ZINDAGI BULA RAHI HAI
(0)
Author:
Smt. Preeti ShenoyPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Description of the book is awaited.
Read moreAbout the Book
Description of the book is awaited.
Book Details
-
ISBN9789390378784
-
Pages240
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Sharirik Shiksha 14 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Physical Education Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paryavaran Bachane Ke Liye 31 Achchhi-Achchhi Aadaten
- Author Name:
Rohit Mehra (Irs)
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
UPSSSC Kanisth Sahayak (Junior Assistant Mains) Mukhya Pariksha (20 Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyakaran Pravesh
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: व्याकरण उस विद्या को कहते है, जिससे हम भाषा को शुद्ध बोलना तथा लिखना सीखते है।भाषा— भाषा उस साधन का नाम है, जिससे हम बोलकर या लिखकर अपने विचार प्रकट करते है। जैसे— हिंदी भाषा, अंग्रेजी भाषा, मलयालम भाषा, पंजाबी भाषा, तमिल भाषा आदि।
Lok Sanskriti Ki Rooprekha
- Author Name:
Krishnadev Upadhyaya
- Book Type:

-
Description:
लोक-साहित्य लोक-संस्कृति की एक महत्त्वपूर्ण इकाई है। यह इसका अविच्छिन्न अंग अथवा अवयव है। जब से लोक-साहित्य का भारतीय विश्वविद्यालयों में अध्ययन तथा अध्यापन के लिए प्रवेश हुआ है, तब से इस विषय को लेकर अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना हुई है। प्रस्तुत ग्रन्थ को छह खंडों तथा 18 अध्यायों में विभक्त किया गया है।
प्रथम अध्याय में लोक-संस्कृति शब्द के जन्म की कथा, इसका अर्थ, इसकी परिभाषा, सभ्यता और संस्कृति में अन्तर, लोक-साहित्य तथा लोक-संस्कृति में अन्तर, हिन्दी में फोक लोर का समानार्थक शब्द लोक-संस्कृति तथा लोक-संस्कृति के विराट स्वरूप की मीमांसा की गई है। दि्वतीय अध्याय में लोक-संस्कृति के अध्ययन का इतिहास प्रस्तुत किया गया है। यूरोप के विभिन्न देशों जैसे—जर्मनी, फ़्रांस, इंग्लैंड, स्वीडेन तथा फ़िनलैंड आदि में लोक-साहित्य का अध्ययन किन विद्वानों द्वारा किया गया, इसकी संक्षिप्त चर्चा की गई है।
दि्वतीय खंड पूर्णतया लोक-विश्वासों से सम्बन्धित है। अतः आकाश-लोक और भू-लोक में जितनी भी वस्तुएँ उपलब्ध हैं और उनके सम्बन्ध में जो भी लोक-विश्वास समाज में प्रचलित है, उनका सांगोपांग विवेचन इस खंड में प्रस्तुत किया गया है।
तीसरे खंड में सामाजिक संस्थाओं का वर्णन किया है जिसमें दो अध्याय हैं—(1) वर्ण और आश्रम तथा (2) संस्कार। वर्ण के अन्तर्गत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्रों के कर्तव्य, अधिकार तथा समाज में इनके स्थान का प्रतिपादन किया गया है। चौथे खंड में आश्रम वाले प्रकरण में चारों आश्रमों की चर्चा की गई है। जातिप्रथा से होनेवाले लाभ तथा हानियों की चर्चा के पश्चात् संयुक्त परिवार के सदस्यों के कर्तव्यों का परिचय दिया गया है।
पंचम खंड में ललित कलाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया है। इन कलाओं के अन्तर्गत संगीतकला, नृत्यकला, नाट्यकला, वास्तुकला, चित्रकला, मूर्तिकला आती हैं। संगीत लोकगीतों का प्राण है। इसके बिना लोकगीत निष्प्राण, निर्जीव तथा नीरस है।
षष्ठ तथा अन्तिम खंड में लोक-साहित्य का समास रूप में विवेचन प्रस्तुत किया गया है। लोक-साहित्य का पाँच श्रेणियों में विभाजन करके, प्रत्येक वर्ग की विशिष्टता दिखलाई गई है।
Hindu Kala-Drishti
- Author Name:
Dattopant Thengadi
- Book Type:

- Description: हिन्दू जीवन के सौंदर्य-पक्ष के प्रति यूरोपीय कला-प्रेमियों की आतुरता तथा अभिरुचि का प्रवाह अबोध गति से चलता रहा । इसके फलस्वरूप जहाँ एक ओर कलाओं के सचे प्रेमियों ने हिंदू कला की उत्तरोत्तर और अधिक सराहना की, वहीं दूसरी ओर कला के क्षेत्र में साम्राज्यवादियों तथा उनके पिट्ठुओं में ईर्ष्या और आशंका की आग भड़की । प्राचीन तथा मध्ययुगीन भारत की मूर्तिकला का स्थान कलात्मक उपलब्धि के सर्वोच्च सोपान से भी उच्च स्तर पर है। मूर्तिकला की सर्वांगपूर्ण कलाकृतियों का दो सहस्राब्दियों का प्रामाणिक इतिहास किसी देश के जीवन का दुर्लभ तथा श्लाघ्य तथ्य है।''समस्त हिंदू कला की उत्पत्ति अद्ठैत परम सत्ता की अनुभूति से हुई है, उसी के प्रति वह समर्पित है और वही उसके लिए पूर्णता प्रदान करनेवाला परम ध्येय है। भारत में आज राष्ट्रीयता के संदेश-प्रसार का दायित्व हिंदू कला-दृष्टि का है।
Sangharsh Ma Gujarat (Gujarati Edition)
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: લોકતંત્રનું ગળું ઘોંટી દેવા તત્કાલીન વડાપ્રધાન ઇંદિરા ગાંધીએ દેશમાં કટોકટી લાદી હતી. લોકતંત્રની રક્ષા અને કટોકટી સામેની લડતમાં ગુજરાત હંમેશાં મોખરે રહ્યું. આ સંઘર્ષના અગ્રેસર કાર્યશીલોમાંના એક શ્રી નરેન્દ્ર મોદીએ પોતે લોકશાહીની લડત અને તેના અંતિમ વિજયની ગાથા આ પુસ્તકમાં આલેખી છે. કટોકટી કેવી રીતે આવી એ વિશે ઘણું લખાય છે, પરંતુ કટોકટી ગઈ કેવી રીતે એ વિશે ખાસ કંઈ જ લખાયું નથી. આ વિચારમાંથી જ આ પુસ્તકનો જન્મ થયો. કટોકટી પછી ચૂંટણીઓ આવી અને જનતા પક્ષ વિજયી થયો તે નર્યો ચમત્કાર માત્ર હતો? ચૂંટણીઓ દ્વારા થયેલ ક્રાંતિકારી પરિવર્તન એ અચાનક જ આવી મળેલી સફળતા છે એવો પણ એક મત પ્રચલિત થયો છે. પણ વાસ્તવમાં નિશ્ચિત પરિણામો પ્રાપ્ત કરવા ૨૦ માસ સુધી લગાતાર સુનિયોજિત સંઘર્ષ કરવો પડ્યો છે અને તે સંઘર્ષનાં કેટલાં-કેવાં વિવિધ સૂક્ષ્મ, જ્ઞાત-અજ્ઞાત ક્ષેત્રો હતાં તેની પણ એક ભવ્ય ગાથા છે. આઝાદીની પહેલી લડાઈ કરતાં લોકશાહીના રક્ષણ માટેની આ આ બીજી લડાઈનું મૂલ્ય આ રીતે જરાય ઓછું નથી. અને તેમાં ગુજરાત પણ પ્રારંભથી લડતું રહ્યું છે. તેની ગાથા આ પુસ્તકમાં છે
Shuddha Anna Swastha Tan
- Author Name:
Prempal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Jail Prahari Evam Van Rakshak Bharti Pariksha (MP Jail Prahari Forest Guard Exam Guidebook in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand Samanya Gyan
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: बिहार राज्य से पृथक् राज्य बने झारखंड के गठन में सुविधा-वितरण असमानताओं का बड़ा हाथ रहा। पृथक् झारखंड की माँग 19वीं शताब्दी के प्रारंभ से ही होने लगी थी, जबकि उस समय भारत अंग्रेजी शासन के अधीन था। सौ साल तक चला यह आंदोलन पृथक् राज्य के गठन के लिए विश्व में सबसे अधिक अवधि तक चलनेवाला आंदोलन रहा। जनजातीय बहुल झारखंड वैसे तो प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर है, लेकिन शिक्षा के अभाव ने इस क्षेत्र को बहुत समय तक विकास की मुख्यधारा से दूर रखा। अपने अस्तित्व को बचाने और अपने अधिकारों को प्राप्त करने में झारखंड का आंदोलन और भी विशेष हो जाता है। जनजातियों का दमन और शोषण रोकने के लिए झारखंड की भूमिका पर ऐसे अनेक आंदोलन हुए, जो अठारहवीं शताब्दी के प्रारंभ से ही हो रहे थे। इन आंदोलनों में यहाँ की जनजातियों ने क्या कुछ सहा और देखा, इसकी कल्पना करना भी कठिन है। आज झारखंड पृथक् राज्य बनकर विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रस्तुत पुस्तक ‘झारखंड सामान्य ज्ञान’ में झारखंड की भौगोलिक स्थिति, खनिज-संपदा, राजनीतिक-सामाजिक स्थिति पर सम्यक् जानकारी जुटाई गई, जो पाठकों के लिए अनेक रूपों में उपयोगी सिद्ध होगी।
Sati Vishakha (Ek Mochi ki Beti)
- Author Name:
Babulal Sankhala 'Saini Babu'
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक गाँव की कहानी है, जो अशिक्षा, जातिवाद और अंधविश्वासों से घिरा हुआ है। विशाखा गरीब मोची की बेटी है। रामाशंकर गाँव के प्रतिष्ठित पंडित दयाशंकरजी का बेटा है। वह विशाखा से उम्र में छोटा है। वह विशाखा के गाने को बहुत पसंद करता है। यही बात दोनों को करीब ले आती है, और उन दोनों के बीच एक परस्पर स्नेह का जन्म होता है। किंतु वहाँ प्रणय नहीं है। इसी गाँव के ठाकुर साहब का लड़का शरारती है। वह विशाखा से छेडख़ानी करता है। यह बात रामाशंकर से हजम नहीं होती। वह ठाकुर के बेटे को पत्थर मारकर लहूलुहान कर देता है। विशाखा भी उसे अपनी जूती से मारती है, जिसकी वजह से ठाकुर के बेटे के अहं पर चोट लगती है। वह विशाखा को बदनाम करने लगता है। आगे के घटनाक्रम कुछ यों होते हैं कि दोनों की एक ही चिता में जलकर मृत्यु हो जाती है। रामाशंकर चूँकि दयाशंकरजी का अकेला लड़का था, वे बेटे की ऐसी मृत्यु से बहुत दु:खी थे। उन्हें अहसास होता है कि जातिवाद ही समस्या की मूल वजह है, जिसके कारण उन्हें अपना पुत्र खोना पड़ा। वे चतुरतापूर्वक जातिवाद के विरुद्ध कार्य करते हुए विशाखा और रामाशंकर का एक मंदिर बनवाते हैं, जिसे पूरा गाँव पूजता है और उसका पुजारी एक चमार है। कुल मिलाकर यह उपन्यास जातिवाद के दंश को उजागर करता है। बाकी पाठकों की प्रतिक्रिया समय आने पर निर्भर करेगी।
Vimarsh-Akaal Me Utsav
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: ‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Gandagi Ke Maharathi
- Author Name:
Manish Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chhattisgarh Ka Bhugol
- Author Name:
Dr. Gitesh Kumar Amrohit
- Rating:
- Book Type:

- Description: Chhattisgarh Ka Bhugol
Indian Mammals
- Author Name:
Vivek Menon
- Rating:
- Book Type:

- Description: A fully updated edition of the bestselling guide to the mammals of India! Covering the rich diversity of mammal species in India, from tigers, elephants, rhinoceros and whales to primates, rodents and bats, Indian Mammals is field-ready, illustrated and comprehensive in approach. Rigorously researched, Indian Mammals reflects a lifetime's work by Vivek Menon, one of India's leading authorities on Indian wildlife. Planned for easy reference, this compact guide is the essential resource for wildlifers of any age, including animal watchers, eco-tourists and active conservationists. * More than 425 species of both land and water mammals with introductory pages on each order * Describes key identification features, biometrics, behaviour, social strategies, habitat and distribution * Over 1,000 carefully curated photographs and supplementary illustrations * More than 150 updated distribution maps * Colour tabs for sections to facilitate ease of use * Live-action field notes from the author offering personal insights into main mammalian Orders
1000 Bhautik Vigyan Prashnottari
- Author Name:
Sitaram Singh
- Book Type:

- Description: प्राचीन काल से ही मानव भौतिक जगत् में घटनेवाली प्राकृतिक घटनाओं, जैसे रात-दिन का होना, ऋतु में परिवर्तन होना, भूकंप के झटके लगना, ज्वालामुखी का विस्फोट होना, उल्कापात होना इत्यादि के कारणों को समझने का प्रयास करता रहा है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से ये घटनाएँ मानव-जीवन को प्रभावित करती हैं। भौतिक विज्ञान के द्वारा इनका गहन अध्ययन किया जाता है। विज्ञान विषयक एवं सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में भौतिकी के प्रश्न निश्चित रूप से शामिल रहते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में भौतिक विज्ञान की प्रमुख शाखाओं से संबंधित विभिन्न अध्यायों, जैसे कि मापन, गति के नियम, कार्य, ऊर्जा और शक्ति, द्रवों का प्रवाह, दोलन, तरंगें, चुंबकत्व एवं चुंबकीय मापन इत्यादि के अंतर्गत वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का संकलन किया गया है। विद्यार्थियों, प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे छात्र-छात्राओं एवं सामान्य वर्ग के पाठकों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है।
Sitara
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shodh Drishti-Sudha Om Dhingra Ka Sahitya
- Author Name:
Balvir Singh +1
- Book Type:

- Description: Book
France ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Smt. Pramila Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chhattigarh Ka Itihas
- Author Name:
Dr. Gitesh Kumar Amrohit
- Rating:
- Book Type:

- Description: chhattigarh ka itihas
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book