Jharkhand GK
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 180
₹
225
Available
झारखंड को अस्तित्व में आए कई वर्ष हो चुके हैं। इन वर्षों में राज्य ने काफी प्रगति की है। ‘नव-निर्मित’, ‘नया राज्य’ जैसे शब्द अब झारखंड के लिए उपयुक्त नहीं हैं। झारखंड ने अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता, वन्य एवं खनिज संपदा और अद्भुत विकास गाथा के कारण राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज की है। अन्य विकसित राज्यों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलने को तैयार है। कुछ अन्य कारणों से यह वैश्विक पटल पर भी जाना-पहचाना जाता है। धोनी और दीपिका ने झारखंड को विश्व पटल पर पहचान पहले ही प्रदान कर दी है। अब झारखंड अपनी विकास गति के कारण समाचारों में छाया है।
पुस्तक में इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु झारखंड की सम्यक् जानकारी को निम्न अध्यायों के अंदर प्रस्तुत किया गया है—झारखंड का इतिहास, झारखंड आंदोलन, भौगोलिक अवस्थिति, नदी तंत्र, खनिज-संसाधन, उद्योग-धंधे, कृषि-पशुपालन, वन एवं राष्ट्रीय उद्यान, जनजातीय समाज इत्यादि। झारखंड राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी पुस्तक।
ISBN: 9789352663538
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Nano Technology
- Author Name:
D. D. Ojha
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-1 (Class: 1-5) 24 Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Shiksha Shastra Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Education Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB Para-Medical Staff
- Author Name:
Vivek Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Objective General English, for Competitive & Other Exams
- Author Name:
R. K. Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahalon Mein Vanvas
- Author Name:
Aruna Mukim
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Vigyan Practice MCQs (MPTET Science Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Mein Ashuddhiyan
- Author Name:
Ramesh Chandra Mahrotra
- Book Type:

- Description: मानक हिन्दी इतने बड़े क्षेत्र में और इतनी अधिक जनसंख्या द्वारा व्यवहृत की जा रही है कि उसका एकमेव राष्ट्रीय स्वरूप निर्मित होना और उसका स्थिर रह पाना असम्भव है। कारण दो हैं—एक तो उसके प्रयोक्ताओं पर उनकी मातृबोलियों का व्याघात और दूसरे उनको दी जानेवाली समुचित शिक्षा का अभाव और अशुद्धियाँ (प्रयोगों में अन्तर होने) की सामाजिक पृष्ठभूमि। प्रस्तुत पुस्तक में समूचे हिन्दी क्षेत्र से नमूनार्थ संकलित सामग्री को विश्लेषित करके हज़ारों उदाहरणों के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि हिन्दी की बाईस बोलियों के मातृभाषी मानक हिन्दी लिखते समय वर्तनी, व्याकरण और अर्थ से सम्बन्धित किस-किस प्रकार की कुल 44 त्रुटियाँ करते हैं, जिनमें 111 उपत्रुटियाँ अन्तर्भुक्त हैं। इन उपत्रुटियों को सरलतम विधि से केवल आगम (कुल 7), आदेश (कुल 95), और लोप (कुल 9) तीन आधारों पर समझाया गया है। प्रमुखतः उपचारात्मक मूल्य वाली यह पुस्तक हिन्दी को अशुद्धियों से दूर रखना चाहनेवालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
Bihar Polytechnic Combined Entrance Exam (BCECE Polytechnic Entrance Competitive Exam 10 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chalte-Chalte
- Author Name:
Suresh Chavhanke
- Book Type:

- Description: साक्षात्कार पत्रकारिता की महत्त्वपूर्ण विधा है। समाचार संकलन-विश्लेषण में भी इसकी सर्वाधिक प्रभावी भूमिका होती है। सुरेश चव्हाणके की साक्षात्कार कला-कौशल इस रूप में उल्लेखनीय है कि वे औपचारिक प्रश्न-उत्तर से अलग विषय को व्यापक विमर्श में ले जाते हैं। उनकी अपनी वैचारिकता और जमीन है। एक विशिष्ट शैली है। उसी शैली में भेंटदाता चाहे कोई हो, उसे अपनी जमीन पर ले जाने की कोशिश करते हैं। चव्हाणकेजी की अपनी पक्षधरता खुलकर सामने आती है। “चलते-चलते' सुरेशजी का लोकप्रिय इंटरव्यू शो है जिसमें शताधिक प्रमुख लोगों राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सामाजिक-राजनीतिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-शैक्षिक व्यक्तित्व और जीवन के विविध क्षेत्रों की विभूतियों के क्षात्कार बहुत लोकप्रिय हुए हैं। लाखों-करोड़ों में इसके टी.वी. और डिजिटल व्यूज हैं । इस पुस्तक में ग्यारह चयनित साक्षात्कार संकलित हैं। आशा है कि टी.वी., शल-डिजिटल माध्यमों की तरह पत्रकारिता-जनसंचार, समाज विज्ञान, राजनीति विज्ञान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों के साथ सामान्य पाठक वर्ग में भी 'चलते-चलते' को पुस्तक के रूप में भी पसंद किया जाएगा।
GS SCORE Concept Mapping Workbook History Vol-2 Modern History
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Rating:
- Book Type:

- Description: —Public Service Examinations across the Board in India offers immense opportunity for young talent to secure not only employment at prestigious positions but also gives them the chance to serve the nation in various capacities. —These examinations are of a highly diverse nature as they test the candidates on diverse subjects, further spanning multiple dimensions largely the subjects related to Polity, Economy, History, Geography, Science and Technology, environmental sciences and miscellaneous topics like sports, awards and other events of national and international importance. —All of this demand not only to study of these varied subjects but also practice in tackling the questions which are asked in the examination. Highlights of the Book Approach towards the subject —The book introduces you to the subject and the way in which this subject should be approached in order to score maximum. Micro Detailing of the Syllabus—The entire UPSC CSE syllabus has been clubbed into broad themes and each theme will be covered with the help of MCQs. Chronological Arrangement of Theme Based Questions—The various identified themes are arranged chronologically so that the entire Syllabus of a subject is roped in a logical line. Last Minute Concept Revision—The end of the book contains the summary of important concepts related to the subject which can be used as your effective revision notes. About GS SCORE—GS SCORE has been home to numerous toppers of UPSC's prestigious Civil Services Examination. Learning at GS SCORE is driven by two predominant objectives i.e. excellence and empowerment.
Mulayam Singh Yadav
- Author Name:
Abhay Kumar Dubey
- Book Type:

- Description: Reference Book
BPSSC AVAR DAROGA MUKHYA PAR. (30 PRCT SET)-NEW
- Author Name:
Ram Mohan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokbharti Rajbhasha Shabd Kosh (Hindi-English)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
इस शब्दकोश की विशेषता है कि इसमें केन्द्रीय और प्रादेशिक राज्यों द्वारा प्रयुक्त या प्रयुक्तव्य शब्दों और प्रयोगों का भरपूर संकलन है। वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग एवं अन्य सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत शब्दावली है। बहुआर्थिक शब्दों के अर्थों का अलग-अलग संख्या देकर स्पष्टीकरण भी किया गया है। उपसर्गों और प्रत्ययों का सोदाहरण कोश के कलेवर में संकलन है।
निस्सन्देह यह कोश सरकारी काम करनेवालों के लिए और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए उपयोगी है।
Hindu Ke Celtic Swajan (Europe Mein Bhartiya Sanskriti : Naveentam Anusandhan)
- Author Name:
Major Surendra Narayan Mathur
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any desciption.
