Lokbharti Pramanik Hindi Bal Kosh
Author:
Ramchandra VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788180310690
Pages: 589
Avg Reading Time: 20 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Heart Ki Dekhbhal
- Author Name:
Dr. H.S. Wasir
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Ganit (CUET Mathematics in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UP TGT Sharirik Shiksha 14 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Physical Education Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Divya Bhagwadgita Atma Se Parmatma Tak
- Author Name:
Ashok Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamayani-Lochan : Vols. 1-2
- Author Name:
Uday Bhanu Singh
- Book Type:

- Description: डॉ. उदयभानु सिंह भारतीय दर्शन और संस्कृत काव्यशास्त्र के गहन अध्येता थे। तुलसीदास पर उनके ग्रन्थ अपने प्रकाशन-काल से ही निरन्तर तुलसी काव्य के रसग्राही पाठकों और शोधार्थियों के लिए प्रामाणिक स्रोत-सामग्री की भूमिका निबाह रहे हैं। ‘कामायनी-लोचन’ उसी परम्परा को आगे बढ़ानेवाली रचना है। विद्वान लेखक ने प्राक्कथन में इस तथ्य का उल्लेख किया है कि कामायनी आधुनिक काव्य का “ऐसा गौरवग्रन्थ है जिस पर सबसे अधिक आलोचनात्मक पुस्तकें तथा लेख लिखे गए हैं; सबसे अधिक टीकाएँ लिखी गई हैं, सबसे अधिक शोधपरक निबन्ध एवं प्रबन्ध प्रणीत हुए हैं, और सर्वाधिक विवाद भी हुआ है।” यह कथन इस सामग्री से उनके बाख़बर होने का प्रमाण है। इस सामग्री की ख़ूबियों या ख़ामियों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। विनम्रतापूर्वक बस इतना जोड़ा कि “ ‘कामायनी’ के विषय में बहुत-कुछ कहा जा चुका है, परन्तु बहुत-कुछ अनकहा भी रह गया है। अतएव उनके अध्ययन की शृंखला को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘कामायनी-लोचन’ उसी शृंखला की एक कड़ी है।’’ कहना न होगा कि ‘कामायनी-लोचन’ हिन्दी में कामायनी की टीका-व्याख्याओं की किसी चली आती अधूरी परम्परा की पूरक कड़ी-भर नहीं है। उसमें जो कहने से रह गया उसे कहकर रिक्त स्थान की पूर्ति का दायित्व निर्वाह भर करने का प्रयास नहीं है। उसका आदर्श तो संस्कृत-आचार्यों की वह समृद्ध टीका-व्याख्या परम्परा है जिसके आधार पर लेखक ने इसका नामकरण किया है। दो खंडों में विभाजित इस ग्रन्थ में ‘कामायनी’ के सर्गों की व्याख्या-समीक्षा के साथ इसकी शब्द-सूची प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुति की एक निश्चित प्रविधि है। ऐसा ढाँचाबद्ध पैटर्न जिससे एकरूपता और एकरसता एक साथ पैदा होती है। एक ऐसा अकादमिक अनुशासन जिसका पालन वे शिक्षक के रूप में अपनी कक्षाओं में भी करते थे। वे पहले सर्ग-वार कथा-सूत्र प्रस्तुत करते हैं, उसके बाद एक संक्षिप्त समीक्षात्मक टिप्पणी जोड़कर अन्त में शब्दार्थ देते हैं—जिसे उन्होंने शब्द-सूची कहा है। इस प्रकार ‘लोचन’ कामायनी का शब्दकोश भी है। अकादमिक अनुशासन के विरोधियों को इसकी विधिबद्धता से रसज्ञता और सर्जनात्मकता की कमी की शिकायत हो सकती है। भूलना नहीं चाहिए कि इसका रचयिता दर्शन, व्याकरण और काव्यशास्त्र का अध्येता विद्वान तो था, अभिनवगुप्त की तरह कवि नहीं। उनकी यह कृति भले ही पाठकों को गहरी रसमग्नता का संतोष न दे पर ‘कामायनी’ की समझ में अनेक भ्रान्तियों का निवारण करेगी और उसकी गहन अर्थ-व्यंजनाओं के उद्घाटन में मददगार होगी—व्युत्पत्यर्थ और दार्शनिक अनुषंगों की दृष्टि से। —निर्मला जैन
Vimarsh-Akaal Me Utsav
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: ‘‘इस साल उपन्यासों में केवल एक किताब उल्लेखनीय है -पंकज सुबीर का उपन्यास ‘अकाल में उत्सव’। यह गाँव और किसान जीवन के दुख-दर्द कहने वाली रचना है। इस उपन्यास को पढ़कर कहा जा सकता है कि किसान जीवन में आजकल सुख कम और दुख ज़्यादा है। इस उपन्यास में एक किसान की आत्महत्या भी है। शासन-प्रशासन द्वारा उस किसान को पागल घोषित कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।’’ -डॉ. मैनेजर पांडेय (शीर्ष आलोचक) ‘जनसत्ता’ समाचार पत्र में ‘साहित्य इस बरस’ चर्चा के अंतर्गत वर्ष 2016 की महत्त्वपूर्ण पुस्तकों की चर्चा करते हुए।
Devi-Devtaon Ki Alaukik Ghatanayen
- Author Name:
Prof. Ram Gopal Gupt
- Book Type:

- Description: समाज उसी व्यक्ति को महान् मानता है, जो अपने कार्य व ध्येय में सफलता प्राप्त कर ले | असफल व्यक्ति कितना भी ग़ुणवान व सक्षम क्यों न हो, वह न तो महान् माना जाएणा और न उसके बाद उसके साथ कोई अलौकिक व चामत्कारिक घटनाएँ ही जुड़ेंगी | सफल विभूतियों के जीवनकाल में जो महत्त्वपूर्ण घटनाएँ घटी थीं, वे निश्चय ही विशेष या अत्यधिक कठिन तो अवश्य थीं, परंतु असंभव नहीं थीं, बल्कि पूर्णतया विज्ञान-सम्मत एवं तर्क-सम्मत थीं | सूक्ष्म दृष्टि से परीक्षण करने पर उनका सराहनीय लौकिक रूप समझ में आने लगता है | इस पुस्तक में दिए हुए तर्कसंगत मत पूर्णतया लेखक की अपनी कल्पना पर आधारित हैं, जिनमें अलौकिकता न होकर वास्तविकता का दिग्दर्शन मात्र ही है | यह पुस्तक हमारी श्रद्धा और आस्था के केंद्र देवी-देवताओं के अनुकरणीय, वंदनीय एवं पूजनीय जीवन के ऐसे दृष्टांत बताती है, जिन्हें पढ़कर उनके प्रति सम्मान और आदरभाव बढ़ जाता है| भक्ति, समर्पण और श्रद्धा जाग्रत् कर जीवन में संतोष व सार्थकता देनेवाली एक अनुपम कृति।.
Shuddha Anna Swastha Tan
- Author Name:
Prempal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Vangmay Evam Kalkram: Kinnar Darshan
- Author Name:
Reshma Prasad
- Book Type:

- Description: राम की बधाई परंपरा विधर्मी की चादर से ढक गई है। उस चादर को किस तरीके से हटाया जा सकता है। सनातन धर्म के उन मूल्यों को स्थापित किया जा सकता है, जिन मूल्यों के आधार पर यह परंपरा निरंतर चलती हुई आ रही है। यह परंपरा अब अपराधीकरण और आर्थिक उपार्जन का साधन बन गई है। परंपरा के नाम पर गृहस्थ भाव के व्यक्ति ने तपस्वी भाव को समाप्त कर दिया है। पहचान के संघर्ष को इस तरीके से समाज में ले गए कि आज समुदाय की पहचान समाज में डर की हो गई है। इस डर को किस तरीके से निकाला जाए। समुदाय को सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार वापस लाया जाए। इसे सिर्फ जीविकोपार्जन के साधन के रूप में समझौतावादी स्थितियों से न गुजारा जाए। इसके लिए किस तरीके से कार्य किया जा सकता है कि किन्नर समुदाय के मठ और मंदिर स्थापित हों और उनमें नशे के आदी और सेलिब्रिटी पहचान की जरूरत वाले व्यक्ति शामिल न हों। पुस्तक को अलग-अलग तरीके से साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया है। किन्नर समुदाय की कला एवं परंपरा को कैसे पुनः स्थापित किया जा सकता है, इस पर भी प्रकाश डाला गया है।
UPSC CSAT Civil Services Aptitude Test General Studies Paper Ii Solved Papers 2011-2023
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gyaneshwari Prasad
- Author Name:
Suresh ‘Bhayyaji’ Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kashmir : Sahitya Aur Sanskriti
- Author Name:
Shiben Krishna Raina
- Book Type:

-
Description:
कश्मीर का प्राकृतिक सौन्दर्य जितना विश्वविख्यात है, उतना ही उसकी साहित्यिक सांस्कृतिक विरासत भी मूल्यवान और सर्वविदित है।
ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ घाटियों के बीच में भास्वरित होती झीलें, झाड़ियों से भरे जंगल फूलों से घिरी पगडण्डियाँ केसर-पुष्पों से महकते खेत, कल-कल करते झरने, बर्फ से आच्छादित पर्वतमालाएँ आदि कश्मीर की अनुपम खूबसूरती को स्वतः ही बयाँ करते हैं।
प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ कश्मीर की सांस्कृतिक साहित्यिक धरोहर भी कम अनूठी और गौरवशाली नहीं है। इस धरती को धर्म-दर्शन और विद्या-बुद्धि की पुण्य-स्थली माना जाता है। शारदापीठ भी कहा जाता है और रेश्यवार (ऋषियों की बगीचों) के नाम से भी अभिहित किया जाता है। इस भूखण्ड ने भारतीय ज्ञानपरम्परा को बड़े-बड़े मनीषी विद्वान और कालजयी महापुरुष दिये हैं जिनका अवदान सदा स्मरणीय रहेगा। महान रसशास्त्री और शैवाचार्य अभिनव गुप्त, कवि-इतिहासकार (राजतरंगिणीकार) कल्हण काव्यशास्त्री मम्मट आनन्दवर्धन, वामन, आचार्य क्षेमेन्द्र आदि के नाम इस सन्दर्भ में बड़े गर्व के साथ लिये जा सकते हैं।
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Vigyan (MPTET Science Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kritrim Upgrahon Ki Sanrachnatmak Abhikalpana
- Author Name:
Purushottam Gupta
- Book Type:

- Description: प्रकृति के रहस्यों को सुलझाने की मानवीय प्रवृत्ति के कारण अनेक आविष्कार और खोजें हुई हैं। कृत्रिम उपग्रह इनमें से एक है। कृत्रिम उपग्रह और इनके उपयोगों से आज की दुनिया अपरिचित नहीं है। यह सामान्य सी बात है कि जब हमें किसी बड़े क्षेत्र का निरीक्षण करना हो तो हम उस क्षेत्र में स्थित सबसे ऊँचे स्थल पर खड़े होकर करते हैं। इसी प्रकार कृत्रिम उपग्रह पर दूरबीन और अन्य उपकरण स्थित पर हम पृथ्वी और अन्य ग्रहों का निरीक्षण करते हैं। इस उपग्रह रूपी प्लैटफार्म पर उपकरणों की अंतरिक्ष यात्रा अत्यंत कठिन होती है। जिस प्रकार हमें वाहनों में यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार के कंपनों का सामना करना पड़ता है, उसी प्रकार उपग्रह एवं उस पर स्थित उपकरणों पर कंपन का प्रभाव होता है। इस पुस्तक में उपग्रह एवं उस पर स्थित उपकरणों को अंतरिक्ष यात्रा एवं कार्यकाल के दौरान आने वाली विकट परिस्थितियों से बचाने के लिए किए जाने वाले उपायों की चर्चा की गई है। यह पुस्तक मुख्यतः, विज्ञान एवं तकनीकी के महाविद्यालयीन छात्रों के लिए लिखी गई है, तथापि यह उच्चतर माध्यमिक कक्षा के विद्यार्थियों एवं विज्ञान में रुचि रखने वाले सामान्य जन के लिए भी उपयोग होगी।
Administrative Ethics
- Author Name:
R.K. Sirohi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPSC Civil Services 29 Years IAS Prelims GS Paper 1 & CSAT Paper 2 Topic-Wise Solved Papers 1 & 2 1995-2023
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Ambedkar Prashnottari
- Author Name:
Parijat Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC CHSL (10+2) Sanyukt Higher Secondary Level LDC/DEO/PSA Online Pareeksha (Tier-1) 20 Practice Sets Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vaigyanikon Ki Rochak Baaten
- Author Name:
Dilip M. Salwi
- Book Type:

- Description: विज्ञान को हमेशा ही गंभीर विषय माना गया है और वैज्ञानिकों को गंभीर व्यक्ति । लेकिन क्या वैज्ञानिक भी मनुष्य नहीं हैं, जिनमें आम मनुष्यों की भांति शारीरिक और नैतिक दुर्बलताएँ होती हैं? प्राय: ज्यादातर विज्ञान-लेखकों ने वैज्ञानिकों के इस पक्ष को महत्त्व नहीं दिया है, क्योंकि इसका विज्ञान से कुछ लेना-देना नहीं है; लेकिन वैज्ञानिकों का मानवीय पक्ष अन्य विधाओं से संबद्ध लोगों को विज्ञान, इसकी संस्कृति और इसमें दक्ष लोगों से अवगत कराने का अच्छा माध्यम हो सकता है । यदि इस पुस्तक को पढ़ने के पश्चत् अवैज्ञानिक लोग इसकी कुछ कहानियों, आख्यानों और पात्रों को मनोरंजन के साथ याद रखते हैं तो इसके प्रकाशन का उद्देश्य सार्थक होगा । विज्ञान विधा से संबद्ध लोगों के लिए यह पुस्तक आँख खोलनेवाली है । शायद ही कभी विज्ञान के छात्रों को विज्ञान के इस पक्ष से उनके शिक्षकों द्वारा परिचित कराया जाता हो । हमारे स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विज्ञान शिक्षक इस पुस्तक में दी गई कहानियों, आख्यानों और वर्णित पात्रों को आत्मसात् कर, विज्ञान से बोझिल अपने व्याख्यानों में इन्हें स्थान देकर रोचक, मनोरंजकपूर्ण तथा अधिक संप्रेषणीय बना सकते हैं जो आज विद्यार्थियों को विज्ञान की ओर आकर्षित करने के लिए अत्यावश्यक है ।
SHRI GURU TEGABAHADURAJI (PB)
- Author Name:
Kuldeep Chand Agnihotri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...