Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Bhugol 15 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Geography Book Hindi)
Author:
Team PrabhatPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 180
₹
225
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789354883231
Pages: 204
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
History of Marathi Literature
- Author Name:
Kusumawati Deshpande +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Marathi has an unbroken literary tradition of over eight centuries, divided conveniently into two distinct periods, classical and modern. The Classical period spans six centuries, remarkable for poetry, devotional and heroic. Jnandev, Namdev, Eknath, Tukaram and Ramdas have become household names throughout India. While Virasaiva, Jain, and Muslim poets have enriched the secular and spiritual content, wandering minstrels have sung heroic ballads. New forms of literature have flowered from the nineteenth century under the impact of English education and western thought. The Chiplunkar, Apte, Anil Despande, Phadke, Khandekar, Mardhekar, Rege and Gadgil. Tracing the earliest reference to Maharashtra in a rock inscription of the fourth century, the history concludes with the formation of the state in 1960.
CTET/TETS ENGLISH LANGUAGE & PEDAGOGY PAPERS–I & II
- Author Name:
Dharmesh Singh
- Book Type:

- Description: The presented book is very much helpful for all the TET and CTET competitive examinations of the aspirant who are preparing for CTET based examination for English Language & Pedagogy. The provided study matters are 11 solved papers I & II: July/Dec. 2020-2016 (600+ MCQs), 10 practice tests: Paper I & II (600+ MCQs), and chapter-wise coverage of practice questions (1100+ MCQs). There is total of 2300+ MCQs contextual to the subject are provided to understand the concept of paper pattern easily. The book will be highly useful for aspirants of CTET, UPTET, BTET, JTET, CGTET, and all other states' TETs. The current edition of “English & Pedagogy” is the complete study guide that has been structured on the basis of the syllabus prescribed in the CTET & other State TETs related examinations
Madhya Pradesh Aabkari Arakshak (Karyapalik) Bharti Pariksha
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meri Maa Ke Baees Kamre : Kashmiri Pandito Ke Palayan Ki Kaljayi Katha (Hindi Translation of Our Moon Has Blood Clots: A Memoir of A Lost Home In Kashmir)
- Author Name:
Rahul Pandita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Untouchables
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: Who are the Untouchables and what is the origin of Untouchability? These are the main topics which it is sought to investigate and the results of which are contained In the following pages. Before launching upon the investigation It Is necessary to deal with certain preliminary questions. The first such question Is : Are the Hindus the only people in the world who observe Untouchability? The second is: If Untouchability is observed by Non-Hindus also how does untouchability among Hindus compare with Untouchability study has so far been attempted.
