Lokbharti Brihat Pramanik Hindi Kosh
Author:
Badrinath Kapoor, Ramchandra VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 799.2
₹
999
Available
आचार्य रामचन्द्र वर्मा द्वारा सम्पादित ‘बृहत् प्रामाणिक हिन्दी कोश’ का उपयोग पिछले कई वर्षों से हिन्दी-प्रेमी निरन्तर करते चले आ रहे हैं।</p>
<p>प्रस्तुत बृहत् संस्करण वर्मा जी के मानदंडों के अनुरूप तथा वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सैकड़ों शब्दों को ढूँढ़-ढूँढ़कर इस कोश में स्थान दिया गया है जो पहले से हमारी भाषा के अंग हैं, परन्तु जिनका आज तक कोशों में समावेश नहीं हो पाया। आंचलिक तथा प्रादेशिक रचनाकारों के कुछ ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है जो हिन्दी साहित्य में अपना स्थान बना पाए हैं। समस्त पदों में पूर्वपद या उत्तरपद के रूप में कुछ विशिष्ट शब्दों के योग से बने नए शब्दों की बहुलता भी इस कोश में दर्शनीय है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, प्रशासन, जनसंचार आदि क्षेत्रों में प्रयुक्त होनेवाले अंग्रेज़ी भाषा के ऐसे शब्दों को भी इस कोश में स्थान दिया गया है, जिनका व्यापक रूप से इधर प्रयोग हो रहा है। इस कोश में पहली बार ऐसे सैकड़ों क्रिया-विशेषण, विशेषण तथा संज्ञा शब्दों की प्रविष्टियाँ मिलेंगी जो सम्बन्धबोधकों की तरह प्रयुक्त होते हैं। इधर सहस्रों हिन्दी शब्दों में नए अर्थ विकसित हुए हैं। ऐसे अर्थों को सँजोने तथा विश्लेषित करने का काम इस बृहत् संस्करण का विशेष ध्येय रहा है।</p>
<p>अरबी, फ़ारसी, तुर्की आदि के अधिकतर प्रचलित शब्दों को मूल शुद्ध रूप में दिखाने का प्रयास किया गया है। अनेक शब्द भेदों में जिन शब्दों को बाँटा जा सकता है, ऐसे शब्दों को प्रयोग के आधार पर क्रिया-विशेषण, योजक, निपात, विस्मयादिक, सम्बन्धबोधक आदि नामों से अभिहित किया गया है। लिंग-सम्बन्धी भी अनेक भूलें ठीक की गई हैं। अनेक शब्दों की व्युत्पत्ति में भी सुधार किया गया है।</p>
<p>इधर सहस्रों नए शब्द हमारी भाषा में प्रविष्ट हुए हैं। इनमें से जिनका पत्र-पत्रिकाओं में विशेष रूप से प्रयोग देखने को मिला, उन्हें इस नवीन संस्करण में सम्मिलित कर लिया गया है।</p>
<p>निश्चय ही यह कोश, विद्यार्थियों, लेखकों, अध्यापकों, सम्पादकों, पत्रकारों, शोधार्थियों इत्यादि के लिए अत्यन्त उपयोगी तथा विश्वसनीय है।</p>
<p>
ISBN: 9788180316326
Pages: 1122
Avg Reading Time: 37 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Hinduon ke vrat parv aur Tyohar
- Author Name:
Rampratap Tripathi Shastri
- Book Type:

-
Description:
भारतरत्न बाबू पुरुषोत्तमदास जी टण्डन की पुण्य स्मृति में समर्पित इस पुस्तक में हिन्दुओं के सम्पूर्ण व्रतों, त्योहारों और पर्वों से सम्बन्धित पौराणिक, लौकिक तथा शास्त्रीrय विद्याओं की परम्परागत प्राचीन विधियों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है।
