Sindbad Ki Antim Yatra
(0)
Author:
Ravindranath TyagiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
500
400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
हिंदी की व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी का महत्त्वपूर्ण स्थान है। त्यागीजी ने अपने दो अन्य सहयात्रियों के साथ हिंदी-व्यंग्य को एक सुनिश्चित दिशा प्रदान की और उसे एक विधा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में अप्रतिम योगदान दिया। इस व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी की व्यंग्य-दिशा पूर्णत: भिन्न थी। हरिशंकर परसाई का क्षेत्र राजनीतिक था, शरद जोशी में विषय का वैविध्य एवं नए प्रयोगों का कौशल था, जबकि त्यागीजी में साहित्य और लालित्य की प्रधानता थी। त्यागीजी का यह विशिष्ट रंग था, अपनी मौलिक सर्जनात्मकता थी और हिंदी-व्यंग्य को शिखर तक ले जाने की प्रतिभा थी। यही कारण है कि हिंदी-व्यंग्य में उनकी अपनी अलग पहचान है तथा व्यंग्य-त्रयी के अंग होने पर भी वे अपने जैसे अकेले ही हैं। हिंदी-व्यंग्य के इतिहास में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान रहेगा और नई पीढ़ी के प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे। रवींद्रनाथ त्यागी ने विपुल मात्रा में व्यंग्य रचनाएँ कीं। संभव है, आज उनकी संपूर्ण व्यंग्य-कृतियाँ उपलब्ध न हों और पाठक उनकी प्रतिनिधि तथा उच्च कोटि की रचनाओं से वंचित रह जाएँ। इसी को ध्यान में रखकर रवींद्रनाथ त्यागी के संपूर्ण व्यंग्य-साहित्य में से कुछ चुनी हुई रचनाएँ इस पुस्तक में प्रकाशित की गई हैं। इससे पाठकों को उनके व्यंग्य-साहित्य की एक झलक मिल सकेगी और वे अपने इस प्रिय व्यंग्यकार की रचनाओं का रसास्वादन कर सकेंगे।
Read moreAbout the Book
हिंदी की व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी का महत्त्वपूर्ण स्थान है। त्यागीजी ने अपने दो अन्य सहयात्रियों के साथ हिंदी-व्यंग्य को एक सुनिश्चित दिशा प्रदान की और उसे एक विधा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में अप्रतिम योगदान दिया। इस व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी की व्यंग्य-दिशा पूर्णत: भिन्न थी। हरिशंकर परसाई का क्षेत्र राजनीतिक था, शरद जोशी में विषय का वैविध्य एवं नए प्रयोगों का कौशल था, जबकि त्यागीजी में साहित्य और लालित्य की प्रधानता थी। त्यागीजी का यह विशिष्ट रंग था, अपनी मौलिक सर्जनात्मकता थी और हिंदी-व्यंग्य को शिखर तक ले जाने की प्रतिभा थी। यही कारण है कि हिंदी-व्यंग्य में उनकी अपनी अलग पहचान है तथा व्यंग्य-त्रयी के अंग होने पर भी वे अपने जैसे अकेले ही हैं। हिंदी-व्यंग्य के इतिहास में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान रहेगा और नई पीढ़ी के प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे।
रवींद्रनाथ त्यागी ने विपुल मात्रा में व्यंग्य रचनाएँ कीं। संभव है, आज उनकी संपूर्ण व्यंग्य-कृतियाँ उपलब्ध न हों और पाठक उनकी प्रतिनिधि तथा उच्च कोटि की रचनाओं से वंचित रह जाएँ। इसी को ध्यान में रखकर रवींद्रनाथ त्यागी के संपूर्ण व्यंग्य-साहित्य में से कुछ चुनी हुई रचनाएँ इस पुस्तक में प्रकाशित की गई हैं। इससे पाठकों को उनके व्यंग्य-साहित्य की एक झलक मिल सकेगी और वे अपने इस प्रिय व्यंग्यकार की रचनाओं का रसास्वादन कर सकेंगे।
Book Details
-
ISBN9789352665297
-
Pages282
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Koi Ek Syeda
- Author Name:
Neha Dixit
- Book Type:

- Description: ‘कोई एक सईदा’ किताब में नेहा दीक्षित ने एक साधारण और बेनाम भारतीय महिला की कहानी असाधारण ढंग से लिखी है। बाबरी मस्जिद ध्वंस के चलते हुए दंगों के बाद सईदा अपने छोटे बच्चों और पति के साथ बनारस को छोड़कर दिल्ली आ जाती है। एक ग़रीब विस्थापित मज़दूर के रूप में वह दिल्ली में अनेक कामों को आज़माती है—जींस के धागों की तुरपाई से लेकर नमकीन बनाने तक, बादामों से गिरी निकालने से लेकर चाय की छलनी बनाने तक—पचास से ज़्यादा काम, ताकि उसकी घरेलू ज़रूरतें पूरी होती रहें। ऐसे काम जिनमें एक दिन की छुट्टी लेने का मतलब है काम से हाथ धो बैठना। एक दशक के शोध और लगभग नौ सौ लोगों से साक्षात्कारों के बाद तैयार हुई इस किताब में हमें अनेक तरह के लोग मिलते हैं—चाँदनी चौक का एक रिक्शेवाला जिसकी ज़िन्दगी एक आतंकी हमले की भेंट चढ़ जाती है, एक डॉक्टर जिसे लिंग निर्धारण टेस्ट के लिए गिरफ़्तार किया जाता है, एक गोरक्षक जिसकी बहन सईदा के बेटे के साथ भाग जाती है और पुलिसवाले जिन्हें मुस्लिम युवकों को पीटने में बहुत ज़्यादा मज़ा आता है। दिल्ली में हुए 2020 के दंगों के साथ सईदा की ज़िन्दगी का जैसे एक चक्र पूरा हो जाता है। उसे फिर उखड़ना पड़ता है। लेकिन वह अब इसकी अभ्यस्त हो गई है। उसे पता है कि एक ग़रीब, एक मुस्लिम और एक औरत होने के नाते उसे क्या झेलना है। गहन अन्तर्दृष्टि से युक्त यह किताब उस कठोर, कड़वे यथार्थ की अक्कासी करती है जो भारत के अभिजात तबक़े की आँखों से बहुत दूर रहता है। यह उन लाखों लोगों की कहानी है जिनकी कहानी कभी नहीं कही जाती। यह ‘नये भारत’ के शहरी जीवन का ऐसा चित्र है जो किसी भी संवेदनशील मन को चीरकर रख देता है।
Dhibri Tight
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Chaturang (Raj)
- Author Name:
Ravindranath Thakur
- Book Type:

- Description: ‘चतुरंग’ मूलत: जीवन के प्रयोजनों और उनकी उपलब्धि के बीच अनिर्णीत संघर्ष का कथा-प्रयोग है। अब तक हुई तमाम बौद्धिक व्याख्याओं की पहुँच के परे इस संघर्ष का प्रारम्भ कहीं भौतिक परिवेश में दिखाई देता है, कहीं तर्क और विवेक की जुगलबन्दी में और कहीं मनो-जगत में पलती आत्म-प्रताड़णा में; और तीनों ही स्रोतों से यह हमारे आधुनिक विचार-जगत में प्रवेश करता दिखता है। शचीश, श्रीविलास, दामिनी और लीलानन्द स्वामी इसे अपने-अपने स्तर पर जीते हैं—अध्यात्म और भक्ति के दिशाहारा आवेग में, दैहिक प्रेम की तृषार्त-भीरु गुफाओं में, जीवन के भीतर, जीवन के बाहर, प्रभंजन के व्यामोह से घिरे-घिरे। ताऊ जी (जगमोहन) इस कथा को रवीन्द्रनाथ की तत्कालीन सामाजिक चिन्ताओं से जोड़ते हैं, देहरी लाँघने की व्याकुलता तक।
Andhre Me Ujale Ki Kiran
- Author Name:
Madhur Kulshreshth
- Book Type:

- Description: MADHUR KULSHRESHTH New Novel
Kasheer
- Author Name:
Sahana Vijayakumar
- Book Type:

- Description: यह एक त्रासदी है कि कुछ कहानियाँ अनकही रह जाती हैं, प्रमुख कथाओं और जटिल वास्तविकताओं के कोलाहल में खो जाती हैं। कश्मीरी हिंदुओं की कहानी ऐसी ही एक कहानी है। जब यह उपन्यास जुलाई 2018 में मूल रूप से कन्नड़ में प्रकाशित हुआ था, तब धारा 370 लागू थी। अब, इसके निरस्त होने के बाद भी, उपन्यास बहुत प्रासंगिक है। कश्मीर की सृष्टि और प्रगति का परिचय, उसके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयामों से कराते हुए, यह उपन्यास न केवल कश्मीर के समकालीन और ऐतिहासिक दोनों चित्रों की कल्पना करता है, बल्कि सनातन धर्म और सेमेटिक मतों के अंतर्निहित दर्शन की भी छानबीन करता है। यह आवश्यक है कि आनेवाले दिन कश्मीर के लिए आशावाद से भरे हों। साथ ही कश्मीरी हिंदुओं की दुर्भाग्यपूर्ण कहानी को जानना भी उतना ही आवश्यक है, जो अपनी मातृभूमि से बेदखल किए गए हैं। यह उनकी कहानी है। यह कश्मीर की कहानी है।
Lahrein
- Author Name:
Amarnath
- Book Type:

- Description: सामाजिक सरोकारों को लेकर अत्यन्त सचेत कथाकार अमरकान्त के इस उपन्यास के केन्द्र में क़स्बाई परिवेश की साधारण घरेलू महिलाएँ हैं जो धीरे-धीरे पुरुषप्रधान पारिवारिक व्यवस्था में अपनी अस्मिता और स्थिति के प्रति सजग होती हैं। उनका यह सफ़र शुरू होता है उस वक़्त जब मुहल्ले में किराये पर रहने वाला एक आत्ममुग्ध व्यक्ति बरसों से गाँव में छोड़ी अपनी पत्नी को लेकर आता है। यह सीधी-सादी ग्रामीण स्त्री बस एक सवाल से वहाँ की सुखी-सन्तुष्ट स्त्रियों को झिंझोड़ देती है—‘ख़ूब कहती हो बहिनी, कहीं सुहागिन स्त्री का नाम पूछता है कोई? नाम लेकर बुलाता है भला?’ इस सवाल का जवाब किसी से नहीं बन पाता। वे सोचने लगती हैं कि वाक़ई, अपने ही विवाहित जीवन में, अपने ही परिवार में उनका नाम कैसे ग़ायब हो गया! यहीं से शुरू होता है उनका आत्म-चिन्तन जो पहले अकेले-दुकेले और फिर नियमित बैठकों तक जाता है और एक संस्था के रूप में फलीभूत होता है। अपनी पहचान को लेकर सजग होती स्त्रियों की विचारोत्तेज कथा है यह कृति।
Nandit Narak Mein
- Author Name:
Humayun Ahmed
- Book Type:

- Description: Bangla novel by Humayun Ahmed Translated in Hindi by Ramlochan Thakur
Jhuthiyapa
- Author Name:
Sachin Tyagi
- Book Type:

- Description: झूठ बोल कर बर्बाद होना आसान है, सच बोल कर कामयाब होना मुश्किल है। ये बात मयूर को तब समझ आयी जब उसके घरवालों ने , गर्लफ्रेंड ने , दोस्तों ने यहाँ तक सबने उसका साथ छोड़ दिया। क्योंकि झूठ का साथ हर कोई नहीं देता, सब साथ देते है सच का। जैसे मुजरिम का वकील भी पहले उससे सारी सच्चाई पूछता है तब साथ देता है। आज से दस साल पहले जहां मयूर के पास चलने के लिये तीन रास्ते थे। पच्चीस का होते ही वह तीन रास्ते भी बंद हो गये। जहाँ पहला रास्ता था जहां उसके घरवाले चलाना चाहते थे। दूजा वह जहां उसके दोस्त चल रहे थे। तीज़ा वह जहां वो खुद चलना चाहता था।
Doktor Glass
- Author Name:
Hzalmar Soderberge
- Book Type:

- Description: Novel
Gata
- Author Name:
Asha Raghu
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕಿ ಆಶಾ ರಘು ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ-ಗತ. ಪುನರ್ಜನ್ಮ ಎಂಬ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯು ಭಾರತೀಯರ ಜನಜೀವನದಲ್ಲಿ ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರಾಚೀನ. ಪುನರ್ ಜನ್ಮದ ನಂಬಿಕೆ ಆಳವಾಗಿ ಬೇರೂರಿದೆ. ಪುನರ್ಜನ್ಮವು ಇಲ್ಲ. ಜನರ ಧಾರ್ಮಿಕ ಭಾವನೆಗಳನ್ನು ಶೋಷಿಸಲು ಕೆಲವರು ಸೃಷ್ಟಿಸಿದ ತಂತ್ರ ಎಂದು ಹಳಿಯುವವರು ಇದ್ದಾರೆ. ಆದರೆ, ವ್ಯಕ್ತಿಯ ಮರಣ ನಂತರ ಆತ್ಮ ಇಲ್ಲವೇ ಜೀವ ಯಾರ ಕಣ್ಣಿಗೂ ಕಾಣಿಸದೇ ಹೋಗಿ ಮತ್ತೊಂದು ದೇಹದಲ್ಲಿ ಸೇರಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ. ದೇಹ ನಶ್ವರ. ಆದರೆ, ಆತ್ಮವಲ್ಲ ಎಂಬ ಭಾವನೆಯು ಪುನರ್ಜನ್ಮದ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯನ್ನು ಜನರು ನಂಬುವಂತೆ ಮಾಡಿದೆ. ಈ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟು ಆರಂಭವೂ ಅಲ್ಲ; ಸಾವು ಅಂತಿಮವೂ ಅಲ್ಲ. ಇಂತಹ ಕುತೂಹಲ ಹಾಗೂ ನಿಗೂಢ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಗಳನ್ನು ವಸ್ತುವಾಗಿಸಿಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
Kaamnaon Ki Munder Par
- Author Name:
Geetashree
- Book Type:

- Description: ‘हंस’ में कहानी ‘अफ़सानाबाज़’ पढ़ी। दर्द को मन में पूरी तरह जज़्ब करके लिखी है यह कहानी जो कहानी नहीं, सच लगती रहती है बराबर। उनके पहाड़ जैसे सन्ताप के सामने हमारे अपने निजी दुख कितने छोटे नज़र आने लगते हैं। गीताश्री ने लिखी नहीं, कहानी जी है। मृदुला गर्ग,कथाकार गीताश्री की कहानियों में आधुनिक स्त्री की उन्मुक्त उड़ान है तो परम्पराओं में क़ैद नारी की यौनिक आज़ादी व स्वतंत्र अस्तित्व के लिए छटपटाहट भी। वे अपनी कहानियों में लोक कथाओं का बघार लगाना भी बख़ूबी जानती हैं। गीता की समस्या यह है कि वे साहित्य की मर्दवादी दुनिया में एक एनिग्मा की तरह देखी जाती हैं। जो भी हो, आप उनकी कहानियों की आलोचना कर सकते हैं, आप उनकी कहानियों की प्रशंसा कर सकते हैं किन्तु अप्रभावित नहीं रह सकते। संजय सहाय, सम्पादक-कथाकार गीताश्री हमारे समय की एक विशिष्ट रचनाकार हैं। पत्रकारिता के प्रशिक्षण ने उन्हें एक ऐसी सूक्ष्म दृष्टि प्रदान की है जो उनके थीम्स के चयन के मार्फ़त हमें चौंकाती है और एक नई दुनिया को बिना किसी मिलावट के हमारे सामने नग्न कर देती है। समाज की रूढ़ियों, वर्जित विषयों और हाशिये पर खड़े लोगों पर गीताश्री ने संवेदनशील कहानियाँ लिखी हैं। उनमें से कुछ उनके इस संग्रह में शामिल हैं। उसकी बानगी है ‘न्याय-चक्र’ कहानी। जाति व्यवस्था किस तरह सामूहिक वर्ग-भेद के भीतर बनी रहती है और हाशिये का समाज कैसे इस दोहरी मार से उबर नहीं पाता है, इसका अद्भुत विश्लेषण करती है यह कहानी। वन्दना राग,कथाकार
Delightful Novella (Volume-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-3) is the first book in a series of four novellas that follows the adventures of a young woman named Delightful. She's an aspiring writer who's trying to find her way in the world, and she has some big decisions to make about what kind of life she wants to live.Delightful is also a very interesting character because she has autism--which means that she has difficulty communicating with others and understanding social cues. This makes her vulnerable when it comes to making friends and finding love, but it also means that she can be very observant about people's behavior and learn things about others that they may not even realize they're doing!
Tonhi
- Author Name:
Prabha Saras
- Book Type:

- Description: This is a book for children.
Ijaazat
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description: साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है। यह फ़िल्म ‘इजाज़त’ का मंज़रनामा है। इस फ़िल्म को अगर हम औरत और मर्द के जटिल रिश्तों की कहानी कहते हैं, तो भी बात तो साफ़ हो जाती है लेकिन सिर्फ़ इन्हीं शब्दों में उस विडम्बना को नहीं पकड़ा जा सकता, जो इस फ़िल्म की थीम है। वक़्त और इत्तेफ़ाक़, ये दो चीज़ें आदमी की सारी समझ और दानिशमंदी को पीछे छोड़ती हुई कभी उसकी नियति का कारण हो जाती हैं और कभी बहाना। पानी की तरह बहती हुई इस कहानी में जो चीज़ सबसे अहम है, वह है इंसानी अहसास की बेहद महीन अक्कासी जिसे गुलज़ार ही साध सकते थे। इस कृति के रूप में पाठक निश्चय ही एक श्रेष्ठ साहित्यिक रचना से रू–ब–रू होंगे।
Kya Main Andar Aa Sakta Hoon
- Author Name:
Arun Kumar Asafal
- Book Type:

- Description: Novel
Sitayan
- Author Name:
Susheel Kanti
- Book Type:

- Description: Book
The Owl, The River, The Valley
- Author Name:
Arupa Patangia Kalita +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: In Arupa Patangia Kalita’s stories, contemporary women in Assam take centerstage. The deeply lyrical and empathetic stories talk about issues like surrogacy, migration, living in a colonial legacy, employment, and history—all of which affect women in the region today. In Mitra Phukan’s nuanced translation, the region and its people come alive. A deeply compelling and satisfying collection for lovers of contemporary fiction, The Owl, the River, the Valley is a deeply compelling journey into Assam.
Dukhiyare
- Author Name:
Anis Ashfaq
- Book Type:

- Description: वे ख़ुशियाँ, वे खिलखिलाहटें, वे रौनक़ें जिनसे लखनऊ कभी आबाद होता था, मुरझाती हुई धीरे-धीरे उदासियों में बदल गईं। कुछ हवेलियाँ बिक गईं, कुछ नीलाम और कुर्क हो गईं। खानदान जिनकी उपमा सितारों से दी जाती थी, वक़्त और अपनी लापरवाहियों से पिटते-पिटते सड़कों पर आ गए, सड़कों पर भी जगह न रही, तो पब्लिक मैदानों में जा टिके...कर्बलाओं, इमामबाड़ों और मस्जिदों में सिर छुपाते घूमने लगे। ये कहानी इसी दुखियारे वक़्त की है। एक भाई हैं जो छोटे भाइयों के मुक़ाबले अपनी माँ के बहुत लाडले हैं लेकिन उनके दिमाग़ में ख़लल है, बेचैनी कहीं टिकने नहीं देती...वक़्तन-फ़-वक़्तन कुछ औल-फौल बोलने लगते हैं, अपने ख़्वाबों की हवेलियों के नक्शे खींचने लगते हैं और कभी भी किधर भी निकल जाते हैं, छोटे भाई उनको ढूँढ़ते रहते हैं, जब मिलते हैं तो घर भी ले आते हैं, लेकिन बड़े फिर किसी दिन कोई पर्चा छोड़कर ग़ायब हो जाते हैं... शुरू से आख़िर तक यही सिलसिला चलता रहता है, खो जाने और मिल जाने का, और इस लामहदूद–से लगने वाले सफ़र में पुराने लखनऊ का इतिहास और भूगोल हमारी आँखों के सामने से गुज़रता जाता है, उस दुख को दर्ज करता हुआ जिन्हें वक़्त अपने उतरते दिनों की झोली में डालकर कभी न लौटने के लिए चला जाता है...
The Tiger King: The Bagheera Chronicles
- Author Name:
Rahul Balaji
- Book Type:

- Description: “Your Majesty, the occurrence of true love is rare, and that is why it is so powerful.” An ancient curse forces the eighteen-year-old Rajput Prince Vanraj Sisodia to live the life of a Bagheera — an infamous shape-shifter that transforms into a tiger under the full moon. His life of luxury is thrown off-course, and he must cope with this curse and the burdens of a not so regular life of a prince. His family bears the brunt of the curse, when he loses his parents in a horrific accident. With only his grandmother, beside him, and a sister who blames him for all that they have lost, he leads a reclusive life, hating himself. His miserable existence takes a magical turn when he meets the beautiful and vivacious Lasya — a teenage witch. Connecting with others has never been easy for the young prince, but Lasya's mysterious charm is more than he can resist. He doesn't want to trust her, considering the fact that a witch was responsible for his curse. True Love is the last thing that Vanraj wants in his life, and yet, True Love is the only thing that can save him.
Aadumbolaa
- Author Name:
K.K.Nair +2
- Book Type:

- Description: ಆಡುಂಬೊಲ: (ತಟ್ಟಕಂ) ಕಾದಂಬರಿಯಲ್ಲಿ 'ಮುಪ್ಪಿಲಕ್ಕೇರಿ' ಪ್ರದೇಶದ ಸ್ಥಳಪುರಾಣ, ಜನರ ಬದುಕು ಬವಣೆ, ಶೈಕ್ಷಣಿಕ, ರಾಜಕೀಯ, ಧಾರ್ಮಿಕ ಸ್ಥಿತ್ಯಂತರಗಳೇ ಮುಂತಾದ ಅನೇಕ ಆಯಾಮಗಳನ್ನು ಪ್ರಾಗೈತಿಹಾಸಿಕ ಕಾಲದಿಂದ ಆಧುನಿಕ ಕಾಲದವರೆಗೆ ವಿಶ್ಲೇಷಣಾತ್ಮಕವಾಗಿ ಕಟ್ಟಿಕೊಡಲಾಗಿದೆ
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book