Lok Sanskriti Ki Rooprekha
- Author Name:
Krishnadev Upadhyaya
- Book Type:

-
Description:
लोक-साहित्य लोक-संस्कृति की एक महत्त्वपूर्ण इकाई है। यह इसका अविच्छिन्न अंग अथवा अवयव है। जब से लोक-साहित्य का भारतीय विश्वविद्यालयों में अध्ययन तथा अध्यापन के लिए प्रवेश हुआ है, तब से इस विषय को लेकर अनेक महत्त्वपूर्ण ग्रन्थों की रचना हुई है। प्रस्तुत ग्रन्थ को छह खंडों तथा 18 अध्यायों में विभक्त किया गया है।
प्रथम अध्याय में लोक-संस्कृति शब्द के जन्म की कथा, इसका अर्थ, इसकी परिभाषा, सभ्यता और संस्कृति में अन्तर, लोक-साहित्य तथा लोक-संस्कृति में अन्तर, हिन्दी में फोक लोर का समानार्थक शब्द लोक-संस्कृति तथा लोक-संस्कृति के विराट स्वरूप की मीमांसा की गई है। दि्वतीय अध्याय में लोक-संस्कृति के अध्ययन का इतिहास प्रस्तुत किया गया है। यूरोप के विभिन्न देशों जैसे—जर्मनी, फ़्रांस, इंग्लैंड, स्वीडेन तथा फ़िनलैंड आदि में लोक-साहित्य का अध्ययन किन विद्वानों द्वारा किया गया, इसकी संक्षिप्त चर्चा की गई है।
दि्वतीय खंड पूर्णतया लोक-विश्वासों से सम्बन्धित है। अतः आकाश-लोक और भू-लोक में जितनी भी वस्तुएँ उपलब्ध हैं और उनके सम्बन्ध में जो भी लोक-विश्वास समाज में प्रचलित है, उनका सांगोपांग विवेचन इस खंड में प्रस्तुत किया गया है।
तीसरे खंड में सामाजिक संस्थाओं का वर्णन किया है जिसमें दो अध्याय हैं—(1) वर्ण और आश्रम तथा (2) संस्कार। वर्ण के अन्तर्गत ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्रों के कर्तव्य, अधिकार तथा समाज में इनके स्थान का प्रतिपादन किया गया है। चौथे खंड में आश्रम वाले प्रकरण में चारों आश्रमों की चर्चा की गई है। जातिप्रथा से होनेवाले लाभ तथा हानियों की चर्चा के पश्चात् संयुक्त परिवार के सदस्यों के कर्तव्यों का परिचय दिया गया है।
पंचम खंड में ललित कलाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया है। इन कलाओं के अन्तर्गत संगीतकला, नृत्यकला, नाट्यकला, वास्तुकला, चित्रकला, मूर्तिकला आती हैं। संगीत लोकगीतों का प्राण है। इसके बिना लोकगीत निष्प्राण, निर्जीव तथा नीरस है।
षष्ठ तथा अन्तिम खंड में लोक-साहित्य का समास रूप में विवेचन प्रस्तुत किया गया है। लोक-साहित्य का पाँच श्रेणियों में विभाजन करके, प्रत्येक वर्ग की विशिष्टता दिखलाई गई है।
CTET/TETs Solved Papers (2023-2011) Paper-2 (Class 6 - 8) Samajik Adhyayan/Samajik Vigyan (Social Study / Social Science)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangharsh Ma Gujarat (Gujarati Edition)
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: લોકતંત્રનું ગળું ઘોંટી દેવા તત્કાલીન વડાપ્રધાન ઇંદિરા ગાંધીએ દેશમાં કટોકટી લાદી હતી. લોકતંત્રની રક્ષા અને કટોકટી સામેની લડતમાં ગુજરાત હંમેશાં મોખરે રહ્યું. આ સંઘર્ષના અગ્રેસર કાર્યશીલોમાંના એક શ્રી નરેન્દ્ર મોદીએ પોતે લોકશાહીની લડત અને તેના અંતિમ વિજયની ગાથા આ પુસ્તકમાં આલેખી છે. કટોકટી કેવી રીતે આવી એ વિશે ઘણું લખાય છે, પરંતુ કટોકટી ગઈ કેવી રીતે એ વિશે ખાસ કંઈ જ લખાયું નથી. આ વિચારમાંથી જ આ પુસ્તકનો જન્મ થયો. કટોકટી પછી ચૂંટણીઓ આવી અને જનતા પક્ષ વિજયી થયો તે નર્યો ચમત્કાર માત્ર હતો? ચૂંટણીઓ દ્વારા થયેલ ક્રાંતિકારી પરિવર્તન એ અચાનક જ આવી મળેલી સફળતા છે એવો પણ એક મત પ્રચલિત થયો છે. પણ વાસ્તવમાં નિશ્ચિત પરિણામો પ્રાપ્ત કરવા ૨૦ માસ સુધી લગાતાર સુનિયોજિત સંઘર્ષ કરવો પડ્યો છે અને તે સંઘર્ષનાં કેટલાં-કેવાં વિવિધ સૂક્ષ્મ, જ્ઞાત-અજ્ઞાત ક્ષેત્રો હતાં તેની પણ એક ભવ્ય ગાથા છે. આઝાદીની પહેલી લડાઈ કરતાં લોકશાહીના રક્ષણ માટેની આ આ બીજી લડાઈનું મૂલ્ય આ રીતે જરાય ઓછું નથી. અને તેમાં ગુજરાત પણ પ્રારંભથી લડતું રહ્યું છે. તેની ગાથા આ પુસ્તકમાં છે
