Madam Sir
Author:
Manjari JaruharPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies0 Ratings
Price: ₹ 319.2
₹
399
Available
जीवन में अचानक आ पहुँचे एक मोड़ ने जब माता-पिता द्वारा निर्धारित की गई गृहिणी की भूमिका को ख़ारिज कर दिया, तब असामान्य मुश्किलों को पार करते हुए मंजरी देश की प्रतिष्ठित पुलिस सेवा में आनेवाली बिहार की पहली महिला बनीं।</p>
<p>‘मैडम सर’ उनकी पहली किताब है जिसकी पृष्ठभूमि में भागलपुर में अभियुक्तों को अंधा बनाने, 1984 के सिख-विरोधी दंगे, बिहार में लालू प्रसाद का शासनकाल जैसे महत्त्वपूर्ण प्रसंग हैं। वस्तुत: यह किताब एक महिला की नज़र से की गई भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की एक आंतरिक पड़ताल है।</p>
<p>यह किताब सुरक्षित वातावरण में पली एक लड़की के भारतीय पुलिस सेवा की सबसे अगली कतार तक पहुँचने का मर्मस्पर्शी विवरण है। यह एक ऐसी स्त्री द्वारा साहस, दृढ़ता और नेतृत्वकला का सबक़ है जिसने सहकर्मियों का अविश्वास और उपहास सहते हुए भी नए-नए रास्ते खोजे और सफलता पाई। यह कहानी आपको अपने सपने पूरे करने की प्रेरणा और असंभव ऊँचाइयाँ छूने की हिम्मत देगी।
ISBN: 9788119835157
Pages: 328
Avg Reading Time: 11 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: स्वामी विवेकानंद आध्यात्मिक जगत् के ऐसे जाज्वल्यमान नक्षत्र हैं, जिन्होंने अपनी आभा से भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व को प्रकाशमान किया। वे मात्र संत-स्वामी ही नहीं थे, एक महान् देशभक्त, ओजस्वी वक्ता, अद्वितीय विचारक, लेखक और दरिद्र-नारायण के अनन्य सेवक थे। प्रसिद्ध लेखक रोम्याँ रोलाँ ने उनके बारे में कहा था—''उनके द्वितीय होने की कल्पना करना भी असंभव है। वे जहाँ भी गए, प्रथम रहे। हर कोई उनमें अपने नेता का दिग्दर्शन करता। वे ईश्वर के सच्चे प्रतिनिधि थे। सबको अपना बना लेना ही उनकी विशिष्टता थी।’ स्वामीजी ने मानवमात्र का आह्वन किया—''उठो, जागो, स्वयं जागकर औरों को जगाओ। अपने नर-जन्म को सफल करो और तब तक रुको नहीं, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।’ उनतालीस वर्ष के छोटे से जीवनकाल में स्वामी विवेकानंद जो काम कर गए, आनेवाली शताब्दियों तक वे मानव-पीढिय़ों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। स्वामी विवेकानंद का चरित्र ऐसा है, जिससे प्रेरणा पाकर अनगिनत लोगों ने जीवन का सुपथ प्राप्त किया। भारतीय संस्कृति के उद्घोषक एवं मानवता के महान् पोषक स्वामी विवेकानंद और उनके जीवन-दर्शन को गहराई से जानने-समझने में सहायक क्रांतिकारी पुस्तक।
Paalatu Bohemian
- Author Name:
Prabhat Ranjan
- Book Type:

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Description:
हिन्दी में ऐसे लेखक अधिक नहीं हैं जिनकी रचनाएँ आम पाठकों और आलोचकों के बीच सामान रूप से लोकप्रिय हों। ऐसे लेखक और भी कम हैं जिनके पैर किसी विचारधारा की बेड़ी से जकड़े ना हों। मनोहर श्याम जोशी के लेखन, पत्रकारिता को अपने शोध-कार्य का विषय बनाने की ‘रिसर्च स्कॉलर्स’ में होड़ लगी थी। प्रभात रंजन ने न सिर्फ़ जोशी जी के लेखन पर अपना शोध-कार्य बख़ूबी किया, बल्कि उनके साथ बिताए गए समय को इस संस्मरण की शक्ल देकर एक बड़ी ज़िम्मेदारी पूरी की है।
“प्रभात ने आत्मीय वृत्तान्त लिखा है।”
—भगवती जोशी (मनोहर श्याम जोशी की सहधर्मिणी)
—हिन्दी फ़िल्मों और डेली सोप ओपेरा के लीजेंड्री राइटर मनोहर श्याम जोशी के जीवन से जुड़े अनेक वृत्तांत इस पुस्तक में हैं जो न सिर्फ़ दिलचस्प हैं, बल्कि प्रेरक और ज्ञानवर्द्धक भी हैं।
—हिन्दी कथा-साहित्य/पत्रकारिता/फ़िल्म/टेलीविज़न में रूचि रखनेवालों के लिए अनिवार्य पठनीय सामग्री।
—संस्मरण विधा में एक उपलब्धि जैसी किताब।
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