व्रत, पर्व और त्योहार यद्यपि ये तीनों उत्सव के भिन्न-भिन्न रूप हैं तथापि किसी-न-किसी रूप में इनमें परस्पर विचित्र समानता पायी जाती है। व्रत का विधान बहुधा आध्यात्मिक अथवा मानसिक शक्ति की प्राप्ति के लिए, चित्त अथवा आत्मा की शुद्धि के लिए, संकल्प-शक्ति की दृढ़ता के लिए, ईश्वर की भक्ति और श्रद्धा के विकास के लिए, वातावरण की पवित्रता के लिए, दूसरों पर अपने प्रभाव जमाने के लिए, अपने विचारों को उच्च एवं परिष्कृत करने के लिए तथा प्रकारान्तर से स्वास्थ्य की प्रगति के लिए किया जाता है। यद्यपि भारतीय विचारधारा में व्रत का सामान्य अर्थ व्रत अथवा उपवास ही है, तथापि कुछ ऐसे व्रत हैं जिनमें उपवास का स्थान गौण है और चित्त-शुद्धि अथवा आत्म-परिष्कृत का स्थान मुख्य है। पर्व किसी मुख्य तिथि अथवा ज्योतिष के अनुसार ग्रहों आदि के संयोग का ही दूसरा नाम है, जो किसी निर्दिष्ट समय पर आता है। पर्व का बीच-बीच में निर्दिष्ट अवधि पर आते रहते हैं जैसे कुम्भ पर्व आदि। आकाश के नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के अनुसार इन पर्वों का धरती के जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। त्योहार एक सामान्य शब्द है। आजकल इसका प्रयोग व्रत और पर्व के लिए भी होने लगा है, किन्तु इसका तात्पर्य वस्तुत: लौकिक उत्सवों एवं समारोहों की तिथि से ही अधिक समीप है जैसे दशहरा, होली आदि।
व्रत दो प्रकार के होते हैं, ‘काम्य’ और ‘नित्य’। काम्य उन्हें कहते हैं जो किसी विशेष कामना को लेकर किये जाते हैं और नित्य वे हैं, जिनमें किसी कामना का समावेश नहीं होता, वरन् जो भक्ति और प्रेम के कारण आध्यात्मिक प्रेरणा से किये जाते हैं। निष्काम अथवा नि:स्वार्थ व्रत का ही स्थान ऊँचा होता है।
व्रत का सामान्य अर्थ आज ‘उपवास’ हो गया है। उपवास शब्द का अर्थ है दुर्गुणों एवं दोषों से बचकर आत्मा अथवा गुणों के साथ वास अर्थात् निवास। इन व्रतों अथवा पर्वों में हमारे देश के भिन्न-भिन्न मतावलम्बी लोगों के लिए अपनी-अपनी कुल-परम्परागत मान्यता के अनुसार चलने की पूरी सुविधाएँ प्रदान की गयी हैं। एक धर्म अथवा सम्प्रदाय के देवता का अन्य धर्म अथवा सम्प्रदाय में बड़ी उदारता एवं सहानुभूति के साथ चित्रण किया गया है। सनातन हिन्दू धर्म में तो इस व्यापक दृष्टिकोण का पदे-पदे परिचय मिलता है। भगवान् विष्णु के चौबीसों अवतारों में जैन धर्म के आदि प्रवर्तक भगवान् ऋषभदेव तथा बुद्ध धर्म के प्रतिष्ठापक भगवान् गौतम बुद्ध का भी गिनाया गया है और इनकी जयन्तियों तथा पुण्यकथाओं को सुनने-सुनाने का बड़ा माहात्म्य वर्णित है।
