Aaranyak - Award Winning Novel
Publisher:
Sahitya AkademiLanguage:
MaithiliCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 215.8
₹
260
Available
आरण्यक भारतीय साहित्यमे अनेक एहन महान विभूति लोकनि छथी जे अपना कृतित्व साँ अपन युग आ समकालीन परिदृष्क समृद्ध कयलनि अछि आ ओकरा एक नव दृष्टि प्रदान कयलनि अछि।
एहि उपन्यासमे उपन्यासकार 'प्रकृत प्रदत' वन-संपादमे प्रकृति चित्रण, मानवीय संवेदनाक घटित घटनाकाँ अनुभवक आधार पर मनुष्यक लेल एक एहन कथानकक निर्माण कयलनि अछि, जाहिसाँ जीवन-जगतक सत्यता बहुत लग साँ देखल गेल अछि। ई एक अनुपम, अनुभूतिपूर्ण स्मृति-कथा अछि जे मनुष्य जीवनक आख्यान आ ओकर यात्राकाँ सार्थक करैत अछि। ई एक प्रकरें मानव जीवक एकांत समानुभूतिशील साहचर्यक आख्यान थीक।
ISBN: 9789389467024
Pages: 224
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Beghar Ankhen
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Colours Caught in Mist
- Author Name:
Govind Mishra +1
- Book Type:

- Description: Colors Caught in Mist is the English translation of Govind Mishra's Hindi novel “Kohre Mein Quiad Rang,” showcasing considerable maturity and craftsmanship. The story unfolds about the past while being discussed in the present, creating a narrative that feels like a novel within a novel. In another creative twist, fiction intertwines with reality. The narrative juxtaposes two distinct time periods, where the innocent, traditional Saraswati is replaced by the modern, confident, and independent Reva, who critically reflects on the narrative thus far. Featuring both memorable and breakout characters, this work stands as a hallmark of contemporary Hindi fiction. It was awarded the Sahitya Academy Award in 2008.
Prarabdha
- Author Name:
Niharika
- Book Type:

- Description: दिन बीतते रहे। मुन्ना पढ़ने में तेज था। मास्टर जी उसकी खूब बड़ाई करते। स्कूल में पाँच किलास तक पढ़ाई थी तो मुन्ना का पढ़ाई अच्छे से होते रहा। खेती से धान, मकई, मूँग अच्छा हो रहा था। हम अनाज बदलकर जरूरी सामान खरीद लेते और घर खर्च से अधिक रखकर बाकी बेच देते। हजार सोने की मोहर में से एक-चौथाई खर्च हो गया था। चाँदी के सिक्के भी दो-ढाई हजार नग थे। उसमें भी लगभग हजार नग खर्च हो गए थे। इसलिए बक्सा में ताला लगाकर उसे हमने अपने पलंग के नीचे रख दिया था और उस पर टूटे-फूटे बरतन रख दिये। अनाज बेचकर जो पैसा मिलता उससे हम कुछ बचा लेते। मुंशी काका ने आसपास और भी जमीन सस्ते दाम पर खरीद ली थी। अब तक जोत 30 बीघा हो गई थी। बस एक कुआँ बनवाना था हमें, जिससे पानी के लिए गाँव में एक कुएँ पर ही न रहना पड़े। घर भी कुआँ के बिना पूरा नहीं था। मुन्ना की पाँच किलास की पढ़ाई और कुआँ का बनना एक साथ ही सम्पन्न हुआ। अब तक चार दुधारू गाय, दो जोड़ी बैल और एक बैलगाड़ी भी घर में आ गई थी। मुन्ना भी खेती के काम में हाथ बँटाता। पर वह हर दिन मुझसे आगे पढ़ने के लिए शहर जाने की जिद करता। उसके एक-दो संगी-साथी शहर चले गए थे और अपने जान-पहचान में रहकर बड़ी किलास में पढ़ने लगे थे। पर हमारे पास तो कोई उपाय नहीं था।
Deh
- Author Name:
Achala Nagar
- Book Type:

- Description: This book has no description
Mujhe Pahchano
