Kurinji - The Story of a Music Maestro
(2)
Author:
Kove Manisekharan, K. ChellapenPublisher:
Sahitya AkademiLanguage:
EnglishCategory:
Contemporary-fiction₹
125
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English translation by K Chellapen of Kove Manisekharan's Sahitya Akademi award winning Tamil Novel Kutrala Kurinji. Sahitya Akademi Award 2013
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English translation by K Chellapen of Kove Manisekharan's Sahitya Akademi award winning Tamil Novel Kutrala Kurinji. Sahitya Akademi Award 2013
Book Details
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ISBN9788126033348
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Pages228
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Avg Reading Time8 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: वह रात जागरण वाली थी जी हाँ! वह जागरण की ही रात थी। मुलायम सिंह जागते रहे थे इस चाव में कि कल 30 अक्तूबर को डेढ़ कार सेवक भी उनकी प्रिय मसजिद की ओर नहीं बढ़ पाएगा तो मैं किन शब्दों में अपनी महान् विजय का बखान दूरदर्शन पर करूँगा। लाखों कार सेवक जागते रहे इस ललक, उछाह और सौभाग्य की प्रतीक्षा में कि कब दिन निकले और हमें अपने आराध्य रामलला के श्रीचरणों में जीवन पुष्प चढ़ाने का सौभाग्य मिले। हवाएँ, तारक मालाएँ, अनंत आकाश और धवल चंद्रमा जागते रहे उन राम सेनानियों पर आशीषों की वर्षा करने में जो कल अपने प्राण हथेली पर लेकर निहत्थे मशीनगनों की गोलियों की बौछारों में सीने तानकर आगे बढ़ेंगे। और माँ सरयू जाग रही थी उस पावन रक्त के अपनी जलनाशि में आ मिलने की आशंका में दहती हुई जो कल अयोध्या की गलियों और उसके पुल पर बहने वाला है। उस रात तो स्वयं नींद भी जागी थी। पल-पल का मोल अमोल और अनमोल हो उठा था।
Jatara
- Author Name:
Boya Jangaiah +1
- Book Type:

- Description: English translation by K Damodar Rao of Boya Jangaiah's Telugu novel.
Bhoole-Bisre Chitra
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Rating:
- Book Type:

- Description: एक महान् कृति, भारतीय समाज और परिवार के विकास की विविध दिशाओं और रूपों का एक विराट एवं प्रभावोत्पादक चित्र। -डॉ. एस.एन. गणेशन निकट अतीत के चित्रों का एक एलबम—वह अतीत जिसे वर्तमान पीढ़ी को न भूलना चाहिए और न जिससे विमुख ही होना चाहिए, क्योंकि उसी में हमारे नए जीवन का बीजारोपण हुआ था। परिवार के चित्रों के एलबम के विपरीत इस एलबम के चित्र धुँधले नहीं पड़े हैं, क्योंकि कैमरा एक ही रहा है। लैंसों का प्रयोग इस कुशलता से किया गया है कि चित्र बिल्कुल साफ़ और हूबहू अंकित हुए हैं, दूरी ने उन्हें धुँधला नहीं किया है, भावातिरेक या दुःख ने विकृत नहीं किया है। —जगदीशचन्द्र माथुर
The Ungrateful
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: The person achieves his objective without fretting about anyone if he possesses the yearning and resolves to accomplish something for the society, but then there is that segment in our society that always maintains a negative approach towards everything. They especially strive to distract those who strive for society's betterment and create multiple obstacles in their path. A similar incident transpired with Ambuj to deviate him from his goal. At the same time, vicious circles were structured by the adversaries and by the personnel associated with his organisation. While moving through the path of truthfulness and noble feats, a person often passes through the long haul of sinister, shadowy conduits, where he might ramble in the confusion of his choice. Still, when he approaches the end of the dark tunnel, he encounters the golden rays of pleasant morning rays spreading its light. The novel The Ungrateful is another milestone in the powerful writing of famous litterateur Shri Ramesh Pokhriyal 'Nishank', which exposes both the morally upright, virtuous and ruthless and unscrupulous facets of society. It furnishes the hallmark of bonded, shattered, and reconnected associations.
Everything Will Be Alright
- Author Name:
Shubhanku Kochar
- Book Type:

- Description: The novel is about two lovers cum friends, Nihal and Bhoomi, who leave their houses searching for fulfilment. They both have a dream. Nihal wants to win a gold medal in Mega events on an international platform, whereas Bhoomi intends to search for her biological parents as an adopted child. Both of them meet at a certain point and fall in love, and decide to get married even after the divine forces have declined their match. Along with this runs a parallel story of Antra and Apurva, who come from different backgrounds. They also fall in love with their terms for getting married. The story is full of magic realism where God and human beings, myth and reality, participate collectively in a specific direction. The attempt here is to experiment with the phrase: Everything will be alright. Humans tend to say to each other, "Don’t worry, Everything will be alright,” in our sheer exuberance, we keep challenging the unseen forces represented by God. The question that the novel poses before the reader is, “Can everything be alright?” Moreover, the intervention of God or Nature at various places is symbolic in asserting that human beings should not try to behave like the Lord of the Universe.
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