Five Children and IT
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Author:
Edith NesbitPublisher:
FlyDreams PublicationsLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction₹
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FlyWings Classics लेकर आये हैं वर्ल्ड, क्लासिक फंतासी चिल्ड्रेन सीरीज में 'Five Children and IT by E. Nesbit (हिंदी अनुवाद- मोहम्मद अज़ीम) - - - सिरिल, रॉबर्ट, एन्थिया, जेन और हिलेरी अपने माता-पिता के साथ लंदन शहर से दूर गाँव के शांत वातावरण में बने घर में रहने के लिए आते हैं। फिर उन्हें घर के पीछे रेत के पुराने बड़े से टीले के पार खेल-खेल में मिलता है 'सैमिएड' नाम का एक विचित्र रेत-परी, जो प्रागैतिहासिक काल से लंबी नींद के बाद अब जाग उठा है... जिसके पास हैं अद्भुत जादुई शक्तियाँ, जिससे वो उनकी कोई भी इच्छा पूरी कर सकता है...उन जादुई इच्छाओं से उन बच्चों को वो सब कुछ मिलता है जो वो चाहते हैं...अतुल्य सुंदरता, असीमित धन, उड़ने की शक्ति, और भी बहुत कुछ, जिसकी अब तक उन्होंने सिर्फ कल्पनाएं ही की थीं... लेकिन साथ ही उनका नया दोस्त सैमिएड उन्हें चेतावनी भी देता है कि, "जो चाहे वो माँगो... लेकिन ज़रा संभलकर..!" क्योंकि हर जादुई इच्छा पूरी होने के साथ ही बदकिस्मती से हर बार उन्हें करना पड़ता है कई अनचाही मुसीबतों का सामना भी...कभी वो खुद अपने ही घर से बेघर कर दिए जाते हैं, कभी वो खुद को घर से कोसों दूर एक अनजान चर्च-टॉवर पर अकेला फँसा हुआ पाते हैं, कभी उनके छोटे भाई को हर कोई अगवा कर लेना चाहता है तो कभी उनका दूसरा भाई बन जाता है एक विशालकाय दानव... और अभी ये उनके अनचाहे रोमांच की बस एक शुरुआत भर है..!!
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FlyWings Classics लेकर आये हैं वर्ल्ड, क्लासिक फंतासी चिल्ड्रेन सीरीज में 'Five Children and IT by E. Nesbit (हिंदी अनुवाद- मोहम्मद अज़ीम) - - - सिरिल, रॉबर्ट, एन्थिया, जेन और हिलेरी अपने माता-पिता के साथ लंदन शहर से दूर गाँव के शांत वातावरण में बने घर में रहने के लिए आते हैं। फिर उन्हें घर के पीछे रेत के पुराने बड़े से टीले के पार खेल-खेल में मिलता है 'सैमिएड' नाम का एक विचित्र रेत-परी, जो प्रागैतिहासिक काल से लंबी नींद के बाद अब जाग उठा है... जिसके पास हैं अद्भुत जादुई शक्तियाँ, जिससे वो उनकी कोई भी इच्छा पूरी कर सकता है...उन जादुई इच्छाओं से उन बच्चों को वो सब कुछ मिलता है जो वो चाहते हैं...अतुल्य सुंदरता, असीमित धन, उड़ने की शक्ति, और भी बहुत कुछ, जिसकी अब तक उन्होंने सिर्फ कल्पनाएं ही की थीं... लेकिन साथ ही उनका नया दोस्त सैमिएड उन्हें चेतावनी भी देता है कि, "जो चाहे वो माँगो... लेकिन ज़रा संभलकर..!" क्योंकि हर जादुई इच्छा पूरी होने के साथ ही बदकिस्मती से हर बार उन्हें करना पड़ता है कई अनचाही मुसीबतों का सामना भी...कभी वो खुद अपने ही घर से बेघर कर दिए जाते हैं, कभी वो खुद को घर से कोसों दूर एक अनजान चर्च-टॉवर पर अकेला फँसा हुआ पाते हैं, कभी उनके छोटे भाई को हर कोई अगवा कर लेना चाहता है तो कभी उनका दूसरा भाई बन जाता है एक विशालकाय दानव... और अभी ये उनके अनचाहे रोमांच की बस एक शुरुआत भर है..!!
