Bharat Ka Vikas Aur Rajniti
(0)
Author:
Pramod Kumar AgrawalPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
225
₹ 180 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
भारत का विकास और राजनीति’ एक बहुआयामी पुस्तक है जिसमें भारत की धड़कन समाहित है तथा भारत के विकास की प्रमुख समस्याओं का सरल एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत है। भारत एक विभिन्नता का देश है तथा विभिन्न प्रदेशों, ज़िलों तथा क्षेत्रों के विकास की विशेष समस्याएँ हल करके ही विकास के शिखर तक पहुँचा जा सकता है। अत: विकास के महायज्ञ में स्थानीय प्रशासन जैसे पंचायतों, नगरपालिकाओं तथा ज़िला प्रशासन की अहम भूमिका है पर इन्हें विकास के लिए धनराशि राज्य एवं केन्द्र से ही उपलब्ध हो सकती है। अत: केन्द्र से लेकर स्थानीय प्रशासन में भ्रष्टाचार का निवारण तथा कर्म संस्कृति की महती आवश्यकता है। आज भारत का विकास उत्तम स्थिति में है पर भारत को अग्रगणी अर्थव्यवस्था तथा अग्रणी विकसित राष्ट्रों की प्रथम पंक्ति में आने के लिए ज़न-जागृति, राजनीति में शुचिता तथा नौकरशाही में पारदर्शिता तथा विकास के लिए समर्पण आवश्यक है। भारत की 130 करोड़ जनसंख्या की जटिल समस्याओं का कोई भी सरकार सहज समाधान नहीं कर सकती है पर इस दिशा में उसके सद्प्रयास ही जनता की थाती हैं। जनता, जन-प्रतिनिधि तथा नौकरशाही मिलकर इस देश में वांछित प्रगति तथा समृद्धि के प्रभात का प्रादुर्भाव करेंगे। आशा है कि इस उद्देश्य से लिखी गई यह पुस्तक राजनीतिक प्रतिनिधियों, नौकरशाहों, बुद्धिजीवियों, प्रतियोगी परीक्षा में बैठनेवाले अभ्यर्थियों तथा जन सामान्य के लिए समान रूप से उपयोगी होगी।
Read moreAbout the Book
भारत का विकास और राजनीति’ एक बहुआयामी पुस्तक है जिसमें भारत की धड़कन समाहित है तथा भारत के विकास की प्रमुख समस्याओं का सरल एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत है।
भारत एक विभिन्नता का देश है तथा विभिन्न प्रदेशों, ज़िलों तथा क्षेत्रों के विकास की विशेष समस्याएँ हल करके ही विकास के शिखर तक पहुँचा जा सकता है। अत: विकास के महायज्ञ में स्थानीय प्रशासन जैसे पंचायतों, नगरपालिकाओं तथा ज़िला प्रशासन की अहम भूमिका है पर इन्हें विकास के लिए धनराशि राज्य एवं केन्द्र से ही उपलब्ध हो सकती है। अत: केन्द्र से लेकर स्थानीय प्रशासन में भ्रष्टाचार का निवारण तथा कर्म संस्कृति की महती आवश्यकता है। आज भारत का विकास उत्तम स्थिति में है पर भारत को अग्रगणी अर्थव्यवस्था तथा अग्रणी विकसित राष्ट्रों की प्रथम पंक्ति में आने के लिए ज़न-जागृति, राजनीति में शुचिता तथा नौकरशाही में पारदर्शिता तथा विकास के लिए समर्पण आवश्यक है। भारत की 130 करोड़ जनसंख्या की जटिल समस्याओं का कोई भी सरकार सहज समाधान नहीं कर सकती है पर इस दिशा में उसके सद्प्रयास ही जनता की थाती हैं। जनता, जन-प्रतिनिधि तथा नौकरशाही मिलकर इस देश में वांछित प्रगति तथा समृद्धि के प्रभात का प्रादुर्भाव करेंगे। आशा है कि इस उद्देश्य से लिखी गई यह पुस्तक राजनीतिक प्रतिनिधियों, नौकरशाहों, बुद्धिजीवियों, प्रतियोगी परीक्षा में बैठनेवाले अभ्यर्थियों तथा जन सामान्य के लिए समान रूप से उपयोगी होगी।