Agniveer Vayu
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Indian Air Force Science Subjects 25 Practice Sets
NTA UGC NET/JRF/SET Paper 2 History 27 Solved Papers (2012–2021) & 10 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mere Anubhav aur Itihas Ke Jharokhe Se Kashmir
- Author Name:
Dr. Ashok Kumar Gaadiya
- Book Type:

- Description: लेखक की आपबीती जम्मू-कश्मीर के उन बच्चों के जीवन की त्रासदी से जुड़ी है, जो पहली बार भारत के विभिन्न राज्यों के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा पाने के लिए अपने घर-परिवार से अलग होने को तैयार हो गए थे। प्राचीनकाल से कश्मीर एक सुंदर, रमणीय, शांत भूमि एवं ऋषि- मुनियों की साधना स्थली थी, जिसमें कमजोर और अयोग्य राजा आने लगे। उससे भ्रष्टाचार, व्यभिचार और अत्याचार पहले तो राज दरबार, फिर आम जनता में व्याप्त होने लगा, जिसके कारण अव्यवस्था फैलने लगी; लोगों में डर, असुरक्षा, अंधविश्वास, झूठ, फरेब, कुरीतियाँ, पक्षपात, ऊँच-नीच, शोषण और स्त्रियों की दुर्दशा होने लगी। शेख अब्दुल्ला की सक्रिय राजनीति से लेकर पं. नेहरू और महाराजा हरि सिंह विवाद से उपजी समस्या से जनमानस सहित कश्मीर की दुर्गति दृष्टिगत है। चुनाव की राजनीति ने सरकारी मशीनरी द्वारा चुनाव परिणामों में जबरदस्त हेरा-फेरी और धाँधलियों ने सारी सीमाएँ तोड़ दीं, जिससे लोग बहुत निराश हुए। 1971 ई. की लड़ाई में मिली हार से बौखलाए पाकिस्तान की साजिश से नब्बे के दशक से प्रारंभ हुई कश्मीर को अशांत करके भारत से बदला लेने की लंबी योजना। वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर में किए अभूतपूर्व निर्णयों से वहाँ के जनमानस में एक विश्वास जाग्रत् हुआ है, वहाँ विकास की नई बयार बह रही है, युवा और महिलाएँ बढ़-चढ़कर सकारात्मक सहयोग कर रहे हैं । यह पुस्तक कश्मीर को इतिहास के झरोखे से वर्तमान परिप्रेक्ष्य का दिग्दर्शन करवाती है।
Khushhal Basti
- Author Name:
Janak Vaid
- Rating:
- Book Type:

- Description: शहर से कुछ दूर सूखी-बंजर जमीन पर अनेक झुग्गियाँ थीं। उनमें रहने वाले लोग मेहनत-मजूरी कर अपनी गुजर-बसर करते। गृहणियाँ भी अपनी घिसी-पिटी दिनचर्या से निपट आपस में गप्प-शप्प करतीं। उनके बच्चे भी अगल-बगल में बैठते या इधर-उधर खेलते। नंग-धड़ंग या फटे-पुराने कपड़ों में लिपटे हुए बच्चों में से किसी के हाथ में रूखी-सूखी रोटी का टुकड़ा होता व किसी के हाथ में कोई अन्य चीज। बच्चे जब आपस में खेलेंगे तो झगड़ा भी होगा और फिर यदि उनमें झगड़ा हुआ तो बड़े कोई चुप थोड़ा ही रहेंगे अर्थात् बड़ों में भी तू-तू मैं-मैं हो ही जानी है। कई बार तो यह क्लेश इतना बढ़ जाता कि मर्द जब घर आते तो उन्हें भी इसमें घसीट लिया जाता। अतः उनका प्रत्येक दिन ऐसे ही बीत रहा था, पर मजे की बात कि उनको अपने जीवन के इस ढाँचे से कोई शिकायत न थी। जिस स्थान पर यह बस्ती थी, वहीं एक सड़क भी थी। उस सड़क से प्रतिदिन एक लड़की साईकल चलाती हुई निकलती और उसकी साईकल के आगे एक टोकरी लगी हुई थी, जिसमें कुछ पुस्तकें होतीं। साईकल सवार लड़की का, उधर से आने-जाने का एक निश्चित समय था। वह प्रतिदिन उस बस्ती के लोगों को देखती तो सोचने लगती कि कैसा जीवन है इन लोगों का? इनको इस बात की समझ ही नहीं कि मनुष्य जीवन तो अनमोल है, पर ये किस प्रकार की जिंदगी जी रहे हैं? उस बस्ती के लोग भी उस लड़की को जब इधर से निकलते देखते तो सोचते कि कितनी अच्छी लगती है यह बच्ची? —इसी पुस्तक से
