of humour from one of the most striking voices commenting on Indian sociopolitical life today.
Teddy Evam Anya Kahaniyan
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description: यह पांच कहानियों का संकलन है। इस किताब में अच्छी सीख और कहानियाँ हैं। हर कहानी आपको हँसाएगी, सिखाएगी और ऐसे रास्ते दिखाएगी, जिन्हें सिर्फ़ लिटरेचर ही दिखा सकता है। ये कहानियाँ बच्चों में साहस, समझदारी, प्रकृति-प्रेम और कल्पनाशीलता की कलात्मक खेती हैं। जब बैग में रसदार फल की ख़ुशबू पाकर भालू माशा की ओर बढ़ने लगा तो उसने बचने के लिए क्या किया? और राजू ने अपने दोस्त खच्चर के लिए क्या किया जब उसे किसी व्यापारी को बेंच दिया गया? क्या दोनों आज़ाद हो पाये? डूबती हुयी चींटी को बचाने के लिए नीलकंठ ने महुए का एक पत्ता गिरा दिया। यह नीलकंठ और चींटी की दोस्ती की शुरुआत थी। लेकिन यह मिसाल कैसे बनी? निश्चय ही आप इनका जवाब चाहते होंगे पर जवाब तो ये कहानियाँ ही देंगी!
Vyangyaya Ke Rang
- Author Name:
Ashok Gujarati
- Book Type:

- Description: व्यंग्य के रंग—अशोक गुजराती मोबाइल पर धुन बजी—‘हैलो!’ उधर से तीर चला—‘मोहन है क्या?’ मैं चौंका—‘मोहन... यहाँ कोई मोहन नहीं है!’ उन पर कोई असर नहीं—‘आपका फोन नंबर क्या है?’ मुझे गुस्सा आ गया—‘राँग नंबर!’ लेकिन वे पीछा छोड़ने को तैयार नहीं—‘आप कौन बोल रहे हैं?’ मन हुआ, कहूँ—‘तेरा बाप!’ परंतु सभ्यता का तकाजा था, फोन बंद कर दिया। अब मैंने प्रिंटिंग प्रेस को लगाया। घंटी बजती रही तो घर पर मिलाया। पूछा, ‘प्रकाशजी हैं क्या?’ स्वर उभरा—‘कहिए क्या काम है, मैं उनका भाई बोल रहा हूँ।’ मेरी जिज्ञासा—‘मेरे कार्ड छप गए क्या?’ उनकी प्रतिजिज्ञासा—‘आपको कौन सी तारीख बताई थी?’ मैंने खुलासा किया—‘तारीख तो कल हो गई।’ उन्होंने आश्चर्य जताया—‘ऐसा क्या! फिर छप गए होंगे।’ मुझे खुशी हुई—‘तो मैं लेने आ जाऊँ?’ उन्होंने पानी फेर दिया—‘भई, यह तो आपको प्रकाश से ही पूछना पड़ेगा। वह मुंबई गया है। मेरी अलग दुकान है कपड़ों की।’—इसी संग्रह से सात्त्विक, जीवंत एवं रोचक शैली में लिखे अशोक गुजराती के ये व्यंग्य लेख बड़ी-से-बड़ी बात को सहज एवं मारक रूप में कह देने की क्षमता रखते हैं। ये व्यंग्य पाठक को गुदगुदाते ही नहीं, भरपूर मनोरंजन भी करते हैं।
Neend Ka Baksa Hindi By Manoj Kumar Jha
- Author Name:
Manoj Kumar Jha
- Book Type:

- Description: आकाश में तारे टिमटिमा रहे हैं तो नीचे घास पर जुगनू । अक्षर किताबों से निकल भागे, नदी पार की लेकिन पहुँचे भी तो कहाँ - काँटों के गाँव । समंदर, नदी, नहर और बाल्टी सबमें पानी है। अपनी अपनी जगहों से पानी और पानी की बातें हो रही हैं। उधर फूलों के रंग तुमसे कुछ कहने को हैं । सपने में लाहौर जाकर कुल्फी खा लो और सपने में ही घर लौट आओ। ऐसी प्यारी और जादूभरी कविताएँ पढ़नी हैं ? 'नींद का बक्सा' घर ले जाओ और चुपके से खोलकर देखो। इसमें जितनी सुन्दर कविताएँ हैं उतने ही सुन्दर चित्र। गौर से देखो तो इस बक्से के चित्र और कविताएँ बातें करती दिखेंगी।
Gigi Zara
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description: ज़ारा नानी गीगी की दुलारी है। वैसे तो ज़ारा सबकी दुलारी है- मम्मा की, पापा की सबकी। छुट्टियों में गीगी, जारा को वर्चुअल रियलिटी के ऐसे संसार में भेज देती हैं, जहाँ बादलों की सवारी है, प्यारे प्यारे यूनीकॉन येल और पिंकी हैं, गाईडिंग एंजेल्स हैं और चार दरवाज़े हैं, जिन्हें ज़ारा को अपनी सूझ-बूझ और हिम्मत से पार करना ही है। पार नहीं करेगी तो एक भरा पूरा जंगल उदास और अंधेरा रह जाएगा, प्यारा लुमिना अपनी मम्मा से मिल नहीं पाएगा। क्या ये हो पाया? पढ़ो और इस रोमांचक सफ़र में साथ हो लो….
A Vote for Laughter
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description: A witty look at the strange world of politics by our best-loved cartoonist This exhilarating collection by R.K. Laxman takes a humorous look at the colourful personalities, peculiar codes of conduct and bombastic rhetoric that characterize the inimitable world of politics. A Vote for Laughter contains a hundred of the classic Common Man cartoons that have to do with political subjects, from party meetings, election campaigns and VVIP movements to cabinet reshuffles, horse trading and foreign tours, not to forget the activity that for Laxman defines the Indian politician: the impulse to rush to the well of the House. These are accompanied by a hundred of the funniest jokes about politics and politicians, collected from all over the world. A Vote for Laughter will entertain everyone who enjoys seeing the farcical streak in our contemporary politics, even as we take pride in being the largest democracy in the world.
Thalua Club and Phir Nirasha Kyon?
- Author Name:
Babu Gulab Rai
- Book Type:

- Description: साहित्यकारों के विचार ‘‘पहली ही भेंट में उनके प्रति मेरे मन में जो आदर उत्पन्न हुआ था, वह निरंतर बढ़ता ही गया। उनमें दार्शनिकता की गंभीरता थी, परंतु वे शुष्क नहीं थे। उनमें हास्य-विनोद पर्याप्त मात्रा में था, किंतु यह बड़ी बात थी कि वे औरों पर नहीं, अपने ऊपर हँस लेते थे।’’ —राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त ‘‘बाबूजी ने हिंदी के क्षेत्र में जो बहुमुखी कार्य किया, वह स्वयं अपना प्रमाण है। प्रशंसा नहीं, वस्तुस्थिति है कि उनके चिंतन, मनन और गंभीर अध्ययन के रक्त-निर्मित गारे से हिंदी-भारती के मंदिर का बहुत सा भाग प्रस्तुत हो सका है।’’ —पं. उदयशंकर भट्ट ‘‘आदरणीय भाई बाबू गुलाब रायजी हिंदी के उन साधक पुत्रों में से थे, जिनके जीवन और साहित्य में कोई अंतर नहीं रहा। तप उनका संबल और सत्य स्वभाव बन गया था। उन जैसे निष्ठावान, सरल और जागरूक साहित्यकार बिरले ही मिलेंगे। उन्होंने अपने जीवन की सारी अग्नि परीक्षाएँ हँसते-हँसते पार की थीं। उनका साहित्य सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरक बना रहेगा।’’ —महादेवी वर्मा ‘‘गुलाब रायजी आदर्श और मर्यादावादी पद्धति के दृढ समालोचक थे। भारतीय कवि-कर्म का उन्हें भलीभाँति बोध था। विवेचना का जो दीपक वे जला गए, उसमें उनके अन्य सहकर्मी बराबर तेल देते चले जा रहे हैं और उसकी लौ और प्रखर होती जा रही है। हम जो अनुभव करते हैं—जो आस्वादन करते हैं, वही हमारा जीवन है।’’ —पं. लक्ष्मीनारायण मिश्र ‘‘अपने में खोए हुए, दुनिया को अधखुली आँखों से देखते हुए, प्रकाशकों को साहित्यिक आलंबन, साहित्यकारों को हास्यरस के आलंबन, ललित-निबंधकार, बड़ों के बंधु और छोटों के सखा बाबू गुलाब राय को शत प्रणाम!’’ —डॉ. रामविलास शर्मा
Maya Maha Thagni Ham Jaani
- Author Name:
Ashwini Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Book
BIJALI KE JHATKE
- Author Name:
Shivshankar Mishra
- Book Type:

- Description: असंगतियाँ जब जीवन और समाज में स्थान और अधिकार पाने लगें, विडंबनाएँ जब दिखती हुई होकर भी पकड़ में नहीं आएँ, अन्याय जब परंपराएँ बनाने लगें, दुःख जब अपने प्रतिरोध के उपायों से वंचित किए जाएँ, जब व्यवस्था अपने विद्रूप में ही स्थापित हो ले, तब बनता है व्यंग्य।...व्यंग्य का एक बड़ा पाठक-वर्ग है, एक बड़ा बाजार है। लेकिन यहीं से उसकी असली समस्या भी शुरू होती है। यहीं से व्यंग्य में बाजार-पक्षीय विचलन बनने लगते हैं और परिणाम होता है कि व्यंग्य का वह पाठ कुल मिलाकर एक मनोरंजक राइट-अप बनकर रह जाता है; उसका उद्देश्य वही हो जाता है, उसकी सीमा भी वही होती है।... मैंने यही अनुभव किया है कि व्यंग्य देश-काल-जीवन की एक अप्रत्याशित और अवांछित स्थिति, सिचुएशन है, जो किसी भी तरह का हो सकता है, किसी भी तरह के भाषा-शिल्प में हो सकता है। फिर भी, एक बात तय है कि वह न तो कोई मात्र हास्य-उत्पादक रचना होगी, न ही ललित-विनोदिनी।... चूँकि मेरा ज्यादा रचनात्मक जुड़ाव काव्य की तरफ रहा, इसलिए सहज ही ऐसा हुआ कि मेरी कविताओं में, गजलों में और दूसरे रूपों में व्यंग्य को अधिक नियमित ढंग से जगह मिली। और—जब कभी कोई अनुभव-विषय दीर्घकालिक रूप से प्रेरता-उद्वेलता रहा तो गद्य में भी लिखा। यहाँ ये एक साथ संकलित हैं। इन का स्वभाव भी मेरे स्वभाव में ही बना है। इनकी भाषा, शिल्प और शैली भी मेरे अभ्यासोंकेहीअनुरूपहैं। (‘लेखक का वक्तव्य’ से)
Kaliyug Sarvashreshtha Hai
- Author Name:
Mahayogi Swami Buddha Puri
- Book Type:

- Description: "सृष्टि के विकास क्रम में चार युगों का चक्र चलता है—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग। प्रत्येक युग में धर्म का कुछ हृस होते-होते कलियुग में अधर्म अपने चरम पर पहुँच जाता है। कलियुग के बाद सतयुग का प्रादुर्भाव होता है, पर कैसे? क्या रहस्य है? अधर्म की वृद्धि से एकदम धर्मयुक्त सतयुग का कैसे प्रादुर्भाव होता है? इसमें क्या रहस्य है? कौन सा ईश्वरीय विधान छुपा हुआ है और उसका कलियुग में रहते हुए ही किन साधनाओं द्वारा प्रकट होना संभव है? शास्त्र कहते हैं कि कलियुग के बाद पुनः धर्मयुग अर्थात् सतयुग आएगा ही। इतना ही नहीं, महाभारत तथा अनेक पुराणों में लिखा है कि कलियुग सर्वश्रेष्ठ है। यह पुस्तक एक ओर शास्त्रों के इन गंभीर रहस्यों को अत्यंत सरल भाषा में और उपयुक्त प्रमाणों तथा युक्तियों के माध्यम से स्पष्ट करती है तो दूसरी ओर बताती है कि कलियुग के अवगुणों से कैसे बचना है और गुणों को कैसे धारण करना है? ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र—इन वर्णों का क्या महत्त्व है? जीवन का लक्ष्य क्या है और उसकी प्राप्ति हेतु किन स्तरों को पार करना होता है? धर्म का वास्तविक स्वरूप क्या है? उत्तरोत्तर धर्म की व्यापकता में साधक की चेतना का प्रवेश कैसे संभव है? "
Buddhijeevi Sammelan
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: This book has no description
Toddler Yoga
- Author Name:
Sanskriti Sharma Singh
- Book Type:

- Description: Are you fascinated with animals? Do you like moving about? Is it fun for you when you make silly faces? Do you want to be healthier and happier? Yayy! Then this book is definitely for you! Read, move, act, and have fun with your friends and family! Toddler Yoga helps you learn different yoga poses in a fun and engaging way. If that's not enough, you also learn the alphabet while you're at it! Sanskriti Sharma Singh is a Clinical Psychologist and a hands-on mother who is committed to the holistic development of her child. She finds the practice of Yoga, among other things, most suited to achieve this goal.
Khuli Ankhon Ka Sapna
- Author Name:
Arti Pandya
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक ‘खुली आँखों का सपना’ एक काल्पनिक उपन्यास है। इस उपन्यास की कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार की माँ के इर्दगिर्द घूमती है जिसे अपने बेटे के लिए बहू खोजने के चक्कर में किन-किन समस्याओं और विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इस गम्भीर समस्या को हास्य का ऐसा चोला पहनाने का प्रयास लेखिका द्वारा किया गया है कि पाठकगण हँसने को मजबूर हो जाएँगे। उपन्यास में सरल, सारगर्भित व उत्कृष्ट भाषा का प्रयोग किया गया है जो जनसाधारण के लिए उपयुक्त है। निश्चय ही पाठक जब इस उपन्यास को पढ़ना शुरू करेंगे तो अन्त तक पढ़ने को विवश हो जाएँगे।
Dummy Book - Autobiography (MK Gandhi)
- Author Name:
Dummy User For Test
- Rating:
- Book Type:



- Description: PLEASE DO NOT PURCHASE THIS BOOK. THIS IS DUMMY BOOK FOR APP STORE TESTS
Batakh Ka Anokha Baccha
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: यह बतख के एक अनोखे बच्चे की कहानी है। अलग दिखने के कारण उसे अपने भाई-बहनों के गुस्से का सामना पड़ता है। वह दुखी होकर दूर चला जाता है। लेकिन एक दिन वह खुद को पहचान लेता है । कौन है वह ?
Sahabnama
- Author Name:
Mukesh Nema
- Book Type:

- Description: This Books doesn’t have a description
Kholo - Kholo Aasman
- Author Name:
Navneet Nirav
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Fake Encounter
- Author Name:
Mukesh Kumar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Kahin Nahi
- Author Name:
Madhu B. Joshi
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book