Book Details
-
ISBN9789388211352
-
Pages253
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Hindi 12 Practice Sets (UPSESSB PGT Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A.N.M./Staff Nurse/Lab Technician (Chayan Pareeksha) 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UTTAR PRADESH UP-NIRIKSHAK BHARTI PARIKSHA MOOL VIDHI EVAM SAMVIDHAN
- Author Name:
Suresh Verma
- Book Type:

- Description: उत्तर प्रदेश नागरिक पुलिस एवं पी.ए.सी. उप-निरीक्षक SI (प्लाटून कमांडर, पी.ए.सी. एवं अग्निशमन) विषय-सूची सॉल्व्ड पेपर-2017 —Pgs. 1-18 मूल विधि —Pgs. 1-126 • भारतीय दण्ड प्रक्रिया स्हिंता —Pgs. 3-15 • भारतीय साक्ष्य अधिनियम —Pgs. 16-42 • भष्टाचार निवारण अधिनियम —Pgs. 43-49 • राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम —Pgs. 50-52 • मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम —Pgs. 53-61 • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 और सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1995 —Pgs. 62-69 • पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 —Pgs. 70-73 • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 —Pgs. 74-77 • सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 —Pgs. 78-80 • भारतीय दण्ड स्हिंता, 1860 —Pgs. 81-85 • साइबर अपराध —Pgs. 86-88 • जनहित —Pgs. 89-93 • समकालीन पुलिस मुद्दे एवं कानून व्यवस्था —Pgs. 94-97 • साम्प्रदायिकता और साम्प्रदायिक सद्भाव —Pgs. 98-101 • पुलिस प्रणाली और अपराध नियंत्रण —Pgs. 102-112 • पुलिस एवं विधि का शासन —Pgs. 113-115 • मानसिक दृढ़ता, तनाव प्रंध और व्यवसाय के प्रति रुचि —Pgs. 116-120 • पुलिस एवं अल्पसंख्यक —Pgs. 121-124 • लैंगिक संवेदनशीलता —Pgs. 125-126 संविधान —Pgs. 1-82 • भारतीय स्विंधान —Pgs. 3-17 • भारतीय कार्यपालिका —Pgs. 18-50 • न्यायपालिका —Pgs. 51-55 • पंचायती राज एवं ई-गवर्नेंस —Pgs. 56-61 • स्विंधान संशोधन —Pgs. 62-70 • संस्थाएँ एवं केन्द्र-राज्य संबंध —Pgs. 71-82 (पुरुष एवं महिला) भर्ती परीक्षा नवीनतम सॉल्ड पेपर सहित मूल विधि एवं संविधान
Trivendra : Ek Zindaginaama
- Author Name:
Dr. Nandan Singh Bisht "Vishw"
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat : Hamein Kya Sikha Sakta Hai?
