Saral Nibandh
(0)
Author:
Shyam Chandra KapoorPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
175
₹ 140 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
निबंध लिखते हुए संकोच, भय और लज्जा त्याग देनी चाहिए। झिझकने तथा डरने से निबंध अच्छा नहीं बन पड़ता। निबंध-लेखक से यह आशा कोई नहीं करता कि वह जिस विषय पर निबंध लिख रहा है, उसके विषय में वह संपूर्ण तथ्यों को जानता ही हो। उससे तो केवल इतनी ही अपेक्षा की जाती है कि वह प्रस्तुत विषय के बारे में जो कुछ भी जानता है, उसे बिना छिपाये, संक्षेप में और सरलता से प्रकट कर दे। निबंध तो वास्तव में शुद्ध हृदय की विचार-तरंग ही है।
Read moreAbout the Book
निबंध लिखते हुए संकोच, भय और लज्जा त्याग देनी चाहिए। झिझकने तथा डरने से निबंध अच्छा नहीं बन पड़ता। निबंध-लेखक से यह आशा कोई नहीं करता कि वह जिस विषय पर निबंध लिख रहा है, उसके विषय में वह संपूर्ण तथ्यों को जानता ही हो। उससे तो केवल इतनी ही अपेक्षा की जाती है कि वह प्रस्तुत विषय के बारे में जो कुछ भी जानता है, उसे बिना छिपाये, संक्षेप में और सरलता से प्रकट कर दे। निबंध तो वास्तव में शुद्ध हृदय की विचार-तरंग ही है।
Book Details
-
ISBN9789386871329
-
Pages116
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Jharkhand GK: General Knowledge -2025
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: 2025 Book for JPSC, JSSC, JTET, JSERC, SI and All Other Jharkhand Competitive Exam | Current Affairs | Jharkhand Political Map
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Hindi 12 Practice Sets (UPSESSB PGT Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB Para-Medical Staff
- Author Name:
Vivek Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Manas Ki Prasangikta
- Author Name:
Ram Janma Singh
- Book Type:

- Description: आज के युग में जहाँ थोड़ी-थोड़ी संपत्ति के लिए भाई भाई को मार डालता है; हिस्से में थोड़ी सी न्यूनता हो जाने पर पुत्र अपने माता-पिता की निर्मम हत्या तक कर देता है, वहीं पिता द्वारा दिए गए चक्रवर्ती राज्य को छोटा भाई (श्री भरत) बड़े भाई की संपत्ति समझता है और चौदह वर्ष तक पर्णकुटी में रहकर उसकी रक्षा करता है। आज जबकि टूटते परिवारों से दुःखी समाज के हितैषी संत-महात्मा तथा सरकारें चिंतित हैं और संयुक्त परिवारों की पुनर्स्थापना हेतु अनेक प्रयास कर रही हैं, ऐसे समय में ‘रामचरितमानस’ बहुत ही प्रासंगिक है। हमारे सामाजिक जीवन की आधारशिला परिवार है। यहीं हम संस्कारित होते हैं। ‘रामचरितमानस’ हमको यह सिखाता है कि पारिवारिक सदस्यों के त्याग, सहयोग, एक-दूसरे को सम्मान देने, प्रेम और पारस्परिक संतुष्टि से ही कोई कुटुंब समृद्धशाली बनता है। अपने लिए वनवास दिए जाने की घटना को श्रीराम कितनी सहजता और प्रसन्नता से लेते हैं, तभी तो असमंजस में पड़े पिता से कहते हैं, ‘‘पितु असीस आयसु मोहि दीजै। हरष समय बिसमउ कत कीजै॥’’ यह पुस्तक आज के टूटते-बिखरते समाज और परिवारों को प्रेम, सद्भाव, साहचर्य, सह-अस्तित्व, सहिष्णुता एवं अन्य मानवीय गुणों से समाहित कर आदर्श समाज की स्थापना का शाश्वत संदेश देनेवाली ‘रामचरितमानस’ की प्रासंगिकता और महत्त्व को रेखांकित करती है।
Paryavaran Bachane Ke Liye 31 Achchhi-Achchhi Aadaten
- Author Name:
Rohit Mehra (Irs)
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Vayam Rakshamah