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: ‘मुझे पहचानो’ परम्परा और संस्कृति को एक नई रोशनी में देखने वाला उपन्यास है। इसकी कथा एक ऐसी रियासत से शुरू होती है जिसके लिए सती जैसी नृशंस प्रथा सांस्कृतिक गौरव की हैसियत रखती है। इसके पात्र एक ऐसे समाज में साँस ले रहे हैं जिसमें समानता, स्वतंत्रता और बन्धुत्व जैसे मानवीय मूल्य आकाशकुसुम बने हुए हैं, लेकिन जिसका प्रभुवर्ग अपने कथित सांस्कृतिक गौरव को यथावत रखने के लिए शुचिता को एक अपरिहार्य आवश्यकता बनाकर थोपे हुए है। यह शुचिता है वर्ण की, वर्ग की और रक्त की। लैंगिक और यौन शुचिताएँ भी इसमें शामिल हैं। आश्चर्य नहीं कि पुरुष-वर्चस्व पर टिके इस समाज में सती-प्रथा को व्याधि नहीं, अपनी विशेषता समझा जाता है और उसका धार्मिक-सांस्कृतिक महिमामंडन किया जाता है। इस जड़ता की जड़ें इतने गहरे धँसी हैं कि अधिकतर स्त्रियाँ भी सती को श्रद्धा की निगाह से देखती हैं। यह उपन्यास इसी छद्म गौरवबोध को अनावृत करता है। पुरुष-सत्ता की चालाकियों और उससे उत्पन्न सामाजिक ठहराव को तोड़ते हुए इस उपन्यास की कथा धर्म और धन के घातक गठजोड़ को भी बहुत ठोस रूप में पाठकों के सामने रखती है। संजीव का कथा-लेखन समूचे हिन्दी कथा-संसार में विशिष्ट इसलिए है कि उनकी लेखनी अविचलित भाव से न सिर्फ समाज की कथा कहती है, बल्कि हमें एक वैज्ञानिक दृष्टि देते हुए तर्कों और तथ्यों से भी समृद्ध करती है।
Santya Kulee
- Author Name:
Adv. Santosh Malvikar
- Book Type:

- Description: मातृभूमीविषयीचं प्रेम, गैरवर्तन करणाऱ्यांविषयी चीड, सामाजिक न्यायासाठी अन्यायाविरुद्ध लढण्याची हिंमत, विचारांची स्पष्टता आणि ध्येयासाठी कष्ट आणि संघर्ष करण्याची तयारी असेल, तर अगदी सर्वसामान्य ग्रामीण कुटुंबातून आलेला तरुणही नवख्या शहरी जीवनात स्वत:चं वेगळं स्थान निर्माण करू शकतो. इतकंच नाही, तर हीणकस वृत्तीच्या तथाकथीत उच्चभ्रू मान्यवरांच्या नाकावर टिच्चून तो आपल्या आयुष्यात अत्यंत उंच भरारी घेऊ शकतो. याचाच प्रत्यय देणारी ही आत्मकथा आहे. ती सुरू होते विमानतळावरील हमालीच्या कामापासून. हमाल हा समाजातला सर्वात दुर्लक्षित घटक. पण तो जर चौकस आणि डोळसपणे भोवतालच्या घटनांकडे पाहू लागला आणि जागरूक नागरिक म्हणून रिॲक्ट होऊ लागला तर अनेकांसाठी पळता भुई थोडी होते. गोवा विमानतळावर ‘संत्या कुली'ने हा चमत्कार घडवला होता. त्याची ही त्यानेच सांगितलेली गोष्ट आहे. पत्रकारितेचं शिक्षण घेण्यासाठी लागणारे पैसे जमा करता यावेत आणि मुख्य म्हणजे सेलिब्रिटींना प्रत्यक्ष बघता यावं म्हणून संतोष मळवीकर यांनी हमालीच्या कामापासून आपल्या जीवनप्रवासाची सुरूवात केली होती. तो प्रवास आता भवतालच्या गैरकारभाराविरुद्ध आवाज उठवणारा सामाजिक कार्यकर्ता ते प्रथितयश वकील इथपर्यंत पोचला आहे. मुख्य म्हणजे हा साराच प्रवास अत्यंत रोमहर्षक आणि संघर्षशील घटनांनी भरलेला आहे. त्यातील ऐन उमेदीच्या काळात ‘कुली' म्हणून जगताना पुकारलेला व्यवस्थेविरुद्धचा संघर्ष या पुस्तकात आला आहे. साधा कुली म्हणून जगतानाही एखादा व्यक्ती किती नेक काम करू शकतो याची ही संघर्षकथा अनेकांसाठी प्रेरक ठरेल आणि त्याचा पुढचा प्रवास जाणून घेण्याची उत्सूकताही वाढवेल. Santya Kulee | Adv. Santosh Malvikar संत्या कुली | ॲड. संतोष मळवीकर
The Unreachable
- Author Name:
Gopinath Mohanty +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Unreachable is an English translation of Gopinath Mohanty's Odia novella, Apahancha that tells the riveting story of a child belonging to Kondh tribe of Koraput in Odisha, whose exposure to modern education in post-independence India alienates him from his own community and makes him long for the glitter of the urban world. His growing disenchantment with life in the city and eventual return to his own village are vividly chronicled in this novel.