सनातनी हिन्दुओं के मुख्य त्योहारों होली, दीवाली, विजयादशमी, वसन्तपंचमी, नागपंचमी आदि त्योहार तो बौद्ध, जैन आदि मतों में भी सनातन धर्म के समान ही समादृत और महत्त्वपूर्ण हैं। कुछ अन्य त्योहार तो ऐसे भी हैं जो सनातन धर्म में किसी अन्य कारण से महत्त्व रखते हैं और बौद्ध तथा जैन धर्म में किसी अन्य कारण से। किन्तु हिन्दुओं के सभी मतानुयायियों में उनकी विशेषता अखण्डित है। कार्तिकी पूर्णिमा, मार्गशीर्ष शुक्ला एकादशी, अक्षय तृतीया, अनन्त चतुर्दशी आदि व्रतों अथवा पर्वों का सनातन हिन्दू धर्म तथा बौद्ध एवं जैन धर्मों में समान महत्त्व है, किन्तु कारण भिन्न-भिन्न दिये गये हैं।
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Nagrik Shastra 15 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Civics Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Charitraheen
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: पुस्तक के संबंध में एक बार शरत की अन्य पुस्तकों के साथ उनकी चरित्रहीन की पांडुलिपि, जो लगभग पाँच सौ पृष्ठों की थी, जल गई। इससे हताश वे अवश्य ही बहुत हुए, परंतु निराश नहीं। अपने असाथारण परिश्रम से उसे पुन: लिखने से समर्थ हुए। प्रस्तुत रचना उनकी बड़ी लगन और साधना से निर्मित वही कलाकृति है। शरतबाबू ने अपनी इस अमर कृति के संबंध में अपने काव्य-मर्मज्ञ मित्र प्रमथ बाबू को लिखा था, “केवल नाम और प्रारंभ को देखकर ही चरित्रहीन मत समझ बैठना। मैं नीतिशास्त्र का सच्चा विद्यार्थी हूँ। नीतिशास्त्र समझता हूँ। कुछ भी हो, राय देना, लेकिन राय देते समय मेरे गंभीर उद्देश्य को याद रखना। मैं जो उलटा-सीधा कलम की नोक पर आया, नहीं लिखता। आरंभ में ही उद्देश्य लेकर चलता हूँ। वह घटना-चक्र में बदला नहीं जाता।'!
Kainchi Dham Ke Baba Shri Neeb Karauri Maharaj "कैंची धाम के बाबा श्री नीब करौरी महाराज" | Daily Rituals, Satsang And Spiritual Practices Teachings of Maharajji Make It The Center of Giving Meaning To Human Life.
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Our Constitution Our Pride
- Author Name:
Ram Madhav
- Book Type:

- Description: The year 2025 marks 75 years of the adoption of India's Constitution. An occasion that is being celebrated by the Government of India with much enthusiasm and rigour under the motto of 'Hamara Samvidhan, Hamara Swabhiman'. The making of India's Constitution has been an inspiring saga of which every Indian should be proud. It was one of the longest processes in the world lasting for two years, eleven months and eighteen days. There were 299 members in the Assembly, that included stalwarts like Rajendra Prasad, Jawaharlal Nehru, Sardar Patel and B.R. Ambedkar. The book 'Our Constitution, Our Pride' documents four aspects of our Constitution that should invoke pride in us-one, the struggle that preceded its making, two, the making itself, three, the relevant content, and finally, the journey in the last seven decades.
