Haril
Author:
Hitendra PatelPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 164
₹
200
Available
Novel
ISBN: 9789380044095
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Pardesia
- Author Name:
Buddhadev Guha
- Book Type:

- Description: बेहद सहज और सरल ढंग से क़िस्सागोई की शैली में लिखा गया यह उपन्यास बंगाली समाज के स्वभाव और चरित्र का सच्चा एवं प्रामाणिक चित्र उपस्थित करता है। महानगरीय जीवन की भागमभाग और गहमागहमी से ऊबी–थकी अविवाहित कामकाजी युवती, अरा, जब अपनी बड़ी बहन स्मृति के घर बिलासपुर छुट्टियाँ बिताने पहुँचती है तो उसके सामने धीरे–धीरे जीवन का सर्वथा नया अर्थ खुलता चला जाता है। उसके अभावग्रस्त एकाकी जीवन की थकान दूर होती है और वह जीवन–राग एवं प्रकृति–राग से लबरेज तरोताज़ा होकर कलकत्ता लौटती है। हर जीवन महाजीवन है और ढोने के लिए नहीं, जीने के लिए है—जीवन का यह पाठ अरा को प्रकृति से समृद्ध आदिवासी अंचल छत्तीसगढ़ की गोद में बसे बिलासपुर में मिलता है। महानगरीय जीवन–बोध और प्रकृत आदिवासी जीवन–बोध की टकराहट की अनुगूँज लिए यह छोटी–सी औपन्यासिक कृति एक सूने सितार के तार छेड़ने की तरह है। यह सितार है ‘अरा’ जिसके तार छेड़ता है ‘परदेसिया’ और जिसकी झंकृति पाठक के दिलो–दिमाग़ में देर–देर तक, दूर–दूर तक बनी रहती है। बांग्ला के अग्रिम पंक्ति के कथाकार बुद्धदेव गुहा ने अपनी व्यापक यात्राओं के दौरान पहाड़ों, जंगलों और नदियों को काफ़ी नज़दीक एवं आत्मीयता के साथ देखा है और अपनी रचनाओं के ज़रिए पाठकों में प्रकृति से प्रेम करने की ललक जगाई है। उनके साहित्य में स्त्री–पुरुष प्रेम से लेकर जनसाधारण तक के प्रति रागात्मक सम्बन्धों का विस्तार देखा जा सकता है। यह उपन्यास इस बात की बहुत ही सशक्त तरीक़े से पुष्टि करता है।
Rajnigandha : Patkatha
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