Kailas Mein Golmaal
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

- Description: महान फ़िल्मकार और अनूठे कथाकार सत्यजित राय के चर्चित जासूस किरदार फेलूदा का एक लोमहर्षक कारनामा है— ‘कैलास में गोलमाल’। इस बहुचर्चित उपन्यास में फेलूदा का सामना होता है प्राचीन मूर्तियों की तस्करी करनेवालों से। भुवनेश्वर के एक प्रसिद्ध मन्दिर से यक्षिणी की मूर्ति के मस्तक गायब होने की घटना से शुरू हुआ यह मामला उस वक्त बेहद पेचीदा हो जाता है, जब सम्भावित तस्कर वस्तुतः एक जासूस निकलता है। रहस्य-रोमांच के बेहद चक्करदार रास्तों से होकर गुजरती इस कथा में भरपूर रोमांच और मनोरंजन तो है ही, देश की ऐतिहासिक और कलात्मक धरोहर के संरक्षण तथा उसके प्रति प्रेम का सन्देश भी निहित है।
The Ungrateful
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: The person achieves his objective without fretting about anyone if he possesses the yearning and resolves to accomplish something for the society, but then there is that segment in our society that always maintains a negative approach towards everything. They especially strive to distract those who strive for society's betterment and create multiple obstacles in their path. A similar incident transpired with Ambuj to deviate him from his goal. At the same time, vicious circles were structured by the adversaries and by the personnel associated with his organisation. While moving through the path of truthfulness and noble feats, a person often passes through the long haul of sinister, shadowy conduits, where he might ramble in the confusion of his choice. Still, when he approaches the end of the dark tunnel, he encounters the golden rays of pleasant morning rays spreading its light. The novel The Ungrateful is another milestone in the powerful writing of famous litterateur Shri Ramesh Pokhriyal 'Nishank', which exposes both the morally upright, virtuous and ruthless and unscrupulous facets of society. It furnishes the hallmark of bonded, shattered, and reconnected associations.
Gata
- Author Name:
Asha Raghu
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಲೇಖಕಿ ಆಶಾ ರಘು ಅವರ ಕಾದಂಬರಿ-ಗತ. ಪುನರ್ಜನ್ಮ ಎಂಬ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯು ಭಾರತೀಯರ ಜನಜೀವನದಲ್ಲಿ ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರಾಚೀನ. ಪುನರ್ ಜನ್ಮದ ನಂಬಿಕೆ ಆಳವಾಗಿ ಬೇರೂರಿದೆ. ಪುನರ್ಜನ್ಮವು ಇಲ್ಲ. ಜನರ ಧಾರ್ಮಿಕ ಭಾವನೆಗಳನ್ನು ಶೋಷಿಸಲು ಕೆಲವರು ಸೃಷ್ಟಿಸಿದ ತಂತ್ರ ಎಂದು ಹಳಿಯುವವರು ಇದ್ದಾರೆ. ಆದರೆ, ವ್ಯಕ್ತಿಯ ಮರಣ ನಂತರ ಆತ್ಮ ಇಲ್ಲವೇ ಜೀವ ಯಾರ ಕಣ್ಣಿಗೂ ಕಾಣಿಸದೇ ಹೋಗಿ ಮತ್ತೊಂದು ದೇಹದಲ್ಲಿ ಸೇರಿಕೊಳ್ಳುತ್ತದೆ. ದೇಹ ನಶ್ವರ. ಆದರೆ, ಆತ್ಮವಲ್ಲ ಎಂಬ ಭಾವನೆಯು ಪುನರ್ಜನ್ಮದ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಯನ್ನು ಜನರು ನಂಬುವಂತೆ ಮಾಡಿದೆ. ಈ ಹಿನ್ನೆಲೆಯಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟು ಆರಂಭವೂ ಅಲ್ಲ; ಸಾವು ಅಂತಿಮವೂ ಅಲ್ಲ. ಇಂತಹ ಕುತೂಹಲ ಹಾಗೂ ನಿಗೂಢ ಪರಿಕಲ್ಪನೆಗಳನ್ನು ವಸ್ತುವಾಗಿಸಿಕೊಂಡ ಕಾದಂಬರಿ ಇದು.
