Aatmkatha Ke Elake Mein
Author:
Bharat Singh, Kumar BirendraPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 556
₹
695
Available
बनारसीदास जैन ने 'अर्धकथा' (1641) में लिखा कि 'गर्भित कथा कहाँ हिय खोल।' छिपाए जानेवाले या कहें कि गोपन प्रसंगों को भी दिल खोलकर अथवा खुलकर बताना आत्मकथा को प्रसिद्धि दिलाता है, निवैयक्तिक बनाता है। आत्मकथा चर्चित विधा है और आत्मकथा- लेखन की एक समृद्ध परम्परा है, लेकिन यह आलोचना से परे विधा हो, ऐसा भी नहीं है। बाबू बनारसीदास चतुर्वेदी ने आत्मकथा लेखक की पात्रता का सवाल उठाया था। चतुर्वेदी जी ने 'जागरण' में यह सवाल उठाया था कि आत्मकथा किसे लिखनी चाहिए। भाव यह था कि आत्मकथा किसे नहीं लिखनी चाहिए। हालाँकि उनके द्वारा तय की गई शर्तों पर आगे लोगों ने आत्मकथा लिखी, ऐसा भी नहीं है। जब प्रेमचन्द ने 'हंस' का आत्मकथांक (1932) निकाला तो नन्ददुलारे वाजपेयी ने यह कहकर विरोध किया था कि इससे आत्म-विज्ञापन का भाव बढ़ेगा जो कि हिन्दी के हित में नहीं होगा।<br>लेखिकाओं की आत्मकथा में स्त्री-वेदना के विविध स्वर सुनाई पड़ते हैं। इनकी वेदना समस्त स्त्रियों को शोषण के खिलाफ विरोध की ताकत देती है। इन्होंने अपने आत्मकथा-साहित्य के द्वारा जहाँ स्त्री करुणा, शोक, वेदना, विवशता को व्यक्त किया वहीं उसे हिंसा, शोषण, अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की शक्ति भी प्रदान की। इन्होंने स्त्री स्वतन्त्रता, समानता, सम्मान, सहभागिता इत्यादि जैसे प्रश्नों पर विचार करते हुए पितृसत्तात्मक व्यवस्था से स्त्री-मुक्ति की भी वकालत की।<br>आत्मकथाओं में अपने भीतर की यात्रा के जरिये बाहर का जो सफ़र तय होता है उसमें केवल अपनी दुनिया की ही बात नहीं होती है पूरा सामयिक सन्दर्भ आ जाना स्वाभाविक है। दलित आत्मकथाओं को आत्मकथात्मक उपन्यास यूँ ही नहीं कहा जाता है। जीवन का पूरा विस्तार है यथार्थ को देखने की एक नई दृष्टि के साथ ये आत्मकथाएँ हिन्दी साहित्य के मुख्य धारा के साहित्य की चेतना को झकझोरती हैं और उसकी चली आ रही परम्परा में एक तरह की वैचारिक हलचल पैदा करती हैं, दलित आत्मकथाएँ, साहित्य की दुनिया में निर्मित 'औदात्य' की धारणा को बदलकर रख देती हैं और जीवन के नए-नए मुहावरों के बीच अपने पाठकों को ले जाकर खड़ा करती हैं।
ISBN: 9789348229687
Pages: 256
Avg Reading Time: 9 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
UTTAR PRADESH POLICE (FIREMAN, JAIL WARDER EVAM ARAKSHI GHUDSAWAR) BHARTI PARIKSHA-2020
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: उत्तर प्रदेश पुलिस (फायरमैन, जेल वार्डर, आरक्षी घुडसवार) भर्ती परीक्षा
Sarokar (Samasaamayik Aalekhon Ka Sankalan)
- Author Name:
Chander Sonane
- Book Type:

