Sant Ravidas
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Author:
Mahesh Dutt SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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संत रविदास प्रसिद्ध भारतीय संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका प्रेरक जीवन सामाजिक न्याय और समानता के प्रति असीम प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उनकी रचनाएँ आध्यात्मिकता, नैतिकता और सामाजिक न्याय की पैरवी करती हैं और सभी मनुष्यों के लिए करुणा तथा प्रेम की गहरी भावना से ओत-प्रोत हैं। संत रविदास कबीरदास के समकालीन थे। वे कबीर की तरह स्वामी रामानंदजी के शिष्य थे। गुरु ग्रंथसाहिब में संत रविदास की वाणियों का भी संकलन है। उनकी योग्यता एवं महत्ता से प्रभावित होकर मीराबाई ने उन्हें अपना गुरु बनाया और उनसे दीक्षा ली। वे मूल रूप से एक भक्त और साधक थे। उनकी वाणियों और पदों में दैन्य भावना, शरणागत, ध्यान की तल्लीनता तथा आत्मनिवेदन की भावना प्रमुखता से पाई जाती है। भक्ति के सहज एवं सरल मार्ग को उन्होंने अपनाया था; सत्संग को भी महत्त्व दिया है। जात-पाँत के भेदभाव को मिटाने का महत्त्वपूर्ण कार्य उनके सरल काव्य ने किया और मानव को जीवन जीने की कला तथा मानवता का पाठ पढ़ाया। अधिक पढ़े-लिखे न होते हुए भी उन्होंने समाज को जाग्रत् करने का अद्भुत कार्य किया। समरसता और समभाव का अमर संदेश देनेवाले शिरोमणि संत रविदास की प्रेरक जीवनगाथा ।
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संत रविदास प्रसिद्ध भारतीय संत, कवि और समाज सुधारक थे। उनका प्रेरक जीवन सामाजिक न्याय और समानता के प्रति असीम प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उनकी रचनाएँ आध्यात्मिकता, नैतिकता और सामाजिक न्याय की पैरवी करती हैं और सभी मनुष्यों के लिए करुणा तथा प्रेम की गहरी भावना से ओत-प्रोत हैं।
संत रविदास कबीरदास के समकालीन थे। वे कबीर की तरह स्वामी रामानंदजी के शिष्य थे। गुरु ग्रंथसाहिब में संत रविदास की वाणियों का भी संकलन है। उनकी योग्यता एवं महत्ता से प्रभावित होकर मीराबाई ने उन्हें अपना गुरु बनाया और उनसे दीक्षा ली। वे मूल रूप से एक भक्त और साधक थे। उनकी वाणियों और पदों में दैन्य भावना, शरणागत, ध्यान की तल्लीनता तथा आत्मनिवेदन की भावना प्रमुखता से पाई जाती है। भक्ति के सहज एवं सरल मार्ग को उन्होंने अपनाया था; सत्संग को भी महत्त्व दिया है।
जात-पाँत के भेदभाव को मिटाने का महत्त्वपूर्ण कार्य उनके सरल काव्य ने किया और मानव को जीवन जीने की कला तथा मानवता का पाठ पढ़ाया। अधिक पढ़े-लिखे न होते हुए भी उन्होंने समाज को जाग्रत् करने का अद्भुत कार्य किया।
समरसता और समभाव का अमर संदेश देनेवाले शिरोमणि संत रविदास की प्रेरक जीवनगाथा ।
Book Details
-
ISBN9789348957665
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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