Mati ke Log Sone ki Naiya
- Author Name:
Mayanand Mishra
- Book Type:

- Description: कास और झौआ कोसी के सर्व-सुलभ वरदान हैं, पानी और मछली की तरह। जब घर में अन्न नहीं और जेब में नगदी नहीं, तब भी हीतलाल और रमेसर जैसे लोग कुछ बोझे कास काट-बेचकर मड़ुआ-मक्के और नमक का जुगाड़ कर लेते हैं। ये माटी के लोग हैं जिनके लिये नावें सोने से भी बढ़कर हैं। सस्ते श्रम की तरह इनके जीवन में सहज प्रेम कोसी के कास-झौए की तरह ही सुलभ और जीवन का सहारा है। नाच-गाने में ये अपनी तकलीफ भूल-बिसर कर निरस से जीवन में रस घोलते हुए कठिन संघर्ष में लगे रहते हैं। कोसी के कठिन जीवन-संघर्ष के बीच अनूपी और हीतलाल जैसे चरित्रों का प्रेम इस उपन्यास की अद्भुत विशेषता है। अनूपी जैसी एक स्त्री जो पति हीतलाल का घर छोड़ नथुनी पान वाले के यहाँ रहने चली गई है, उस स्त्री के प्रेम की गहराई और उसके साथ हीतलाल का सम्मानपूर्ण जुड़ाव स्त्री-विमर्श के नये दौर में भी दुर्लभ है। इन सरल हृदयी लोगों के बीच दो सौ मन धान के 'अगों' रूप में दान-दक्षिणा पर नज़र गड़ाए नेता और अफसर का गज़ब सांकेतिक बिम्ब है। रस-सिद्ध प्रवाहमयी भाषा के धनी प्रसिद्ध उपन्यासकार मायानंद मिश्र का चमत्कार इस उपन्यास में अपने चरम पर है। यही कारण है कि प्रथम प्रकाशन के 56 वर्ष बाद भी इस उपन्यास के प्रति पाठकीय आकर्षण बरकरार है।
Faraway Yet Closer
- Author Name:
Amina Hazim
- Book Type:

- Description: What happens when someone drops from the skies of dreams to the muddy grounds of truth? Life has it’s own ways of teaching lessons, and when it does, one must hold onto the people they trust and brace for the impact. Alina Campbell, an extremely opulent teenager falls into her darkest nightmare when her beloved father passes away and she’s left with nothing but people ready to snatch away her wealth. The story moves onto London where Alina must find happiness in whatever she’s left with, and clench to friendship and love while battling with her inner pain and fears. Witness the world of Alina Campbell, to learn the bitter and constant truth of life – change and understand the two sides of the coin of life, that keeps flipping forever.
