LOVE IN LUCKNOW
(0)
Author:
Partha Sarthi Sen SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
250
₹ 200 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
लखनऊ की गलियों में बुनी गई दोस्ती की, साथ बड़े होने और खुद को ढूँढ़ने की दिल को छू लेने वाली कहानी। दिनेश, फिरोज और राहुल लखनऊ के शांत गंजों में क्रिकेट खेलते और साइकिल चलाते साथ-साथ बड़े हुए, जहाँ उनकी जिंदगी का उनके शहर के साथ आपस में एक करीबी रिश्ता जुड़ गया। लेखक ने उनकी रोजाना की जिंदगी और साहसिक कारनामों को जीवंतता से पेश किया है; उनके उस सफर को बखूबी बयाँ किया है, जब वे तीनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं। क्या होता है, जब प्यार उन्हें आमने-सामने ला देता है और उनका सामना कड़वी सच्चाई से होता है? क्या पैसों और सियासत की वेदी पर पत्रकारिता के मूल्यों की बलि दे दी जाएगी? साजिश और धोखे के आगे आदर्शवाद की राजनीति टिक पाएगी? और खास तौर पर, क्या प्यार जगह, समय और हालात की खाई को पाट देगा? ‘लव इन लखनऊ’ आए दिन बदलते समाज की पृष्ठभूमि में बुनी गई इश्क और ख्वाहिश, सियासत और भ्रष्टाचार, अरमानों और सपनों, रिश्तों और खुलासों की जबरदस्त कहानी है, जो पाठकों के मर्म और संवेदना को सहज छू लेगी।
Read moreDon’t Miss Out
Pick a membership and see exactly what it gets you
- 15 Free Deliveries
- 1 Free Book up to ₹500 MRP
- 0% off every book, every time
Subscribed already? Continue to your
benefits Login
You pay ₹1,499/Year
You will be auto-charged ₹1,499 every year. Cancel auto-charge anytime.
Benefits with Rachnaye Connoisseur
1 Free Physical Book up to ₹500 MRP
Personal Recommendations
15 Free Deliveries Per Year
Format:
Piracy Free
Express Delivery
Secure Payment
About the Book
लखनऊ की गलियों में बुनी गई दोस्ती की, साथ बड़े होने और खुद को ढूँढ़ने की दिल को छू लेने वाली कहानी।
दिनेश, फिरोज और राहुल लखनऊ के शांत गंजों में क्रिकेट खेलते और साइकिल चलाते साथ-साथ बड़े हुए, जहाँ उनकी जिंदगी का उनके शहर के साथ आपस में एक करीबी रिश्ता जुड़ गया। लेखक ने उनकी रोजाना की जिंदगी और साहसिक कारनामों को जीवंतता से पेश किया है; उनके उस सफर को बखूबी बयाँ किया है, जब वे तीनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हैं।
क्या होता है, जब प्यार उन्हें आमने-सामने ला देता है और उनका सामना कड़वी सच्चाई से होता है? क्या पैसों और सियासत की वेदी पर पत्रकारिता के मूल्यों की बलि दे दी जाएगी? साजिश और धोखे के आगे आदर्शवाद की राजनीति टिक पाएगी? और खास तौर पर, क्या प्यार जगह, समय और हालात की खाई को पाट देगा?
