Gyan Hai To Jahan Hai
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एक ऐसी किताब जो स्वस्थ सेहत और अनुकूल दिनचर्या के साथ डॉक्टरी परामर्श देती है। जिसे ठीक ही मुहावरेनुमा भाषा में ‘ज्ञान है तो जहान है’ का शीर्षक दिया गया है। लेखक का दावा है कि इस किताब में शामिल लेख पाठकों को उस तिलिस्म की मास्टर-की सौंपेगी जिसे तकनीकी शब्दावली में ‘मेडिकल विज्ञान’ कहते हैं। इन्हीं आधारों पर यह किताब अपने आप में रोचक और पठनीय बन पड़ती है।</p> <p>इन लेखों में, सरल भाषा तथा रोचक शैली में बीपी, ऑस्टियोपोरोसिस, हार्ट अटैक, स्त्री रोग से लेकर हिस्टीरिया तथा बहुत सारी अन्य कॉमन बीमारियों के बारे में बेहद महत्त्वपूर्ण बातें बतलाई गई हैं; जिसमें पाठकों की जिज्ञासाओं और उनके विषय में जानकारियों के साथ समाधान के कई नए द्वार खुलते हैं। इस तरह यह किताब सामान्य जन के लिए तो लाभदायक है ही, जनरल डॉक्टरों, विशेषज्ञों तथा सुपर स्पेशलिस्टों के लिए भी ये अवश्य ही बेहद रुचिकर सिद्ध होगी। किन्तु ज्ञात हो कि मेडिकल साइंस निरन्तर बढ़ती और बदलती विद्या है इसलिए लेखक का मानना है कि यदि इस किताब के लेखों को पढ़ते हुए पाठक कहीं असहमत हों तो डॉक्टर से मिलकर उस विषय में पड़ताल करके ही सहमत हों, ताकि चिकित्सा सम्बन्धी भ्रांतियों का सावधानीपूर्वक निदान मिल सके।</p> <p>बीमारियों को लेकर फैले भ्रमों को दूर कर उपचार और स्वास्थ्य की सटीक जानकारी देने वाली यह किताब स्वास्थ्य के लिए जिज्ञासु व्यक्तियों के साथ घर-घर के लिए बहुत ही अनिवार्य बन पड़ी है।
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एक ऐसी किताब जो स्वस्थ सेहत और अनुकूल दिनचर्या के साथ डॉक्टरी परामर्श देती है। जिसे ठीक ही मुहावरेनुमा भाषा में ‘ज्ञान है तो जहान है’ का शीर्षक दिया गया है। लेखक का दावा है कि इस किताब में शामिल लेख पाठकों को उस तिलिस्म की मास्टर-की सौंपेगी जिसे तकनीकी शब्दावली में ‘मेडिकल विज्ञान’ कहते हैं। इन्हीं आधारों पर यह किताब अपने आप में रोचक और पठनीय बन पड़ती है।</p>
<p>इन लेखों में, सरल भाषा तथा रोचक शैली में बीपी, ऑस्टियोपोरोसिस, हार्ट अटैक, स्त्री रोग से लेकर हिस्टीरिया तथा बहुत सारी अन्य कॉमन बीमारियों के बारे में बेहद महत्त्वपूर्ण बातें बतलाई गई हैं; जिसमें पाठकों की जिज्ञासाओं और उनके विषय में जानकारियों के साथ समाधान के कई नए द्वार खुलते हैं। इस तरह यह किताब सामान्य जन के लिए तो लाभदायक है ही, जनरल डॉक्टरों, विशेषज्ञों तथा सुपर स्पेशलिस्टों के लिए भी ये अवश्य ही बेहद रुचिकर सिद्ध होगी। किन्तु ज्ञात हो कि मेडिकल साइंस निरन्तर बढ़ती और बदलती विद्या है इसलिए लेखक का मानना है कि यदि इस किताब के लेखों को पढ़ते हुए पाठक कहीं असहमत हों तो डॉक्टर से मिलकर उस विषय में पड़ताल करके ही सहमत हों, ताकि चिकित्सा सम्बन्धी भ्रांतियों का सावधानीपूर्वक निदान मिल सके।</p>
<p>बीमारियों को लेकर फैले भ्रमों को दूर कर उपचार और स्वास्थ्य की सटीक जानकारी देने वाली यह किताब स्वास्थ्य के लिए जिज्ञासु व्यक्तियों के साथ घर-घर के लिए बहुत ही अनिवार्य बन पड़ी है।
Book Details
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ISBN9788119028443
-
Pages264
-
Avg Reading Time9 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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न का सुर-संगीत दिल की धड़कनों में ही बसा है। ये धड़कनें ताज़िन्दगी मज़बूत बनी रहें, यह मंगल प्रार्थना पूरी करने के लिए जीवन में थोड़ा संयम, थोड़ा अनुशासन गूँथना ज़रूरी है। जब तक स्वस्थ जीवन-पद्धति न अपनाई जाए, उम्र बढ़ने के साथ और कभी कम उम्र में ही कोरोनरी धमनियों में सँकरापन आना स्वाभाविक है। ऐंजाइना और दिल का दौरा इसी की देन हैं। हृदय रोग से सम्बन्धित नवीनतम जानकारियाँ तथा बचाव और उपचार के व्यावहारिक पहलुओं को सरल- सुबोध शैली में प्रस्तुत करती यह कृति न सिर्फ़ रोगी और उसके परिवारजन बल्कि हर किसी के लिए पठनीय और उपयोगी है। ऐंजाइना क्या है, दिल का दौरा क्यों पड़ता है, किन-किन चीज़ों से दिल बीमार पड़ता है, दिल के बचाव के क्या उपाय हैं, कोलेस्टेरॉल को कैसे कम कर सकते हैं, अपने हृदय का भविष्यफल जानने के लिए क्या सूत्र लगाएँ, कोरोनरी ऐंजियोप्लास्टी में क्या करते हैं, बायपास ऑपरेशन कैसे हृदय को नया जीवन देता है, दिल के विभिन्न टेस्ट कैसे किए जाते हैं और उनकी क्या उपयोगिता है, आदि की जानकारी देती पुस