Aher
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: वरिष्ठ कथाकार संजीव का यह उपन्यास सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश की एक ऐसी गुत्थी हमारे सामने खोलता है, जो जितनी हैरतअंगेज़ है उतनी ही भयावह भी। मनुष्य ने लाखों साल पहले पेट की भूख शान्त करने के लिए शिकार अर्थात् अहेर करना शुरू किया था। लेकिन सभ्यता-संस्कृति के विकास के साथ-साथ उसने न सिर्फ़ तरह-तरह के साधन और कौशल अर्जित किए, बल्कि तमाम तरह की भूख भी इकट्ठा की—कुछ इस क़दर कि उनकी पूर्ति के लिए आज मनुष्य-समाज स्वयं अहेर और अहेरी—शिकार और शिकारी—में बँट चुका है। यह उपन्यास दिखलाता है कि अहेरी बने लोग अपने हिंस्र चेहरे पर संस्कृति, परम्परा, आस्था, विरासत और मर्यादा के मुखौटे चढ़ाए फिर रहे हैं। उनकी असल चिन्ता अपने वर्चस्व को बनाए रखने और अपने हितों को सुरक्षित रखने की है। इस गहन बनैले वक़्त में क्या कोई बदलाव सम्भव है? इसका जवाब उपन्यास के उन किरदारों से मिलता है जो अहेर के थोथे अभियान से अपने गाँव को मुक्त कराने की पहल करते हैं और जल्द ही अकेले पड़ जाते हैं। उन्हें जान देनी पड़ती है। लेकिन उनकी असफलता उनके परिवर्तनकामी स्वप्न का अन्त नहीं है। एक बेहतर मानवीय समाज के निर्माण को अपने लेखन का उद्देश्य माननेवाले संजीव, इस उपन्यास में उस त्रासदी को भी बख़ूबी रेखांकित करते हैं, जिसमें अहेरी बने घूम रहे लोग ख़ुद भी अहेर बन रहे हैं—अपनी ही व्यर्थ हो चुकी मान्यताओं का, वक़्त से बाहर की जा चुकी परम्पराओं का। विरल ग्रामीण परिवेश में विन्यस्त एक असाधारण कथा को समेटे इस उपन्यास की अत्यधिक पठनीयता को रेखांकित करने के लिए किसी ‘जादुई’ अलंकार की आवश्यकता नहीं है।
Sattavara Sollu
- Author Name:
Karthik R +1
- Book Type:

- Description: “ಸ್ತುವರ ಸ್ಲಟಲುೆ”್ಇದು ಪ್ತರಕ್ತೆ ಮತುು ಕ್ತಲಗಾರರಾದ ಆಶುತಲಟೋಷ್ ಭ್ಾರದ್ಾಾಜ್ರ “ಮೃತುಾ ಕ್ಥಾ”್ಎೆಂಬ ಹಿೆಂದಿ ಕ್ೃತ್ತಯ ನಲೋರ ಕ್ನಾಡ ಅನುವಾದ. ಮಾವೋವಾದಿಗಳು ಮತುು ಭ್ಾರತ್ತೋಯ ಪ್ರಭುತಾದ ಮಧ್ಲಾ ನಡಲಯುತ್ತುರುವ ಸ್ೆಂಘಷ್ೆ ಮತುು ಇದರ ನಡುವಲ ಸಿಕ್ತಕಹಾಕ್ತಕಲಟೆಂಡಿರುವ ಆದಿವಾಸಿಗಳ ಬವರ್ಲಯ ಕ್ುರಿತು ಆಶುತಲಟೋಷ್ ಭ್ಾರದ್ಾಾಜ ಕ್ಳಲದ ಒೆಂದು ದಶಕ್ದಿೆಂದಲಟ ಬರಲಯುತಾು ಬೆಂದಿದ್ಾಾರಲ. ಹಲವಾರು ಧ್ವನಿ-ಧ್ಾಟಗಳಲ್ಲೆ ದೆಂಡಕಾರಣ್ಾದ ಸ್ೆಂಕ್ತೋಣ್ೆ ಮತುು ರಕ್ುಸಿಕ್ು ಆತಮವೃತಾುೆಂತವನುಾ ನಿರಟಪಿಸ್ಲು ಹಲಟರಡುವ ಈ ಕ್ೃತ್ತಯಲ್ಲೆ, ಒಬಬ ಪ್ತರಕ್ತೆನ ಶಿಸಿುನ ವರದಿಗಾರಿಕಲ, ಡಲೈರಿಯ ಆತ್ತೀಯತಲ, ಅೆಂಕ್ತಅೆಂಶಗಳ ವಸ್ುುನಿಷ್ಠತಲ ಮತುು ಕ್ತಲಗಾರಿಕಲಯ ಕ್ಲ್ಲ, ಇವಲಲೆವೂ ಸ್ಮಪಾಕ್ದಲ್ಲೆ ಬಲರಲತ್ತವಲ. ದ್ಲೋಶದ ಶಲರೋಷ್ಠ ಲ್ಲೋಖಕ್ರು ಮತುು ವಿಮಶೆಕ್ರ ಮೆಚ್ುುಗಲಗಲ ಪಾತರವಾಗರುವ ಈ ಕ್ೃತ್ತಗಲ ಹಲವಾರು ಪ್ರಶಸಿುಗಳು ಸ್ೆಂದಿವಲ. ಈ ಕ್ೃತ್ತ ಅನಲೋಕ್ ಭ್ಾರತ್ತೋಯ ಭ್ಾಷಲಗಳಿಗಲ ಅನುವಾದಗಲಟೆಂಡಿದ್ಲ.