- Description: जब मैं म.प्र. शासन के सूचना और जनसंपर्क विभाग में पदस्थ था, तब 1989-93 और बाद में 2004-2006 के बीच चंदर सोनाने ने मेरे साथ काम किया था। मैंने उन्हें गरीबों और दलितों को प्रभावित करनेवाले मुद्दों पर तेज नजर रखनेवाला एक बहुत ही संवेदनशील व्यक्ति पाया। जनसंपर्क अधिकारी के पद पर रहते हुए उन्होंने कठिन परिश्रम कर अपने कार्य के प्रति पूर्ण न्याय किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे निरंतर रचनाशील रहे तथा जनसामान्य, समाज, गरीबों को सीधे प्रभावित करनेवाली शासन की नीतियों और कार्यक्रमों के विषयों पर चिंतनपूर्वक लिखते रहे हैं। ‘सरोकार’ उनका नियमित स्तंभ है। इन लेखों का एक संकलन पहले ही प्रकाशित हो चुका है, जो अति रोचक और ज्ञानवर्धक है। इस दूसरे संकलन में सामयिक विषयों, जैसे कश्मीरी पंडितों की समस्या, शासन द्वारा कोविड से निपटने का तरीका, न्याय प्रणाली, उज्जैन की स्थानीय समस्याओं, महाकाल मंदिर और श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था, शिप्रा नदी की स्वच्छता, किसान आंदोलन, किसान संबंधी तीन कानूनों की वापसी, राजनीति, सामाजिक, व्यक्तित्व, देश व प्रदेश से संबंधित अन्य विषयों पर गहन चिंतन और लेखन किया गया है। यदि नीति-निर्माता और प्रशासक अपने दिन-प्रति-दिन के कार्य के दौरान ऐसे अच्छे ब्लॉगों और पुस्तकों का उपयोग करते हैं, तो मुझे यकीन है कि वे किसी विशेष क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर गहन अंतर्दृष्टि का भारी लाभ प्राप्त करेंगे। —ओ.पी. रावत भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त
Super Speed Computer Course
- Author Name:
Shashank Johri
- Book Type:

- Description: "एक दशक पहले कंप्यूटर भारत में अद्भुत मशीन के रूप में देखा जाता था। बहुत कम लोग ही इसका प्रयोग कर पाते थे, साथ ही इसकी जादुई शक्तियों को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते थे। परंतु आज शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र और कार्यालय होगा, जो कंप्यूटर के प्रयोग से वंचित हो। विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर ज्ञान नितांत आवश्यक हो गया है। इस पुस्तक की आवश्यकता तब प्रतीत हुई, जब बाजार में उपलब्ध पुस्तकों के द्वारा उलझानेवाले पाठ से पाठकों को आधा-अधूरा ज्ञान मिला। प्रस्तुत पुस्तक Super Speed Computer Course एक ऐसा कैप्सूल कोर्स है, जो गागर में सागर भरकर कंप्यूटर के बारे में पूरा ज्ञान और जानकारी देता है। ऑफिस, एकाउंटिंग, ग्राफिक्स, एनिमेशन आदि सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर का व्यावहारिक प्रयोग सिखाना इसका सबसे बड़ा गुण है। प्रत्येक सॉफ्टवेयर की कम-से-कम शब्दों में व्याख्या, सभी आवश्यक प्रैक्टिकल जानकारियों को चरणबद्ध तरीके से समझाना और ‘पढ़ो कम, समझो अधिक’ का सूत्र इसमें लागू किया गया है। यदि आपके पास कंप्यूटर है अथवा साइबर कैफे जाकर आप कंप्यूटर प्रयोग कर सकते हैं तो अब आपको कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु फीस देने की आवश्यकता नहीं है। बस, यह पुस्तक पढ़ते जाइए और स्टेप-बाइ-स्टेप अपनी आवश्यकतानुसार समय निकालकर कंप्यूटर सीखते जाइए। Super Speed Computer Course को पढ़कर आप सरल, सुबोध व सटीक भाषा में कंप्यूटर ज्ञान अर्जित कर शीघ्र ही कंप्यूटर विशेषज्ञ बन जाएँगे। "
Pahadiya Janajati: Itihas Evam Sanskrti
- Author Name:
Dr. Surendra Nath Tiwary
- Book Type:

- Description: भारत में पिछले 50 वर्षों के दौरान जनजातीय जीवन के संबंध में नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन का महत्त्व बढ़ा है। नृ-पुरातत्त्व के अंतर्गत समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवहारों तथा भौतिक संस्कृति के विभिन्न तत्त्वों का अध्ययन प्राप्त पुरातात्त्विक अवशेषों की विशेषताओं के आधार पर किया जाता है। इस पद्धति ने जनजातीय अध्ययन को बड़ा फलक प्रदान किया है। इसमें परिवर्तन तथा निरंतरता का विशेष महत्त्व है। पहाडि़या आदिम जनजाति पर पूर्व में किए गए शोध व लेखन की तुलना में यह पुस्तक कई मायनों में खास है। यह पहाडि़या जीवन पर शोध की दिशा में ठोस वैज्ञानिक आधारों पर नृ-पुरातात्त्विक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखक डॉ. सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इस पुस्तक में पहाडि़या जनजाति पर शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक स्थितियों का सांगोपांग वर्णन किया है। इसमें आदियुग के कई सूत्र छिपे हुए हैं, जो समाजशास्त्रियों, नीति-निर्माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित आम पाठक के साथ-साथ इतिहासकारों व पुराविदों को भी रुचिकर लगेंगे।
Ramana Vesod
- Author Name:
Hiralal Shukla
- Book Type:

-
Description:
‘रामना वेसोड़’ माड़िया बोली में रामकथा है। यह पुस्तक दण्डामी माड़िया जनजातियों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में उनके स्वतंत्र अस्तित्व और संस्कृति को रामकथा के साथ-साथ एक खोजी भूमिका से भी जोड़ती है।
गोस्वामी तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' एक ऐसी कृति है, जिसका दो-तिहाई से अधिक अंश वनभूमि और वनजनों से सम्बद्ध है और आदिवासियों के जीवन-जगत् में आज भी शामिल है, जिससे ये अपना सम्बन्ध पुरातन मानते हैं, इसलिए अभिन्न जुड़ाव रखते हैं। ग़ौरतलब है कि दण्डामी माड़िया अपने गोत्र और देवतावर्ग के अनुसार अपने को वानरवंश से सम्बद्ध करते हैं। इनमें प्रचलित प्रबन्धगीत मूंजपाटा (वानरगीत) से यह ध्वनित होता है कि ये कभी रामकथा से जुड़े हुए थे।
इस तरह यह पुस्तक रामकथा के माध्यम से हाशिए का जीवन जी रही जनजातियों की एक पारिवारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि भी रचती है।
‘रामना वेसोड़’ के माध्यम से दण्डामी अपने विगत वैभव से पुन: जुड़ सकें, इस पुस्तक के ज़रिए बस यही विनम्र प्रयास है।
GS SCORE Concept Mapping Workbook Geography: The Ultimate Guide to Cover Concepts through MCQs for Civil Services, State PCS & Other Competitive Examinations
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPTET Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Adhayayan/Samajik Vigyan (Social Study / Social Science Paper-2 Class : 6-8)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
32000 Saal Pahale
- Author Name:
Ratneshwar Kumar Singh
- Book Type:

- Description: हाल के दिनों में गल्फ ऑफ खंभात (गुजरात) की गहराइयों में बत्तीस हजार साल पुराने हिमयुग में नगर होने के साक्ष्य मिले हैं। संसार में अबतक मिली नगरीय सभ्यताओं में यह सबसे पुराना नगर होने का अनुमान है। वैज्ञानिकों-पुरातत्त्ववेत्ताओं के नवीन शोध और खोज को केंद्र में रखकर महायुग उपन्यास-त्रयी लिखा गया है। '32000 साल पहले तीन उपन्यासों की शृंखला का पहला उपन्यास है। उन दिनों संसार में सांस्कृतिक विकास के साथ कई नवीन प्रयोग हुए। संसार में पहली बार देह ढकने से लेकर, तेल का दीया जलाने, दूध का सेवन करने, बाँसुरी बजाने, नृत्य करने, गीत गाने, कथा वाचन आदि शुरू हुए। इन्हीं लोगों ने पहली बार नौका, हिमवाहन और चक्के के साथ विविध अस्त्रों का निर्माण किया। पहली बार मनुष्य के ओठों ने खाने और बोलने के आलावा प्रेम करना सीखा। खुले सेक्स की अवधारणा के साथ पहले परिवार की परिकल्पना भी शुरू हुई। कुछ अज्ञात-प्राकृतिक संघर्ष के कारण वहाँ प्रार्थना की शुरुआत हुई। परग्रहियों ने होमो सेपियंस के डी.एन.ए. का पुनर्लेखन किया। कुछ वैज्ञानिकों और पुरातत्त्ववेत्ताओं ने समुद्र की गहराइयों से जीरो पॉइंट फील्ड में संरक्षित ध्वनियों को संगृहीत कर उसे फिल्टर किया। कड़ी मेहनत के बाद उनकी भाषा को डिकोड किया गया और उसे इंडस अल्ट्रा कंप्यूटर पर चित्रित किया गया। उनकी आवाजों से ही बत्तीस हजार साल पहले की पूरी कहानी सामने आई।
Gadar Andolan ka Itihas
- Author Name:
Bhairab Lal Das
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DEVDAS (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: बैशाख की दोपहरी थी, धूप बहुत तेज थी और गरमी भी बहुत पड़ रही थी। उसी समय देवदास मुखर्जी, पाठशाला के कमरे के एक कोने में मिट्टी के ढेर पर बैठा था। हाथ में उसके एक स्लेट थी। वह कभी आँखें खोलता, कभी बंद करता, कभी पैरों को फैलाता और कभी सिकोड़ता और अंत में वह एकाएक बहुत बेचैन हो उठा। क्षण-भर में उसने यह तय कर लिया कि इस परम रमणीय ब्रेला में, जहाँ-तहाँ घूमने या पतंग उड़ाने की अपेक्षा, पाठशाला में बँधा रहना बेकार है । उसके प्रखर मस्तिष्क में एक बात सूझी और वह स्लेट हाथ में लेकर उठ खड़ा हुआ।
Operation Z Live: Russia-Ukraine Yuddha
- Author Name:
Neeraj Rajput
- Book Type:

- Description: यह युग युद्ध का नहीं है, फिर भी रूस यूक्रेन युद्ध को पूरा एक साल हो गया, लेकिन अभी तक हार-जीत का फैसला नहीं हो पाया है। हार-जीत तो दूर, यह भी तय कर पाना मुश्किल है कि जंग में पलड़ा किसका भारी है—सुपरपावर रूस का या अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों की मदद ले रहे यूक्रेन का? दोनों देश लड़ाई को लेकर रोजाना अपने-अपने दावे जरूर पेश करते रहते हैं। प्रतिदिन दोनों देशों की सेनाएँ, राष्ट्राध्यक्ष और विदेशी खुफिया एजेंसियाँ आँकड़े एवं विश्लेषण जारी करती हैं, फिर भी लगता है कि सब सच्चाई से कोसों दूर हैं। ऐसे में पूरी दुनिया हैरान है कि आखिर युद्ध के मैदान में चल क्या रहा है! दरअसल, यह युद्ध जितना मैदान में लड़ा जा रहा है, उससे कहीं ज्यादा भीषण तरीके से इन्फॉर्मेशन स्पेस में लड़ा जा रहा है, यानी इंफो वॉरफेयर, जिसके चलते यह पता करना बेहद मुश्किल हो रहा है कि युद्ध में आखिर चल क्या रहा है। युद्ध को कवर करनेवाले पत्रकार भी इस खेल को नहीं समझ पा रहे हैं। किसी भी युद्ध को कवर करने के लिए किसी पत्रकार को सेनाओं के साथ एंबेडेड होने की क्या मजबूरी होती है, उस पर भी कुछ सामग्री इस पुस्तक में है। क्योंकि बिना एंबेडेड जर्नलिज्म के युद्ध की कवरेज करना मुश्किल होता है। लेकिन उस तरह की पत्रकारिता की क्या कमियाँ हो सकती हैं और उसे कैसे सुधारा जा सकता है, उसके बारे में थोड़ा बताने और समझाने का प्रयास इस पुस्तक के माध्यम से किया गया है।
Mahabharata Quiz Book
- Author Name:
Rajendra Pratap Singh
- Book Type:

- Description: Mahabharata has been called the Pancham Veda. The epic describes the story of Aryavrata or India's entire history. It has been inspiring the life of the people of our country by the depiction of ideal male and female characters in it. Although the number of people who know a little about the Mahabharata runs into millions, yet a lot about it remains unknown. To read, understand and absorb a voluminous epic like Mahabharata is tedious and time consuming. Mahabharata is like an ocean, the deeper you go the more you discover. It is an immeasurable treasure trove of knowledge. There is well researched information about nearly 200 characters. 'What was the name', 'Interesting information', 'How they got their names', 'An ocean of relationships', 'Boons and curses', 'Fate', 'Numbers' are some of the prominent chapters which make up the total of fourteen chapters making this book a virtual dictionary about the Mahabharata. This book is not only important for the common man but also for writers, scholars, editors, researchers, teachers and students.
Akshar Katha
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

-
Description:
प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में जब नगरों की स्थापना होने लगती है, पहली बार लिपियाँ तभी जन्म लेती दिखाई देती हैं। यह कोई छह हजार साल पहले की बात है।
वर्णमालात्मक लिपियाँ ई.पू. दसवीं सदी के आस-पास पहली बार सामने आती हैं। तब से आज तक लिपियों का विशेष विकास नहीं हुआ। बहुत-सी पुरालिपियाँ मर गईं, उनका ज्ञान भी लुप्त हो गया। पिछले क़रीब दो सौ वर्षों में संसार के अनेक पुरालिपिविदों ने पुनः उन पुरालिपियों का उद्घाटन किया है।
इस ग्रन्थ में गुणाकर जी ने मुख्यतः संसार की प्रमुख पुरालिपियों की जानकारी दी है। पाठक इससे जान जाएँगे कि किस देश में कौन-सी लिपि का अस्तित्व था, उसका स्वरूप कैसा था, उसके संकेत या अक्षर कैसे थे और आधुनिक काल में उन पुरालिपियों का उद्घाटन कैसे हुआ। पुस्तक के दूसरे खंड में भारतीय लिपियों की जानकारी है। आरम्भ में सिन्धु लिपि (अज्ञात) तथा खरोष्ठी लिपि का विवरण है। फिर ब्राह्मी लिपि के उद्भव तथा विकास के बारे में यथासम्भव पूरी जानकारी दी गई है। पुस्तक का परिशिष्ट संसार के प्रमुख भाषा-परिवारों पर केन्द्रित है। भाषा सम्बन्धी जिज्ञासु पाठकों और छात्रों के लिए प्रामाणिक तथ्यों, चित्रों और तालिकाओं से समृद्ध यह पुस्तक निश्चित रूप से उपादेय होगी।
NCERT Objective Bharat Ka Itihas, Kala Evam Sanskriti (History of India, Art & Culture) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pardesi
- Author Name:
Neelam Mishra
- Book Type:

- Description: रामधन ने रामसुख का हाथ पकड़कर कहा, 'भय्या रेलिया देख सकित हा का?' रामसुख ने कहा, 'अरे काहे नाही, चला स्टेशन पर चली', कहकर तीनों प्लेटफार्म पर पहुँच गए। वहाँ एक रेलगाड़ी खड़ी थी। रामदीन अचानक कूदकर रेलगाड़ी पर चढ़ गए। उनके पीछे उत्सुकतावश रामधन, फिर रामसुख भी एकजुट रहने के मकसद से रेलगाड़ी पर चढ़ गए। रामसुख के चढ़ते ही ट्रेन एकाएक चल पड़ी। तीनों भाई एकदम हक्का-बक्का होकर एक सीट पर बैठ गए। रामसुख को समझ ही नहीं आया कि वे क्या करें? पर रामदीन और रामधन तो खुशी से चहक रहे थे। उन लोगों ने रेलगाड़ी पहले देखी भी न थी। रामसुख भाइयों के साथ खिड़की से बाहर देखकर चलती गाड़ी की गति अनुभव करने लगे। थकान से भरा शरीर, पर रेल की मीठी झुलान ने तीनों को सुला दिया। अचानक एक कड़क आवाज से रामसुख की आँख खुली तो सामने एक रोबदार अंग्रेज खड़ा था। वह टिकट जाँच का अधिकारी था। अंग्रेज ने कहा, 'ओ लड़के! टिकट दिखाओ।' रामसुख ने सिर हिलाकर कहा, 'टिकट नहीं है साहब।' —इसी पुस्तक से गाँव-देहात के भोले-भाले सरल निवासियों के अबोध, निश्छल और सहज भावभूमि का दिग्दर्शन करवाता पठनीय एवं मार्मिक उपन्यास, जो पाठकों की संवेदना को झंकृत कर देगा।
UPTET Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pareeksha Paper-1 ( Class : 1-5)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pranayama Aur Sudarshan Kriya
- Author Name:
Francois Gautie +1
- Book Type:

- Description: प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ है—‘प्राण या ऊर्जा का ज्वार-भाटा’। ऊर्जा का समुचित प्रवाह शरीर को स्वस्थ व निरोग रखता है। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक पूज्य श्रीश्री रविशंकरजी ने प्राणतत्त्व और ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए असंख्य लोगों को प्रेरित व प्रशिक्षित किया है। नींद में हम थकावट से छुटकारा पा जाते हैं, पर गहरे तनाव तो हमारे शरीर में कायम रहते हैं। सुदर्शन क्रिया हमारे तंत्र की गहराई से सफाई करती है। प्राणायाम के व्यापक फायदों में कुछ प्रमुख हैं—तनाव दूर होना, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ना, मानसिक संतुलन व संपूर्ण स्वास्थ्य। सुदर्शन क्रिया कैंसर व हृदय रोग सहित कई बीमारियों से बचाव करती है। यही नहीं, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के स्वैच्छिक कार्यकर्ता मतभेदों और द्वंद्वों में फँसे दलों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण काम करते हैं। असहिष्णुता, असुरक्षा, संशय और मतभेदों की दुनिया में श्रीश्री सद्भाव, विश्वास और सहनशीलता का सेतु बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। आतंक, युद्ध और अन्य संकटों से जूझते अफगानिस्तान, कोसोवो, पाकिस्तान, इजराइल, लेबनान आदि देशों में ‘आर्ट ऑफ लीविंग’ के कोर्स ने चमत्कारिक सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। श्रीश्री रविशंकर द्वारा उद्भूत ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ व ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ कोर्स के माध्यम से सुदर्शन क्रिया और प्राणायाम का महत्त्व दरशाती एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण पुस्तक। यह आपको निरोग, संतुलित व तनाव मुक्त रहने का मार्ग दिखाएगी।
J P Nayak Se Loknayak Tak
- Author Name:
Praveen Kumar Jha
- Book Type:

- Description: जयप्रकाश नारायण की कहानी आज़ादी से पूर्व और आज़ादी के बाद लगभग बराबर बँटी है। जे पी को समझना देश को समझने के लिए एक आवश्यक कड़ी है। अगस्त क्रांति के नायक जिनका जीवन एक क्रांतिकारी मार्क्सवादी से गुजरते हुए गांधीवाद और समाजवाद के मध्य लौटता है, और पुनः एक लोकतांत्रिक क्रांति के बीज बोता है। एक ऐसे नायक की कथा जिनके स्वप्न और यथार्थ के मध्य एक द्वंद्व रहा, और कहीं ना कहीं यह देश भी उसी द्वंद्व से आज तक गुजर रहा है।
8000+ Objective Questions Objective Jharkhand with Budget 2025-2026
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Latest Current Affairs— for JPSC, JSSC, JTET, JSERC, SI, and all other Jharkhand competitive exams | Chapter-wise MCQs including solved papers from previous exams. The presented book, written by Dr. Manish Rannjan (IAS), provides all the information about Jharkhand in an objective questions format. The book is divided into three parts. Part-I compiles objective questions related to the state of Jharkhand, covering History, Literature, Educational Institutions, Sports, Land Laws, Economic Development, Industrial Development, Plans, Policies, Forests, Wildlife, Art & Culture, Environment, Disaster Management, Personalities of Jharkhand, Economy, Census, and Budget (2023-24), etc. Current affairs are included in a separate chapter for the convenience of candidates. Part-II provides 115 practice sets, allowing candidates to continuously evaluate their knowledge by practicing before the real exams. Part-III of the book includes solved papers from previous years that were part of various competitive examinations conducted since the formation of the state. The book contains a compilation of more than 7500 objective questions, making it special. The book is extremely useful for candidates preparing for various competitive exams and wishing to pursue their new careers with high aspirations.
Europe Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book