HAMARE ATALJI
About the book
"पिछले सात दशक की राजनीति में भारत में एक व्यक्तित्व उभरा और देश ने उसे सहज स्वीकार किया। जिस तरह इतिहास घटता है, रचा नहीं जाता; उसी तरह नेता प्रकृति प्रदत्त प्रसाद होता है, वह बनाया नहीं जाता बल्कि पैदा होता है। प्रकृति की ऐसी ही एक रचना का नाम है पं. अटल बिहारी वाजपेयी। अटलजी के जीवन पर, विचार पर, कार्यपद्धति पर, विपक्ष के नेता के रूप में, भारत के जननेता के रूप में, विदेश नीति पर, संसदीय जीवन पर, उनकी वक्तृत्व कला पर, उनके कवित्व रूपी व्यक्तित्व पर, उनके रसभरे जीवन पर, उनकी वासंती भावभंगिमा पर, जनमानस के मानस पर अमिट छाप, उनके कर्तृत्व पर एक नहीं अनेक लोग शोध कर रहे हैं। आज जो राजनीतिज्ञ देश में हैं, उनमें अगर किसी भी दल के किसी भी नेता से किसी भी समय अगर सामान्य सा सवाल किया जाए कि उन्हें अटलजी कैसे लगते हैं? तो सर्वदलीय भाव से एक ही उत्तर आएगा—‘उन जैसा कोई नहीं!’ इस पुस्तक में अटलजी की मस्ती हमारी और आपकी सुस्ती को सहज भगा देगी। इन अनछुए पहलू में प्रेरणा, प्रयोग, प्रकाश, परिणाम, परिश्रम, परमानंद, प्रमोद, प्रकल्प, प्रकृति, प्रश्न, प्रवास और साथ ही साथ जीवन कैसे जिया जाता है, कितने प्रकार से जीया जाता है? आनंद को भी आनंद से आनंदित करने के लिए कितने प्रकार के आनंद की आवश्यकता होती है, इस संस्मरणों में उसका भी आनंद लिया जा सकता है। अटलजी के संपूर्ण जीवन का दिग्दर्शन कराती प्रेरणाप्रद पुस्तक ‘हमारे अटलजी’।"
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About the Book
"पिछले सात दशक की राजनीति में भारत में एक व्यक्तित्व उभरा और देश ने उसे सहज स्वीकार किया। जिस तरह इतिहास घटता है, रचा नहीं जाता; उसी तरह नेता प्रकृति प्रदत्त प्रसाद होता है, वह बनाया नहीं जाता बल्कि पैदा होता है। प्रकृति की ऐसी ही एक रचना का नाम है पं. अटल बिहारी वाजपेयी।
अटलजी के जीवन पर, विचार पर, कार्यपद्धति पर, विपक्ष के नेता के रूप में, भारत के जननेता के रूप में, विदेश नीति पर, संसदीय जीवन पर, उनकी वक्तृत्व कला पर, उनके कवित्व रूपी व्यक्तित्व पर, उनके रसभरे जीवन पर, उनकी वासंती भावभंगिमा पर, जनमानस के मानस पर अमिट छाप, उनके कर्तृत्व पर एक नहीं अनेक लोग शोध कर रहे हैं। आज जो राजनीतिज्ञ देश में हैं, उनमें अगर किसी भी दल के किसी भी नेता से किसी भी समय अगर सामान्य सा सवाल किया जाए कि उन्हें अटलजी कैसे लगते हैं? तो सर्वदलीय भाव से एक ही उत्तर आएगा—‘उन जैसा कोई नहीं!’