‘लव इन लखनऊ’ आए दिन बदलते समाज की पृष्ठभूमि में बुनी गई इश्क और ख्वाहिश, सियासत और भ्रष्टाचार, अरमानों और सपनों, रिश्तों और खुलासों की जबरदस्त कहानी है, जो पाठकों के मर्म और संवेदना को सहज छू लेगी।
Book Details
-
ISBN9789390900688
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Hum Hain Rahi Pyar Ke
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description:
"‘‘कौन जानता है, भविष्य में हमारे लिए क्या लिखा है!’’ रिया ने कहा। मैं उसके अंतिम वाक्य से कुछ हैरान हो गया था। मुझे तो लगा था, हमने अपने भविष्य के बारे में निर्णय पहले ही ले लिया है। एक मध्य वर्गीय परिवार से आया पंकज समझता है कि उसके जीवन की दिशा निर्धारित हो चुकी है—इंजीनियरिंग की डिग्री लेना, अपने प्यार—रिया—से शादी करना और दिल्ली में चैन से जीवन बिताना। लेकिन जब रिया उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का निर्णय लेती है तो उसकी योजना में बाधा आ जाती है। फिर भी, अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए वह रिया का इंतजार करने का वादा करता है। लेकिन जमशेदपुर में नौकरी करने के दौरान, वह अपने बॉस की बेटी काजल के निकट आ जाता है और उसके समाज सेवा के काम में उसकी सहायता करने लगता है। 1990 के दशक में भारत के बदलते आर्थिक व धार्मिक माहौल के बीच वह एक यात्रा पर जाता है, जो न सिर्फ उसे ग्रामीण जीवन की झाँकी दिखाती है, बल्कि प्यार और जीवन के प्रति एक नया दृष्टिकोण भी प्रदान करती है। ‘हम हैं राही प्यार के’ न सिर्फ 1990 के दशक के भारत की झलक दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कभी-कभी बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना की असफलता जीवन की सबसे खूबसूरत घटना बन जाती है। "
Ek Kadam Hazar Afsane
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description:
दुनिया के सभी बड़े शहरों के व्यक्तित्व में कई पहलू होते हैं और वे केवल उसी पहलू को प्रकट करते हैं, जिन्हें एक दर्शक या यात्री देखना चाहता है। इक्कीसवीं सदी में यात्रा करने का अर्थ सिर्फ चेक-इन करना, सेल्फीज पोस्ट करना या हैशटैग्स के साथ स्टेटस मैसेज लिखना नहीं है। आज इसका अर्थ है—उन स्थानों पर जाना, जिनके बारे में आपने सिर्फ पढ़ा होता है, फिल्मों में देखा होता है या सुना होता है; किसी लैंडमार्क (सीमा चिह्न) पर खड़े होकर कुछ असाधारण महसूस करना, पुरानी यादों को ताजा करना और कुछ नई यादें बनाना। ‘एक कदम हजार अफसाने’ सिर्फ स्मारकों और परिदृश्यों के बारे में एक यात्रा-वृत्तांत ही नहीं है। यह सिर्फ लंदन, पेरिस और रोम जैसे प्रसिद्ध शहरों के बारे में नहीं है, बल्कि अंग्रेजी ग्रामीण इलाके के किसी गाँव की सड़क पर अकेले टहलने के बारे में, गंगा में एक शांत नौका-विहार और अनजान गंतव्यों तक की लंबी ट्रेन-यात्राओं के बारे में भी है। यह बार्सिलोना के एक कैफे में कॉफी की चुस्की लेने के साथ-साथ भारत के किसी दूर-दराज के भूले-बिसरे रेलवे स्टेशन पर कुल्हड़ में चाय का मजा लेने के बारे में भी है। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दुनिया भर में और साथ ही अपनी मातृभूमि में यात्रा करते हुए सभी घटनाओं, विचारों, स्मृतियों, संस्मरणों और भावनाओं का एक जटिल केलिडोस्कोप तैयार किया है, जो अंततः शब्दों में क्रिस्टलीकृत होकर विभिन्न स्थानों का एक अद्वितीय परिप्रेक्ष्य देता है—ब्रिटेन, कॉण्टिनेंटल यूरोप, तुर्की, मोरक्को और बेशक भारत के।
Musafir Hoon Yaro
- Author Name:
Partha Sarthi Sen Sharma
- Book Type:

- Description:
इस पुस्तक के लेखक सरकार के लिए कार्य करनेवाले एक सैंतीस वर्षीय भारतीय हैं। भारत सरकार ने अपने मध्य क्रम के अधिकारियों के शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एम.बी.ए कोर्स हेतु उन्हें चुना और प्रायोजित किया था। इस कोर्स के लिए उन्हें एक अल्पज्ञात यूरोपीय देश स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना भेजा गया। बीते हजारों वर्षों से यूरोपीय यात्री भारत की यात्रा करते और अपनी इन यात्राओं के बारे में लिखते रहे हैं। मेगस्थनीज से लेकर मार्को पोलो और निकोलो कॉण्टी से मार्क टली तक बहुत से श्वेत यूरोपियनों ने भारत की यात्रा कर अपने देशवासियों व भावी पीढ़ी के लाभ हेतु अपने अनुभवों को दर्ज किया है। इस अनुपात में, यूरोप की यात्रा करनेवाले भारतीयों की संख्या बहुत कम है और उनमें से भी अपने अनुभवों, दृष्टिकोणों व प्रतिक्रियाओं को दर्ज करनेवालों की संख्या तो और भी कम रही है। लेकिन पिछली शताब्दी में भारत इतना बदल गया है, जितना इतिहास में किसी भी शताब्दी में नहीं बदला था। आज इतिहास में पहली बार यूरोप से आनेवालों के मुकाबले यूरोप जानेवाले भारतीयों की संख्या अधिक हो गई है। इसके बावजूद कुछ अज्ञात कारणों से अपनी यूरोप यात्रा के अनुभवों को दर्ज करनेवाले भारतीयों की संख्या नगण्य ही है। यह पुस्तक इसी असंतुलन को साधने का एक विनीत प्रयास है, जो वहाँ की कला-संस्कृति-समाज का सांगोपांग दर्शन कराती है।
Manikarnika : Drishti Aur Vimarsh
- Author Name:
Anand Das
- Book Type:

- Description:
समकालीन हिन्दी दलित साहित्य और आत्मकथा विधा के वैचारिक आधार को गहराई से समझने के लिए “मणिकर्णिका : दृष्टि और विमर्श” एक महत्वपूर्ण कृति है। लेखक आनंद दास ने इस पुस्तक के माध्यम से समाज में व्याप्त असमानता, शोषण और संघर्ष की वास्तविकताओं का सटीक एवं गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि सामाजिक चेतना जगाने का भी कार्य करती है। शोधार्थियों और साहित्य-प्रेमियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी एवं पठनीय पुस्तक!
District Saharanpur (Environmental Challenges and Population Scenario)
- Author Name:
Dr. Narendar Kumar +1
- Book Type:

- Description:
जनपद सहारनपुर अपनी प्राचीन ऐतिहासिक विरासत, भौगोलिक स्थिति, विविधतापूर्ण सांस्कृतिक परम्पराओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के कारण प्रदेश में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। उत्तर प्रदेश राज्य के इस प्रसिद्ध जनपद की जनसंख्या, संस्कृति एवं पर्यावरण जैसे ज्वलन्त विषयों पर आधारित यह पुस्तक लेखकों द्वारा अत्यन्त सराहनीय एवं समयानुकूल प्रयास है। वर्तमान समय में तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या, नगरीयकरण तथा औद्योगिक गतिविधियों के कारण जनपद में अनेक पर्यावणीय चुनौतियाँ सामने आ रही है। अतः वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रकार का सार्थक प्रयास न केवल शैक्षणिक समाज की दृष्टि से अर्पित नीति निर्धारकों और सामाजिक विकास के लिए भी मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। लेखकों का यह प्रयास सहारनपुर जनपद की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण सन्तुलन के प्रति जागरूकता लाने के दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका प्रस्तुत करेगा। मैं लेखकों को इस अत्यन्त ही सार्थक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई और उज्जवल भविष्य के लिए हृदय की गहराइयों से अपनी ढेरों शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ। - प्रो. बीरेन्द्र सिंह : पूर्व प्राचार्य, आर.एस.एम. (पी.जी.) कालेज धामपुर, बिजनौर (उ.प्र.)