- Author Name:
Max Muller
- Book Type:

- Description: भारतीय साहित्य और संस्कृति पर मैक्स मूलर के अगाध ज्ञान को देखते हुए इंग्लैंड की सरकार ने उन्हें 1882 में आई.सी.एस. पास हुए अँग्रेज़ युवकों के प्रशिक्षण के दौरान भारतीय धर्म, साहित्य और संस्कृति पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया, ताकि ये भावी प्रशासक भारत की आत्मा को उचित ढंग से समझ सकें। इस अवसर पर प्रो. मैक्स मूलर ने सात व्याख्यान दिए जिन्हें बाद में पुस्तक के रूप में 1882 में ही प्रकाशित कर दिया गया। यह पुस्तक उसी का अनुवाद है। इन व्याख्यानों में उन्होंने बताया कि भारतीय समाज को पश्चिम से कमतर समझना भूल है। उन्होंने वेदों और यहाँ के पुराख्यानों की व्याख्या करते हुए बताया कि ये सब हिन्दुओं की जीवन-प्रणाली के प्राण हैं। आज भी उनके ये व्याख्यान भारतीय अस्मिता और प्रज्ञा को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। इन व्याख्यानों में वे क्रमश: भारत की भौगोलिक सम्पन्नता, सांस्कृतिक विविधता, चारित्रिक जटिलता और धार्मिकता पर अपने गहन अध्ययन की रोशनी में प्रकाश डालते हैं। वे बताते हैं कि नृतत्त्वशास्त्रियों, भाषाशास्त्रियों, इतिहासकारों, समाजशास्त्रियों और धार्मिक चिन्तकों के लिए भारत में कितना कुछ है, जिस पर वे काम कर सकते हैं। एक पूरा व्याख्यान इस शृंखला में उन्होंने सिर्फ़ इस धारणा को निरस्त करने के लिए दिया, जिसके अनुसार भारत के हिन्दू लोगों में सत्य के प्रति सम्मान नहीं है। इस पूर्वाग्रह के विरुद्ध उन्होंने अनेक विद्वानों के मन्तव्य देते हुए और कई ग्रन्थों के उदाहरण देते हुए सिद्ध किया कि ऐसा नहीं है। मैक्स मूलर को लेकर एक नकारात्मक विचार उस धारा के साथ भी चलता है, जिसमें मैकाले के अंग्रेज़ी को लेकर किए गए प्रयासों को एक साज़िश करार दिया जाता है, तो भी यह जानने के लिए कि मैक्स मूलर स्वयं भारत और भारतीय संस्कृति के बारे में क्या सोचते थे, यह पुस्तक एक अनिवार्य पाठ है।
Aao Chalen Mangal Ki Ore
- Author Name:
Alisha Satyarth +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokbharti : Hindi Kriya Kosh
- Author Name:
Helmut Nespitaal
- Book Type:

-
Description:
It is a pioneer work in the field of Hindi lexicography, lexicology and the linguistic analysis connected with it, because :
It is the first Hindi dictionary that contains :
(a) all simple verbs (e.g. आना, जाना, मरना...), as well as
(b) all compound verbs (e.g. group II : चल देना, डूब मरना, भगा ले जाना, उठ खड़ा होना...) and group II : दे भगाना, ले चलना, ले डूबना...) of the present standard language, in both its written and spoken form.
The laxical meanings of all simple and compound verbs :
(a) age given in detail in English and
(b) are illustrated by representative examples of their employment taken from written and spoken taxts.
The compound verbs of group I, e.g., चल देना, डूब मरना, etc., have, in most cases, the same lexical meaning(s) as the first verb of them when this one is used as an autonomous lexeme, e.g. : डूबना4 = डूब मरना1, both meaning, here, ''to drown oneself''; the difference between these two verb forms ties in their grammatical, i.e., above all, aspectual, meanings, but also in their lexical properties and their syntactic and pragmatic functions; the compound verbs of group II, e.g., दे भगाना, ले डूबना etc. are isolated lexemes, i.e., they do not have the same lexical meaning(s) as their first member when this one is used autonomously or alone.
These phenomena cannot be fully demonstrated by the lexical equivalents of the Hindi verbs in English, therefore they are, as far as possible, additionally explained (a) in the 'Introduction' of the dictionary, (b) in the entries of the verb lexemes and (c) by means of the textual examples of their usage.
The dictionary will fill an important gap in the analysis and description of Hindi and thus it will prove to be an indipensable work for all speakers, learners and teachers of Hindi whether in India or abroad.