Book Details
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ISBN9789392723155
-
Pages248
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: कबीर को नए सन्दर्भों में व्याख्यायित करने के प्रयत्न हुए हैं।...हिन्दी में आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने कबीर का नया विचारोत्तेजक विवेचन प्रस्तुत करते हुए उन्हें सभी सन्दर्भों में देखा-परखा, एक प्रकार से पुनर्स्थापित किया। शोध के माध्यम से भी कबीर के पुनर्मूल्यांकन के कार्य हुए। पर लगता है कि कबीर आज भी हमारे लिए चुनौती हैं और नए विवेचन की माँग करते हैं। इस दृष्टि से डॉ. एम.डी. थॉमस की पुस्तक ‘कबीर और ईसाई चिन्तन’ एक नए शोध-प्रयत्न के रूप में देखी जानी चाहिए। डॉ. एम.डी. थॉमस ईसाई धर्म के प्रति एक व्यापक दृष्टि रखते हैं और कबीर तथा ईसाई चिन्तन में साम्य की खोज करते हुए, वे कई पूर्वग्रहों से मुक्त हैं।...डॉ. थॉमस भारतीय ईसाइयत के स्वरूप की कल्पना भी इस आधार पर करते हैं।...इसलिए डॉ. थॉमस परिश्रम करके उन साम्य बिन्दुओं की खोज करते हैं जो कबीर और ईसाई चिन्तन में सम्भव हुए हैं।...उन्होंने धर्म की उदार व्याख्या की है। उनके शब्द हैं : ‘‘ईश्वर का ज्ञान क्रियात्मक है। वह उसकी अपनी रचनाओं का सारतत्त्व है।...जिस प्रकार सूर्य जल में प्रतिबिम्बित होता है, ठीक उसी प्रकार ईश्वर मनुष्य में प्रतिफलित होता है। ईश्वर के इस प्रयोगपरक आशय में...स्वयं ईश्वर-चिन्तन को एक नई दिशा मिल जाती है। ईश्वर को समझना हो तो मनुष्य को समझना ही आवश्यक है।’ डॉ. थॉमस ने अपनी पुस्तक में कबीर की प्रासंगिकता पर विशेष ध्यान दिया है।...कुछ स्थलों पर डॉ. थॉमस ने मौलिक विवेचन-क्षमता का परिचय दिया है, जो विचारणीय है।...डॉ. थॉमस मलयालमभाषी हैं, पर उनकी हिन्दी में कोई शिथिलता नहीं, और यह प्रसन्नता का विषय है। मेरा विश्वास है कि इस विचारोत्तेजक पुस्तक का स्वागत होगा और वर्तमान सांस्कृतिक सन्दर्भ में इसकी प्रासंगिकता नई प्रेरणा प्रदान कर सकेगी। —प्रेमशंकर
Arthat Rashtravaad
- Author Name:
Neerja Madhav
- Book Type:

- Description: भारत की आजादी के बाद से ही कुछ मुट्ठी भर राष्ट्रविरोधी छद्म विचारकों द्वारा राष्ट्रवाद का प्रयोग संकुचित और सीमित अर्थों में किया जाने लगा, जबकि राष्ट्रवाद किसी भी देश के नागरिकों की अपने देश के प्रति वह रागात्मक भावना है, जिसके कारण वह बिना किसी निजी स्वार्थ के राष्ट्र की प्राकृतिक, भौतिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक अस्मिता से एक स्वाभाविक प्रेम रखता है। यही वह भावना है जो एक ही राष्ट्र में विविध भाषाओं, वर्गों और संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ते हुए उसे राष्ट्रप्रेम की ओर उन्मुख करती है। दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि तथाकथित बड़े-बड़े लेखकों और चिंतकों ने भी भारतीय राष्ट्रवाद की नकारात्मक व्याख्या की, जबकि इसकी वैश्विक कल्याणकारी दृष्टि विश्व के प्राचीनतम साहित्य में भी उपलब्ध है। राष्ट्रवाद, और विशेष रूप से भारतीय राष्ट्रवाद क्या है, इसकी व्यापकता और इतिहास क्या है, इन सब बिंदुओं पर छाए हुए धुंध को दूर करना आवश्यक था, इसलिए यह पुस्तक की आवश्यकता प्रतीत हुई। राष्ट्रवाद को सही मायने में उसके सभी पक्षों के साथ संपूर्णता में व्याख्यायित करती विदुषी नीरजा माधव की यह पुस्तक वास्तव में एक चिंतनपरक राष्ट्रीय प्रकाश-स्तंभ है, जिसकी उपादेयता सार्वकालिक है।
Encyclopaedia Of Humanities (Psychology)
- Author Name:
Nagendra
- Book Type:

- Description: Encyclopaedia Of Humanities (Psychology)- Comparative study of Indian and Western intentions.
