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Ranger Kavi Asit Kumar Haldar

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गौतम हालदार महाशय ने इसे असितकुमार हालदार का जीवनालेख्य कहा है। पर यह सिर्फ़ असितकुमार के जीवन प्रसंगों को ही हमारे सामने नहीं लाती है। इसमें अवनीन्द्रनाथ द्वारा प्रवर्तित बंगाल के नवजागरण से उद्भूत कला आन्दोलन के विभिन्न पर्व, अजन्ता और बाघगुहा से चित्रों की प्रतिकृतियों के अभियान में नन्दलाल और असितकुमार का योगदान, अजन्ता की प्रतिकृतियाँ बनायी जायें इसके पीछे भगिनी निवेदिता की प्रेरणा, चित्रशिल्पी रोथेंस्टाइन, हेवेल और रूसी चित्रकार रोरिक की भारतीय कला के प्रति रुचि, रवीन्द्रनाथ, गगनेन्द्रनाथ, द्विजेन्द्रनाथ और कलागुरु अवनीन्द्रनाथ की कला, असितकुमार द्वारा लखनऊ राजकीय कला महाविद्यालय के द्वारा शिल्प और हस्तशिल्प में किया गया योगदान, कला के प्रति उनके विचार-बिन्दु, बचपन से ही चित्रकला के प्रति उनकी रुचि, जयपुर महाराजा कला और हस्तशिल्प विद्यालय की प्रगति में उनका योगदान इस 'रंगेर कवि असितकुमार हालदार' जैसी जीवनी में एक कलारसिक पाठक को सब कुछ मिलेगा। कुछ व्यक्ति केवल चित्रकार होते हैं, शिल्पी अथवा मूर्तिकार या स्थपति, असितकुमार एक संगीतकार, नाटककार, अभिनेता, मूर्तिकार, हस्तशिल्पी, गायक, गीत रचयिताऔर साहित्यकार सभी कुछ थे। इसमें कोई सन्देह नहीं इस ग्रन्थ के लेखक गौतम हालदार ने काफ़ी परिश्रम के साथ इस ग्रन्थ की रचना की है। चित्रकला और एक व्यक्ति की जीवनी लिखने में उन्होंने पूरे ऐतिहासिक परिवेश का चित्रण कर इसे कला-इतिहास का एक ग्रन्थ भी बना दिया है। -प्रासंगिक से

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गौतम हालदार महाशय ने इसे असितकुमार हालदार का जीवनालेख्य कहा है। पर यह सिर्फ़ असितकुमार के जीवन प्रसंगों को ही हमारे सामने नहीं लाती है। इसमें अवनीन्द्रनाथ द्वारा प्रवर्तित बंगाल के नवजागरण से उद्भूत कला आन्दोलन के विभिन्न पर्व, अजन्ता और बाघगुहा से चित्रों की प्रतिकृतियों के अभियान में नन्दलाल और असितकुमार का योगदान, अजन्ता की प्रतिकृतियाँ बनायी जायें इसके पीछे भगिनी निवेदिता की प्रेरणा, चित्रशिल्पी रोथेंस्टाइन, हेवेल और रूसी चित्रकार रोरिक की भारतीय कला के प्रति रुचि, रवीन्द्रनाथ, गगनेन्द्रनाथ, द्विजेन्द्रनाथ और कलागुरु अवनीन्द्रनाथ की कला, असितकुमार द्वारा लखनऊ राजकीय कला महाविद्यालय के द्वारा शिल्प और हस्तशिल्प में किया गया योगदान, कला के प्रति उनके विचार-बिन्दु, बचपन से ही चित्रकला के प्रति उनकी रुचि, जयपुर महाराजा कला और हस्तशिल्प विद्यालय की प्रगति में उनका योगदान इस 'रंगेर कवि असितकुमार हालदार' जैसी जीवनी में एक कलारसिक पाठक को सब कुछ मिलेगा। कुछ व्यक्ति केवल चित्रकार होते हैं, शिल्पी अथवा मूर्तिकार या स्थपति, असितकुमार एक संगीतकार, नाटककार, अभिनेता, मूर्तिकार, हस्तशिल्पी, गायक, गीत रचयिताऔर साहित्यकार सभी कुछ थे।

इसमें कोई सन्देह नहीं इस ग्रन्थ के लेखक गौतम हालदार ने काफ़ी परिश्रम के साथ इस ग्रन्थ की रचना की है। चित्रकला और एक व्यक्ति की जीवनी लिखने में उन्होंने पूरे ऐतिहासिक परिवेश का चित्रण कर इसे कला-इतिहास का एक ग्रन्थ भी बना दिया है।
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Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
1st
Publication year
2021
Weight
702 grams
ISBN-13
9789390971510
Pages
489
Reading time
~16 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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