Amrai
(0)
Author:
Padma SachdevPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
General-non-fiction₹
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साक्षात्कार विधा में पद्मा सचदेव का विशिष्ट स्थान है। ‘दीवानखाना’ और ‘मितवाघर’ के बाद देश की कला-संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों की कद्दावर हस्तियों से लिए गए साक्षात्कारों की यह पुस्तक ‘अमराई’ भी साक्षात्कार विधा के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसमें असमिया की इंदिरा गोस्वामी का एकदम अल्हड़, सादा लेकिन विशिष्ट जीवन है तो कुर्रतुल-ऐन-हैदर द्वारा देखा और जिया गया तत्कालीन मुस्लिम समाज भी है। नामवर जी के जीवन के अनूठे प्रसंग हैं तो कवि केदारनाथ सिंह के भीतर बहती नदी भी है। वयोवृद्ध, लेकिन बाल-सुलभ कौतुक से भरे त्रिलोचन हैं तो डॉ. भारती, इस्मत आपा तथा दूसरे कई भूले-बिसरे लोगों के संस्मरण भी हैं। श्रीमती ललिता शास्त्री के मन का कजरी गूँथते हुए अछूता कोना भी है तो डोगरी के पंतजी का गाँव भी है। कुल मिलाकर ‘अमराई’ के बीच बिछे तख्तपोश पर आप देश के कई विशिष्ट और साधारण लोगों को बैठा पाएँगे।
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साक्षात्कार विधा में पद्मा सचदेव का विशिष्ट स्थान है। ‘दीवानखाना’ और ‘मितवाघर’ के बाद देश की कला-संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों की कद्दावर हस्तियों से लिए गए साक्षात्कारों की यह पुस्तक ‘अमराई’ भी साक्षात्कार विधा के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
इसमें असमिया की इंदिरा गोस्वामी का एकदम अल्हड़, सादा लेकिन विशिष्ट जीवन है तो कुर्रतुल-ऐन-हैदर द्वारा देखा और जिया गया तत्कालीन मुस्लिम समाज भी है। नामवर जी के जीवन के अनूठे प्रसंग हैं तो कवि केदारनाथ सिंह के भीतर बहती नदी भी है। वयोवृद्ध, लेकिन बाल-सुलभ कौतुक से भरे त्रिलोचन हैं तो डॉ. भारती, इस्मत आपा तथा दूसरे कई भूले-बिसरे लोगों के संस्मरण भी हैं। श्रीमती ललिता शास्त्री के मन का कजरी गूँथते हुए अछूता कोना भी है तो डोगरी के पंतजी का गाँव भी है।
कुल मिलाकर ‘अमराई’ के बीच बिछे तख्तपोश पर आप देश के कई विशिष्ट और साधारण लोगों को बैठा पाएँगे।
Book Details
-
ISBN9788171787647
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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मास्टर कहानीकार, विनोद कुमार शुक्ला की एक ऐसे व्यक्ति की बहुत ही मार्मिक लघु कहानी है जो एक पेड़ वाले घर में रहना चाहता है। उनके वर्तमान घर में करंज का पेड़ है। करंज की पत्तियाँ और फूल उसके घर में उड़ते हैं क्योंकि हवा उसकी सुगंध उड़ा देती है। एक दिन मालिक ने उससे घर खाली करने को कहा. उसने तलाश की और एक पेड़ वाले दूसरे घर की तलाश की। अब कम से कम घरों में एक पेड़ लगाया जा सकता है। आपका क्या करते हैं? वह कहाँ रहेगा? अनुभवी चित्रकार, तपोशी घोषाल के पानी के रंग के चित्र एक दृश्य आनंद हैं। इतने कम रंगों के साथ, वह करंज के पेड़ को उसके सभी साथियों - घर और कबूतरों के साथ जीवंत कर सकती है। चित्रण के माध्यम से, वह न केवल पुस्तक का एक शांत और शांत मूड बनाती है, बल्कि वह इसकी प्रस्तुति में परिपक्वता की भावना भी जोड़ती है। Age group 9-12 years
Gamle Main Jungle
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Vinod Kumar Shukla +1
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यह कविता प्रकृति के साथ हमारे सह-अस्तित्व की ताज़ा अभिव्यक्ति है। चंद्रमोहन का चित्रण रंग के सामंजस्य के साथ इस सह-अस्तित्व की कल्पना करता है। Age group 0-6 years
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