Cactus Evam Anya Laghukathayen
(0)
Author:
Dr. Upma SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
300
₹ 240 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
कथा-सृजन के कई मानक होते हैं और कथाकारों की कई श्रेणियाँ। साहित्य के रूप केवल रूप नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने के विभिन्न माध्यम भी हैं। एक माध्यम जब चुकता दिखाई पड़ता है तो दूसरे माध्यम का निर्माण किया जाता है। अपनी इसी यात्रा में मानव ने समय-समय पर नए-नए कला-स्तरों की सृष्टि की। अपने मन के अनुसार सृष्टि करना मानव स्वभाव का अंग है। उसकी रचना के रूप अलग हो सकते हैं, पर ज्यों- ज्यों वह बड़ा होता है, उसकी रचनाधर्मिता की दिशाएँ भी बदल जाती हैं। रचनात्मकता सबसे पहले आत्माभिव्यक्ति है। इस अभिव्यक्ति के माध्यम कई हो सकते हैं। जब-जब विचारों की कौंध होती है, कोमल, संवेदनशील हृदय उसे अभिव्यक्त करने के लिए व्याकुल हो उठता है और जब उस विचार या अनुभव को लिखित अभिव्यक्ति दे देता है तो शब्दों के मोती ढुलकना शुरू कर देते हैं। उनकी लडिय़ाँ अपने आप बनने लगती हैं। जब मन में भाव की चुभन होने लगती है और अनुभव की पीड़ा बहुत सघन होती है, तब वे कागज पर उतरे बिना नहीं रहते। मेरा लेखन सायास नहीं रहा। जब-जब भावों ने मन को विह्वïल किया, रचना कागज पर अपने आप उतर आई।
Read moreAbout the Book
कथा-सृजन के कई मानक होते हैं और कथाकारों की कई श्रेणियाँ। साहित्य के रूप केवल रूप नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने के विभिन्न माध्यम भी हैं। एक माध्यम जब चुकता दिखाई पड़ता है तो दूसरे माध्यम का निर्माण किया जाता है। अपनी इसी यात्रा में मानव ने समय-समय पर नए-नए कला-स्तरों की सृष्टि की। अपने मन के अनुसार सृष्टि करना मानव स्वभाव का अंग है। उसकी रचना के रूप अलग हो सकते हैं, पर ज्यों- ज्यों वह बड़ा होता है, उसकी रचनाधर्मिता की दिशाएँ भी बदल जाती हैं।
रचनात्मकता सबसे पहले आत्माभिव्यक्ति है। इस अभिव्यक्ति के माध्यम कई हो सकते हैं। जब-जब विचारों की कौंध होती है, कोमल, संवेदनशील हृदय उसे अभिव्यक्त करने के लिए व्याकुल हो उठता है और जब उस विचार या अनुभव को लिखित अभिव्यक्ति दे देता है तो शब्दों के मोती ढुलकना शुरू कर देते हैं। उनकी लडिय़ाँ अपने आप बनने लगती हैं।
जब मन में भाव की चुभन होने लगती है और अनुभव की पीड़ा बहुत सघन होती है, तब वे कागज पर उतरे बिना नहीं रहते। मेरा लेखन सायास नहीं रहा। जब-जब भावों ने मन को विह्वïल किया, रचना कागज पर अपने आप उतर आई।
Book Details
-
ISBN9789388984416
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Aadhunik Hindi Prayog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग। भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं। प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है। सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं। ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Sri Guruji : Ek Swayamsewak
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना सन 1925 में डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने की थी, लेकिन इसे वैचारिक आधार द्रितीय सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर ‘श्रीगुरुजी’ ने प्रदान किया था। संघ-स्थापना के मात्र पंद्रह साल बाद ही डॉ. हेडगेवार ने अपने अवसान से पहले श्रीगुरुजी को संघ का द्रितीय सरसंघचालक नियुक्त कर दिया था। द्रितीय विश्वयुद्ध, भारत छोड़ो आंदोलन, आजाद हिंद फौज और नेताजी का देश की आजादी में योगदान, भारत विभाजन, देश की आजादी, कश्मीर विलय, गांधी हत्या, देश का पहला आम चुनाव, चीन से भारत की हार, पाकिस्तान के साथ 1965 व 1971 की लड़ाई—भारत का इतिहास बदलने और बनाने वाली इन घटनाओं के महत्त्वपूर्ण काल में न केवल श्रीगुरुजी संघ के प्रमुख थे, बल्कि अपनी सक्रियता और विचारधारा से उन्होंने इन सबको प्रभावित भी किया था। श्रीगुरुजी के प्रति एक संघनिष्ठ स्वयंसेवक नरेंद्र मोदी की शब्दांजलि है यह पुस्तक