Chhayarekha - Award Winning Novel
- Author Name:
Mousumi Bose +1
- Book Type:

- Description: এই বইটি সময় এবং ঘটনার সারমর্ম ক্যাপচার করে, কীভাবে নির্দিষ্ট লাইন মানুষকে একত্রিত বা বিভক্ত করতে পারে তা চিত্রিত করে। এই লাইনগুলি এক দৃষ্টিকোণ থেকে দৃশ্যমান হতে পারে কিন্তু অন্য দৃষ্টিকোণ থেকে অস্তিত্বহীন। এগুলি কেবল একজন ব্যক্তির স্মৃতিতে থাকতে পারে তবে অন্যদের দ্বারা কল্পনা করা যেতে পারে। আখ্যানটি একটি নির্দিষ্ট গল্প বলার চেষ্টা না করেই বিভিন্ন লোকের স্মৃতির একটি জটিল জাল বুনেছে। পরিবর্তে, এটি পাঠককে জড়িতদের স্মৃতি ব্যবহার করে তাদের নিজস্ব গল্প তৈরি করতে দেয়, যাদের প্রত্যেকেরই ভিন্ন অভিজ্ঞতা রয়েছে। উপন্যাসটি স্বদেশী আন্দোলন, দ্বিতীয় বিশ্বযুদ্ধ, ভারত বিভাজন এবং ঢাকা ও কলকাতায় 1963-64 সালের সাম্প্রদায়িক দাঙ্গা সহ উল্লেখযোগ্য ঐতিহাসিক ঘটনার সময় রচিত।
Garibnawaz
- Author Name:
Santosh Choubey
- Book Type:

- Description: ये इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ हैं। यहाँ उत्तर-आधुनिक कहानी के इशारे हैं। ये पॉज़िटिवली हल्की-फुल्की हैं और बे-बोझ एवं प्रसन्न हैं। ये बड़ी बात का आडम्बर नहीं रचती हैं और न फालतू की पीड़ा का स्वाँग भरती हैं। इन कहानियों से हिन्दी में उत्तर-कहानी की शुरुआत हुई मानी जा सकती है। —सुधीश पचौरी संतोष चौबे की कहानियाँ यथार्थ की गहनता और व्याप्ति में जाकर सत्य को आख्यान में रूपान्तरित करने का जतन करती हैं। इस प्रक्रिया में वे कहानी कहने के अनेक अनुशासनों को नकारती हैं और यूँ अपनी तरह के कथानुशासन एवं शिल्प की निर्मिति करती हैं। ‘ग़रीबनवाज़’ की अधिसंख्य कहानियों में साहित्य, कला से जुड़े चरित्र उपस्थित हैं लेकिन कहानियाँ महज़ यहाँ से उड़ान भरती हैं, अन्तत: वे आर्थिक उदारीकरण से उपजी मूल्यहीनता, लालच, कपटीपन और क्षरणशील आधुनिकता का प्रत्याख्यान करती हैं। इन चीज़ों में इतनी निष्ठुरता है कि समाज की तमाम सुन्दरताएँ नष्ट हो रही हैं। संतोष चौबे की कहानियाँ पूँजी, तकनीक एवं ताक़त के सहमेल से उपजी विरूपता से मुठभेड़ करती अन्तत: जीवन के सुन्दरतम के पक्ष में खड़ी होती हैं। —अखिलेश