इस पुस्तक में अटलजी की मस्ती हमारी और आपकी सुस्ती को सहज भगा देगी। इन अनछुए पहलू में प्रेरणा, प्रयोग, प्रकाश, परिणाम, परिश्रम, परमानंद, प्रमोद, प्रकल्प, प्रकृति, प्रश्न, प्रवास और साथ ही साथ जीवन कैसे जिया जाता है, कितने प्रकार से जीया जाता है? आनंद को भी आनंद से आनंदित करने के लिए कितने प्रकार के आनंद की आवश्यकता होती है, इस संस्मरणों में उसका भी आनंद लिया जा सकता है।
अटलजी के संपूर्ण जीवन का दिग्दर्शन कराती प्रेरणाप्रद पुस्तक ‘हमारे अटलजी’।"
Book details
- Format
- Hardbound
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 414 grams
- ISBN-13
- 9789350484029
- Pages
- 300
- Reading time
- ~4 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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Hamare Atalji offers an intimate chronicle of Pandit Atal Bihari Vajpayee, the leader whom India accepted not through a manufactured image but through innate resonance. Spanning seven decades of Indian politics, this biography examines Vajpayee not as a static icon but as a living paradox — a poet in Parliament, a moderate in a movement often defined by its edges, a foreign policy architect who coupled realism with idealism. The book moves through his years as a formidable voice in the Opposition, his tenure as Prime Minister, his oratorical mastery that could sway both allies and adversaries, and the rasabhara — the emotionally textured — quality that made him beloved even by those who disagreed with him. It does not settle for hagiography; it traces the man through his contradictions, his silences, and his refusal to be reduced to ideology alone.
Hamare Atalji पुस्तक किस तरह का पढ़ने का अनुभव देती है?
यह पुस्तक अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व की बहुस्तरीय छवि प्रस्तुत करती है — न केवल राजनेता बल्कि कवि, वक्ता, और मानवीय संवेदनाओं से भरे व्यक्ति के रूप में। पाठक को सात दशकों की राजनीतिक यात्रा में ले जाती है, जहाँ विचार, विरोध, सत्ता और मौन सभी का संतुलन मिलता है। यह शुष्क जीवनी नहीं, बल्कि भावनात्मक और बौद्धिक रूप से समृद्ध वर्णन है।
Hamare Atalji पुस्तक किस तरह के पाठकों के लिए उपयुक्त है?
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो भारतीय राजनीति के आधुनिक इतिहास को समझना चाहते हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो नेतृत्व को केवल सत्ता नहीं बल्कि चरित्र और संवाद के रूप में देखते हैं। हिंदी साहित्य और राजनीतिक जीवनी में रुचि रखने वाले, तथा वाजपेयी के काव्यात्मक और मानवीय पक्ष को जानने के इच्छुक पाठक इसे सार्थक पाएंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन आज के भारतीय पाठकों के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
वाजपेयी का जीवन उस राजनीतिक संवाद का प्रतीक है जिसमें विचारधारा और मानवीयता का संतुलन था। आज जब राजनीति तीखे विभाजन और नारों में सिमट रही है, उनका व्यक्तित्व सौजन्य, वक्तृत्व कला और विरोधियों के प्रति सम्मान की याद दिलाता है। उनकी विदेश नीति और संसदीय शैली आज भी अध्ययन योग्य हैं, विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए।
Hamare Atalji पुस्तक में लेखक ने अटलजी के व्यक्तित्व को किस विशिष्ट दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है?
पुस्तक अटलजी को केवल राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि कवि-हृदय और रसभरे जीवन वाले व्यक्ति के रूप में देखती है। उनके वासंती भावभंगिमा, उनकी मौन क्षणों की गहराई, और विपक्ष से सत्ता तक की यात्रा को संवेदनशील और विश्लेषणात्मक ढंग से उकेरा गया है। यह दृष्टिकोण उन्हें मानवीय बनाता है, न कि केवल प्रतिमा।
Hamare Atalji पुस्तक पाठक के मन में पढ़ने के बाद क्या छोड़ जाती है?
- एक ऐसे नेतृत्व की समझ जो विचारधारा से परे जाकर मानवीय संवाद को प्राथमिकता देता है
- भारतीय राजनीति के सात दशकों की यात्रा का सजीव चित्र
- काव्य और राजनीति के संगम की दुर्लभ झलक
- यह विश्वास कि नेता केवल बनाए नहीं जाते, बल्कि प्रकृति की रचना होते हैं