Meri Unesco Yatra
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: "यूनेस्को या संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन विभिन्न देशों, समुदायों, संस्कृतियों और नागरिकों के बीच मानवीय मूल्यों की स्थापना को संभव बनाने के लिए एक सशक्त एवं व्यापक मंच प्रदान करता है। यूनेस्को का प्रमुख उद्देश्य शांति स्थापना, गरीबी उन्मूलन, सतत विकास और शिक्षा के माध्यम से विज्ञान, संस्कृति, संचार और सूचना के क्षेत्र में योगदान करना है। यूनेस्को के लक्ष्यों के केंद्र में अब प्राकृतिक विज्ञान और पृथ्वी के संसाधनों का प्रबंधन भी आ चुके हैं। इसके अंतर्गत विकसित और विकासशील देशों में संसाधन प्रबंधन और आपदा स्थिरता में सतत विकास प्राप्त करने के लिए पानी और पानी की गुणवत्ता, महासागर की रक्षा और विज्ञान तथा इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना शामिल है। भारत में मानव कल्याण संदर्भित चिंतन हजारों वर्ष पुराना है। हमारे वेदों, शास्त्रों एवं अन्य ग्रंथों में शासन करनेवालों को धर्म के आधार पर आचरण करने का परामर्श दिया गया है। इस दृष्टि से देखें तो सामाजिक और मानव विज्ञान पर ध्यान केंद्रित करते हुए यूनेस्को भी बुनियादी मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन को न केवल बढ़ावा देता है, बल्कि भेदभाव और नस्लवाद से लड़ने के लिए पूरे विश्व को तैयार करता है। मानव कल्याण के लिए सतत सक्रिय यूनेस्को की भूमिका, उसके कार्य-क्षेत्र, प्रभाव और संभावनाओं के विषय में प्रामाणिक जानकारी देती रोचक एवं पठनीय कृति।
Satta Ki Vaidhata (Malayalam Edition)
- Author Name:
Dilip Sinha
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have a Description.
Ink, Saffron & Freedom
- Author Name:
Kedar Nath Gupta
- Book Type:

- Description: How does one capture a lifetime of memories, a city's soul, and the tides of history in mere words? In Ink, Saffron & Freedom, veteran journalist Kedar Nath Gupta takes readers on a spellbinding journey through his life and times, offering a deeply personal yet panoramic view of Bharat's transformation in the last hundred years. From the vibrant fairs of Garhmukteshwar to the hallowed halls of journalism, from the communal riots of 1946 to the corridors of power, the 94-year old author has lived through some of Bharat's most defining moments. As a young boy, he witnessed the upheavals of Partition. As a journalist, he reported on the country's changing political landscape, rubbing shoulders with leaders and ideologues who shaped modern Bharat. And, as a devoted Swayamsevak, he remained steadfast in his vision of 'Akhand Bharat. Rich with nostalgia, wit, and historical insight, this memoir of a Dilliwala is not just an autobiography-it is a love letter to the city where he was born, to journalism which is his passion, and to a life lived with conviction. Gupta's storytelling is both evocative and unflinching, blending personal anecdotes with incisive commentary on Bharat's socio-political evolution. For those who long to understand our country beyond its monuments, who cherish the ideals of fearless journalism, or who seek an intimate account of a life intertwined with history, this book is an unmissable read. As Gupta himself writes, This is as much my story as it is the story of my city, my country, and my times. Turn the pages and step into the world of resilience, nostalgia, and undying passion for the truth
DADA-DADI KI KAHANIYON KA PITARA
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description: हर दिन एक कहानी मुश्किलों के बिन जिंदगानी! यह वर्ष 2020 की बात है, जब बच्चे घरों में कैद होकर रह गए; क्योंकि नोवेल कोरोना वायरस भारत में आ धमका है। पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो चुका है, और इस बढ़ते संकट के बीच अज्जा और अज्जी अपने पोते-पोतियों और कमलु अज्जी का शिग्गाँव स्थित अपने घर में स्वागत करते हैं। मास्क सिलने से लेकर, घर के काम में हाथ बँटाने और श्रमिकों के लिए खाना तैयार करने से लेकर कालातीत कहानियों में खो जाने तक बच्चों के लिए लॉकडाउन का समय यादगार बन जाता है, जब वे देवी-देवताओं, राजाओं, राजकुमारों, साँपों, जादुई फलियों, चोरों, साम्राज्यों और महलों की दिलचस्प दुनिया में कदम रखते हैं। दादा-दादी की सुनाई अनगिनत कहानियाँ उनके जीवन में खुशियाँ भर देती हैं, जिनसे बच्चे दुनियादारी को लेकर पहले से कहीं अधिक दयालु और समझदार हो जाते हैं। भारत की लोकप्रिय लेखिका सुधा मूर्ति आपके लिए नैतिक गुणों से भरी ‘दादा-दादी की कहानियों का पिटारा’ का ऐसा संग्रह लेकर आई हैं, जिसे उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बड़े प्यार से सँजोया है, ताकि नन्हे-मुन्ने पाठकों को सुकून मिले और वे दूसरों की देखरेख तथा उनके साथ चीजों को साझा करने के चमत्कार का अनुभव प्राप्त कर सकें। उनकी चिर-परिचित शैली में बेहतरीन ढंग से बुनी गई पुस्तक को आप पढ़ने लगें तो उसे छोड़ने का मन नहीं करेगा और यह हर बच्चे के बुकशेल्फ के लिए एक आवश्यकता तो है ही!
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