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: मेरे हृदय और मस्तिष्क में भावों और विचारों की जो आधी शताब्दी की अर्जित प्रज्ञा- पूँजी थी, उस सबको मैंने 'वय॑ रक्षाम: ' में झोंक दिया है। अब मेरे पास कुछ नहीं है। लुटा-पिटा सा, ठगा सा श्रांत-क्लांत बैठा हूँ। चाहता हूँ--अब विश्राम मिले। चिर न सही, अचिर ही परंतु यह हवा में उड़ने का युग है। मेरे पिताश्री ने बैलगाड़ी में जीवन-यात्रा की थी, मेरा शैशव इक्का टाँगा-घोड़ों पर लुढ़कता तथा यौवन मोटर पर दौड़ता रहा। अब मोटर और वायुयान को अतिक्रांत कर आठ सहख मील प्रति घंटा की चालवाले रॉकेट पर पृथ्वी से पाँच सौ मील की ऊँचाई पर मेरा वार्धक्य उड़ा चला जा रहा है। विश्राम मिले तो कैसे ? इस युग का तो विश्राम से आचूड़ बैर है। बहुत घोड़ों को, गधों को, बैलों को बोझा ढोते-ढोते बोच राह मरते देखा हैं। इस साहित्यकार के ज्ञानयज्ञ की पूर्णाहुति भी किसी दिन कहीं ऐसे ही हो जाएगी। तभी उसे अपने तप का संपूर्ण पुण्य मिलेगा।
Railway Samanya Gyan (Vastunisth)
- Author Name:
Vivek Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GS Score Civil Services Strategist: A Complete Guide For UPSC CSE Aspirants
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali Itihas Bhag-1 (History) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Champaran Satyagrah Ka Ganesh
- Author Name:
Ajit Pratap Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक चम्पारण सत्याग्रह में गणेश जी की भूमिका का रोचक अध्ययन है। जब एक सदी बाद चम्पारण के सत्याग्रह की चर्चा हो रही है, देश उस लड़ाई को फिर से याद कर रहा है जिसके बाद भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में किसानों की समस्याएँ एक अभिन्न हिस्सा बन गई। वह संघर्ष जिसने मोहनदास करमचन्द गांधी को महात्मा गांधी बना दिया और उन्हें करोड़ों भारतीय के दिलों में बसा दिया, उस आन्दोलन के सूत्रधार और उसके सहयोगियों की चर्चा के बिना यह संघर्षगाथा अधूरी है। यह पुस्तक दरअसल स्वाधीनता-संग्राम की समझ के प्रति समझ के धरातल का विस्तार करती है।
General Nursing Evam Pre-Nursing Prashikshan Chayan Pareeksha GNTST & PNST
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyakaran Pravesh
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: व्याकरण उस विद्या को कहते है, जिससे हम भाषा को शुद्ध बोलना तथा लिखना सीखते है।भाषा— भाषा उस साधन का नाम है, जिससे हम बोलकर या लिखकर अपने विचार प्रकट करते है। जैसे— हिंदी भाषा, अंग्रेजी भाषा, मलयालम भाषा, पंजाबी भाषा, तमिल भाषा आदि।
Samanya Adhyayan 30 Dinon Mein
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में संघ लोक सेवा आयोग के सामान्य अध्ययन की प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न-पत्र-1 से संबद्ध समस्त विषयों को शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक भाग की रचना संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति व स्वरूप के अनुसार की गई है। पुस्तक में भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन; भारतीय राजनीति एवं अभिशासन; पर्यावरण के सामान्य मुद्दे एवं जैव विविधता तथा सामान्य विज्ञान इत्यादि विषयों पर विश्लेषणपरक सामग्री प्रदान की गई है। अभ्यर्थी नियमित अध्ययन द्वारा मात्र 30 दिनों में संपूर्ण पाठ्यक्रम को समाप्त कर सकता है। मुख्य विशेषताएँ दिनों के अनुसार सामग्री का समावेश अध्ययन की सुविधा हेतु तालिकाओं व बॉक्सों का प्रयोग सरल; रोचक एवं स्पष्ट भाषा शैली का प्रयोग विगत; वर्षों के हल प्रश्न-पत्र
Reetikaleen Sahitya Kosh
- Author Name:
Vijaypal Singh
- Book Type:

-
Description:
तीन वर्षों के अथक परिश्रम के उपरांत तैयार किया गया डॉ. विजयपाल सिंह का महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है–‘रीतिकालीन साहित्य कोश’। हिंदी में अद्यावधि समीक्षकों को लेकर तैयार किया गया एक दुर्लभ कोश!