Hena Horuvavana Vrutthantha
- Author Name:
Cyrus Mistry +1
- Book Type:

- Description: ಮೂಲ ಲೇಖಕರು : ಸೈರಸ್ ಮಿಸ್ತ್ರಿ ಕನ್ನಡಕ್ಕೆ : ಬಿ.ಆರ್.ಜಯರಾಮರಾಜೇ ಅರಸ್ ನಾಟಕ, ಪತ್ರಿಕೋದ್ಯಮ ಕ್ಷೇತ್ರದ ನಂಟಿನ ಜೊತೆಗೆ ಸಣ್ಣ ಕತೆಗಾರನಾಗಿ ವ್ಯಾಪಕ ಸಾಹಿತ್ಯ ಕೃಷಿ ಮಾಡಿರುವ ಸೈರಸ್ ಮಿಸ್ತ್ರಿ ಅವರ ‘ಕ್ರಾನಿಕಲ್ ಆಫ್ ಎ ಕಾರ್ಪ್ಸ್ ಬೇರರ್’ ಇಂಗ್ಲಿಷ್ ಕಾದಂಬರಿಯ ಅನುವಾದ ಈ ಹೊತ್ತಿಗೆ. 2013ನೇ ಸಾಲಿನಲ್ಲಿ ಸಾಹಿತ್ಯ ಅಕಾಡೆಮಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಪಡೆದ ಈ ಕೃತಿಯನ್ನು ಬಿ.ಆರ್.ಜಯರಾಮರಾಜೇ ಅರಸ್ ಅನುವಾದಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ಪುಟ ತಿರುವಿದಂತೆ ಕಥೆಯು ಬಾಂಬೆಯಲ್ಲಿ 1942ನೇ ಇಸವಿಯ ವರ್ತಮಾನ ಕಾಲದಿಂದ ಆರಂಭವಾಗಿ ಭೂತಕಾಲದಲ್ಲಿ ಸಾಗುತ್ತಾ ಅಪೂರ್ಣ ಭವಿಷ್ಯ ಬಿಚ್ಚಿಕೊಳ್ಳುತ್ತಾ ಮುನ್ನಡೆದಿದೆ. ಇಲ್ಲಿ ‘ಎಲ್ಚಿ’ (ಫಿರೋಜ್ ಎಲ್ಚಿದಾನ) ಕಥಾನಾಯಕ. ಪಾರ್ಸಿ ಉಪಜಾತಿಗೆ ಸೇರಿದ ಅಸ್ಪೃಶ್ಯರಾದ ಹೆಣಹೊರುವವರ ಬದುಕಿನ ವೃತ್ತಾಂತ ಇಲ್ಲಿದೆ. ಫಿರೋಜ್ ಸಮಾಜದ ಪ್ರಬಲ ವರ್ಗಕ್ಕೆ ಸೇರಿದ ಪುರೋಹಿತರೊಬ್ಬನ ಮಗ. ‘ಖಾಂಧಿಯಾ’ (ಹೆಣ ಹೊರುವವರು) ಜಾತಿಗೆ ಸೇರಿದ ಸೆಪಿಡೆಹ್ (ಸೆಪ್ಪಿ) ಎಂಬುವವಳನ್ನು ಪ್ರೀತಿಸುತ್ತಾನೆ. ಮಗಳನ್ನು ಮದುವೆಯಾಗಬೇಕಾದರೆ ಹೆಣ ಹೊರುವ ವೃತ್ತಿ ಸ್ವೀಕರಿಸಿ, ತಮ್ಮ ಜೊತೆಯೇ ಬದುಕಬೇಕು ಎನ್ನುವ ಸೆಪ್ಪಿ ತಂದೆಯ ಷರತ್ತಿಗೆ ಒಪ್ಪಿ ಆಕೆಯನ್ನು ಮದುವೆಯಾಗುತ್ತಾನೆ. ಇದಕ್ಕಾಗಿ ತಂದೆ, ತಾಯಿ, ಸಮುದಾಯವನ್ನೂ ತೊರೆದು ಬರುತ್ತಾನೆ. ಮಗಳ ಜನನದ ಸಂದರ್ಭದಲ್ಲಿ ಸೆಪ್ಪಿ ನಿಧನ, ಎಲ್ಚಿ ಬದುಕಿಗೆ ತಿರುವಾಗುತ್ತದೆ. ಆತ, ಈ ನೋವಿನಲ್ಲೂ, ತುಳಿತಕ್ಕೊಳಗಾಗುತ್ತಿರುವ ಖಾಂಧಿಯಾ ಜನರ ಬದುಕಿನಲ್ಲಿ ಬದಲಾವಣೆ ತರುವತ್ತ ಪಾರ್ಸಿ ಪಂಚಾಯತ್ ವಿರುದ್ಧ ದಂಗೆಯನ್ನೂ ಆರಂಭಿಸುತ್ತಾನೆ. ದ್ವಿತೀಯಾರ್ಧದಲ್ಲಿ ಕಥೆಯ ಈ ನಿರೂಪಣೆ ಭಾರತದ ಸ್ವಾತಂತ್ರ್ಯ ಸಂಗ್ರಾಮದ ಘಟನೆಗಳಿಗೆ ಸಮಾನಾಂತರವಾಗಿ ಸಾಗುತ್ತದೆ. ಉಸಿರು ಬಿಗಿಹಿಡಿದು ಕಥೆಯನ್ನು ಓದುವಂತೆ ಪ್ರೇರೇಪಿಸುತ್ತದೆ. ಪಾರ್ಸಿ ಸಂಸ್ಕೃತಿಯು ಕೃತಿಯುದ್ದಕ್ಕೂ ಉಸಿರಾಡಿದೆ. ಕನ್ನಡ ಸಾಹಿತ್ಯಕ್ಕೆ ಹೊಸತನ್ನು ಸೇರಿಸುವಲ್ಲಿ ಈ ಕೃತಿ ಯಶಸ್ವಿಯಾಗಿದೆ.
