Agnileek Kee Aginkatha
(0)
Author:
Prakash DevkulishPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
895
716 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
हृषीकेश सुलभ ने लगभग 1975 से लेखन शुरू किया। उनके लगभग 40 वर्षों के परिश्रम, अनुभव, आस-पास की सामाजिक उथल-पुथल पर पैनी दृष्टि और उससे जुड़ा रचनाकार का दायित्वबोध आदि के बाद उपन्यास ‘अग्निलीक’ आया। आलोचक रचनाकार की उस मनःस्थिति की पड़ताल कर पाया है या करता है, जिसने इस रचना को जन्म दिया और जो पूरी रचना- प्रक्रिया में साथ चला या अपनी टिप्पणी रखते समय समीक्षक/आलोचक भी अपनी मनःस्थिति और मान्यताओं की कसौटी से निर्देशित हो जाता है? यह प्रश्न इसलिए कि इन समीक्षाओं के संकलन में एक ही शिल्प, शैली, ट्रीटमेंट, घटनाओं की प्रस्तुति, उनके विस्तार और उनके स्वरूप पर अलग-अलग और कभी-कभी परस्पर विरोधी राय/ऑब्ज़र्वेशन देखने को मिले हैं। यह संकलन, इसलिए, रचनाकार को आलोचकों की चिन्ता और समय-समय पर व्यक्त उनके निदेशों के सम्मान के बाद भी अपनी तपस्या, अपने अनुभव और स्वतःस्फूर्त पर सजग चेतना पर चलने का स्वर देता है। ये आलेख ‘अग्निलीक’ उपन्यास को समझने और व्याख्यायित करने में सहायक तो हैं ही, उपन्यास ने ग्रामीण सामाजिक संरचना में होते जिन परिवर्तनों और उसके साथ-साथ स्थापित जिन वैचारिक जड़ताओं को कथा-सूत्र में पिरोया है, ये उसे और आगे ले जाते हैं। इसलिए इनका अध्ययन आवश्यक है। स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात गाँवों की विडम्बनाओं को इन समीक्षकों, आलोचकों ने इस उपन्यास के बहाने गम्भीरता से देखा-परखा और अभिव्यक्त किया है। इन आलेखों को समग्रता में देखना साहित्यिक उद्देश्य की पूर्ति करता है, यही कारण है कि इन्हें एक साथ रखकर प्रस्तुत करने की यह कोशिश की गई है। किसी रचना पर टिप्पणी सिर्फ़ उस रचना का भला या बुरा नहीं करती, यह उस विधा की समझ को भी विस्तार देती है। समीक्षाओं का यह संकलन इन्हीं उद्देश्यों से सामने रखा गया है।
Read moreAbout the Book
हृषीकेश सुलभ ने लगभग 1975 से लेखन शुरू किया। उनके लगभग 40 वर्षों के परिश्रम, अनुभव, आस-पास की सामाजिक उथल-पुथल पर पैनी दृष्टि और उससे जुड़ा रचनाकार का दायित्वबोध आदि के बाद उपन्यास ‘अग्निलीक’ आया। आलोचक रचनाकार की उस मनःस्थिति की पड़ताल कर पाया है या करता है, जिसने इस रचना को जन्म दिया और जो पूरी रचना- प्रक्रिया में साथ चला या अपनी टिप्पणी रखते समय समीक्षक/आलोचक भी अपनी मनःस्थिति और मान्यताओं की कसौटी से निर्देशित हो जाता है? यह प्रश्न इसलिए कि इन समीक्षाओं के संकलन में एक ही शिल्प, शैली, ट्रीटमेंट, घटनाओं की प्रस्तुति, उनके विस्तार और उनके स्वरूप पर अलग-अलग और कभी-कभी परस्पर विरोधी राय/ऑब्ज़र्वेशन देखने को मिले हैं। यह संकलन, इसलिए, रचनाकार को आलोचकों की चिन्ता और समय-समय पर व्यक्त उनके निदेशों के सम्मान के बाद भी अपनी तपस्या, अपने अनुभव और स्वतःस्फूर्त पर सजग चेतना पर चलने का स्वर देता है।
ये आलेख ‘अग्निलीक’ उपन्यास को समझने और व्याख्यायित करने में सहायक तो हैं ही, उपन्यास ने ग्रामीण सामाजिक संरचना में होते जिन परिवर्तनों और उसके साथ-साथ स्थापित जिन वैचारिक जड़ताओं को कथा-सूत्र में पिरोया है, ये उसे और आगे ले जाते हैं। इसलिए इनका अध्ययन आवश्यक है। स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात गाँवों की विडम्बनाओं को इन समीक्षकों, आलोचकों ने इस उपन्यास के बहाने गम्भीरता से देखा-परखा और अभिव्यक्त किया है। इन आलेखों को समग्रता में देखना साहित्यिक उद्देश्य की पूर्ति करता है, यही कारण है कि इन्हें एक साथ रखकर प्रस्तुत करने की यह कोशिश की गई है। किसी रचना पर टिप्पणी सिर्फ़ उस रचना का भला या बुरा नहीं करती, यह उस विधा की समझ को भी विस्तार देती है। समीक्षाओं का यह संकलन इन्हीं उद्देश्यों से सामने रखा गया है।
Book Details
-
ISBN9789348229427
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Heart Ki Dekhbhal
- Author Name:
Dr. H.S. Wasir
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Essays Demystified For UPSC. CSE & Competitive Exams
- Author Name:
Abhishek Saraf +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Karysthal Par Yaun Utpeedan, Karan Aur Nivaran
- Author Name:
Shaharyar Amjad Khan
- Book Type:

- Description: Book
Sati & Vilasi
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: शरतकथा' की यह तीसरी पुस्तक है। इस संग्रह में पाँच कहानियाँ हैं, जिनमें 'बालकों का चोर ' कहानी शरतबाबू की बचपन की कहानियों में से ली गई है। 'सती ', 'दर्पचूर्ण', ' अँधेरे में उजाला' तथा *अनुपमा का प्रेम' उनकी सुप्रसिद्ध कहानियाँ हैं। शरतबाबू की अन्य बड़ी कहानियाँ हिंदी में स्वतंत्र पुस्तकों के रूप में अलग-अलग प्रकाशित हो चुकी हैं। इस कथा-माला का उद्देश्य उनकी छोटी-छोटी कहानियों को मूल बँगला से अक्षरश: अनूदित एवं संकलित कर हिंदी-पाठकों तक पहुँचाना मात्र था, अतः यह सीरीज इस पुस्तक 'सती' के साथ यहीं समाप्त हो रही है। आशा है, शरतकथा-माला की तीनों पुस्तकों--' अभागी का स्वर्ग ', 'विलासी ' एवं 'सती' को पाठक स्नेहपूर्वक अपनाएँगे।
Ganit Mein Payen 100/100
- Author Name:
D.D. Sharma
- Book Type:

- Description: क्यों कुछ लोग गणित पढ़ने में पूर्ण आनंद अनुभव प्राप्त करते हैं, जबकि दूसरों को वह हौआ लगता है? क्यों कुछ लोग 100/100 नंबर पाते हैं, जबकि बहुतों के लिए वह जीवन भर अभिशाप बनकर रह जाता है? उत्तर ज्यादा कठिन नहीं है। कक्षा 10 तक गणित अनिवार्य विषय है। अधिकतर छात्र इसमें प्रयुक्त चिह्न, गणितीय शब्द, सूत्र, स्पष्टीकरण व उदाहरणों से पर्याप्त परिचय नहीं कर पाते और इसमें कमजोर रह जाते हैं, फलतः उनके लिए गणित हौआ बनकर रह जाता है। गणित कोई मुश्किल विषय नहीं है। प्रस्तुत पुस्तक कक्षा 6 से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों के लिए गणित को आसान व रुचिकर बनाने का एक सशक्त प्रयास है। इसमें दिए हुए सूत्र जीवन भर काम आनेवाली धरोहर हैं। ये सूत्र ही गणित का जीवन हैं। अतः उनके उचित उपयोग के लिए छोटे-छोटे उदाहरण दिए गए हैं। आप अपना थोड़ा सा मस्तिष्क लगाकर आसानी से गणित में 100 में से पूरे 100 अंक पा सकते हैं। गणित में पारंगत होने और सफल होने के लिए हर विद्यार्थी व सामान्य जन के लिए उपयोगी पुस्तक।
Super Speed Computer Course
- Author Name:
Shashank Johri
- Book Type:

- Description: "एक दशक पहले कंप्यूटर भारत में अद्भुत मशीन के रूप में देखा जाता था। बहुत कम लोग ही इसका प्रयोग कर पाते थे, साथ ही इसकी जादुई शक्तियों को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते थे। परंतु आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र और कार्यालय होगा, जो कंप्यूटर के प्रयोग से वंचित हो। विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर ज्ञान नितांत आवश्यक हो गया है। इस पुस्तक की आवश्यकता तब प्रतीत हुई, जब बाजार में उपलब्ध पुस्तकों के द्वारा उलझानेवाले पाठ से पाठकों को आधा-अधूरा ज्ञान मिला। प्रस्तुत पुस्तक Super Speed Computer Course एक ऐसा कैप्सूल कोर्स है, जो गागर में सागर भरकर कंप्यूटर के बारे में पूरा ज्ञान और जानकारी देता है। ऑफिस, एकाउंटिंग, ग्राफिक्स, एनिमेशन आदि सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर का व्यावहारिक प्रयोग सिखाना इसका सबसे बड़ा गुण है। प्रत्येक सॉफ्टवेयर की कम-से-कम शब्दों में व्याख्या, सभी आवश्यक प्रैक्टिकल जानकारियों को चरणबद्ध तरीके से समझाना और ‘पढ़ो कम, समझो अधिक’ का सूत्र इसमें लागू किया गया है। यदि आपके पास कंप्यूटर है अथवा साइबर कैफे जाकर आप कंप्यूटर प्रयोग कर सकते हैं तो अब आपको कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु फीस देने की आवश्यकता नहीं है। बस, यह पुस्तक पढ़ते जाइए और स्टेप-बाइ-स्टेप अपनी आवश्यकतानुसार समय निकालकर कंप्यूटर सीखते जाइए। Super Speed Computer Course को पढ़कर आप सरल, सुबोध व सटीक भाषा में कंप्यूटर ज्ञान अर्जित कर शीघ्र ही कंप्यूटर विशेषज्ञ बन जाएँगे। "
History of Indian English Literature
- Author Name:
M.K. Naik
- Rating:
- Book Type:

- Description: Indian English literature began as an interesting by-product of an eventful encounter in the late eighteenth cntury between a vigorous and enterprising Britain and a stagnant and chaotic India, and is now nealy twi hundred years old. It is literature written originally in English by authors Indian by birth, ancestry or nationality. It is no part of English literature any more than American literature or Australian lterature can be said to be branch of British literature. It is legitimatly a part of Indian literature, since its differntia is the expression in it of an Indian ethos.
Agniveer Vayu
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Air Force Science Subjects 25 Practice Sets
UP PRATHAMIK VID. SAHAYAK ADH. BHARTI PARIKSH-NEW
- Author Name:
Shashi Bhushan Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patna High Court Assistant Recruitment Book (Complete Study Guide in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Mein Ashuddhiyan
- Author Name:
Ramesh Chandra Mahrotra
- Book Type:

- Description: मानक हिन्दी इतने बड़े क्षेत्र में और इतनी अधिक जनसंख्या द्वारा व्यवहृत की जा रही है कि उसका एकमेव राष्ट्रीय स्वरूप निर्मित होना और उसका स्थिर रह पाना असम्भव है। कारण दो हैं—एक तो उसके प्रयोक्ताओं पर उनकी मातृबोलियों का व्याघात और दूसरे उनको दी जानेवाली समुचित शिक्षा का अभाव और अशुद्धियाँ (प्रयोगों में अन्तर होने) की सामाजिक पृष्ठभूमि। प्रस्तुत पुस्तक में समूचे हिन्दी क्षेत्र से नमूनार्थ संकलित सामग्री को विश्लेषित करके हज़ारों उदाहरणों के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि हिन्दी की बाईस बोलियों के मातृभाषी मानक हिन्दी लिखते समय वर्तनी, व्याकरण और अर्थ से सम्बन्धित किस-किस प्रकार की कुल 44 त्रुटियाँ करते हैं, जिनमें 111 उपत्रुटियाँ अन्तर्भुक्त हैं। इन उपत्रुटियों को सरलतम विधि से केवल आगम (कुल 7), आदेश (कुल 95), और लोप (कुल 9) तीन आधारों पर समझाया गया है। प्रमुखतः उपचारात्मक मूल्य वाली यह पुस्तक हिन्दी को अशुद्धियों से दूर रखना चाहनेवालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
1000 Bhagat Singh Prashnottari
- Author Name:
Yavindar Singh Sandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
EK SHAM PARIVAR KE NAAM
- Author Name:
Pt. Vijay Shankar Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Taliban War And Religion In Afghanistan
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: This book has no description
Bihar Civil Court Chaprasi/Ardali (Bihar Civil Court Peon/Orderly Recruitment Exam Hindi Edition)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Drishti Nahin, Drishtikon Chahiye
- Author Name:
Rajesh Singh
- Book Type:

- Description: अनगिनत भारतीयों की तरह ही राजेश सिंह का भी एक सपना था। वह एक आई.ए.एस. अधिकारी बनना चाहते थे। बस एक समस्या थी—वह देख नहीं सकते थे। यह पुस्तक पटना के एक युवा, राजेश के प्रेरणादायी सफर की कहानी है, जो प्रज्ञाचक्षु है। भारी मुश्किलों से लड़ता हुआ वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। यह परीक्षा बेहद कठिन और प्रतिस्पर्धात्मक है, लेकिन इसमें सफल होना कई लोगों का सपना भर रह जाता है। लेकिन अपनी प्रबल इच्छाशक्ति, अदम्य जिजीविषा, कठिन परिश्रम, लगन और साधना ने दिव्यांग उत्साही राजेश को इस दुर्गम प्रतियोगिता में सफल होने का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसी प्रेरक जीवनयात्रा पाठकों के समक्ष इस भाव से प्रस्तुत है कि किसी शारीरिक अक्षमता के बावजूद व्यक्ति फौलादी इरादों के बल पर अपने सपनों को पूरा करने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकता है।
Quadi Number 0486 (Hindi Translation of Item Girl)
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: सुनहरी और सुहाना, दो जुड़वाँ बहनें, जिनका बचपन बेहद भयानक रहा है, दर्द और धोखे के भँवर में फँस जाती हैं, जब बॉलीवुड की मशहूर आइटम गर्ल सुनहरी पर उसके शातिर चाचा की हत्या का आरोप लगता है और उसे जेल भेज दिया जाता है। सुहाना, जो फिल्मकार बनाने की राह पर है, अपनी बहन को हर हाल में न्याय दिलाना चाहती है, लेकिन उसकी टक्कर अपनी सौतेली माँ काला से होती है, जिसने अपनी ही शैतानी साजिशें रची हैं। और जब तीन और चालबाज आइटम गर्ल्स—नर्गिस, डिजिटल डॉली और डेजी को सुनहरे केस में चश्मदीद बनाया जाता है तो मामला और भी उलझ जाता है। खौफनाक बलात्कार, एक बेरहम ब्लैमेलर, एक जालिम बॉयफ्रेंड, कुछ ज्यादा ही जाननेवाला एक सनकी पत्रकार और एक घाघ पुलिसवाले के घालमेल से बना मन को झकझोर देनेवाला वह मनोवैज्ञानिक थ्रिलर, जो आपको आखिर तक अपने चंगुल से निकलने नहीं देगा। शो बिजनेस के स्याह पहलू पर एक जबरदस्त, मनोरंजक कहानी ‘आइटम गर्ल’ पल भर के लिए भी सुस्त नहीं पड़ती। ‘विचित्र किरदारों से भरी परेशान कर देनेवाली दुनिया। यह ‘आइटम गर्ल’ महज एक आइटम नहीं है। यह फीचर फिल्म का दम रखती है।’ —हंसल मेहता बॉलीवुड पर अपनी दूसरी किताब में ऋचा लखेड़ा ग्लैमर की मोहक दुनिया की अँधेरी गलियों की पड़ताल करती हैं। —इरफान खान
Rashtriya Aarakshan Neeti Aur Aligarh Muslim Vishwavidyalaya
- Author Name:
Ishwar Sharan Vishwakarma
- Book Type:

- Description: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है, किंतु दुर्भाग्य से इसकी स्थापना से लेकर आज तक इस बात को लेकर विवाद है कि क्या यह अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान है? वास्तव में इसकी स्थापना से लेकर संविधान सभा, संसद और न्यायपालिका ने सदैव इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय स्वीकार किया; साथ ही इसके संस्थापकों ने भी इस बात को हमेशा माना कि यह देश के सभी वर्गो धर्मो के लिए बना है। इस पुस्तक की रचना के पीछे भी यही उद्देश्य है कि चूँकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय भारत राष्ट्र की धरोहर है, अतः केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के कारण इस विश्वविद्यालय में भी राष्ट्र आरक्षण नीति के तहत SC/ST/OBCs को आरक्षण मिले तथा राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक न्याय की प्रक्रिया में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मिलनेवाला SC/ST/OBCs आरक्षण, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में भी मिले, यही इस पुस्तक का वैचारिक अधिष्ठान है।
Neurotherapy Dwara Swastha Jeevan
- Author Name:
Ramgopal Dixit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Thal Sena (Agniveer)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Army General Duty (GD) Bharti Pareeksha Guide
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book