Prabandh Paribhasha Kosh
(0)
Author:
Sudarshan Kumar KapoorPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी विभिन्न विषयों पर हिन्दी में ऐसी मानक व स्तरीय पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें हिन्दी की मानक तकनीकी शब्दावली का प्रयोग किया गया हो। ख्यात शिक्षाविद् सुदर्शन कुमार कपूर की यह पुस्तक ‘प्रबन्ध परिभाषा कोश’ इस रिक्तता और कमी को पूरा करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। इस पुस्तक में प्रबन्ध की विभिन्न शाखाओं—जैसे प्रबन्ध के सिद्धान्त, संगठनात्मक व्यवहार, विपणन, वित्तीय और कार्मिक प्रबन्ध आदि से सम्बन्धित लगभग हज़ारेक संकल्पनाओं की व्याख्या की गई है। लेखक ने वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा बताए मानक शब्दावली के सार्थक प्रयोग भी बताए हैं।</p> <p>पुस्तक की मौलिकता इस बात में सन्निहित है कि इसकी रचना वर्णक्रमानुसार न होकर, प्रबंधशास्त्र से सम्बन्धित विद्यालयीन, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तरों पर निर्धारित पाठ्यक्रमों पर आधारित है। छात्रों और शिक्षकों के लिए सन्दर्भ-ग्रन्थ के साथ-साथ सन्दर्शिका के रूप में भी उपयोगी कोश।</p> <p><strong> </strong>
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आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी विभिन्न विषयों पर हिन्दी में ऐसी मानक व स्तरीय पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें हिन्दी की मानक तकनीकी शब्दावली का प्रयोग किया गया हो। ख्यात शिक्षाविद् सुदर्शन कुमार कपूर की यह पुस्तक ‘प्रबन्ध परिभाषा कोश’ इस रिक्तता और कमी को पूरा करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। इस पुस्तक में प्रबन्ध की विभिन्न शाखाओं—जैसे प्रबन्ध के सिद्धान्त, संगठनात्मक व्यवहार, विपणन, वित्तीय और कार्मिक प्रबन्ध आदि से सम्बन्धित लगभग हज़ारेक संकल्पनाओं की व्याख्या की गई है। लेखक ने वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग द्वारा बताए मानक शब्दावली के सार्थक प्रयोग भी बताए हैं।</p>
<p>पुस्तक की मौलिकता इस बात में सन्निहित है कि इसकी रचना वर्णक्रमानुसार न होकर, प्रबंधशास्त्र से सम्बन्धित विद्यालयीन, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तरों पर निर्धारित पाठ्यक्रमों पर आधारित है। छात्रों और शिक्षकों के लिए सन्दर्भ-ग्रन्थ के साथ-साथ सन्दर्शिका के रूप में भी उपयोगी कोश।</p>
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Book Details
-
ISBN9788126714278
-
Pages253
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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