Paramhans Ek Khoj
- Author Name:
Sankar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parivartan Ki Ore
- Author Name:
Anant Vijay +1
- Book Type:

- Description: कहा जाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। लोकतंत्र में भी परिवर्तन होते रहते हैं, लेकिन सही अर्थों में परिवर्तन, जो देश, काल और परिस्थिति पर अपनी अमिट छाप छोड़ सके, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। राजनीति में वर्षों बाद ऐसे मौके आते हैं, जब वह परिवर्तन की गवाह बनती है। राजनीति में सही अर्थों में परिवर्तन के लिए मजबूत इच्छाशक्ति और देश के सर्वांगीण विकास हेतु कुछ कर गुजरने की तमन्ना होना आवश्यक है। भारत को जब आजादी मिली थी तो इतिहास ने एक करवट ली। जनाकांक्षा हिलोरें ले रही थीं और आजादी के रोमांटिसिज्म में जनता दशकों तक परिवर्तन की अपेक्षा नहीं कर रही थी। आजादी के करीब सड़सठ साल बाद जनता ने देश में परिवर्तन की आकांक्षा से राजनीतिक बदलाव पर अपनी मुहर लगाई। भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला और साथ ही मिला पूरा करने के लिए जनता की अपेक्षाओं का अंबार। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाईवाली सरकार ने इन जनाकांक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कई योजनाओं और नीतियों का ऐलान किया और इन्हें कार्यान्वित करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। इन योजनाओं के लेखा-जोखा का परिणाम है यह पुस्तक, जिसमें देशभर के पत्रकारों, ब्लॉगर्स और लेखकों ने जमीनी स्तर पर जो देखा-पाया, वो लिखा।
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Itihas (CUET History in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Allahabad High Court Samiksha Adhikari (RO) ,Sahayak Samiksha Adhikari (ARO) & Computer Assistant Stage - I Exam 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: इलाहाबाद हाई कोर्ट समीक्षा अधिकारी RO चयन परीक्षा स्टेज-I 15 प्रैक्टिस सेट्स नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित Latest Solved Papers 2025-2026 Edition
Uttar Pradesh Gram Samaj evem Vikas Complete Book
- Author Name:
Harish Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARAT MEIN LOK PRABANDHAN
- Author Name:
Dr. G.L. Sharma +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Rang De Basanti Chola
- Author Name:
Malwinder Jit Singh Waraich
- Book Type:

- Description: क्रांतिवीर भगत सिंह का नाम सुनते ही माँ भारती के एक ऐसे वीर सपूत की तसवीर सामने आ जाती है, जो मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में ही अपनी मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए फाँसी के फंदे पर झूल गए। हुतात्मा भगत सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की जड़ें हिला दी थीं। उनकी दृढ़ता, देशभक्ति, आत्मार्पण, संकल्पशीलता अनुकरणीय और अद्भुत थी। वे सदा हम भारतीयों को प्रेरित करते रहेंगे। उनका बलिदान, उनके विचार, उनकी ऊर्जा हमारे मन-मस्तिष्क को सदा भारतवर्ष के लिए समर्पित रहने के लिए बल देती रहेगी। भगत सिंह बहुपठित और अध्ययनशील क्रांतिकारी थे। उनकी दूरदर्शिता और तेजस्विता का ही परिणाम था कि लाखों युवा भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त करवाने के लिए स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े। शहीद भगत सिंह के जीवन पर अत्यंत प्रामाणिक एवं पठनीय पुस्तक, जो उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर फाँसी के फंदे को चूमने तक के संघर्षशील और त्यागमय जीवन की झलक दिखाती है। इसे पढ़कर हर पाठक के मन में भाव उठेंगे-- 'मेरा रंग दे बसंती चोला '।