Kashmir : Sahitya Aur Sanskriti
- Author Name:
Shiben Krishna Raina
- Book Type:

-
Description:
कश्मीर का प्राकृतिक सौन्दर्य जितना विश्वविख्यात है, उतना ही उसकी साहित्यिक सांस्कृतिक विरासत भी मूल्यवान और सर्वविदित है।
ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ घाटियों के बीच में भास्वरित होती झीलें, झाड़ियों से भरे जंगल फूलों से घिरी पगडण्डियाँ केसर-पुष्पों से महकते खेत, कल-कल करते झरने, बर्फ से आच्छादित पर्वतमालाएँ आदि कश्मीर की अनुपम खूबसूरती को स्वतः ही बयाँ करते हैं।
प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ कश्मीर की सांस्कृतिक साहित्यिक धरोहर भी कम अनूठी और गौरवशाली नहीं है। इस धरती को धर्म-दर्शन और विद्या-बुद्धि की पुण्य-स्थली माना जाता है। शारदापीठ भी कहा जाता है और रेश्यवार (ऋषियों की बगीचों) के नाम से भी अभिहित किया जाता है। इस भूखण्ड ने भारतीय ज्ञानपरम्परा को बड़े-बड़े मनीषी विद्वान और कालजयी महापुरुष दिये हैं जिनका अवदान सदा स्मरणीय रहेगा। महान रसशास्त्री और शैवाचार्य अभिनव गुप्त, कवि-इतिहासकार (राजतरंगिणीकार) कल्हण काव्यशास्त्री मम्मट आनन्दवर्धन, वामन, आचार्य क्षेमेन्द्र आदि के नाम इस सन्दर्भ में बड़े गर्व के साथ लिये जा सकते हैं।
RRB RAILWAY TARKSHAKTI PARIKSHAN NTPC, LEVEL-I POSTS BHARTI PARIKSHA-2021
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maharani (Hindi Translation Of Maharani)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: वास्तव में नीना दूसरी महारानी थी। पहली की मृत्यु रहस्यमय हालात में हुई। मैं पहली रानी से कभी नहीं मिला। उस वक्त मैं एक छोटा लड़का था; लेकिन मैंने माँ और उनकी सहेली डोरीन को अकसर उनके बारे में, खासतौर पर कम उम्र में उनकी मौत पर अटकलें लगाते सुना था। वह एक खूबसूरत लड़की थी, जो एक छोटी सी पहाड़ी रियासत के राजा की बेटी थी। उसने अपने पति को वारिस के तौर पर एक बेटा दिया, इसलिए उस लिहाज से तो उससे कोई शिकायत नहीं हो सकती थी। हालाँकि वह सबके साथ घुलने-मिलनेवाली और बिंदास नहीं थी। उसे पार्टी करना पसंद नहीं था, शिकार पर जाना तो बिल्कुल भी नहीं; जबकि महाराजा को इन सबका शौक था। वे अपने चेले-चमचों को लेकर शिकार पर चले जाते, लेकिन महारानी घर पर ही रहना पसंद करती थी। --इसी उपन्यास से एच.एच. मस्तीपुर के महाराजा की एक बिगड़ैल, स्वार्थी और सुंदर विधवा है। वह मसूरी में अपने कुत्तों और चौकीदार हंस के साथ एक बहुत बड़े घर में रहती है। अपने बेपरवाह बेटों को पास फटकने नहीं देती, जो उसकी संपत्ति पर नजरें गड़ाए रहते हैं । उसका दोस्त रस्किन उसके कारनामों को अकसर नापसंदगी से देखता है, लेकिन चाहकर भी अपने आपको उससे अलग नहीं कर पाता। ऐसी बिगड़ैल महारानी की कथा, जो पाठकों की जीवन-दृष्टि ही बदल देगी।