Brahman Ki Beti & Viraj Bahu
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description:
मुहल्ले भर घूमकर तीसरे पहर रासमणि घर लौट रही थीं। आगे-आगे उनकी पोती मु. रही थी, जिसकी उम्र कोई दस-बारह साल की थी। गाँव का सँकरा रास्ता, जिसकी बगल की खूँटी में बँधा हुआ बकरी का बच्चा एक किनारे पड़ा सो रहा था। उस पर नजर पड़ते ही पोती को लक्ष्यकर वे चिल्ला पड़ीं, '' अरी छोकरी, कहीं रस्सी मत लाँव जाना ! सामने रस्सी मत 'लाँघ गई क्या ? हरामजादी, आसमान में देखती हुई चलती है। आँख से दिखलाई नहीं पड़ा कि सामने बकरी बँथी है ?'' पोती ने सहज भाव से कहा, '“बकरी तो सो रही है दादी।'' “सो रही है तो क्या दोष नहीं लगा ? आज मंगलवार के दिन तू बेखटके रस्सी लाँघ गई ?!!
Aalim Sir Ki English Class
- Author Name:
Aalim
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME PRVASI JEEVAN
- Author Name:
Shahnaz
- Book Type:

- Description:
Book
Mai urdu Hoon
- Author Name:
Dheerendra Singh Fayyaz
- Book Type:

- Description:
मैं उर्दू हूँ’ एक भाषा के सफ़र का संस्मरण है। ये किताब उर्दू के प्रारम्भिक युग से शुरू होती है और मीर-ओ-ग़लिब से लेकर आधुनिक युग के नामचीन साहित्यकारों की उँगली थामे उस जगह तक जा पहुँचती है, जहाँ प्राचीन भाषाओं और लिपियों का ज़िक्र स्वाभाविक हो जाता है। इस संस्मरण में धीरे-धीरे ये भेद भी खुलता है कि सभी भाषाओं में कुछ न कुछ साम्य है और प्रत्यक्ष रूप से असंबद्ध लगने वाली देवनागरी, फ़ारसी और अरबी लिपियाँ दर-अस्ल एक ही मूल से निकली हैं। ये किताब लेखक और उर्दू के बीच होने वाला एक रोचक वार्तालाप है जो भाषाओं की व्युत्पत्ति, विकास और प्रसार के विषयों पर रौशनी डालता है।
Sarjnatmak Shiksha
- Author Name:
Raghav Prakash +2
- Book Type:

- Description:
आज हर समझदार माता-पिता अपने बच्चे को सही शिक्षा दिलवाने के लिए बेचैन हैं, हर चैतन्य शिक्षक अपने विद्यार्थी को ऊँचाइयाँ देने के लिए आतुर है और हर प्रबुद्ध शिक्षा-प्रशासक अपने स्कूल-कॉलेज की शिक्षण-पद्धति को परवान चढ़ाकर उसे उत्कृष्ट बनाने के लिए संकल्पित है। किन्तु, कुछ अपवादों को छोड़कर, दुनिया भर की शिक्षा सर के बल खड़ी है। असल में, व्यवस्था-केन्द्रित शिक्षा-पद्धति को विद्यार्थी-केन्द्रित होना चाहिए। शिक्षा की मूल्य-दृष्टि, उसका पाठ्यक्रम शिक्षण-पद्धति और मूल्यांकन-पद्धति सबकुछ विद्यार्थी की वृत्ति, रुचि, योग्यता और गति के अनुरूप होनी चाहिए; विद्यार्थी की चेतना में गहरे छिपी उसकी मूल्यवान सर्जनात्मक क्षमता का, अधिकतम विकास कैसे किया जा सकता है, उसकी तजबीज ‘सर्जनात्मक शिक्षा’ में प्रस्तुत की गई है। इसमें जीवन-दृष्टि और शिक्षा-दृष्टि के ठहराव को उजागर कर कल्याणकारी जीवन-दृष्टि और उसी के अनुरूप सर्जनात्मक पाठ्यक्रम, सर्जनात्मक शिक्षण-पद्धति, सर्जनात्मक मूल्यांकन पद्धति एवं रचनात्मक शिक्षा-प्रशासन-व्यवस्था को प्रस्तुत किया गया है। पूर्व और पश्चिम के लगभग सौ शिक्षाशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों, मनोवैज्ञानिकों, धर्मशास्त्रियों, शिक्षा-वैज्ञानिकों आदि द्वारा लिखित शोधपूर्ण पुस्तकों का गहन मंथन करने के उपरांत जो शिक्षा-दृष्टि और शिक्षा-व्यवहार विकसित हुआ है; ‘सर्जनात्मक शिक्षा’ उसी का ऐसा ‘अमृत तत्त्व’ है जो उत्कृष्ट की तलाश में जुटे हुए प्रत्येक शिक्षाविद्, अभिभावक, शिक्षक, शिक्षा-प्रबन्धक और चैतन्य विद्यार्थी के लिए अनिवार्य रूप से पठनीय है।
