BIHAR MADHYAMIK SHIKSHA PATRATA PARIKSHA TGT (GANIT) 15 PRACTICE PAPERS
(0)
₹
275
₹ 220 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
विद्यालय परीक्षा समिति, पटना माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा STET-2019 माध्यमिक वर्ग (TGT) पेपर-I (कक्षा 9 एवं 10 के लिए) गणित 15 प्रैक्टिस पेपर्स पूर्णतः नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार
Read moreAbout the Book
विद्यालय परीक्षा समिति, पटना
माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा
STET-2019
माध्यमिक वर्ग (TGT)
पेपर-I (कक्षा 9 एवं 10 के लिए)
गणित
15 प्रैक्टिस पेपर्स
पूर्णतः नवीनतम पाठ्यक्रमानुसार
Book Details
-
ISBN9789353228262
-
Pages308
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Pracheen Bharat Ki Sanskriti Aur Sabhyata
- Author Name:
Damodar Dharmanand Kosambi
- Book Type:

- Description: प्राचीन भारतीय संस्कृति और सभ्यता के वैज्ञानिक व्याख्याकार दामोदर धर्मानंद कोसंबी का नाम इतिहास के विद्यार्थियों के लिए सुपरिचित है। प्रो. कोसंबी पेशे से गणितज्ञ थे और लम्बे अरसे तक बम्बई के 'टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ंडामेंटल रिसर्च' में गणित के प्रोफ़ेसर रहे। इतिहास में कई ग्रन्थों का प्रणयन करने के साथ-साथ उन्होंने समाजशास्त्र, नृतत्त्व विज्ञान और संस्कृत साहित्य को लेकर अनेक शोधपत्र लिखे हैं। प्रस्तुत पुस्तक प्राचीन भारत की संस्कृति और सभ्यता को वैज्ञानिक विकास के परिप्रेक्ष्य में व्याख्यायित-विश्लेषित करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। उत्पादन के साधनों में परिवर्तन किस प्रकार हमारे सांस्कृतिक विकास को प्रभावित करता है, इसका सुसंगत विवेचन इस पुस्तक में किया गया है। इतिहास के कुछ जटिल प्रश्नों को समझने-समझाने का प्रयास भी यहाँ दिखाई पड़ता है। उन अनेक प्रश्नों में कुछ प्रश्न हैं : क्या अन्न-संकलन और पशु-चारण की अवस्था से गुज़रते हुए कृषि-युग तक आकर नए धर्म की आवश्यकता अनुभव की गई थी? सिन्धु घाटी की सभ्यता के दौरान विकसित नगरों का विनाश कैसे हुआ? क्या आर्य नाम की कोई जाति थी और अगर थी तो वे कौन लोग थे? क्या किसी काल में वर्ण-व्यवस्था की भारतीय समाज में कोई सार्थक भूमिका थी? लन्दन के 'टाइम्स लिटरेरी सप्लीमेंट' ने इस पुस्तक की समीक्षा करते हुए इसे 'ज्वलन्त रूप से मौलिक कार्य' तथा 'भारत का पहला सांस्कृतिक इतिहास' बताया था। इस पुस्तक के रूप में प्रो. कोसंबी ने भारत के प्राचीन इतिहास को न केवल प्रेरक बल्कि सुबोध भी बना दिया है।
Swastha Rahen, Mast Rahen
- Author Name:
Dr. Mickey Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Bhi Comedian Ban Sakte Hain: Haso Hasao, Beshumar Daulat Kamao
- Author Name:
J.P.S. Jolly
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Radhakrishna Angreji-Hindi Vyavharik Kosh
- Author Name:
Santosh Prasad +1
- Book Type:

-
Description:
आज हमारे सामाजिक तथा शैक्षिक जीवन में अंग्रेज़ी का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी भी एक सम्पर्क भाषा के रूप में कार्य कर रही है। इसी कारण हिन्दी-अंग्रेज़ी तथा अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोशों की प्रासंगिकता भी बढ़ जाती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए हिन्दी-अंग्रेज़ी कोश का प्रकाशन किया गया है।
इस कोश में विद्वान् कोशकारों ने जहाँ विद्यार्थियों के पाठ्य-क्रम को ध्यान में रखा है, वहाँ सामान्य पाठकों के दैनिक व्यवहार में आनेवाली आवश्यकताओं पर भी ध्यान केन्द्रित किया है। हिन्दी भाषा के उन सभी शब्दों को इस कोश में समाहित किया गया है जो पाठ्य-पुस्तकों, मीडिया माध्यमों व सार्वजनिक जीवन में प्रयुक्त होते हैं। साथ ही, जो लोग हिन्दी की अपेक्षा अंग्रेज़ी में ज्यादा गति रखते हैं, यह कोश उनके लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। हिन्दी से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद कार्य करनेवाले लोग भी इस कोश से अपेक्षित लाभ उठा सकते हैं।
Lokbharti Hindi Muhaware Aur Lokokti Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: मुहावरे और लोकोक्तियाँ जन-जीवन की अभिव्यक्ति के सहज उपकरण हैं। मुहावरा पद या पदबन्ध होता है, वाक्य का अंग बनता है तथा उसका अर्थ शब्दों की लक्षणाशक्ति से निकलता है। इसके विपरीत लोकोक्ति अपने में एक पूर्ण विचार, फलत: वाक्य रूप होती है तथा उसका अर्थ शब्दों की व्यंजना शक्ति से निकलता है। मुहावरे भाषा का शृंगार होते हैं और उसमें चमत्कार और चुटीलापन लाते हैं। लोकोक्तियाँ सत्यकथन या परमार्श के रूप में होती हैं और होती हैं समाज के सामूहिक चिन्तन का निचोड़।
Hindi Patrakarita Ki Shabda Sampada
- Author Name:
Shiv Kumar Avasthi +2
- Book Type:

- Description: हिंदी बहुत समृद्ध भाषा है। इसका शब्द भंडार विशाल है। इन दिनों हिंदी पत्रकारिता भाषायी संकट का सामना कर रही है। सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के दबावों में वह ऐसा भाषा-रूप अपना रही है, जो हिंदी समाज की भाषिक और सांस्कृतिक अस्मिता के लिए चुनौती है। हिंदी समाचार-पत्रों और अन्य जनसंचार माध्यमों में अंग्रेजी शब्दों का अवांछनीय प्रयोग बढ़ रहा है। प्रस्तुत शब्दकोश में शब्दार्थ उसके व्याकरणिक रूप के अनुसार दिए गए हैं। जहाँ कहीं शब्द या मुहावरे का रूप क्षेत्रीय या बहुप्रचलित से कुछ हटकर है, वहाँ उसका प्रचलित रूप भी साथ में दिया गया है। जहाँ कहीं कोई शब्द प्रचलित अर्थ से भिन्न अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, वहाँ उसका मुख्य अर्थ पहले दिया गया है। जहाँ किसी शब्द के एक से अधिक अर्थ हों, वहाँ अर्थ के समक्ष तदनुकूल उद्धरण दिए गए हैं। शब्द का अर्थ देते समय उसकी उत्पत्ति को ध्यान में रखा गया है। कोश में जिन पत्र-पत्रिकाओं से उद्धरण लिये गए हैं, उनका उल्लेख संकेताक्षरों में किया गया है तथा उनका खुलासा पृथक् से 'संकेत’ के रूप में शब्दकोश में किया गया है। आशा है, 'हिंदी पत्रकारिता की शब्द-संपदा’ ग्रंथ का हिंदी जगत् में स्वागत होगा। संपादकों की मेज पर एक उपादेय सहायक के रूप में वह अपना स्थान बनाएगा। पत्रकारों, विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा साहित्यसेवियों द्वारा इसे अपनाया जाएगा।
1000 Bhagat Singh Prashnottari
- Author Name:
Yavindar Singh Sandhu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyavharik Anuvad
- Author Name:
N.E. Vishwanath Iyer
- Book Type:

- Description: स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प्रशासन में राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रयोग और प्रगामी प्रयोग पर जोर दिया गया। अनुवाद शीघ्र ही एक व्यापक विषय बन गया। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, विधि, वाणिज्य तथा सर्वसुलभ रूप में साहित्य के क्षेत्र में भी अनुवाद का स्थान अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं अनिवार्य लगने लगा। प्रस्तुत ग्रंथ के कुछ अध्यायों में व्यावहारिक अनुवाद के क्षेत्र में उतरनेवालों के लिए आवश्यक मार्ग निर्देश दिए गए हैं। अनुवाद के मूल्यांकन के मानक अभी नहीं बने हैं। साहित्य में सृजनात्मक वाड्मय की रचना के बाद लक्षण ग्रंथ एवं व्याकरण ग्रंथ की जरूरत पड्ती है। अनुवाद के संदर्भ में एक लघु प्रयास ‘अनुवाद की स्तरीयता’ नामक अध्याय में किया गया है। हिंदी क्षेत्र में सिद्धांत एवं विशेषज्ञ ‘तत्काल भाषांतरण’ अथवा ‘इंटरप्रेटेशन’ पर अभी अधिक ध्यान नहीं दे सकते हैं; जबकि यह आज बहुत जरूरी एवं उर्वर क्षेत्र है। इस विशेष अनुवाद विधा की कुछ बारीकियों के विश्लेषण का प्रयास भी इस ग्रंथ में किया गया है। अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद आज निरंतर किया जाता है; परंतु उसके व्यावहारिक बिंदु (चेक प्वाइंट) पर सोदाहरण प्रकाश कम ही डाला गया है। इस पुस्तक में दो बड़े अध्यायों में इसीके विभिन्न पहलुओं पर विशद विवेचन प्रस्तुत किया है। विश्वास है, यह पुस्तक अनुवाद कला में कुशलता प्राप्ति में सहायक होने के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी ज्ञानवर्द्धक सिद्ध होगी।
Adhunik Jyotish
- Author Name:
Raghunandan Prasad Gaur
- Book Type:

- Description: यूं तो ज्योपिष विज्ञान पर अनेक ग्रन्थ प्रकाशित हो चुके हैं और हो रहे हैं, परन्तु उनकी प्रामाणिकता सदा ही सन्दिग्ध रही है। प्रस्तुत पुस्तक अब तक प्रकाशित पुस्तकों से हटकर लिखी गयी है तथा पूर्णत: प्रामाणिक एवं विश्वसनीय है। लेखक ने इस पुस्तक में अनेक ऐसे तथ्य उजागर किये हैं, जिन्हें जानकर बड़े-बड़े ज्योतिषी भी दाँतों तले अंगुली दबा लेंगे। रेखाचित्रों की सहायता से उन्होंने अनेक प्रकार की ज्योतिषीय गणनाओं और गणितीय क्रियाओं को नवीन विधियों, सूत्रों एवं प्रक्रियाओं द्वारा इस प्रकार स्पष्ट किया है कि पुस्तक ज्योतिषप्रेमियों के साथ-साथ बड़े-बड़े ज्योतिषियों के लिए भी वैज्ञानिक आधार सिद्ध होगी। इस ग्रन्थ में पूर्ववर्ती एवं परवर्ती ज्योतिष शास्त्रियों के द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों व तर्कों का आधुनिकीकरण करते हुए जो स्पष्टीकरण किया गया है, वह ज्योतिषप्रेमियों के लिए अत्यन्त उपयोगी है। इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जन्मपत्री बनाने की भारतीय पद्धति के साथ-साथ पाश्चात्य पद्धति भी दी गयी है, जो कि आधुनिक युग में कम्प्यूटर ज्योतिष में प्रयुक्त होती है। इसके साथ ही तात्कालिक सन्दर्भ हेतु विभिन्न सारणियां प्रस्तुत करते हुए उन्हें बनाने की विधि भी समझा दी गयी है।
Vaishwik Rachnakar : Kuchh Moolbhoot Jigyasayen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
ETHICS INTEGRITY AND APTITUDE (PB)
- Author Name:
R.K. Gupta
- Book Type:

- Description: The present edition is the result of combined efforts of a retired senior civil servant having vast experience of working in different capacities with Union Government, a serving tax administrator and a serious Civil Services aspirant who secured AIR 92 in his first attempt while graduating from the elite National Law University, Delhi. This edition contains/Explains— Tips for securing maximum marks in Ethics/Polity Mechanism of an Act/Legislation Lokpal and Lokayukta Act, 2013 International approach to fight corruption Seven Principles of Public Life as laid down by Nolan Committee History, summary and relevant provisions of Central Civil Services (Conduct) Rules Summary of offences by or relating to Public Servants under IPC The summary of Prevention of Corruption Act, 1988 Tips for developing basic attitude excepted from a Civil Servant Fully explained model answers of past 3 years question papers 22 case studies A must read for every serving as well as future aspirant of Public Services under the Union/ State Governments, PSUs etc. as it is basically aimed at developing right attitude for answering real life questions/dilemmas.
Superfast Computer Course
- Author Name:
Mrinal Talukdar
- Book Type:

- Description: Contents Preface —Pgs. 5 1. An Introduction to Computers —Pgs. 9 2. An Introduction to Windows —Pgs. 38 3. An Introduction to Windows 8 —Pgs. 51 4. General Functions of Windows 8 —Pgs. 57 5. System Management —Pgs. 106 6. System Tools and Maintenance —Pgs. 118 7. Windows 7 —Pgs. 137 8. Some Useful Software in General Use —Pgs. 159 9. An Introduction to Microsoft Word 2010 —Pgs. 185 10. Advanced Functions in MS Word —Pgs. 230 11. Microsoft Outlook 2010 —Pgs. 274 12. Microsoft PowerPoint 2010 —Pgs. 285 13. Microsoft Excel 2010 and Worksheet —Pgs. 318 14. Functions of Spreadsheet and Formatting —Pgs. 329 15. Advanced Handling in MS Excel Worksheet —Pgs. 356 16. An Introduction to Microsoft Access 2010 —Pgs. 371 17. Advanced Handling in Microsoft Access Database —Pgs. 384 18. An Introduction to Tally —Pgs. 424 19. CorelDRAW X6 —Pgs. 447 20. Adobe PageMaker 7.0 —Pgs. 481 21. Adobe Photoshop CS5 —Pgs. 512 22. Adobe Indesign CS5 —Pgs. 547 23. HTML and Web Page Designing —Pgs. 575 24. Networking —Pgs. 582 25. An Introduction to Internet —Pgs. 601 26. Memory Tips —Pgs. 618 27. Computer Security —Pgs. 622 28. Applications of Internet —Pgs. 630 29. Google —Pgs. 642 30. Facebook —Pgs. 654 31. Twitter —Pgs. 659
Spain Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ravindra Gita
- Author Name:
Ravindra Jain
- Book Type:

- Description: भगवान् श्रीकृष्ण संपूर्ण सृष्टि के सबसे बड़े आकर्षण, सबसे बड़े सम्मोहन और सबसे बड़ी उपलब्धि हैं। इन्हीं भगवान् श्रीकृष्ण का दिव्य वचनामृत है—‘श्रीमद्भगवद्गीता’। यह भगवान् श्रीकृष्ण का परम आदेश, परम निर्देश तो है ही, साथ ही यह संपूर्ण मानवता का परम उपयोगी संविधान भी है। चूँकि ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ जीवमात्र के लिए परम उपयोगी और संपूर्ण मानवता के लिए एक संविधानस्वरूप है, इसलिए इस महाउपयोगी महाग्रंथ का सरल और सर्वग्राही होना परम आवश्यक है। ‘रवीन्द्र गीता’ भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा उपदेशित मूल श्रीमद्भगवद्गीता का सरल हिंदी पद्यानुवाद है। सरस्वती-पुत्र, परम संगीत-साधक, विलक्षण सृजन प्रतिभा के धनी रवींद्र जैनजी ने संगीत की सेवा से संपूर्ण विश्व में ईश्वर की महिमा और भक्ति-भावना को एक नई ऊँचाई, एक नया स्वरूप, एक नया आकर्षण दिया। ‘रामायण’, ‘श्रीकृष्ण’, ‘जय हनुमान’ जैसे अनेकानेक पौराणिक विषयों को ग्रंथों से निकालकर संगीत और स्वर से सजाकर जनसामान्य तक सरलता, व्यापकता और पूरी सफलता के साथ पहुँचाया। यह कृति योगेश्वर श्रीकृष्ण के शाश्वत संदेश को जनमानस तक पहुँचाकर समाज में सकारात्मकता और सद्मूल्यों को विकसित करे, तो इसका लेखन तथा प्रकाशन सार्थक होगा।
DEVDAS (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: बैशाख की दोपहरी थी, धूप बहुत तेज थी और गरमी भी बहुत पड़ रही थी। उसी समय देवदास मुखर्जी, पाठशाला के कमरे के एक कोने में मिट्टी के ढेर पर बैठा था। हाथ में उसके एक स्लेट थी। वह कभी आँखें खोलता, कभी बंद करता, कभी पैरों को फैलाता और कभी सिकोड़ता और अंत में वह एकाएक बहुत बेचैन हो उठा। क्षण-भर में उसने यह तय कर लिया कि इस परम रमणीय ब्रेला में, जहाँ-तहाँ घूमने या पतंग उड़ाने की अपेक्षा, पाठशाला में बँधा रहना बेकार है । उसके प्रखर मस्तिष्क में एक बात सूझी और वह स्लेट हाथ में लेकर उठ खड़ा हुआ।
Student English-Hindi Dictionary
- Author Name:
Dwarka Prasad
- Book Type:

-
Description:
राजकमल विद्यार्थी अंग्रेज़ी-हिन्दी कोश को विद्यार्थियों, छात्रों तथा दैनिक जीवन में अंग्रेज़ी शब्दावली की आवश्यकता महसूस करनेवाले पाठकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। शब्दों का चयन करते समय इस बात पर ख़ास ध्यान दिया गया है कि इसमें उन तमाम शब्दों को समाहित कर लिया जाए, जिनका व्यवहार स्कूलों-विद्यालयों की पाठ्य-पुस्तकों तथा रोज़मर्रा जीवन में आमतौर पर तथा बहुतायत से होता है, ताकि कोश का कलेवर संक्षिप्त व सुविधाजनक रहे एवं इसकी उपयोगिता भी कम न हो।
अंग्रेज़ी भाषा आज जिस प्रकार हमारे सामाजिक, आर्थिक व मीडिया जगत का अभिन्न हिस्सा हो गई है, उससे यह अनिवार्य हो चला है कि प्रत्येक व्यक्ति अंग्रेज़ी शब्दावली से परिचित हो। हमें आशा है कि इस आवश्यकता के मद्देनज़र यह कोश उपयोगी सिद्ध होगा। विद्वान कोशकारों ने अंग्रेज़ी शब्दों के हिन्दी में प्रचलित सरल तथा विविध अर्थों को समाहित किया है तथा अलग-अलग स्थितियों व सन्दर्भों में उनका प्रयोग भी प्रस्तुत किया है।
BPSC BAL VIKAS PARIYOJANA PADADHIKARI (CDPO) PRARAMBHIK PRATIYOGITA PARIKSHA WITH 20 PRACTICE SETS
- Author Name:
Vimlesh Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brave New World (Pb)
- Author Name:
Aldous Huxley
- Book Type:

- Description: This book has no description
Prashasnik Kosh (Hindi-Angreji)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
यह कोश सरकारी काम करनेवालों और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
इस कोश की विशेषताएँ हैं कि इसमें केन्द्रीय और प्रादेशिक राज्यों द्वारा प्रयुक्त या प्रयुक्तव्य शब्दों और प्रयोगों का भरपूर संकलन है। वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग एवं अन्य सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत शब्दावली भी दी गई है। बहुअर्थी शब्दों के अर्थों का अलग-अलग संख्या देकर स्पष्टीकरण किया गया है। इसके साथ ही उपसर्गों और प्रत्ययों का भी सोदाहरण कोश के कलेवर में संकलित किया गया है।
निस्सन्देह हमेशा महत्त्वपूर्ण बनी रहनेवाली एक कोश-कृति।
Aapake Man-Mastishk Ki Jeet (Hindi Translation of Mind Your Mind)
- Author Name:
Venugopal Acharya
- Book Type:

- Description: मैं दिन-रात चिंता करना कैसे बंद करूँ? मैं हद से ज्यादा क्यों सोचता हूँ? अपनी मुसीबतों का दोष मैं किसे दूँ? मेरा मन मेरा दोस्त है या दुश्मन? मेरा जीवन इतना निरर्थक लगता है कि जीने का फायदा ही क्या है? क्या मैं अपनी सारी मुसीबतों के बावजूद खुशी हासिल कर सकता हूँ?’—क्या ऐसे ही सवाल आपके मन में भी उठते हैं, तो संन्यासी और शिक्षक वेणुगोपाल आचार्य के पास आपके सवालों के जवाब हैं। वे मन को सँभालने और खुशहाल जीवन के लिए तीन प्रभावशाली किंतु सरल सिद्धांत सुझाते हैं—जागरूकता, स्वीकार्यता और आकांक्षा। स्वयं-सहायता के इन तरीकों को मात्र बताने भर से एक कदम आगे बढक़र आचार्यजी ऐतिहासिक कहानियों, आज की घटनाओं, भारतीय शास्त्रों में वर्णित ज्ञान की बातों के द्वारा यह समझाते हैं कि इन भिन्न-भिन्न अवधारणाओं को किस प्रकार दैनिक जीवन के तीन चरणों के अभ्यास के साथ अपना सकते हैं और स्थायी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ‘आपके मन-मस्तिष्क की जीत’ एक अनमोल मार्गदर्शिका है, जिसे आधुनिक जीवन के लिए बनाया गया है और जिसकी सहायता से अपने आप को बदला जा सकता है। मन-मस्तिष्क पर विजय प्राप्त कर जीवन में संतोष, सुख, आनंद और सार्थकता पाने के द्वार खोलनेवाली प्रेरक कृति।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book