Bihar Police Daroga Prarambhik Pareeksha 30 Practice Sets (Avar Seva Ayog Patna) (vol-1)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamayani-Lochan : Vols. 1-2
- Author Name:
Uday Bhanu Singh
- Book Type:

- Description: डॉ. उदयभानु सिंह भारतीय दर्शन और संस्कृत काव्यशास्त्र के गहन अध्येता थे। तुलसीदास पर उनके ग्रन्थ अपने प्रकाशन-काल से ही निरन्तर तुलसी काव्य के रसग्राही पाठकों और शोधार्थियों के लिए प्रामाणिक स्रोत-सामग्री की भूमिका निबाह रहे हैं। ‘कामायनी-लोचन’ उसी परम्परा को आगे बढ़ानेवाली रचना है। विद्वान लेखक ने प्राक्कथन में इस तथ्य का उल्लेख किया है कि कामायनी आधुनिक काव्य का “ऐसा गौरवग्रन्थ है जिस पर सबसे अधिक आलोचनात्मक पुस्तकें तथा लेख लिखे गए हैं; सबसे अधिक टीकाएँ लिखी गई हैं, सबसे अधिक शोधपरक निबन्ध एवं प्रबन्ध प्रणीत हुए हैं, और सर्वाधिक विवाद भी हुआ है।” यह कथन इस सामग्री से उनके बाख़बर होने का प्रमाण है। इस सामग्री की ख़ूबियों या ख़ामियों पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। विनम्रतापूर्वक बस इतना जोड़ा कि “ ‘कामायनी’ के विषय में बहुत-कुछ कहा जा चुका है, परन्तु बहुत-कुछ अनकहा भी रह गया है। अतएव उनके अध्ययन की शृंखला को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘कामायनी-लोचन’ उसी शृंखला की एक कड़ी है।’’ कहना न होगा कि ‘कामायनी-लोचन’ हिन्दी में कामायनी की टीका-व्याख्याओं की किसी चली आती अधूरी परम्परा की पूरक कड़ी-भर नहीं है। उसमें जो कहने से रह गया उसे कहकर रिक्त स्थान की पूर्ति का दायित्व निर्वाह भर करने का प्रयास नहीं है। उसका आदर्श तो संस्कृत-आचार्यों की वह समृद्ध टीका-व्याख्या परम्परा है जिसके आधार पर लेखक ने इसका नामकरण किया है। दो खंडों में विभाजित इस ग्रन्थ में ‘कामायनी’ के सर्गों की व्याख्या-समीक्षा के साथ इसकी शब्द-सूची प्रस्तुत की गई है। प्रस्तुति की एक निश्चित प्रविधि है। ऐसा ढाँचाबद्ध पैटर्न जिससे एकरूपता और एकरसता एक साथ पैदा होती है। एक ऐसा अकादमिक अनुशासन जिसका पालन वे शिक्षक के रूप में अपनी कक्षाओं में भी करते थे। वे पहले सर्ग-वार कथा-सूत्र प्रस्तुत करते हैं, उसके बाद एक संक्षिप्त समीक्षात्मक टिप्पणी जोड़कर अन्त में शब्दार्थ देते हैं—जिसे उन्होंने शब्द-सूची कहा है। इस प्रकार ‘लोचन’ कामायनी का शब्दकोश भी है। अकादमिक अनुशासन के विरोधियों को इसकी विधिबद्धता से रसज्ञता और सर्जनात्मकता की कमी की शिकायत हो सकती है। भूलना नहीं चाहिए कि इसका रचयिता दर्शन, व्याकरण और काव्यशास्त्र का अध्येता विद्वान तो था, अभिनवगुप्त की तरह कवि नहीं। उनकी यह कृति भले ही पाठकों को गहरी रसमग्नता का संतोष न दे पर ‘कामायनी’ की समझ में अनेक भ्रान्तियों का निवारण करेगी और उसकी गहन अर्थ-व्यंजनाओं के उद्घाटन में मददगार होगी—व्युत्पत्यर्थ और दार्शनिक अनुषंगों की दृष्टि से। —निर्मला जैन
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book