प्रस्तुत कोश के अंतर्गत रीतिकालीन काव्य की प्रवृत्तियों, काव्यगत विशेषताओं पर विस्तार से विचार किया गया है।
शृंगार, नायिका भेद, विभिन्न रस, लक्ष्य एवं लक्षणग्रंथ, रीतिबद्ध, रीतिमुक्त, रीतिसिद्ध काव्य, प्रबंध मुक्तक, भाषा, शैली, अलंकार, पिंगल, शास्त्रीय शब्द संपत्ति, भक्ति, धर्म, नीति, विभिन्न संप्रदाय, साहित्यशास्त्र के आचार्य तथा शब्दकोश कला आदि अनेक विषयों से शब्द लेकर सभी दृष्टियों से इस कोश को ज्ञानवर्द्धक तथा उपयोगी बनाने के साथ-साथ लेखक ने रीतिकाल के विभिन्न पक्षों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला है।
‘रीतिकालीन साहित्य कोश’ शोध छात्रों, अध्येताओं के लिए एक अनिवार्य ग्रंथ है ।
Angrezi-Hindi Anuvad Vyakaran
- Author Name:
Suraj Bhan Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक अंग्रेजी और हिंदी सरचनाओं का एक अंतरण व्याकरण (transfer grammar) है, जो दोनों भाषाओं के व्याकरणों को एक साथ लेकर चलता है, उनके बीच समान और असमान तत्त्वों की पहचान करता है, उनका व्यतिरेकी (contrastive) विश्लेषण करता है और उनके संभावित अनुवाद पर्याय और विकल्प सुलभ कराता है। इस प्रकार यह अंग्रेजी से हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी दोनों प्रकार की अनुवाद क्षमता विकसित करता है। तुलनात्मक विश्लेषण भाषा के सभी स्तरों पर किया गया है—ध्वनि, लिपि, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, पक्ष (aspect), वृत्ति (mood), वचन, पुरुष, वाच्य आदि। दो अध्यायों में क्रमशः अंग्रेजी और हिंदी की संरचनाओं के ऐतिहासिक विकास-क्रम का परिचय है। एक अध्याय में मशीन अनुवाद के तकनीकी और भाषाई पक्षों पर विचार किया गया है। यह पुस्तक द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी या हिंदी सीखनेवाले छात्रों और उनसे जुडे़ अध्यापकों के लिए भी उतना ही उपयोगी है, जितना अनुवादकों के लिए। इनके अलावा ऐसे अनुवाद प्रशिक्षार्थियों, पत्रकारों और भाषाकर्तियों आदि के लिए भी सामान्य रूप से हिंदी का ज्ञान तो रखते हैं, लेकिन जिनकी पकड़ अंग्रेजी व्याकरण, अभिव्यक्तियों और मुहावरों पर बहुत कम है और जो अपने व्यावसायिक कार्य के लिए अंग्रेजी की अपनी क्षमता को बढ़ाना या पुष्ट करना चाहते हैं। पुस्तक में बहुत सरल भाषा का प्रयोग किया गया है और जहाँ कहीं भी तकनीकी या व्याकरणिक शब्दों का इस्तेमाल किया किया है, वहाँ कोष्ठक में उनके अंग्रेजी पर्याय दे दिए गए हैं। पुस्तक में सर्वत्र क्रॉस रेफरेंसिंग है और इसलिए अंत में दी गई अंग्रेजी अनुक्रमणिका (word index) की मदद से पाठक जिस शब्द या विषय पर जानकारी चाहता है, वह पुस्तक में सीधे उसी स्थान पर पहुँच सकता है।
Dharohar
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Grade-I, Grade-II, Sharirik Shiksha Adhyapak Rajasthan Bhugol Evem Arthvyavastha
Mayavi Amba Aur Shaitan
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं और एकाएक वह रुक गई। ये वही जंगल थे, जहाँ वे अपनी मरजी के मालिक बनकर घूमा करते थे। उस रात चाँद कुछ अनोखी चमक बिखेर रहा था। बाँजफल के बड़े पेड़ से माँ का शरीर झूल रहा था। मृत्यु के गहने की तरह उसने और कई अन्य महिलाओं ने उसे धारण किया था। यह सब बहुत तेजी से हुआ। चारों ओर छाया कुहरा गलकर सफेद धुंध बन रहा था, इतना गहरा कि चंद कदमों की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। गाँव भी आँखों से ओझल हो गया था। जब धुंध छँटी, तब वहाँ वह छोटी लड़की कहीं भी नहीं थी। ऐसा लगा, जैसे वह निष्प्राण हवा में लुप्त हो गई हो। अपने पीछे दुर्गंध भरी गरमी छोड़कर और पत्थरों पर अपने पंजों के निशान, जैसे वे पत्थर मोम से बने हों! मौसम बदलने पर कुछ लोगों को जोतसोमा के घने जंगलों में जीव-जंतुओं की दिल दहलानेवाली भयानक चीख-पुकार के बीच अब भी उसका विलाप सुनाई देता है। बहुत ही मजबूत दिलवाले भी सूरज ढलने के बाद जोतसोमा के जंगलों में जाने की हिम्मत नहीं करते। —इसी पुस्तक से
