Agni Raag
Author:
Usha YadavPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
‘अग्नि-राग’ समकालीन संदर्भों में नारी-सशक्तीकरण की कहानी है। धधकती अग्नि-ज्वाला में जलती-झुलसती दीपिका की कहानी। विवाह का झाँसा देकर एक डॉक्टर वर्षों उसका यौन-शोषण करता है। जब युवती को डॉक्टर का विवाह अन्यत्र तय हो जाने की सूचना मिलती है, तो वह किस प्रकार प्रतिशोध लेती है—इसका उपन्यास में चित्रण है। बलात्कार-पीडि़ता के प्रति समाज की प्रतिक्रिया, मीडिया की प्रतिक्रिया, कानून की प्रतिक्रिया आदि का यह ऐसा विश्वसनीय आख्यान है, जिसमें अनुरंजन और चिंतन दोनों मौजूद हैं।
बलात्कार के आँकड़े बताते हैं कि औरत दिनोदिन असुरक्षित हुई है। घर, स्कूल, सड़क, खेत-खलिहान—कहाँ पर ‘निर्भयाकांड’ नहीं होते? देह-शोषण की शिकार औरत अमूमन लोक-लाज अथवा ग्लानि के चलते अपना मुँह बंद रखती है या फाँसी के फंदे पर झूल जाती है। किंतु जब किसी रेप-पीडि़ता के भीतर आग धधक उठती है, तो वह अपने अर्धनारीश्वर रूप में एक मिसाल बन जाती है। नारीगत कोमलता और पौरुषेय कठोरता की धूपछाँही द्युति एक विलक्षण आलोक-लोक सिरज देती है। यही अग्नि-राग है।
पंचतत्त्वों से बने हर मानव शरीर में अग्नि का वास है, कहीं कम, कहीं ज्यादा। इसलिए यदि ‘अग्नि-राग’ की दीपिका अपनी नन्ही सी लौ से अन्य रेप-पीडि़ताओं के अँधेरे जीवन को प्रकाशमान करने का उद्यम करती है, तो उसके इस संकल्प और साहस को नमन करने का जी चाहता है। ‘अग्नि-राग’ इसी संवेदना का उपन्यास है।
ISBN: 9789387980976
Pages: 240
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Civil Services Mein Safal Kaise Hon IAS IPS Kaise Bane
- Author Name:
Deepak Anand +1
- Book Type:

- Description: सिविल सेवाएँ देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्त्वपूर्ण सेवाएँ हैं। पढ़े-लिखे युवाओं में इनके प्रति विशेष आकर्षण रहता है। हर युवा इस मुकाम को पाना चाहता है। डेढ़ सौ करोड़ की जनसंख्या में से प्रति वर्ष करीब एक हजार सिविल सेवक चुने जाते हैं, जिनके लिए कई लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं। इन आँकड़ों से इन सेवाओं के प्रति आकर्षण और महत्ता को सहज ही समझा जा सकता है। इन सेवाओं के लिए उम्मीदवारों को त्रिस्तरीय कसौटी पर कसा जाता है। जो उम्मीदवार तीव्र आग सी तप्त इन कसौटियों पर खरा उतरता है, वही चुना जाता है और अपनी अनुपम आभा से देशसेवा का प्रण लेता है। प्रस्तुत पुस्तक सिविल सेवा में तैयारी की मार्गदर्शिका है। इसमें बताया गया है कि इन परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें, अध्ययन के दौरान किन बिंदुओं को विशेषतः ध्यान में रखना है। कुल मिलाकर यह पुस्तक परीक्षार्थियों की ज्यादातर मुश्किलें आसान कर देती है। पुस्तक के लेखक स्वयं एक आई.ए.एस. हैं और सिविल सेवा परीक्षा में टॉपर रहे हैं।. यह पुस्तक उनके विस्तृत व गहन अनुभव का सार है, जो पाठकों के सामने है। प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों, अभ्यर्थियों और अपने करियर में सफल होने के लिए प्रबल इच्छाशक्ति रखनेवाले विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक ।
Natya Prastuti : Siddhant, Shilp Aur Vidhan
- Author Name:
Ramesh Rajhans
- Book Type:

- Description: ‘नाट्य प्रस्तुति : सिद्धान्त, शिल्प और विधान’ रंगकर्म में रुचि रखनेवाले उन सभी व्यक्तियों के लिए एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है, जो नाटक के क्षेत्र में नये हैं और नाट्य-विधा के सम्बन्ध में अधिक विस्तृत व गहन जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। गाँव-कस्बे अथवा छोटे और पिछड़े इलाकों में रहनेवाले वे तमाम प्रतिभाशाली नाट्य-प्रेमी इस कृति से लाभान्वित होंगे जिनके लिए किसी नाट्य-विद्यालय अथवा नाट्य-संस्था में सम्मिलित होना सम्भव नहीं है लेकिन जो छोटी-छोटी रंग-मंडलियाँ बनाकर नाट्य-क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस पुस्तक के माध्यम से वे नाट्य-विधा से विधिवत परिचित होंगे और अपनी प्रस्तुतियों को अधिक सम्प्रेषणीय तथा अधिक अर्थवत्तापूर्ण बना सकेंगे। पुस्तक में भारतीय रंग-पद्धति के साथ-साथ पश्चिमी निर्देशकों और प्रस्तोताओं के विचारों और तकनीक का भी वर्णन है। चूँकि आज के नाट्य-मंच का स्वरूप बहुत कुछ ‘प्रोसीन्यम’ है और यह प्रोसीन्यम थियेटर दरअसल पश्चिमी रंग-पद्धति है, इसलिए पश्चिमी रंग-पद्धति और रंग-परम्परा की चर्चा भी इस पुस्तक के दायरे में है। दोनों ही रंग-पद्धतियों के बुनियादी तत्त्व एक हैं और किसी एक रंग-पद्धति को गम्भीरतापूर्वक समझ लेने से दूसरी को समझना काफी सरल है।
Chhattisgarh Ka Bhugol
- Author Name:
Dr. Gitesh Kumar Amrohit
- Rating:
- Book Type:

- Description: Chhattisgarh Ka Bhugol
Sachitra Hindi Bal Kosh
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत कोश कई दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए हिन्दी प्रदेश में निर्धारित पाँचवें दर्जे तक की सभी पाठ्य-पुस्तकें मँगवाई गईं और उनमें से शब्दों को संग्रह करवाया गया। बारम्बारता की पद्धति से तैयार की हुई शब्दावलियों को भी हस्तगत किया गया। इस प्रकार शब्दावली का एक स्तर निश्चित हुआ। इस शब्दकोश में लगभग छह हज़ार शब्द हैं जो प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और आवश्यक हैं। अर्थों का चुनाव भी इसी दृष्टि से किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रत्येक शब्द का प्रयोग जैसा कि शिष्ट हिन्दी में होता है, अत्यन्त सटीक उदाहरणों द्वारा समझाया गया है। उपयुक्त ज्ञान कराने में चित्र बहुत सहायक होते हैं। हिन्दी में ऐसे सचित्र कोश नहीं हैं। प्रस्तुत कोश इस दृष्टि से बेजोड़ है।
Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pariksha Samajik Adhyayan Visheshank
- Author Name:
Sinha Evam Mathur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Share Market Dictionary
- Author Name:
A. Sulthan
- Book Type:

- Description: Share Market Dictionary has been produced to aid beginning traders in the challenging task of becoming familiar with the new Vocabulary and terminology used in Stock Exchanges. The book could be a valuable reference tool for use while attending seminars, watching or listening to financial programmes, and reading material on the financial market. The book contains a 600-glossary and over 100 commonly used abbreviations and acronyms in finance and the stock market.
SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level LDC/DEO/PSA Computer Based Examination (Tier-1) 20 Practice Sets in English
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSC: CSAT Samanya Adhyayan Paper-II Solved Papers 2011-2022 (UPSC CSAT General Studies Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Angrezi-Hindi Anuvad Vyakaran
- Author Name:
Suraj Bhan Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक अंग्रेजी और हिंदी सरचनाओं का एक अंतरण व्याकरण (transfer grammar) है, जो दोनों भाषाओं के व्याकरणों को एक साथ लेकर चलता है, उनके बीच समान और असमान तत्त्वों की पहचान करता है, उनका व्यतिरेकी (contrastive) विश्लेषण करता है और उनके संभावित अनुवाद पर्याय और विकल्प सुलभ कराता है। इस प्रकार यह अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी दोनों प्रकार की अनुवाद क्षमता विकसित करता है। तुलनात्मक विश्लेषण भाषा के सभी स्तरों पर किया गया है—ध्वनि, लिपि, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, पक्ष (aspect), वृत्ति (mood), वचन, पुरुष, वाच्य आदि। दो अध्यायों में क्रमशः अंग्रेजी और हिंदी की संरचनाओं के ऐतिहासिक विकास-क्रम का परिचय है। एक अध्याय में मशीन अनुवाद के तकनीकी और भाषाई पक्षों पर विचार किया गया है। यह पुस्तक द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी या हिंदी सीखनेवाले छात्रों और उनसे जुडे़ अध्यापकों के लिए भी उतना ही उपयोगी है, जितना अनुवादकों के लिए। इनके अलावा ऐसे अनुवाद प्रशिक्षार्थियों, पत्रकारों और भाषाकर्तियों आदि के लिए भी सामान्य रूप से हिंदी का ज्ञान तो रखते हैं, लेकिन जिनकी पकड़ अंग्रेजी व्याकरण, अभिव्यक्तियों और मुहावरों पर बहुत कम है और जो अपने व्यावसायिक कार्य के लिए अंग्रेजी की अपनी क्षमता को बढ़ाना या पुष्ट करना चाहते हैं। पुस्तक में बहुत सरल भाषा का प्रयोग किया गया है और जहाँ कहीं भी तकनीकी या व्याकरणिक शब्दों का इस्तेमाल किया किया है, वहाँ कोष्ठक में उनके अंग्रेजी पर्याय दे दिए गए हैं। पुस्तक में सर्वत्र क्रॉस रेफरेंसिंग है और इसलिए अंत में दी गई अंग्रेजी अनुक्रमणिका (word index) की मदद से पाठक जिस शब्द या विषय पर जानकारी चाहता है, वह पुस्तक में सीधे उसी स्थान पर पहुँच सकता है।
Tokyo Olympic Ke Khiladiyon Ki Prerak Kahaniyan
- Author Name:
Dilip Kumar
- Book Type:

- Description: ओलंपिक खेलों का महाकुंभ होता है और हर खिलाड़ी का यह स्वप्न होता है कि वह इन खेलों में न केवल भाग ले, वरन् मेडल भी जीते। सन् 2020 में ओलंपिक खेल टोक्यो में होने थे, पर कोविड-19 के चलते ये नियत समय पर नहीं हुए, पर अंततः बेहतर प्रबंधन, आंतरिक मजबूती, परस्पर विश्वास और समन्वय की मिसाल पेश करते हुए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के मार्गदर्शन में जापान ने सफलतापूर्वक 2020 के ओलंपिक खेलों का आयोजन किया। करीब 18 अरब डॉलर के खर्च से हुए इस आयोजन से दुनिया में यह संदेश गया है कि हम आपस में ज्यादा संवाद करें; एक-दूसरे की आवश्यकताओं को समझें; अपनी विशेषज्ञता का लाभ दूसरों को दें। जिस तरह ओलंपिक में जीत से अधिक भागीदारी जरूरी है, उसी तरह विश्व के विकास के लिए एकता और साझेदारी जरूरी है। इस पुस्तक में टोक्यो ओलंपिक से प्रेरित संघर्ष और सफलता की 21 कहानियों को संकलित किया गया है। ये कहानियाँ पाठकों को खिलाडि़यों के समर्पण, निष्ठा और जिजीविषा से परिचित करवाएँगी; साथ ही उनमें भी खेलों के प्रति और अधिक रुचि भी जाग्रत् करेंगी।
Manu Ki Drishti Se Hindu Samaj
- Author Name:
Chitra Awasthi
- Book Type:

- Description: समाज को मनु की दृष्टि से देखना अपने आप में एक नया अनुभव है। लंबे समय तक भारतीय समाज को बाँधकर रखनेवाले मनु पर चतुर्दिक होनेवाले वैचारिक प्रहार यह सोचने पर विवश करते हैं कि मनु की समीक्षा इस युग में आवश्यक है। इस पुस्तक को लिखते हुए यह उद्देश्य बिलकुल भी नहीं है कि मनु कि व्यवस्था को पुनः लाने का प्रयास किया जाए। किंतु लेखिका का यह उद्देश्य अवश्य है कि मनु, और इसी बहाने से प्राचीन भारतीय दर्शन को देखने कि एक नई दृष्टि दी जाए। अल्पज्ञ, भारतीय भाषाओं तथा संस्कृति से अनभिज्ञ पाश्चात्य (तथाकथित) भारतविदों के पूर्वग्रहयुक्त ग्रंथों और उनकी टिप्पणियों के आधार पर भारतीय दर्शन के मूल्यांकन को प्रवृत्ति पहले ही बहुत हानि कर चुकी है। अब इससे हटकर इस सबको देखने की आवश्यकता है। मनु की दृष्टि को पूरा समझने के लिए बहुत कुछ वह भी समझना पड़ता है, जो उनसे अनकहा रह गया है । बीच के बिंदु भरने के लिए इस पुस्तक में उनके समकालीन, पूर्व तथा परवर्ती ग्रंथों से संदर्भ भी लिये गए हें, जैसे अर्थशास्त्र, महाभारत, रामायण, कुछ उपनिषद्, पुराण, वेद आदि। आशा है यह पुस्तक भारत के प्राचीन समाज तथा जीवन-मूल्यों को देखने की नई दृष्टि की संभावना प्रस्तुत करने के उद्देश्य को पूर्ण करेगी।
Trivendra : Ek Zindaginaama
- Author Name:
Dr. Nandan Singh Bisht "Vishw"
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Ekta
- Author Name:
Ramdhari Singh Dinkar
- Book Type:

- Description: राष्ट्रीय एकता का प्रश्न स्वतंत्रता के बाद भी हमारे सामने ज्वलन्त रूप में था और आज भी वैसा ही बना हुआ है। ऐसे में राष्ट्रकवि दिनकर की यह पुस्तक हमारे लिए एक मार्गदशर्क की भूमिका निभा सकती है। ग़ौरतलब है कि वर्ण, धर्म, रंगभेद, वर्ग आदि के आधार पर युगों से चली आ रही जो असमानता और बिखराव आज पूँजीवादी युग में अपने विभिन्न रूपों में विभिन्न स्तरों पर व्याप्त है, वह किसी भी राष्ट्र, समाज, उसकी संस्कृति के लिए ख़तरनाक है। तब तो और, जब सत्ता और राजनीति के बीच फासिज्म नवराष्ट्रवाद के नाम पर एक वाचाल और निरंकुश भूमिका में आ गया हो। ऐसे में दिनकर की यह चिन्ता कितनी वाजिब है कि 'एकता का सारा काम केवल राजनीति के मंच से किया जाए, यह यथेष्ट नहीं है। हमें कॉलेजों, स्कूलों और पुस्तकालयों में ऐसा साहित्य भी पहुँचाना चाहिए, जिसमें एकता के प्रश्न पर गहराई से विचार किया गया हो। 'भारतीय एकता' पुस्तक में दो निबन्ध–‘उत्तर-दक्षिण की एकता’ और ‘हिन्दू मुस्लिम एकता’ संगृहीत हैं, जो राष्ट्रकवि दिनकर के चार भाषणों से तैयार हुए हैं। इनमें इतिहास के प्रमाण कम, साहित्य के प्रमाण अधिक दिए गए हैं। मगर साहित्य के प्रमाण भी अन्ततोगत्वा इतिहास के ही प्रमाण होते हैं, क्योंकि इतिहास का सार साहित्य में, आप-से-आप, पहुँच जाता है। दिनकर की इस पुस्तक में मूल चिन्तन यह है कि ‘जो लोग वैविध्य को अनेकता मानते हैं और वैविध्य को मिटाकर एकता लाना चाहते हैं, वे कभी भी सफल नहीं होंगे। विविधता भारत का स्वभाव है। उसकी रक्षा करते हुए जो एकता हम ला सकेंगे, वही टिकाऊ होगी और वही काम्य भी है।’
Shoodra Kaun The?
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: "शूद्र कौन थे ? डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा 1946 में लिखी गई पुस्तक, जो भारतीय जाति प्रणाली के सबसे निचले वर्ण शूद्रों के इतिहास पर केंद्रित है। यह पुस्तक ज्योतिराव फुले को समर्पित है और शूद्रों को भारत में एक अस्पृश्य जाति मानने की मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का प्रयास करती है। आंबेडकर ने वेदों और महाभारत जैसे भारतीय ग्रंथों का संदर्भ देते हुए तर्क दिया कि शूद्र वास्तव में आर्य राजा थे, जो ब्राह्मणों के साथ लंबे संघर्ष के बाद एक निम्न जाति में परिवर्तित कर दिए गए। वे आर्य नस्ल सिद्धांत की भी चर्चा करते हैं और इंडो-आर्यन प्रवासन सिद्धांत को स्वीकार नहीं करते हैं, जिसे अकसर आर्य जाति के इतिहास का अभिन्न अंग माना जाता है। यह पुस्तक उन मिथकों और विचारधाराओं का खंडन करती है, जो शूद्रों को गलत तरीके से परिभाषित करती आई हैं और भारत में इस गलत समझी गई एवं शोषित जाति के प्रति सहिष्णुता स्थापित करने की आशा रखती है।"
Bharat Ka Rashtriya Pashu Aur Rajyon Ke Rajya Pashu
- Author Name:
Parashuram Shukla
- Book Type:

- Description: ‘भारत का राष्ट्रीय पशु और राज्यों के राज्य पशु’ एक उपयोगी पुस्तक है। इसका उद्देश्य है पाठकों को अपने पर्यावरण के प्रति सचेत व सहृदय बनाना। किसी पशु को राष्ट्रीय पशु या राज्य पशु घोषित करने से भले ही वन्यजीवों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव पड़े न पड़े लेकिन देश के नागरिकों में प्रकृति, पर्यावरण तथा जीव-जन्तुओं के प्रति सजगता और संवेदनशीलता का विस्तार तो होता ही है। हमारे देश की विडम्बना यह है कि इन पशुओं के बारे में मुकम्मिल जानकारी भी व्यापक स्तर पर उपलब्ध नहीं है। बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु है। इस पर अनेक आलेख और पुस्तकें प्रकाशित हैं। इस तथ्य से लोग अवगत भी हैं, पर कितनों को पता है कि 9 जुलाई, 1969 के पहले तक हमारा राष्ट्रीय पशु सिंह था? इसी तरह दिल्ली को छोड़कर सभी राज्यों ने किसी न किसी वन्यजीव को अपना राज्य-पशु घोषित कर रखा है, इसकी जानकारी भी बहुत कम लोगों को है। राष्ट्रीय पशु सहित राज्य पशुओं की कुल संख्या 21 है। सामान्यतया एक वन्यजीव को एक राज्य ने अपना राज्य पशु घोषित किया है, किन्तु कुछ वन्यजीव ऐसे भी हैं, जिन्हें दो-दो राज्यों ने अपना राज्य पशु घोषित कर रखा है। गौर, मिथुन, बारहसिंगा और कस्तूरी मृग ऐसे ही वन्यजीव हैं। हाथी एक ऐसा वन्यजीव है जिसे चार राज्यों ने अपना राज्य पशु घोषित कर रखा है। समाजशास्त्री और पर्यावरणविद् डॉ. परशुराम शुक्ल ने इस पुस्तक में इन पशुओं के बारे में विस्तार से जानकारियाँ दी हैं जो रोचक और ज्ञानवर्द्धक हैं। हिन्दी में अपने विषय पर यह अकेली पुस्तक है।
Mahabharata Quiz Book
- Author Name:
Rajendra Pratap Singh
- Book Type:

- Description: Mahabharata has been called the Pancham Veda. The epic describes the story of Aryavrata or India's entire history. It has been inspiring the life of the people of our country by the depiction of ideal male and female characters in it. Although the number of people who know a little about the Mahabharata runs into millions, yet a lot about it remains unknown. To read, understand and absorb a voluminous epic like Mahabharata is tedious and time consuming. Mahabharata is like an ocean, the deeper you go the more you discover. It is an immeasurable treasure trove of knowledge. There is well researched information about nearly 200 characters. 'What was the name', 'Interesting information', 'How they got their names', 'An ocean of relationships', 'Boons and curses', 'Fate', 'Numbers' are some of the prominent chapters which make up the total of fourteen chapters making this book a virtual dictionary about the Mahabharata. This book is not only important for the common man but also for writers, scholars, editors, researchers, teachers and students.
UP TGT Krishi 14 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Agriculture Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
History of Marathi Literature
- Author Name:
Kusumawati Deshpande +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Marathi has an unbroken literary tradition of over eight centuries, divided conveniently into two distinct periods, classical and modern. The Classical period spans six centuries, remarkable for poetry, devotional and heroic. Jnandev, Namdev, Eknath, Tukaram and Ramdas have become household names throughout India. While Virasaiva, Jain, and Muslim poets have enriched the secular and spiritual content, wandering minstrels have sung heroic ballads. New forms of literature have flowered from the nineteenth century under the impact of English education and western thought. The Chiplunkar, Apte, Anil Despande, Phadke, Khandekar, Mardhekar, Rege and Gadgil. Tracing the earliest reference to Maharashtra in a rock inscription of the fourth century, the history concludes with the formation of the state in 1960.
Sudoor Samvedan Ki Mool Baaten
- Author Name:
Priyanka Ojha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GS SCORE Concept Mapping Workbook Indian Economy: the Ultimate Guide to Cover Concepts through MCQs for Civil Services, State PCS & Other Competitive Examinations
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book