Blood Pressure : Jitna Sainyat Utna Swasth
- Author Name:
Rekha Agrawal +1
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च रक्तदाब जीवनशैली से जुड़ा वर्तमान सदी का प्रमुख रोग है। दुनिया में एक अरब से अधिक लोग इस रोग से घिरे हुए हैं। स्वस्थ जीवनशैली रक्तदाब को संयम में लाने का प्रथम आधार है। कुछ कमी छूट जाए, तो इसे पूरा करने के लिए बहुत-सी उच्च रक्तदाबरोधक दवाएँ हैं, जिन्हें नियम से लेकर यह जीवन स्वस्थ और सुखद बना रह सकता है। यह कृति एक कुशल विवेकी डॉक्टर मित्र के समाधान प्रस्तुत करती है और उसके बचाव और उपचार की सुगम राह दिखाती है।
Patanjali Aur Ayurvedic Yoga
- Author Name:
Vinod Verma
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आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धान्तों के अनुसार, पित्त और कफ में से किसी एक के असन्तुलन से मानसिक अवस्था में तो परिवर्तन आता ही है, उससे शरीर पर कई बुरे प्रभाव पड़ते हैं। पतंजलि योग में वर्णित अष्टांग योग के प्रथम तीन अंगों—यम, नियम और आसन से त्रिदोष सन्तुलन में बड़ी सहायता मिलती है।
योग और आयुर्वेद दोनों ही मूल रूप से शरीर से सम्बन्धित हैं। इनके आधारभूत सिद्धान्त सांख्य पर आधारित हैं आयुर्वेदिक योग पतंजलि के अष्टांग योग से ही ग्रहण किया गया है। इसका आधारभूत उद्देश्य है—अच्छा स्वास्थ्य, शारीरिक-मानसिक सन्तुलन और जीवन का सम्पूर्ण आनन्द। डॉ. विनोद वर्मा की इस पुस्तक का उद्देश्य योग और आयुर्वेद दोनों के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखना है। दूसरा उद्देश्य प्राचीन ज्ञान सागर से ऐसी नई एवं सरल विधियों का विकास करना है जिनसे मानव स्वास्थ्य, शान्ति और सौमनस्य प्राप्त कर सके।
इस पुस्तक को पाँच खंडों में विभाजित किया गया है। पहले खंड में भारतीय परम्परा : योग और आयुर्वेद पर प्रकाश डाला गया है। दूसरे खंड में पतंजलि के योग सूत्रों की व्याख्या की गई है और तीसरे खंड में आयुर्वेद के मूलभूत सिद्धान्त तथा चौथे खंड में योग और आयुर्वेद का एकीकरण एवं पाँचवें खंड में आयुर्वेद योग पर विस्तृत चर्चा की गई है।
Gurda Rog Kidni Ke Rog
- Author Name:
Pradeep Kumar Agarwal
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गुर्दा के रोगग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही प्रभावित व्यक्ति एवं उसके शुभचिन्तक भयग्रस्त हो जाते हैं। उन्हें लगता है, बीमारी लाइलाज होगी एवं व्यक्ति की आयु सीमित होगी। परन्तु वर्तमान समय में उपलब्ध जानकारियों एवं आधुनिक चिकित्साशास्त्र के उपायों ने इस अवधारणा को मिथ्या सिद्ध कर दिया है। सही निदान, उपचार एवं सावधानी बरत कर गुर्दा रोगी भी स्वस्थ एवं दीर्घायु हो सकता है।
यद्यपि शरीर में दो गुर्दे होने के बावजूद जीवनयापन के लिए एक गुर्दा ही काफ़ी है परन्तु हमें लापरवाह नहीं होना चाहिए। यदि हम सावधानी रखें, दवाओं का उपयोग सोच-समझ कर चिकित्सकों की सलाह से करें तो गुर्दों की कष्टदायक बीमारियों से बचा जा सकता है और अगर रोग हो भी जाए तो उसका उचित उपचार गुर्दा विशेषज्ञ की सहायता से सम्भव है। हमें मन से यह भय एवं चिन्ता निकाल देनी चाहिए कि गुर्दा रोग हो जाने पर जीवन सीमित एवं कष्टमय हो जाता है, या गुर्दा रोग लाइलाज होता है।
डॉ. प्रदीप कुमार अग्रवाल ने इस पुस्तक में गुर्दा रोगों के बारे में विस्तृत वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जानकारी सरल भाषा में दी है, जिससे आम पाठक भी सुगमतापूर्वक समझ सकें और व्यावहारिक लाभ उठा सकें। आज के युग में किसी भी विषय की समझ, जानकारी या ज्ञान व्यक्ति के लिए अमूल्य धन के समान है। डॉ. अग्रवाल का प्रयास प्रशंसनीय है एवं गुर्दा रोगियों के लिए अति लाभकारी है।
Heart Talk
- Author Name:
Yatish Agarwal
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Awating description for this book
Daily Bread
- Author Name:
Yatish Agarwal
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Awating description for this book
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