Vishva Ke Mahan Bhashan
(0)
Author:
Ed. Sushil KapoorPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789350480663
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
UPSSSC PET PARIKSHA SAMUH-G (20 PRCT SETS)-NEW
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Belakigintha Bellage
- Author Name:
M.S. Asha Devi
- Rating:
- Book Type:

- Description: discriptation awaited
IAS/IPS Pariksha Mein Safalta Ke Secrets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GS Score Civil Services Strategist: A Complete Guide For UPSC CSE Aspirants
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ghalib Danger
- Author Name:
Neeraj Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Vanya Praniyon ke Sanrakshit Kshetro ka Vishvkosh
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

-
Description:
अधोलिखित 9 प्रमुख विशेषताओं से युक्त प्रस्तुत विश्वकोश भारतीय संरक्षित क्षेत्रों के पर्यावरण एवं प्राणिजात के सम्बन्ध में सम्पूर्ण जानकारी देनेवाला न केवल हिन्दी वरन् अन्य देशी भाषाओं में भी प्रकाशित अब तक का सबसे अधिक वैज्ञानिक सन्दर्भ-ग्रन्थ है। विश्वकोश की नौ प्रमुख विशेषताएँ : 1. संरक्षित क्षेत्रों के माध्यम से भारतीय पर्यावरण एवं प्राणिजात की सर्वांगीण प्रस्तुति करनेवाला भारतीय परम्परा एवं हिन्दी भाषा में लिखा गया भारतीय भाषाओं का अनूठा ग्रन्थ। 2. विश्वकोश की वैश्विक अवधारणा के अनुकूल ग्रन्थ का संयोजन एवं विषयवस्तु की प्रस्तुति। 3. विश्वकोश में अपेक्षित ‘जानकारी की सम्पूर्णता’ का पूरा प्रयास, सभी वर्गों के संरक्षित (क्षेत्रों अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर रिजर्व, बायोस्फियर रिजर्व, रामसर साइट्स इत्यादि) में से प्रतिनिधि संरक्षित क्षेत्रों का न केवल उल्लेख अपितु उनकी विशिष्टताओं का विवेचन भी। 4. संरक्षित क्षेत्रों के सभी वैज्ञानिक पक्षों का सरल सुबोध भाषा में विवेचन। विश्वकोश में विज्ञानों के ये तथ्य संकलित हैं (i) इकोलॉजी पारिस्थितिकी, (ii) इथोलॉजी (व्यवहार विज्ञान), (iii) वर्गिकी (टैक्सानामी),
(iv) लताजी (जीवविज्ञान), (v). आर्निथोलॉजी (पक्षीविज्ञान), (vi) ज्योग्राफ़ी (भूगोल), (vii) जियोलॉजी (भूगर्भ विज्ञान), (viii) पेलिअन्टोलॉजी (पूरा विज्ञान-जीवाश्म विज्ञान तथा) (ix) बाटनी (वनस्पति विज्ञान)।
5. संरक्षित क्षेत्रों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में समझने के लिए आवश्यक मानचित्र दिए गए हैं। 6. संरक्षित क्षेत्रों के इतिहास और वर्तमान की विस्तृत जानकारियाँ विश्वकोश में संकलित हैं। आवश्यक स्थलों पर सन्दर्भ-ग्रन्थों का भी उल्लेख है। 7. विश्वकोश में संरक्षित क्षेत्रों की समकालीन घटनाओं और स्थिति को निरपेक्षता से प्रस्तुत किया गया है। तथ्यों की पुष्टि के लिए स्रोत को उद्धृत किया गया है। अंग्रेज़ी भाषा के स्रोतों को उद्धृत किया गया है। 8. विश्वकोश में पूरी तरह से हिन्दी भाषा का प्रयोग किया गया है अन्य भाषाएँ प्रमुख पाठ से अलग हाशिये पर या परिशिष्ट में ही देखी जा सकती हैं। परिशिष्ट में आधारभूत अध्ययन सामग्री की क्रमबद्ध सूचियाँ हैं। 9. विश्वकोश में प्रारम्भ से अन्त तक पठनीयता को बनाए रखा गया है। विश्वकोश की अनेक टिप्पणियाँ एवं आलेख स्वतंत्र रूप से पठनीय हैं।
Shakespeare Ki Baal Kahaniyan (Hindi Translation of Tales from Shakespeare)
- Author Name:
Charles Lamb +1
- Book Type:

- Description: सन 1807 में विलियम गुडविन द्वारा मैरी लैंब एवं उनके छोटे भाई चाल्र्स लैंब से शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय नाटकों को सरल भाषा में रूपांतरित करने का अनुरोध किया गया था, ताकि बच्चे उन्हें आसानी से समझ सकें। युवा पाठकों, विशेषतया लड़कियों से, जो उस समय पुस्तकालयों में पहुँच पाने में असमर्थ थीं, के साथ शेक्सपियर का पहली बार परिचय कराने के उददेश्य से इन कहानियों को लिखा गया था। चाल्र्स एवं मैरी ने शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय बीस नाटकों का चयन किया और उन्हें लघुकथाओं के रूप में पुन: लिखा। उनके लेखन का परिणाम ‘शेक्सपियर की बाल कहानियाँ’ के रूप में सामने आया है, जो अत्यंत रोचक है। विश्व के महानतम नाटककार की कृतियों में आनंद, आमोद-प्रमोद एवं अभिनय का अदभुत संगम है।
Mahayogi Gorakhnath
- Author Name:
Dr. Phoolchand Prasad Gupta
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SSC CHSL (10+2) Combined Higher Secondary Level LDC/DEO/PSA Computer Based Examination (Tier-1) 20 Practice Sets in English
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sitara
- Author Name:
Sanjay Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC BAL VIKAS PARIYOJANA PADADHIKARI (CDPO) PRARAMBHIK PRATIYOGITA PARIKSHA WITH 20 PRACTICE SETS
- Author Name:
Vimlesh Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mental Spatial Diagnosis
- Author Name:
Dr. Lucas Derks
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक का उद्देश्य आपको परीक्षा के अध्ययन के लिए विस्तृत योजना प्रदान करना नहीं है। यह आपको अभिप्रेरित करने वाली पुस्तक भी नहीं है। यह पुस्तक सिविल सेवा की तैयारी के संबंध में Quora पर मेरे द्वार दिए गए लगभग 100+ प्रश्नों के उत्तरों पर आधारित है। यह पुस्तक सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से संबंधित मौलिक प्रश्नों को तय करने के तरीके के बारे में अभ्यर्थियों को स्पष्ट अंतर्दृष्टि प्रदान करने का एक प्रयास है। सिविल सेवा को ही क्यों चुनें ? सिविल सेवा से आपकी क्या अपेक्षा है? निजी क्षेत्र की नौकरी क्यों नहीं ? कौन-सी सेवा चुननी है? क्या तैयारी के लिए दिल्ली जाना वाकई महत्त्वपूर्ण है? कोचिंग बनाम स्व-अध्ययन ? क्या आपको अपनी नौकरी छोड़ देनी चाहिए? आप अपने जीवन से वास्तव में क्या चाहते हैं? इस पुस्तक में कुछ इस प्रकार के प्रश्नों पर विचार किया गया है।
Sanshipt Hindi Shabad Kosh
- Author Name:
Virendranath Mandal
- Book Type:

-
Description:
भारत की राष्ट्रभाषा होने के बावजूद जनसाधारण के हिन्दी सम्बन्धी ज्ञान को पर्याप्त नहीं कहा जा सकता। शैक्षिक जीवन में पाठ्य–पुस्तकों आदि के सन्दर्भ में भी हिन्दी के शब्दार्थ, शब्द और वाक्य–प्रयोग आदि को लेकर विद्यार्थियों को सदैव समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी के मद्देनज़र इस कोश में विद्वान कोशकार का बल विस्तार के बजाय भाषा की व्यावहारिक उपयोगिता पर रहा है।
पाठ्यक्रम तथा रोज़मर्रा जीवन, मीडिया माध्यमों आदि में प्रयुक्त होनेवाले आवश्यक शब्दों, उनके अर्थों, उनकी व्याकरणगत स्थिति तथा प्रयोगों से सम्पन्न यह कोश विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों, अनुवादकों, भाषाकर्मियों व भाषा–अधिकारियों के लिए समान रूप से उपयोगी है। इसके अलावा इसमें रामायण, महाभारत, बुद्धचरित, प्रमुख पर्वतमालाओं, नदियों, पशु–पक्षियों तथा देवी–देवताओं से सम्बन्धित शब्दावलियों को अलग से सँजोया गया है।
Swastha Rahen, Mast Rahen
- Author Name:
Dr. Mickey Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kritrim Upgrahon Mein Ooshmiya Prabandhan
- Author Name:
Kamlesh Kumar Baraya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Reetikaleen Sahitya Kosh
- Author Name:
Vijaypal Singh
- Book Type:

-
Description:
तीन वर्षों के अथक परिश्रम के उपरांत तैयार किया गया डॉ. विजयपाल सिंह का महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है–‘रीतिकालीन साहित्य कोश’। हिंदी में अद्यावधि समीक्षकों को लेकर तैयार किया गया एक दुर्लभ कोश!
प्रस्तुत कोश के अंतर्गत रीतिकालीन काव्य की प्रवृत्तियों, काव्यगत विशेषताओं पर विस्तार से विचार किया गया है।
शृंगार, नायिका भेद, विभिन्न रस, लक्ष्य एवं लक्षणग्रंथ, रीतिबद्ध, रीतिमुक्त, रीतिसिद्ध काव्य, प्रबंध मुक्तक, भाषा, शैली, अलंकार, पिंगल, शास्त्रीय शब्द संपत्ति, भक्ति, धर्म, नीति, विभिन्न संप्रदाय, साहित्यशास्त्र के आचार्य तथा शब्दकोश कला आदि अनेक विषयों से शब्द लेकर सभी दृष्टियों से इस कोश को ज्ञानवर्द्धक तथा उपयोगी बनाने के साथ-साथ लेखक ने रीतिकाल के विभिन्न पक्षों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला है।
‘रीतिकालीन साहित्य कोश’ शोध छात्रों, अध्येताओं के लिए एक अनिवार्य ग्रंथ है ।
Madhya Pradesh MP Patwari Sanyukt Bharti Pareeksha Samooh-2 (Group-2 Subgroup-4) 20 Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Persian Hindi Dictionary : Vols. 2
- Author Name:
Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: फ़ारसी भाषा, हिन्दी की ही तरह, भारतीय आर्य भाषा उपकुल का एक भाग है। ईरान एवं भारत, दोनों कृषि–प्रधान देश रहे हैं। दोनों की संस्कृतियों में अनेक समानताएँ आज भी विद्यमान हैं। मुग़ल–पूर्व, मुग़ल और मुग़लोत्तर शासन के दौरान हिन्दुस्तान में फ़ारसी भाषा का प्रसार एवं प्रचार अपनी चरम सीमा पर था। कबीरदास, सूरदास, मलिक मुहम्मद जायसी जैसे हिन्दी के कालजयी महान कवियों ने फ़ारसी भाषा के अनेक शब्दों को अपनी भावाभिव्यक्ति का साधन बनाया और उनका रचनात्मक प्रयोग किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि फ़ारसी ने हिन्दी साहित्य की रचनाधर्मिता पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। फ़ारसी के अनेक शब्द ऐसे भी हैं, जिनका चलन आज ईरान में लगभग समाप्त हो चला है, लेकिन हिन्दी में वे अब भी जीवित हैं और साहित्य में ही नहीं, आम बोलचाल की भाषा में प्रयोग किए जा रहे हैं। फ़ारसी के अनेक मुहावरे अनूदित होकर हिन्दी की निधि बन चुके हैं। प्रस्तुत ‘फ़ारसी–हिन्दी शब्दकोश’ हज़ारों वर्षों में फैले भारत–ईरान के सांस्कृतिक सम्बन्धों को रेखांकित करनेवाला प्रथम शब्दकोश है। विभिन्न विषयों एवं अलग–अलग परिप्रेक्ष्यों से सम्बन्धित लगभग 25,000 शब्द–प्रविष्टियों से सम्पन्न यह शब्दकोश, जिसमें पुरातन और नवीन दोनों प्रकार की अर्थ–परम्पराओं का समावेश है, प्राचीन और अर्वाचीन शब्दों का सुन्दर मिश्रण है। आशा है, यह शब्दकोश विभिन्न प्रकार के अध्ययनकर्ताओं तथा सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से उपयोगी सिद्ध होगा।
Police Aur Samaj
- Author Name:
S. Akhilesh
- Book Type:

- Description: डॉ. एस. अखिलेश द्वारा लिखी गई यह पुस्तक ‘पुलिस और समाज’ एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समस्त देश की पुलिस प्रशिक्षण-शालाओं के लिए अनुशंसित पाठ्यक्रम के अनुरूप है। इस पुस्तक की रचना के सम्बन्ध में लेखक की विषय पर पकड़, मौलिक विचार और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशंसनीय है। पुस्तक के सत्रह अध्याय इस प्रकार हैं : ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता-आन्दोलन’, ‘प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का योगदान’, ‘संविधान की प्रमुख विशेषताएँ’, ‘मौलिक अधिकार : कर्तव्य एवं नीति-निर्देशक सिद्धान्त’, ‘स्वाधीन भारत में राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन और उनका पुलिस पर प्रभाव’, ‘समाज के दुर्बल वर्ग के लोगों का उत्थान’, ‘राजनीतिक दलों का संगठन एवं उनकी विचारधाराएँ’, ‘राष्ट्रीय एकीकरण’, ‘प्रमुख सामाजिक समस्याएँ’, ‘प्रमुख तात्कालिक घटनाएँ’, ‘मानव व्यवहार’, ‘पुलिस की छवि’, ‘लोक-सम्पर्क एवं लोक-सम्पर्क अधिकारी’, ‘पुलिस-आचरण के सिद्धान्त एवं दृष्टिकोण’, ‘पुलिस का व्यवहार’, ‘नीति और नैतिकता’, ‘शिष्टाचार’, ‘नागरिक अधिकार एवं स्वतंत्रताएँ’। निस्सन्देह, अपने विषय उद्देश्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कृति।
The Taliban War And Religion In Afghanistan
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book