BPSC Bihar Public Service Commission General Studies Combined Preliminary Competitive Examination 20 Practice Sets Including 68th Solved Question Paper
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: The book of BPSC General Studies 20 Practice Sets for designed in order to satisfy the requirements of the aspirants for a comprehensive source for self-assessment. Based on the pattern of the latest examination question paper, the questions in the Practice Sets cover the whole of the syllabus lucidly. Inclusion of 68th, 67th, 66th, and 65th Solved Examination Papers further provides a clear understanding of the level, which helps improve learning. This study assistant will aid aspirants in proper preparation, enabling them to gauge their progress towards achieving the best score in their upcoming examination. The Author
Radhakrishna Angreji-Hindi Vyavharik Kosh
- Author Name:
Santosh Prasad +1
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया गया है।
इस कोश में विद्वान् कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं। साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
Gyaneshwari Prasad
- Author Name:
Suresh ‘Bhayyaji’ Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Parivaar-Kalyan
- Author Name:
Suresh Prasad
- Book Type:

- Description: परिवार नियोजन जैसे महत्त्वपूर्ण, किंतु नीरस विषय पर काव्य-पुस्तिका रचकर डॉ. सुरेश ने बड़े साहस तथा महत्त्व का काम किया है। भारत के लिए परिवार नियोजन एक राष्ट्रीय आवश्यक है, ऐसी आवश्यकता जिसके बिना आर्थिक विकास की हमारी योजनाओं पर, फिर चाहे ये कितनी भी उपयोगी तथा फलदायी क्यों न हों, पानी फिर जाएगा। डॉ. सुरेश की काव्य-कला इस काम में हिस्सा बँटा रही है। —अटल बिहारी वाजपेयी पद्य विधा में परिवार-कल्याण के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालना एक टेढ़ी खीर थी, पर डॉ. प्रसाद ने अपनी सधी कलम और अनुभव से इस समस्या को इतना हृदयग्राही बनाया है कि पाठक का झुकाव बरबस परिवार नियोजन तथा परिवार-कल्याण की ओर हो जाता है। अतः मेरी शुभकामना है कि इस पद्य-प्रबंध को प्राप्त करने की ललक हर परिवार में हो, जिससे वह परिवार सुखी बन सके। —डॉ. ए.के.एन. सिन्हा
Paryavaran Shabdakosh
- Author Name:
Dr. Sudhir Kumar Mishra +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Objective General Knowledge
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Superfast Ankganit-Useful for All Competitive Examinations
- Author Name:
Dr. Rajesh Kumar Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vastu Vidya
- Author Name:
K. Mahadev Shashtri +1
- Book Type:

- Description: ‘अनंत शयन संस्कृत ग्रंथावली’ के तीसवाँ (३०) अंक का प्रसिद्ध ‘वास्तु विद्या’ का यह द्वितीय संस्करण है। यह ११०६वें वर्ष (कोलंबाब्द) में आरम्मुळ वासुदेव मूस महाशय से प्राप्त वास्तु विद्या का केरल भाषा में लिखित व्याख्या के आधार पर, इसी ग्रंथालय में तात्कालिक अध्यक्ष, श्री महादेव शास्त्री के द्वारा प्रस्तुत लघु विवृत्ति नाम के व्याख्यान को अर्थ स्पष्टीकरण के लिए संयोजित किया है। वास्तु संबंधी ज्ञान इस ग्रंथ से प्राप्त हो, अतः इसका ‘वास्तु विद्या’, संज्ञा करण समुचित लगता है। और यह ‘साधन कथन’ से आरंभ होकर, ‘मृल्लोष्ट विधान’ तक सोलह अध्यायों में सगुंफित है। ग्रंथ के सोलहवें अध्याय के अंत में, समाप्ति प्रकटन का कोई दूसरा वाक्य उपलब्ध नहीं है। ‘इति वास्तु विद्या समाप्त’, ऐसा दृश्यमान होने पर भी— “दारुस्वीकरणं वक्ष्ये निधिगेहस्य लक्षणे।” (अध्याय १३) अर्थात् निधि गेह के लक्षण में दारु ग्रहण (लकड़ी का चयन) करना बताऊँगा। इस प्रकार ग्रंथकर्ता के ‘दारुस्वीकरण’ आदि स्वयं की वचनबद्धता से बोध के अभाव से (अज्ञानता या भ्रम के कारण) लेखक के द्वारा (‘इति वास्तु विद्या समाप्त’ ऐसा) लिखित होना संभावित होता है।