- Description: मन्नू भंडारी की प्रसिद्ध कहानी ‘यही सच है’ और उस पर आधारित बासु चटर्जी की फ़िल्म ‘रजनीगंधा’। इन दोनों रचनाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में इतिहास रचा था। ‘यही सच है’ अपनी जटिल भावभूमि और सघन संवेदना के चलते जहाँ हिन्दी की उत्कृष्ट कहानियों में शुमार हुई और बड़े पैमाने पर प्रशंसित-चर्चित होती हुई आज भी अपनी प्रासंगिकता में अडिग है, वहीं ‘रजनीगंधा’ फ़िल्म ने हिन्दी सिनेमा के कलात्मक और कॉमर्शियल विभाजन को शायद पहली बार ख़त्म किया और एक अत्यन्त संवेदनशील विषय को बेहद बारीकी से फ़िल्माते हुए लोकप्रियता के मानदंड स्थापित किए। उल्लेखनीय है कि ‘रजनीगंधा’ शायद अकेली ऐसी फ़िल्म है जिसे फ़िल्मफेयर के ‘पब्लिक’ और ‘क्रिटीक’, दोनों अवार्ड मिले। ‘रजनीगंधा’ की यह पटकथा सिनेप्रेमियों को एक बार पुन: अपनी स्मृतियों में बसी उस फ़िल्म के साथ होने का अहसास देगी और फ़िल्म में देखे अपने प्रिय पात्रों-दृश्यों को भाषा के टकराव में ज़्यादा निकट से देखने और समझने का अवसर उपलब्ध कराएगी।
Baduku - Award Winning Novel - Kannada
- Author Name:
Geeta Nagbhushan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dr. Geetha Nagabhushana's work is mostly based on the travails of the distressed, exploited and naïve people of slums or the lowest strata of the Hindu caste Order. In fact, her unique naraation brings in a slice of real life that touches our core rather than mere depiction of fictious characters. The dialect of Kannada we read in Baduku needs special mention for its authencity and the cultural richness. Throughout the novel the ordeal of the community that falls in the lowest strata of the Varna system is presented unapologetically. Also, the tribulation of women who appear in Baduku is a slap on the patriarchal society. The novel is complete slice of the society covering all the aspects of atrocity and oppression; Class, Caste, Gendar downtrodden of Urban and Rural. There is no fair deal in any of the cross section.
Homeland
- Author Name:
Dalpat Chauhan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Dalpat Chauhan's first novel Homeland (Malak in Gujarati) is set in rural northern Gujarat in pre-independence India and tells the tale of a community of Dalits who eke out an existence on the margins of an upper castr village. They belong to the Vankar caste and are considered 'Untouchables' by the upper caste villagers. Many of them because of small loans taken by them or their forefathers from the village landlords are 'bonded' for generations to them and have to provide them with free labour. Their women are sexually harassed and at times raped and murdered. Yet these Vankars are attached to their Malak and are traumatised when they are forced to leave it due to the threat of uppar caste reprisal over the relationship between a young Dalit man and upper castemarried woman. Homeland is writtten in what be termed the postcolonial narrative style, with interior monologues, interventions of the past into the present and alternative voices. The language is a judicious mix of Northern Gujarat rural dialect and standard Gujarati. This gives the novel a very authentic and contemporary edge.
Mukti -The Salvation
- Author Name:
Sanjay Sharma
- Rating:
- Book Type:

- Description: Can you take the law into your own hands and kill the rapist, extortionist, and murderer who has been hounding you and the entire basti where you lived? Can you—while assassinating the criminal in front of police and law—also castrate the man? Some women got together and did just that. The police never protected them nor did the local MLA help. In fact, these two entities also joined in exploiting these victims. Did they get caught? Were they sentenced? And why did the criminal behave the way he did? Why did he come to hate women? What made a boy turn into a rapist?
Samudrantike Novel
- Author Name:
Dhruv Bhatt
- Book Type:

- Description: बंगाली के यहाँ हम बहुत देर तक रुके रहे। बंगाली ने गीत गाए। मुखिया ने भी भजन गाए। बारिश नहीं हुई तो क्या होगा, ऐसी चिंता व्यक्त की! तब बाबा बोला, ‘‘नहीं, बरसात जरूर आवेगी, जोरों से आवेगी।’’ रात होने को आई, तब हम उठे। बाबा नीचे तक हमें छोड़ने आया। फिर कहने लगा, ‘‘देख मुखी, एक बात मान, तेरे गाँव में जो बच्चे हों, उन सबको थोड़े दिन हवेली भेज दे और मवेशियों को बाँधना नहीं, ऐसे ही खुले छोड़ देना।’’ ‘‘क्यों?’’ एक बाबा ऐसी नई व्यवस्था करने को कहे, यह मेरे लिए कुछ अजीब था। ‘‘क्यों, छोकरे लोग बँगले में रहेगा तो तेरे कु तकलीफ है क्या?’’ ‘‘नहीं, पर गाय-बैलों को क्यों नहीं बाँधना?’’ मैंने पूछा। ‘‘सुन, डराता नहीं हूँ, पर ये अपने अनंत महाराज हैं न, ये दरिया, दो-तीन दिन से ठीक से बात नहीं करते। लगता है महाराज शायद तूफान कर देंगे।’’ —इसी उपन्यास से पारंपरिक, अविज्ञान-सम्मत, आस्था प्रधान समाज और मुनाफाखोर निंदक समाज के बीच के गतिरोध और संघर्ष को संतुलित करता प्रभावी उपन्यास। इसमें लोक है, लोकनायक हैं, जो उपन्यास के ताने-बाने को बुनते हैं। एक प्रभावी, पठनीय उपन्यास।
Bhootgaon
- Author Name:
Naveen Joshi
- Book Type:

- Description: हिन्दी के वरिष्ठ कवि-गद्यकार लीलाधर मंडलोई की यह आत्मकथा ‘जब से आँख खुली हैं’ केवल उनकी नहीं बल्कि सतपुड़ा के जंगलों में विस्थापित होकर पहुँचे खान-मज़दूरों, दलित-अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों की भी कथा है। कोरकू, गोंड़ और भारिया आदिवासियों के जीवन के स्याह चित्र भी इसमें आपको मिलेंगे। वेस्टर्न कोल्ड फ़ील्ड के छिन्दवाड़ा और दमुआ जिलों में कोयला-खानों की एक बड़ी शृंखला है। एक में कोयला ख़त्म हुआ तो दूसरी, तीसरी, चौथी और यह प्रक्रिया चलती रहती है जिसमें मज़दूरों को बार-बार उजड़ना पड़ता है। न पक्की नौकरी, न अस्पताल, न स्कूल, न मकान; बस भूख, ग़रीबी, अकाल मृत्यु, दुर्घटनाएँ और दुखों का असीम संसार। ओपनकास्ट और अंडर ग्राऊंड खदानों में बाल-मज़दूर का जीवन जीते हुए लेखक ने यह सब बचपन में ही देख-जी लिया था। आस-पास का जीवन त्रासद था लेकिन जीवन की प्रतिकूलताओं में बनी सामुदायिकता ने वहाँ संघर्ष, जिजीविषा और आनन्द की एक पारिस्थितिकी भी निर्मित की थी जिसमें गोंडवाना, बुन्देलखंड और बाहर से आए लोगों की बोली-बानी, भाषा, खानपान, रहन-सहन और संगीत की समावेशी संस्कृति दिखाई देती थी। इस आत्मकथा को पढ़ते हुए हम जान पाते हैं कि खदानों की गहराइयों ने खदानों को कैसे खोखला कर दिया, कैसे जल-स्तर हज़ारों फ़ीट नीचे चला गया, पानी का संकट गहराया और जंगल उजड़ने लगा। जंगल का जीव-जगत समाप्त होने लगा। कई प्रजातियाँ खो गईं। आदिवासियों का विस्थापन शुरु हुआ। उनकी संस्कृति लुप्त होने लगी। सके अलावा प्राइवेट कम्पनी के कार्यकाल में शोषण, अनाचार, उपेक्षा, शोषण आदि के आख्यान भी इस पुस्तक का हिस्सा हैं।
Konncigeya sahasa
- Author Name:
Anupama K Benachinamardi
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಮಕ್ಕಳ ತಲೆಗೆ ಹಾಕುವ ಟೋಪಿ, ಕೊಂಚಿಗೆಯು ಒಂದು ದಿನ ಗಾಳಿಯಲ್ಲಿ ಹಾರಿ ಹೋಯಿತು. ಹಾಗೆ ಹಾರಿ ಹೋದಾಗ ಏನೇನು ಸಾಹಸ ಮಾಡಿತು? ಎಂಬುದನ್ನು ಕಥೆ ಹೇಳುತ್ತದೆ.
Parva - Malayalam
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: Parva is a novel written by S. L. Bhyrappa in the Kannada language. It is a retelling of the Sanskrit epic Mahabharata, narrated through the personal reflections of the principal characters. The novel is widely acclaimed as a modern classic. Parva is among Bhyrappa's most widely debated and popular works and is considered by many to be his greatest.
Phoolsunghi
- Author Name:
Gautam Choubey
- Rating:
- Book Type:

- Description: ‘Babu Sahib! You must have heard of a phoolsunghi—the flower-pecker—yes? It can never be held captive in a cage. It sucks nectar from a flower and then flies on to the next.’ When Dhelabai, the most popular tawaif of Muzaffarpur, slights Babu Haliwant Sahay, a powerful zamindar from Chappra, he resolves to build a cage that would trap her forever. Thus, the elusive phoolsunghi is trapped within the four walls of the Red Mansion. Forgetting the past, Dhelabai begins a new life of luxury, comfort, and respect. One day, she hears the soulful voice of Mahendra Misir and loses her heart to him. Mahendra too, feels for her deeply, but the lovers must bear the brunt of circumstances and their own actions which repeatedly pull them apart. The first ever translation of a Bhojpuri novel into English, Phoolsunghi transports readers to a forgotten world filled with mujras and mehfils, court cases and counterfeit currency, and the crashing waves of the River Saryu.
Durdamya - Kannada
- Author Name:
Gangadhar Gadgil +1
- Book Type:

- Description: A truly wonderful book . It explains the life of one of our greatest leader Lokmanya Bal Gangadhar Tilak . A truly inspiring book
Black Soil
- Author Name:
Ponneelan +1
- Book Type:

- Description: Kannappan is posted to Perumalpuram as the new schoolteacher. The village lies in the black soil region of Tamil Nadu where the river Tamirabarani flows. He's an outsider in this village with Veerayyan, a local farmer, as his only guide and friend. Once settled in his role, Kannappan observes the everyday brutality faced by the farmers at the hands of the sadistic, all-powerful landlord-the Master. Child marriage is common in the village and so is the appalling practice of marrying young lads to older women who then serve as their father-in-law's consort. Through his gentle yet probing conversations with the villagers, Kannappan tries his best to show the villagers a better way of life. The farmers who had begun protesting the excesses meted out to them by the upper-caste landlord soon find an ally in Kannappan. The schoolteacher's sympathies for their cause bolster their waning spirits and replenishes their resolve to fight back. Ponneelan's first novel is a tour de force. Now translated for the first time, Black Soil lays bare the atrocities faced by the farmers and the human cost of building a better tomorrow.
Swarg Ka Antim Utaar
- Author Name:
Lakshmi Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: यह लक्ष्मी शर्मा का दूसरा उपन्यास है, उनका पहला उपन्यास भी बहुत चर्चित रहा था। अमीरी और ग़रीबी के बीच की खाई, मानव मन के गहरे में पैठे हुए लालच और उन सब के बीच कहीं-कहीं बची हुई संवदेनशीलता को यह उपन्यास बहुत ख़ूबसूरती के साथ रेखांकित करता है। यह कहानी केवल छिगन की कहानी नहीं है, बल्कि छिगन के बहाने यह उस करुणा को तलाश करने की कहानी है, जो करुणा भारत की आत्मा में बसती है।
Jalaanjali
- Author Name:
Pankaj Parashar
- Book Type:

- Description: Book
Aaivanho
- Author Name:
Sir Valter Scot
- Book Type:

- Description: जब एशबी के मैदान में आइवनहो बेहोश होकर गिर पड़ा था और सारी दुनिया उसका परित्याग कर चुकी थी तब रेबेका ने ही अपने पिता को राज़ी किया कि आइवनहो को अपने निवास-स्थान पर ले जाए। रेबेका ने ख़ुद अपने हाथ से उसके घावों पर पट्टियाँ बाँधीं। घर पहुँचने के बाद भी आइवनहो काफ़ी ख़ून निकल जाने के कारण देर तक बेहोश रहा। रेबेका ने कहा कि घाव गहरे नहीं हैं और अगर बुख़ार नहीं आया तो यार्क की यात्रा नुक़सानदेह नहीं होगी। आइज़क ज़्यादा-से-ज़्यादा वहीं अच्छा होने के लिए छोड़ जाना चाहता था, लेकिन रेबेका ने उसको अपने साथ ले जाने के लिए दो तर्क दिए। एक तो वह अपने बहुमूल्य मरहम की शीशी को किसी दूसरे चिकित्सक को नहीं दे सकती। दूसरे, घायल नाइट आइवनहो का विल्फ्रेड सिंह-हृदय रिचर्ड का घनिष्ठ मित्र है और चूँकि आइज़क ने उसके भाई जॉन को विद्रोहपूर्ण कार्यों के लिए काफ़ी पैसा दिया है, इसलिए उसको रिचर्ड के लौटने पर ऐसे शक्तिशाली संरक्षकों की ज़रूरत पड़ेगी। काले नाइट ने कहा, "एक कुलीन महिला का सम्मान ख़तरे में है।" भले रिसालेदार ने कहा, "बेचारे वफ़ादार मसखरे वाम्बा का बाल भी बाँका हुआ तो मैं ईंट-से-ईंट बजा दूँगा !" काले नाइट ने लाक्सले से कहा, "यह अच्छा हो कि सेड्रिक इस हमले का नेतृत्व करे।" लेकिन सेड्रिक ने युद्ध-कौशल में अनभिज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि वह अगली पंक्ति में ज़रूर रहेगा, पर नेतृत्व करना उसके वश का नहीं है। लाक्सले ने तीरन्दाज़ों का दिग्दर्शन करने का काम अपने ऊपर लिया। फिर काले नाइट को इस सेना का सूत्र सँभालना पड़ा और पहला हमला शुरू हो गया। सर वाल्टर स्कार्ट का प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास है ‘आइवानहो’।
Shantanukulnandan - Award Winning Novel
- Author Name:
Purabi Bormudoi +1
- Book Type:

- Description: शान्तनुकुलनन्दन - पुरस्कृत असमिया उपन्यास अति ग़हिरो भावपूर्ण र जीवन्त भाषाशैलीमा रचिएको ऐतिहासिक कथानक हो। अनादि अनंतकालसम्म प्रवाहित महानदी ब्रह्मपुत्र को जीवन रेखा महामुनि शान्तनु र भार्गव परशुरामको जीवन संग जोडेर संपूर्ण भारतीय भाषा-कृष्टि, धर्म-संस्कृति यस्को उद्भव अनी विकास सम्म मननशील शास्त्र सम्मत इतिहासपरक दस्तावेज भन्न मिल्दछ। प्राचीन भारतमा किरातहरुको, आर्यहरुको उपस्थिति प्रवजन, यवनहारूको व्यावसायिक परिभ्रमणले भारतको उत्तर-दक्षिण पूर्व-पश्चिम सबै दिशा र परिवर्तनशील समयको बदलिदो दिशा र दशालाइ शान्तनुकुलनन्दनले समेटेको छायस्को भाषिक उच्चतपूर्वक मर्यादापूर्ण कथनभड़गीले पाठकलाई स्वत समाहित गराउछ।
Phirangi Thag
- Author Name:
Rajendra Chandrakant Rai
- Book Type:

- Description: Novel
Shailoosh
- Author Name:
Shiv Prashad Singh
- Book Type:

- Description: खानाबदोश नटों के जीवन, संस्कृति, उनकी यायावरी और भावनात्मक पक्ष पर केन्द्रित शिवप्रसाद सिंह के अत्यन्त चर्चित उपन्यासों में से एक है। इस उपन्यास में जरायमपेशा और हमेशा चलते रहने वाले नटों की जिन्दगी के आँखों देखे विवरणों के साथ उन्होंने अपने शोध व अनुसन्धान से प्राप्त तथ्यों को भी शामिल किया है। एक कबीलाई जीवन-शैली की यह कथा हमारी कई नैतिक धारणाओं और सामाजिक पूर्वग्रहों को भी तोड़ती है, और हमें एक अलग ढंग के जीवन से परिचित कराती है। नट समाज के जीवन में आने वाले बाहरी दबावों और उनके अपने दायरे के विभिन्न पहलुओं को समेटते हुए इस उपन्यास में भाषा का प्रयोग भी उपन्यासकार ने अत्यन्त सामर्थ्य के साथ किया है और शिक्षित समाज की दृष्टि को एक ओर रखकर नटों के जीवन की एक प्रामाणिक कथा रची है।
Kasheer
- Author Name:
Sahana Vijayakumar
- Book Type:

- Description: यह एक त्रासदी है कि कुछ कहानियाँ अनकही रह जाती हैं, प्रमुख कथाओं और जटिल वास्तविकताओं के कोलाहल में खो जाती हैं। कश्मीरी हिंदुओं की कहानी ऐसी ही एक कहानी है। जब यह उपन्यास जुलाई 2018 में मूल रूप से कन्नड़ में प्रकाशित हुआ था, तब धारा 370 लागू थी। अब, इसके निरस्त होने के बाद भी, उपन्यास बहुत प्रासंगिक है। कश्मीर की सृष्टि और प्रगति का परिचय, उसके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयामों से कराते हुए, यह उपन्यास न केवल कश्मीर के समकालीन और ऐतिहासिक दोनों चित्रों की कल्पना करता है, बल्कि सनातन धर्म और सेमेटिक मतों के अंतर्निहित दर्शन की भी छानबीन करता है। यह आवश्यक है कि आनेवाले दिन कश्मीर के लिए आशावाद से भरे हों। साथ ही कश्मीरी हिंदुओं की दुर्भाग्यपूर्ण कहानी को जानना भी उतना ही आवश्यक है, जो अपनी मातृभूमि से बेदखल किए गए हैं। यह उनकी कहानी है। यह कश्मीर की कहानी है।
Musafir Hoon Yaro
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक के लेखक सरकार के लिए कार्य करनेवाले एक सैंतीस वर्षीय भारतीय हैं। भारत सरकार ने अपने मध्य क्रम के अधिकारियों के शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एम.बी.ए कोर्स हेतु उन्हें चुना और प्रायोजित किया था। इस कोर्स के लिए उन्हें एक अल्पज्ञात यूरोपीय देश स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना भेजा गया। बीते हजारों वर्षों से यूरोपीय यात्री भारत की यात्रा करते और अपनी इन यात्राओं के बारे में लिखते रहे हैं। मेगस्थनीज से लेकर मार्को पोलो और निकोलो कॉण्टी से मार्क टली तक बहुत से श्वेत यूरोपियनों ने भारत की यात्रा कर अपने देशवासियों व भावी पीढ़ी के लाभ हेतु अपने अनुभवों को दर्ज किया है। इस अनुपात में, यूरोप की यात्रा करनेवाले भारतीयों की संख्या बहुत कम है और उनमें से भी अपने अनुभवों, दृष्टिकोणों व प्रतिक्रियाओं को दर्ज करनेवालों की संख्या तो और भी कम रही है। लेकिन पिछली शताब्दी में भारत इतना बदल गया है, जितना इतिहास में किसी भी शताब्दी में नहीं बदला था। आज इतिहास में पहली बार यूरोप से आनेवालों के मुकाबले यूरोप जानेवाले भारतीयों की संख्या अधिक हो गई है। इसके बावजूद कुछ अज्ञात कारणों से अपनी यूरोप यात्रा के अनुभवों को दर्ज करनेवाले भारतीयों की संख्या नगण्य ही है। यह पुस्तक इसी असंतुलन को साधने का एक विनीत प्रयास है, जो वहाँ की कला-संस्कृति-समाज का सांगोपांग दर्शन कराती है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book