Vedic Mathematics For Students
- Author Name:
Manu Tripathi
- Book Type:

- Description: This book ‘Vedic Mathematics for Students’ is a learning and knowledge tool for anyone who wants to acquire knowledge of Vedic Mathematics. Which is one of the easiest approaches to solving Mathematics. Mathematics is one subject, that is the same all across the globe and mathematical calculations are needed everywhere. With the help of techniques of Vedic Mathematics, it becomes much easier. Vedic Mathematics is well-recognised methodology by most Indian scholars. This book is a value addition to this particular ancient knowledge with small sachets of Vedic Mathematic’s knowledge in the form of chunks of different methods and techniques. This book is compiled in such a manner that whosoever reads it, will definitely get benefited. A must-read book for anyone who wants to add more value and knowledge in Mathematics in very less time with minimum efforts.
NTA CUET UG Computer Based Test Section I Section III CBT Hindi Guide Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Rang De Basanti Chola
- Author Name:
Malwinder Jit Singh Waraich
- Book Type:

- Description: क्रांतिवीर भगत सिंह का नाम सुनते ही माँ भारती के एक ऐसे वीर सपूत की तसवीर सामने आ जाती है, जो मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में ही अपनी मातृभूमि की स्वाधीनता के लिए फाँसी के फंदे पर झूल गए। हुतात्मा भगत सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद की जड़ें हिला दी थीं। उनकी दृढ़ता, देशभक्ति, आत्मार्पण, संकल्पशीलता अनुकरणीय और अद्भुत थी। वे सदा हम भारतीयों को प्रेरित करते रहेंगे। उनका बलिदान, उनके विचार, उनकी ऊर्जा हमारे मन-मस्तिष्क को सदा भारतवर्ष के लिए समर्पित रहने के लिए बल देती रहेगी। भगत सिंह बहुपठित और अध्ययनशील क्रांतिकारी थे। उनकी दूरदर्शिता और तेजस्विता का ही परिणाम था कि लाखों युवा भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त करवाने के लिए स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े। शहीद भगत सिंह के जीवन पर अत्यंत प्रामाणिक एवं पठनीय पुस्तक, जो उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर फाँसी के फंदे को चूमने तक के संघर्षशील और त्यागमय जीवन की झलक दिखाती है। इसे पढ़कर हर पाठक के मन में भाव उठेंगे-- 'मेरा रंग दे बसंती चोला '।
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Vigyan Practice MCQs (MPTET Social Science Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pakshdroha
- Author Name:
Pradeep Pandey
- Book Type:

- Description: ‘पक्षद्र्रोह’ प्रजातांत्रिक शासन-व्यवस्था के बीच नौकरशाही एवं सामाजिक राजनैतिक क्षेत्र में गहरी जडे़ं जमा चुके भ्रष्टाचार से उत्पन्न संत्रास पर आधारित विचार-प्रधान कथा है, जिसमें युवा वर्ग के सपने और उनकी संवेदनाओं को छलते पाखंड, भ्रष्ट तंत्र व समाज पर कठोर प्रहार करता है। ‘पक्षद्रोह’ का नायक विक्रम युवा है, जो मध्यम वर्ग के प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद है। वह मनचाही चल रही ढर्रे कि व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने कि कोशिश करता है। जहाँ एक ओर सुविधाभोगी शिष्ट समाज में भ्रष्टाचार समाज का एक अभिन्न अंग माना जाता है, वहीं दूसरी ओर युवावस्था की नई कोंपलों के मनोमस्तिष्क पर होते गहरे आघात को स्पष्टतः कहानी में देखा जा सकता है। इस पुस्तक में उसकी ईमानदारी, निर्भीकता, राष्ट्र-परायणता और युवा-मन में उपजे प्रेम के प्रति सादगीपूर्ण संवेदनशीलता का जीता-जागता चित्र उपस्थित किया गया है। ‘पक्षद्रोह’ में बहुत सी बातें ऐसी हैं, जिनमें व्यंग्य, विरोध, कसक, वेदना, त्याग, अनुभव, आदर्श, देश और समाज को देने की आतुरता प्रत्यक्ष परिलक्षित होती है। उपन्यास अपने प्रत्येक भाग में जहाँ समाज की विसंगतियों पर सोचने के लिए मजबूर करता है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार में लिप्त समाज के लिए संदेश भी देता है। —प्रदीप पांडेय, सोशल थिंकर एवं मोटिवेशनल स्पीकर
Bihar Civil Court Chaprasi/Ardali (Bihar Civil Court Peon/Orderly Recruitment Exam Hindi Edition)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aaj Bhi Khare Hain Talab
- Author Name:
Anupam Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Agnileek Kee Aginkatha
- Author Name:
Prakash Devkulish
- Book Type:

- Description: हृषीकेश सुलभ ने लगभग 1975 से लेखन शुरू किया। उनके लगभग 40 वर्षों के परिश्रम, अनुभव, आस-पास की सामाजिक उथल-पुथल पर पैनी दृष्टि और उससे जुड़ा रचनाकार का दायित्वबोध आदि के बाद उपन्यास ‘अग्निलीक’ आया। आलोचक रचनाकार की उस मनःस्थिति की पड़ताल कर पाया है या करता है, जिसने इस रचना को जन्म दिया और जो पूरी रचना- प्रक्रिया में साथ चला या अपनी टिप्पणी रखते समय समीक्षक/आलोचक भी अपनी मनःस्थिति और मान्यताओं की कसौटी से निर्देशित हो जाता है? यह प्रश्न इसलिए कि इन समीक्षाओं के संकलन में एक ही शिल्प, शैली, ट्रीटमेंट, घटनाओं की प्रस्तुति, उनके विस्तार और उनके स्वरूप पर अलग-अलग और कभी-कभी परस्पर विरोधी राय/ऑब्ज़र्वेशन देखने को मिले हैं। यह संकलन, इसलिए, रचनाकार को आलोचकों की चिन्ता और समय-समय पर व्यक्त उनके निदेशों के सम्मान के बाद भी अपनी तपस्या, अपने अनुभव और स्वतःस्फूर्त पर सजग चेतना पर चलने का स्वर देता है। ये आलेख ‘अग्निलीक’ उपन्यास को समझने और व्याख्यायित करने में सहायक तो हैं ही, उपन्यास ने ग्रामीण सामाजिक संरचना में होते जिन परिवर्तनों और उसके साथ-साथ स्थापित जिन वैचारिक जड़ताओं को कथा-सूत्र में पिरोया है, ये उसे और आगे ले जाते हैं। इसलिए इनका अध्ययन आवश्यक है। स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात गाँवों की विडम्बनाओं को इन समीक्षकों, आलोचकों ने इस उपन्यास के बहाने गम्भीरता से देखा-परखा और अभिव्यक्त किया है। इन आलेखों को समग्रता में देखना साहित्यिक उद्देश्य की पूर्ति करता है, यही कारण है कि इन्हें एक साथ रखकर प्रस्तुत करने की यह कोशिश की गई है। किसी रचना पर टिप्पणी सिर्फ़ उस रचना का भला या बुरा नहीं करती, यह उस विधा की समझ को भी विस्तार देती है। समीक्षाओं का यह संकलन इन्हीं उद्देश्यों से सामने रखा गया है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book