Inspiring Stories From My Life
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
Objective NCERT Based Chapterwise Topicwise Solutions For 11th And 12th Class with Solved Papers (2005 -2023) with Notes for NEET-AIIMS Exam 2024 - Biology
- Author Name:
Mamta Mehrotra +1
- Book Type:

- Description: "Objective NCERT From Prabhat Exam is an unparallel book designed on the complete syllabus of 11th and 12th NCERT textbook. It is the leading choice of Toppers and the pinnacle for NEET exam along with NCERT. Objective NCERT From Prabhat Exam is an unparalleled book designed around the complete syllabus of 11th and 12th NCERT textbooks. It is the top choice of toppers and the pinnacle resource for NEET exam preparation alongside NCERT. This book is essential for NEET, BOARDS, and CUET, as it contains questions extracted from each and every line of the NCERT textbooks. Extra notes are added by experts to enhance understanding, along with chapter-wise NCERT notes for quick but thorough and impactful revisions. Tabular texts and illustrative diagrams in HD pages aid understanding. NCERT-based topic-wise MCQs from each chapter help in mastering concepts. NCERT Exemplar Problem MCQs build a strong foundation and encourage in-depth learning. Assertion & Reason, Case-Based Questions, and HOTS cover all question types. The exam archive includes questions from previous years’ NEET and other PMT exams. Practice papers and model test papers offer final practice before the exam. Five mock tests help you become a confident competitor. Answer keys, hints, and detailed explanations are included for micro-level understanding. This book is a must for NEET/BOARDS/CUET as it has questions extracted from each and every line of the NCERT textbook. Extra Notes are added from experts to make it more understandable Chapter-wise NCERT notes for quick yet thorough & impactful revisions. Tabular texts & Illustrative diagrams in HD pages for understanding. NCERT Based Topic-wise MCQs from each of NCERT to get firm grip on concepts. NCERT Exemplar Problem MCQs to develop a strong base & go in-depth. Assertion Reason, Case Based Questions & HOTS to cover all question typologies. Exam Archive including Previous years’ NEET & other PMT exam’s questions. Practice Papers & Model Test Papers to put final practice touch to your preparation. 5 Mock Test to Make you an experienced player Answer keys, hints and explanations are also added in the book for micro-level understanding."
Vichar Aur Samay
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
UP TGT Krishi 14 Practice Sets in Hindi Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Agriculture Practice Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar Police Daroga Prarambhik Pareeksha 30 Practice Sets (Avar Seva Ayog Patna) (vol-1)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Genius Computer Learner-3
- Author Name:
Manuj Bajaj +1
- Book Type:

- Description: आधुनिक युग के विकास में कंप्यूटर का अतुलनीय योगदान है। आज किसी भी क्षेत्र में कंप्यूटर की उपस्थिति अनिवार्य रूप में देखी जा सकती है। हमारे राजमर्रा के लगभग सभी कार्य कंप्यूटर पर निर्भर हैं। बैंकका लेन-देन, टिकट, ए.टी.एम. सेवा, मोटरकार व हवाई जहाज नियंत्रण, पुस्तक-प्रकाशन, दस्तावेज तैयार करना, फोटो, फिल्म व संगीत से जुड़े कार्य, कक्षा में पढ़ाई करना इत्यादि सभी कार्य कंप्यूटर की मदद से सरलता से, तेजी से और त्रुटिहीनता के साथ पूरे हो जाते हैं। यही कारण है कि आज के युग को ‘कंप्यूटर का युग’ कहा जाता है। विज्ञान, तकनीकी, शोध, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी, उड्डयन, संचार एवं शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर ने कृषि के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाई है। कंप्यूटर क्रांति ने विश्व को एकसूत्र में बाँध दिया है। इंटरनेट ने तो कंप्यूटर के प्रचार-प्रसार में और भी बड़ी भूमिका निभाई है। इंटरनेट के माध्यम से आज एक ‘क्लिक’ करके हम दुनिया के किसी भी कोने में पहुँच सकते हैं। इंटरनेट टेलीफोनी और इ-मेल ने संचार क्रांति को पंख लगा दिए हैं। इंटरनेट टेलीफोन से हम लगभग निशुल्क दुनिया के किसी भी कोने में टेलीफोन की तरह बात कर सकते हैं। ‘चैट’ के जरिए ‘लाइव’ बातचीत की जा सकती है।
Pankaj Subeer Ki Kahaniyon Ka Samaj Shastreey Adhdhyan
- Author Name:
Dinesh Pal
- Book Type:

- Description: Book
Superfast Computer Course
- Author Name:
Mrinal Talukdar
- Book Type:

- Description: Contents Preface —Pgs. 5 1. An Introduction to Computers —Pgs. 9 2. An Introduction to Windows —Pgs. 38 3. An Introduction to Windows 8 —Pgs. 51 4. General Functions of Windows 8 —Pgs. 57 5. System Management —Pgs. 106 6. System Tools and Maintenance —Pgs. 118 7. Windows 7 —Pgs. 137 8. Some Useful Software in General Use —Pgs. 159 9. An Introduction to Microsoft Word 2010 —Pgs. 185 10. Advanced Functions in MS Word —Pgs. 230 11. Microsoft Outlook 2010 —Pgs. 274 12. Microsoft PowerPoint 2010 —Pgs. 285 13. Microsoft Excel 2010 and Worksheet —Pgs. 318 14. Functions of Spreadsheet and Formatting —Pgs. 329 15. Advanced Handling in MS Excel Worksheet —Pgs. 356 16. An Introduction to Microsoft Access 2010 —Pgs. 371 17. Advanced Handling in Microsoft Access Database —Pgs. 384 18. An Introduction to Tally —Pgs. 424 19. CorelDRAW X6 —Pgs. 447 20. Adobe PageMaker 7.0 —Pgs. 481 21. Adobe Photoshop CS5 —Pgs. 512 22. Adobe Indesign CS5 —Pgs. 547 23. HTML and Web Page Designing —Pgs. 575 24. Networking —Pgs. 582 25. An Introduction to Internet —Pgs. 601 26. Memory Tips —Pgs. 618 27. Computer Security —Pgs. 622 28. Applications of Internet —Pgs. 630 29. Google —Pgs. 642 30. Facebook —Pgs. 654 31. Twitter —Pgs. 659
1000 Ambedkar Prashnottari
- Author Name:
Parijat Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ayodhya Ne Kaise Badal Di Bambai (Hindi Translation of Bombay After Ayodhya: A City In Flux)
- Author Name:
Jitendra Dixit
- Book Type:

- Description: 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी ढाँचे के विध्वंस के बाद पूरा भारत दंगों की चपेट में आ गया था। सांप्रदायिक अशांति को लेकर हमेशा ही अतिसंवेदनशील रही मुंबई में दिसंबर 1992 और फिर जनवरी 1993 में जो हिंसा हुई, वह अभूतपूर्व थी। दो महीने बाद, मार्च के महीने में सिलसिलेवार धमाकों ने शहर को दहला दिया, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हो गए। सांप्रदायिक दंगों के बाद छिड़े गैंगवार और अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं ने शहर को तहस-नहस कर दिया। इन सबने मुंबई को हमेशा के लिए बदल दिया। प्रस्तुत पुस्तक बताती है कि पिछले तीन दशकों में मुंबई ने अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव का कैसा दौर देखा है। 1992 के बाद, मुंबई अंडरवल्र्ड में एक विभाजन ने राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया, जिसने शहर की जनसांख्यिकी को बदल दिया और नई नई बस्तियों को जन्म दिया। कुछ समय की खामोशी के बाद, वर्ष 2002 में एक बार फिर धमाकों और आतंकवादी हमलों ने इसे हिला दिया। यह हिंसा का एक ऐसा चक्र था, जो 2008 में 26/11 के भयानक आतंकवादी हमलों के साथ चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया। मुंबई को जिन प्रमुख घटनाओं और लोगों ने वर्तमान रूप दिया है, उनके विषय में बताने के साथ ही, इस पुस्तक ने शहर के चरित्र में बदलाव, इसके भौतिक रूप और नागरिक मुद्दों से लेकर इसकी अर्थव्यवस्था, रियल एस्टेट और राजनीति तक में बदलाव को शब्दों में बुना है।