Priywar
- Author Name:
Nimai Bhattacharya
- Book Type:

- Description: स्त्री-जीवन की विडम्बनाएँ हमेशा साहित्यिक चिन्ता को अपनी तरफ़ खींचती रही है। यह उपन्यास एक सफल भारतीय स्त्री के जीवन को उकेरते हुए बताता है कि कैसे भीतर से सुखी होने की उसकी चाहत क़दम-क़दम पर उन्हीं लोगों द्वारा छली जाती रही, जिनकी तरफ़ उसने उम्मीद की निगाह से देखा। उपन्यास की नायिका कविता चौधरी यूनाइटेड नेशंस में कार्यरत हैं, देश-विदेश के दौरों में उनका जीवन बीतता है। उनके पास सब कुछ है लेकिन भीतर एक ख़ालीपन है जो लगातार किसी तलाश में रहता है। ऐसी ही एक यात्रा में उसे एक पत्रकार मिलता है जिसके साथ उनका रिश्ता बड़ी बहन का बन जाता है। और फिर शुरू होता है पत्रों का एक सिलसिला जिसमें वे अपने अन्तस् को उघाड़कर अपने उस संवेदनशील छोटे भाई के सामने रख देती है। यह उपन्यास उन्हीं पत्रों को बुनकर तैयार किया गया है। इमसें भारतीय सामाजिक जीवन की नैतिक हिप्पोक्रेसी ख़ास तौर पर देखने लायक़ है जो नायिका की आन्तरिक पीड़ा के सामने और ज़्यादा ओछी लगती है।
Ashes & Fire
- Author Name:
Prof.. Vikas Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: ऐशेज एंड फायर' में आधुनिक लक्ष्मीबाई की तस्वीर को एक विजयी महिला के रूप में चित्रित किया गया है, जिसे गाजियाबाद के गैंगस्टरों ने राख में बदल दिया है। एनसीसी की पूर्व अवर अधिकारी होने के नाते उसने अपने तीन बच्चों को पालने के लिए जीवन की चुनौतियों का सामना किया। बेशक, नाना और लेडी चैटरली की तरह, कामेच्छा उसकी कमजोरी थी, फिर भी उसने पुरुष प्रधान समाज में अपनी नौकरी और संस्थान की रक्षा के लिए नए गैंगस्टरों का सामना किया। दूसरे पति के आधे - पागलपन और मतिभ्रम के बावजूद, उसने कठिन परिस्थितियों के आगे समर्पण नहीं किया। उसने अपने पिता के प्रति एहसानमंद महसूस किया क्योंकि उन्होंने जीवन के हर कदम पर उसकी देखभाल की। प्रस्तुत उपन्यास यथार्थवाद के ऐसे ही विभिन्न रंगों पर लिखी एक रचना है, एक आधुनिक साहसी महिला की कठिनाइयों और रोमांच का लेखा-जोखा है। आखिरकार, सुविधा ने अपने मानसिक साहस और सबलता को साबित किया और अंततः सफलता हासिल की। हर दृष्टि से एक आनंददायक उपन्यास ।
Duvidha Mai Kaya
- Author Name:
Rishi Gajpal
- Book Type:

- Description: Hindi Novel
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book