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME NIHIT TATHA ABHIVYAKT SAMASYAEN
- Author Name:
Nidhiraj Bhadana +1
- Book Type:

- Description:
प्रवासी कहानीकार डाॅ सुधा ओम ढींगरा की कहानियों पर यह दो शोध कार्य हैं जो निधिराज भडाना तथा रेशू पाण्डेय ने किये हैं।
Keshav Mishr Ke Granthon Me Orchha Ka Itihas
- Author Name:
Dr. Ramswaroop Dengula
- Book Type:

- Description:
डॉ. रामस्वरूप ढेंगुला द्वारा लिखित इस विस्तृत हिंदी साहित्य पुस्तक के माध्यम से ओरछा के समृद्ध ऐतिहासिक ताने-बाने में गोता लगाएँ। यह विद्वत्तापूर्ण कार्य शानदार शहर ओरछा के बारे में महाकवि केशव मिश्र के लेखन में दर्शाई गई ऐतिहासिक चेतना की बारीकी से जाँच करता है। यह पुस्तक पाठकों को इस बात का गहन विश्लेषण प्रदान करती है कि कैसे इस मध्यकालीन कवि ने अपने विभिन्न साहित्यिक कार्यों में इस ऐतिहासिक शहर के सार, वास्तुकला, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को उकेरा। सावधानीपूर्वक शोध और अकादमिक कठोरता के माध्यम से, लेखक केशव मिश्र के लेखन में प्रलेखित ओरछा के राजसी मंदिरों, महलों और सांस्कृतिक विरासत के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करता है। यह अकादमिक पाठ शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक अमूल्य संसाधन के रूप में कार्य करता है, जो शास्त्रीय हिंदी साहित्य के लेंस के माध्यम से ओरछा की ऐतिहासिक कथा को समझने में रुचि रखते हैं।
Achchhi English Kaise Bolen
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description:
"बाजार में अंग्रेजी बोलना सीखाने का दावा करनेवाली अनेक पुस्तकें हैं, लेकिन प्रस्तुत पुस्तक उन सभी से स्तर, ज्ञान तथा अभ्यास में कहीं बेहतर है, क्योंकि इसमें उन गुणों का समावेश किया गया है, जिनके आधार पर व्यवहार में छात्रों को अंग्रेजी बोलना सिखाया गया है। इस पुस्तक में दी गई तकनीक छात्रों पर आजमाई गई है, तथा इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त भी हुए हैं। इसका कारण है कि इसमें वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक तथा शैक्षिक-मनोवैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर पाठों की रचना की गई है। प्रस्तुत पुस्तक में अंग्रेजी के सभी आयामों को 30 दिन के पाठों में समेटा गया है तथा प्रत्येक दिन के अभ्यास को शीर्षकों में विभाजित किया गया है, जिससे पाठकगण अंग्रेजी के साथ बेहतर तारतम्य स्थापित कर पाएँ। आसानी से अच्छी अंग्रेजी सिखानेवाली एक व्यावहारिक पुस्तक। "
Manak Hindi Ka Swaroop
- Author Name:
Bhola Nath Tiwari
- Book Type:

- Description:
हिंदी एक समर्थ भाषा है। उसका साहित्य भी संपन्न है, अब तो वह और भी संपन्न होता जा रहा है, किंतु अभी तक हिंदी भाषा का मानक रूप स्थिर नहीं हो पाया है। यही कारण है कि उच्चारण, वर्तनी, लेखन, रूपरचना, वाक्यगठन और अर्थ आदि सभी क्षेत्रों में पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों, भाषणों एवं बातचीत में अमानक प्रयोग प्राय: मिलते हैं। इसी समस्या पर व्यापक रूप से विचार करने के उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई है। प्रारंभ में मानक भाषा और उसके प्रकारों को लिया गया है, ताकि मानक हिंदी को ठीक परिप्रेक्ष्य में समझा जा सके। किसी भाषा की मानकता-अमानकता काफी कुछ उसकी बेलियों से जुड़ी होती है, अत: हिंदी के क्षेत्र और उसकी बोलियों को लेना पड़ा है। फिर हिंदी के मानकीकरण का इतिहास देते हुए हिंदी में नागरी लिपि और अंकों, हिंदी के संख्यावाचक शब्दों, हिंदी उच्चारण, हिंदी संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया तथा क्रिया विशेषण के रूपों, हिंदी वाक्य-रचना, हिंदी में प्रयुक्त शब्दों और उनके अर्थ, हिंदी की प्रयुक्तियों तथा शैलियों आदि पर मानकता की दृष्टि से विचार किया गया है। अंत में परिशिष्ट में मानक-अमानक प्रयोगों के कुछ उदाहरण हैं। इस प्रकार प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी भाषा के मानक स्वरूप पर अपेक्षित विस्तार से प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक हिंदी भाषा और भाषा-विज्ञान में रुचि रखनेवाले लेखकों, संपादकों, पाठकों और विद्यार्थियों आदि सभी वर्ग के लोगों के लिए पठनीय एवं संग्रहणीय है।
Saral Nibandh
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description:
निबंध लिखते हुए संकोच, भय और लज्जा त्याग देनी चाहिए। झिझकने तथा डरने से निबंध अच्छा नहीं बन पड़ता। निबंध-लेखक से यह आशा कोई नहीं करता कि वह जिस विषय पर निबंध लिख रहा है, उसके विषय में वह संपूर्ण तथ्यों को जानता ही हो। उससे तो केवल इतनी ही अपेक्षा की जाती है कि वह प्रस्तुत विषय के बारे में जो कुछ भी जानता है, उसे बिना छिपाये, संक्षेप में और सरलता से प्रकट कर दे। निबंध तो वास्तव में शुद्ध हृदय की विचार-तरंग ही है।
1000 Kalam Prashnottari
- Author Name:
Anita Gaur
- Book Type:

- Description:
"1000 कलाम प्रश्नोत्तरी भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अद्भुत मेधा के धनी हैं। विलक्षण वैज्ञानिक के रूप में अग्नि मिसाइल के जनक होने के साथ-साथ भारत के महत्त्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। भारत के राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने लगभग दस लाख बच्चों से संवाद कर उन्हें प्रेरित किया। उनके प्रभावशील व्यक्तित्व ने अनेकानेक लोगों को कर्तव्य-पथ पर अग्रसर किया है। प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. कलाम के तपस्वी जीवन, उनके संघर्ष तथा उनकी उपलब्धियों को ही नहीं, उनके आध्यात्मिक चिंतन एवं राष्ट्रप्रेम को प्रश्नोत्तर शैली में वर्णित किया गया है। इस कारण से यह पुस्तक आम पाठकों के अलावा विद्यार्थियों, परीक्षार्थियों एवं क्विज शो में भाग लेनेवाले प्रतियोगियों के लिए विशेष उपयोगी है। एक तरह से डॉ. कलाम के प्रेरणाप्रद जीवन का विश्वकोश है यह पुस्तक। "
Hindi Sahitya Ka Itihas
- Author Name:
Acharya Ramchandra Shukla
- Book Type:

- Description:
"हिंदी साहित्य का भंडार पर्याप्त समृद्ध है। गद्य तथा पद्य की लगभग सभी विधाओं का प्रचुर मात्रा में साहित्य-सर्जन हुआ है। अनेक कालजयी कृतियाँ सामने आईं। लेखक-कवियों ने भी सर्जना के उच्च मानदंड स्थापित किए, जिन पर साहित्य-सृजन को कालबद्ध किया गया; वह युग उनके नामों से जाना गया। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने गहन शोध और चिंतन के बाद हिंदी साहित्य के पूरे इतिहास पर विहंगम दृष्टि डाली है। हिंदी भाषा के मूर्धन्य इतिहासकार- साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का जो इतिहास रचा है, वह सर्वाधिक प्रामाणिक तथा प्रयोगसिद्ध ठहरता है। इससे पहले भी हिंदी का इतिहास लिखा गया; पर आचार्यजी का ज्ञान विस्तृत फलक पर दिग्दर्शित है। इसमें आदिकाल यानी वीरगाथा काल का अपभ्रंश काव्य एवं देशभाषा काव्य के विवरण के बाद भक्तिकाल की ज्ञानमार्गी, प्रेममार्गी, रामभक्ति शाखा, कृष्णभक्ति शाखा तथा इस काल की अन्य रचनाओं को अपने अध्ययन का केंद्र बनाया है। इसके बाद के रीतिकाल के सभी लेखक-कवियों के साहित्य को इसमें समाहित किया है। अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक काल के गद्य साहित्य, उसकी परंपरा तथा उत्थान के साथ काव्य को अपने विवेचन केंद्र में रखा है। हिंदी साहित्य का क्षेत्र चहुँदिशि विस्तृत है। हिंदी साहित्य के इतिहास को सम्यक् रूप में तथा गहराई से जानने-समझने के लिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल का यह इतिहास-ग्रंथ सर्वाधिक उपयुक्त है।
Adyatan Hindi Vyakaran
- Author Name:
B.N. Pandey
- Book Type:

- Description:
"यह पुस्तक चार अध्यायों में विभक्त है : प्रथम अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी ध्वनियों एवं उनके लिखित रूप अक्षरों एवं संयुक्ताक्षरों की लेखन विधि, उच्चारण एवं उनसे शब्द-निर्माण की व्याख्या की गई है, ताकि हिंदीतरभाषी भारतीय एवं विदेशी परीक्षार्थी उनकी स्पष्ट समझ के साथ-साथ कम-से-कम समय में उनका अभ्यास कर उनपर अधिकार कर सकें। दूसरे अध्याय में सभी प्रकार के शब्दों की प्रकृति, निर्माण एवं पहचान की व्याख्या के साथ-साथ वाक्य गठन के दौरान लिंग, वचन विभक्ति, काल आदि के प्रभाव से उनमें होनेवाले रूप परिवर्तन को विवेचित-विश्लेषित किया गया है। तीसरे अध्याय में हिंदी भाषा में उपलब्ध सभी प्रकार के वाक्यों के गठन के अंतर्निहित नियमों को विश्लेषित किया गया है। वाक्य किसी भाषा के दैनिक प्रयोग की सबसे महत्त्वपूर्ण इकाई हैं और सभी प्रकार के अधिक-से-अधिक वाक्यों के निरंतर अभ्यास से ही भाषा का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। चौथे अध्याय में उपसर्ग, प्रत्यय, संधि एवं समास समाहित हैं : व्याकरण पुस्तकों की महत्ता विषय के चयन में नहीं उनकी सुबोध एवं सुग्राह्य प्रस्तुति में होती है। व्याकरण की सार्थकता इसमें है कि वह साध्य नहीं, अपितु भाषा की सम्यक् समझ एवं प्रयोग का साधन बने।
Super Speed Computer Course
- Author Name:
Shashank Johri
- Book Type:

- Description:
"एक दशक पहले कंप्यूटर भारत में अद्भुत मशीन के रूप में देखा जाता था। बहुत कम लोग ही इसका प्रयोग कर पाते थे, साथ ही इसकी जादुई शक्तियों को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते थे। परंतु आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र और कार्यालय होगा, जो कंप्यूटर के प्रयोग से वंचित हो। विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर ज्ञान नितांत आवश्यक हो गया है। इस पुस्तक की आवश्यकता तब प्रतीत हुई, जब बाजार में उपलब्ध पुस्तकों के द्वारा उलझानेवाले पाठ से पाठकों को आधा-अधूरा ज्ञान मिला। प्रस्तुत पुस्तक Super Speed Computer Course एक ऐसा कैप्सूल कोर्स है, जो गागर में सागर भरकर कंप्यूटर के बारे में पूरा ज्ञान और जानकारी देता है। ऑफिस, एकाउंटिंग, ग्राफिक्स, एनिमेशन आदि सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर का व्यावहारिक प्रयोग सिखाना इसका सबसे बड़ा गुण है। प्रत्येक सॉफ्टवेयर की कम-से-कम शब्दों में व्याख्या, सभी आवश्यक प्रैक्टिकल जानकारियों को चरणबद्ध तरीके से समझाना और ‘पढ़ो कम, समझो अधिक’ का सूत्र इसमें लागू किया गया है। यदि आपके पास कंप्यूटर है अथवा साइबर कैफे जाकर आप कंप्यूटर प्रयोग कर सकते हैं तो अब आपको कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु फीस देने की आवश्यकता नहीं है। बस, यह पुस्तक पढ़ते जाइए और स्टेप-बाइ-स्टेप अपनी आवश्यकतानुसार समय निकालकर कंप्यूटर सीखते जाइए। Super Speed Computer Course को पढ़कर आप सरल, सुबोध व सटीक भाषा में कंप्यूटर ज्ञान अर्जित कर शीघ्र ही कंप्यूटर विशेषज्ञ बन जाएँगे। "
Rashtriya Shiksha Neeti-2020 : Bhartiyata Ka Punarutthan
- Author Name:
Shri Atul Kothari
- Book Type:

- Description:
यह पुस्तक भारतीय शिक्षा की समकालीन प्रवृत्तियों एवं चुनौतियों के आलोक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की विभिन्न संस्तुतियों का आकलन प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक का प्रतिपाद्य है कि शिक्षा को संस्कृति से अलग करके नहीं देखा जा सकता है। इसी अर्थ में भारत की शिक्षा के लक्ष्यों को व्याख्यायित करने और इसकी पुनर्संरचना करने की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति इसी लक्ष्य की पूर्ति करती है। पुस्तक के आरंभ में भारतीय समाज और शिक्षा के संबंधों की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विवेचना प्रस्तुत की गई है। तदुपरांत आरंभिक बाल्यवास्था की शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए अपेक्षित विभिन्न सुधारों का विश्लेषण किया गया है। इस पुस्तक में कृषि शिक्षा, प्रबंधन शिक्षा, दूरस्थ शिक्षा, पर्यावरण शिक्षा और शोध जैसे आयामों को भी सम्मिलित किया गया है। भविष्य के भारत के लिए शिक्षा की भूमिका को रेखांकित करते हुए इस पुस्तक के विभिन्न अध्याय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की संस्तुतियों के क्रियान्वयन संबंधित सूत्रों को भी प्रस्तुत करते हैं।
Rashtriya Shiksha Neeti-2020 : Bhartiyata Ka Punarutthan
Shri Atul Kothari
20% off₹ 400
₹ 320
Available
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book