Bahodi
- Author Name:
Deshvardhan Singh
- Book Type:

- Description: यह उपन्यास मुंबई की झुग्णी-बस्ती में रहनेवाले दरिद्र लड़के “बाहोड़ी' के बारे में है, जिसका बाप दारू की लत के चलते उसे चंद रुपयों की खातिर शफीक भाई को बेच देता है । शफीक भाई उसे अपने बेटे अरमान के साथ विद्यालय में पढ़ने भी भेजता है, साथ ही अपने बार-रेस्त्राँ में झाड़ू-पोंछा और बड़ा होने पर अपने सारे गैरकानूनी काले काम भी करवाता है। आगे चलकर जहाँ एक ओर परिस्थितिवश गुलाम बाहोड़ी बुराई के रास्ते पर चलते हुए भी आई.बी. में चयनित होकर, फिर रॉ का हिस्सा बनकर अच्छाई की राह चुनता है, वहीं दूसरी ओर अरमान, जिसे शफीक भाई एक अच्छा इनसान बनाना चाहता था, किंतु वह कब बुराई की राह पकड़कर आतंकवादियों के साथ मिल जाता है, इसका उसे जरा भी भान नहीं रहता | साथ में बाहोड़ी-असमाँ व अरमान की रोमांचित कर देनेवाली प्रेम कहानी भी है | उपन्यास गंभीर व मार्मिक होने के साथ ही हास्य से भी भरपूर है, जो बीच-बीच\ में आपको भीतर-ही-भीतर गुदगुदाता भी है, कभी प्रेमवश तो कभी बुराई पर व्यंग्यवश | बाहोड़ी की कहानी जनमानस को जीवन में सकारात्मक सोच के साथ सही चुनाव करने, अपनी परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और अपने बिगड़े हुए हालातों से संघर्ष करने को प्रेरित करती है | अंततः उपन्यास बुराई पर अच्छाई की जीत, धार्मिक सहिष्णुता व 'राष्ट्र प्रथम” की भावना का पुरजोर संदेश देता है
Athashri Prayag Katha
- Author Name:
Lalit Mohan Rayal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shriramcharitmanas
- Author Name:
Ram Singh Thakur
- Book Type:

-
Description:
‘श्रीरामचरितमानस’ भारतीय संस्कारों का श्रेष्ठतम महाकाव्य है। भारतीय संस्कार का अर्थ है—समग्र मानव जाति के निखिल मंगल, कल्याण एवं हितैषिता के प्रति समर्पित होकर प्रेम, स्नेह, उदारता, ममता, सहिष्णुता, दया, अस्तित्व, अहिंसा, सत्य, परोपकार आदि मूल्यों की प्रतिष्ठा करना। इस प्रकार, ‘मानस’ मानव अस्तित्व को सर्वोपरि मानकर उसके लिए सबसे सुलभ, सर्वाधिक सुगम तथा श्रेयस्कर मार्ग की तलाश की छटपटाहट से संयुक्त है। समाज के सर्वोच्च शुभ की प्रतिष्ठा ही मानसकार तुलसी का महत्तम शुभ है।
गोस्वामी तुलसीदास ने मानवीय अस्तित्व की सार्थकता के लिए जिस भव्यतम शुभ का दर्शन किया है, ‘मानस’ की कविता के विविध पात्रों द्वारा उसे जिस प्रकार व्यंजित किया है तथा नैतिक मंगल के सर्वोच्च मूल्य श्रीराम और उनके ठीक विपरीत गर्हित अशुभ एवं अधर्म के प्रतीक रावण को आमने-सामने रखकर जिस मानवीय शुभ की स्थापना की है—उसकी चरम परिणति असत्य पर सत्य की विजय, अशुभ पर शुभ की स्थापना, क्रूरता पर प्रेम तथा दया का प्रसार, प्रपंच तथा छल पर मानवीय सहजता की छाया की स्थापना में होती है। इस सृष्टि पर जब तक मानव जाति रहेगी, अपनी सांस्कृतिक धरोहर सत्य, प्रेम, दया, उदारता आदि श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों से संपृक्त ‘श्रीरामचरितमानस’ जैसे काव्य की रक्षा करती
रहेगी।इस प्रकार ‘श्रीरामचरितमानस’ निखिल मानव जाति की सनातन धरोहर है और इस टीका का मन्तव्य है—उसकी इस अमूल्य तथा परम शुभमयी धरोहर से उसे बराबर परिचित कराते रहना।
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Sharirik Shiksha (CUET Physical Education in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA (National Testing Agency) CUET (UG) Common University Entrance Test (Under-Graduate) 15 Practice Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book