Nobel Puraskrit Bharatiya
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: अल्फ्रेड नोबेल विश्वविख्यात आविष्कारक थे। उनका जीवन प्रेरक तथा अनुकरणीय है। जब वे अपने व्यवसाय के लिए यात्रा नहीं कर रहे होते थे, तब वे अपनी प्रयोगशाला में किसी-न-किसी नए आविष्कार की खोज में लगे रहते थे | विस्फोट की तकनीक के विकास में अल्फ्रेड ने अग्रणी भूमिका निभाई | इसके अतिरिक्त सिंथेटिक रबड़ और चमड़े तथा नकली रेशम जैसे कई प्रकार के पदार्थ एवं रसायनों को विकसित करने में उनकी उपलब्धि स्मरणीय है | अल्फ्रेड नोबेल का निधन 10 दिसंबर, 1896 को इटली के सैन रेमों में हुआ | जब उनकी वसीयत खोली गई तो हर कोई आश्चर्यचकित था । उन्होंने अपनी सारी संपत्ति को भौतिकी, रसायन, शरीर-क्रिया विज्ञान अथवा औषधि, साहित्य एवं शांति के लिए पुरस्कारों के नाम करने का निर्णय किया था | इसी क्रम में “नोबेल फाउंडेशन” की स्थापना हुई, जो अल्फ्रेड नोबेल द्वारा पुरस्कारों के लिए छोड़ी गई संपत्ति की वित्तीय देखभाल तथा नोबेल पुरस्कारों के वितरण का संयोजन भी करता है | नोबेल पुरस्कार की राशि लगभग सवा सात करोड़ रुपए है । किसी भी व्यक्ति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होना गर्व और गौरव की बात है | इस पुस्तक में ऐसे ही गौरवशाली भारतीय या भारतवंशियों के कृतित्व का परिचय संकलित है, जिनकी प्रतिभा और योग्यता का विश्वभर में जयघोष हुआ है ।हर भारतीय को गौरवान्वित करनेवाली अनुपम कृति |
The Essence of Life
- Author Name:
Motilal Oswal
- Book Type:

- Description: The book is compact, colourful, and user-friendly. The use of humorous illustrations further adds life and optimism, making it a pleasant read. I would say it is a compilation of powerful, timeless thoughts essential for all of us, always. These quotes would be handy for students, professionals, and speakers. —Deepak S. Parekh Chairman, HDFC Ltd. It is an excellent collection of quotes, and many people like me will find it very useful. I will keep it in my bedroom so that I can refer to it from time to time. —Rahul Bajaj Chairman, Bajaj Auto Ltd. I will treasure this book in my collector's shelf and will refer to it frequently. These great quotes prompt us to reflect on life and to live better with purpose. —G.M. Rao Founder & Chairman, GMR Group This handy book features inspiring quotations on life from great thinkers and leaders, including Ralph Waldo Emerson, Swami Vivekananda, Helen Keller, Confucius, Mahatma Gandhi, Peter Drucker, Albert Einstein, Martin Luther King Jr., and many others. Each quotation has a deep meaning and is both inspiring and thought-provoking. This profound yet straightforward collection offers insights on how to lead a richer life across its chapters. Humorous caricatures have been included to make the thoughts accessible and entertaining.
NCERT Objective Samanya Vigyan Evam Prodyogiki (General Science & Technology) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book