Uttar Pradesh Police Constable
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: पुस्तक संरचना - 21 Practice Sets और (3000+ MCQs) शामिल हैं पुस्तक की विशेषताएं - इस पुस्तक में पिछले वर्ष (2018, 2019, 2024, 2025) के पेपरों के solved Papers शामिल है। इस पुस्तक में सभी यूपी पुलिस परीक्षा के पेपरों का संग्रह है जो बेहतर प्रैक्टिस के लिए है। प्रत्येक प्रश्न के लिए पूरी और विस्तृत समाधान दिया गया है। यह पुस्तक सर्वोत्तम क्यों है? - रियासत बनाने के लिए अभ्यास अवश्यी है, और यह पुस्तक आपको पूरे अभ्यास का एक अवसर देती है जो आपको परीक्षा में उच्च अंकों से पास करने में मदद करेगा। इस पुस्तक में ऐसे प्रश्न हैं जो आपने कहीं भी नहीं पाए होंगे और यूपी पुलिस परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि आप इस पुस्तक से अभ्यास करते हैं तो निश्चित रूप से आप 90% प्रश्नपत्र को बहुत आसानी से हल कर सकते हैं। यह अभ्यास आपकी आत्मविश्वास को बढ़ाता है जिससे आपको अधिक अभ्यास करने और कम समय में परीक्षा की तैयारी करने की संभावना होती है। आपको सर्वोत्तम ज्ञान प्रदान करने के लिए पुस्तक में एक संपूर्ण और स्पष्ट समाधान दिया गया है।"
Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
- Author Name:
Dr. Kailash Chandra Bhatia
- Book Type:

- Description: Angrezi-Hindi Prashasanik Kosh
Puratan Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Pramod Bhargava
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति के दो विलक्षण पहलू हैं। एक, धर्म एवं अध्यात्म और दूसरा, आध्यत्मिक विज्ञान। विडंबना यह रही कि इन्हें वर्गीकृत करके परिभाषित नहीं किया गया। मिथक रूपी विधा ने इन्हें और जटिल बना दिया। लेकिन इसकी चिरंतरता और सफलता यह रही कि इसके तीनों रूप श्रुति और वाचन में सरलता के कारण आज अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इनके रहस्यों को तकनीक के उत्तरोत्तर विकास ने प्रामाणिक साक्ष्यों में बदल दिया। अतएव नासा ने रामसेतु और समुद्र विज्ञानियों ने द्वारका व श्रीलंका के राम-रावण युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अवशेषों को खोज निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने रामायण और महाभारत में उल्लिखित तिथियों की प्रामाणिकता सिद्ध कर दी। बहरहाल विज्ञान की अनेक उपलब्धियों के सूत्र हमारे धर्म ग्रंथों में यत्र-तत्र-सर्वत्र बिखरे पडे़ हैं। इस पुस्तक में इसी सनातन ज्ञान को चिरंतन बनाने की एक समन्वयवादी वैज्ञानिक पहल है। इसमें दिए अध्याय—‘हवा का भोजन कर जीवित रहीं अहल्या’, ‘बालक ध्रुव के तारा बनने का विज्ञान’, ‘हनुमान के उड़ने का विज्ञान’, ‘चौरासी लाख योनियों का विज्ञान’, ‘सूर्यरथ के एक चक्रीय होने का विज्ञान’, ‘कुंभ पर्व में स्नान का विज्ञान’, ‘तैरनेवाले पत्थरों का विज्ञान’, ‘भ्रूण प्रत्यारोपण से जनमे थे बलराम’, ‘रामायणों में विज्ञान’, ‘प्राचीन भारत में टीकाकरण’ एवं ‘प्राचीन मंदिरों में विज्ञान’ पुरातन विज्ञान की महत्ता को सिद्ध कर भारतीय ज्ञान चेतना का दिग्दर्शन कराते हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book