SANTON KE PRERAK PRASANG
- Author Name:
Surendra Singh Negi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB Railway Samanya Gyan Pointwise NTPC LEVEL-1 POSTS BHARTI PARIKSHA-2021
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित NTPC लेवल-1 के पदों हेतु भर्ती परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है I NTPC की परीक्षा के लिए निर्मित इस पुस्तक में भारतीय इतिहास, विश्व एवं भारत का भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान तथा सामान्य ज्ञान विषयों से संबंधित परीक्षा हेतु आवश्यक पाठ्य-सामग्री को समग्र रूप से समावेशित किया गया है I पुस्तक की अन्य महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:- प्रमुख विशेषताएँ:- 1. NTPC लेवल-1 के स्तर-I की परीक्षा हेतु अद्यतन पाठ्य सामग्री का समावेश I 2. आयोग द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पर विषयों का अध्यायवर विश्लेषण I 3. महत्वपूर्ण तथ्यों को बॉक्स में तथा रेखांकित किया गया है I 4. प्रत्येक विषय से संबंधित नवीनतम तथ्यों का समावेश I 5. प्रत्येक विषय से संबंधित अवधारणाओं का सरल भाषा में प्रस्तुतीकरण I
Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Seva Chayan Board Pravakta (PGT) Chayan Pareeksha, Vanijya 12 Practice Sets in Hindi (UPSESSB PGT Commerce Book Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sangharsh Ma Gujarat (Gujarati Edition)
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: લોકતંત્રનું ગળું ઘોંટી દેવા તત્કાલીન વડાપ્રધાન ઇંદિરા ગાંધીએ દેશમાં કટોકટી લાદી હતી. લોકતંત્રની રક્ષા અને કટોકટી સામેની લડતમાં ગુજરાત હંમેશાં મોખરે રહ્યું. આ સંઘર્ષના અગ્રેસર કાર્યશીલોમાંના એક શ્રી નરેન્દ્ર મોદીએ પોતે લોકશાહીની લડત અને તેના અંતિમ વિજયની ગાથા આ પુસ્તકમાં આલેખી છે. કટોકટી કેવી રીતે આવી એ વિશે ઘણું લખાય છે, પરંતુ કટોકટી ગઈ કેવી રીતે એ વિશે ખાસ કંઈ જ લખાયું નથી. આ વિચારમાંથી જ આ પુસ્તકનો જન્મ થયો. કટોકટી પછી ચૂંટણીઓ આવી અને જનતા પક્ષ વિજયી થયો તે નર્યો ચમત્કાર માત્ર હતો? ચૂંટણીઓ દ્વારા થયેલ ક્રાંતિકારી પરિવર્તન એ અચાનક જ આવી મળેલી સફળતા છે એવો પણ એક મત પ્રચલિત થયો છે. પણ વાસ્તવમાં નિશ્ચિત પરિણામો પ્રાપ્ત કરવા ૨૦ માસ સુધી લગાતાર સુનિયોજિત સંઘર્ષ કરવો પડ્યો છે અને તે સંઘર્ષનાં કેટલાં-કેવાં વિવિધ સૂક્ષ્મ, જ્ઞાત-અજ્ઞાત ક્ષેત્રો હતાં તેની પણ એક ભવ્ય ગાથા છે. આઝાદીની પહેલી લડાઈ કરતાં લોકશાહીના રક્ષણ માટેની આ આ બીજી લડાઈનું મૂલ્ય આ રીતે જરાય ઓછું નથી. અને તેમાં ગુજરાત પણ પ્રારંભથી લડતું રહ્યું છે. તેની ગાથા આ પુસ્તકમાં છે
Kendriya Vidyalaya Sangathan KVS PRT Prathamik Shikshak Chayan Pariksha 15 Practice Sets (KVS Primary Teacher 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shirdi Ke Sai Baba
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yamini'
- Book Type:

- Description: साईं सबके भीतर विराजमान हैं। साईं का अपने भक्तों से ऐसा अटूट नाता है, जो जन्म-जन्मांतर तक बना रहता है। वे माता, पिता, सखा, गुरु व अभिभावक के रूप में हर क्षण अपने भक्तों के साथ हैं। साईं की लीला न्यारी है। यदि उन्हें अपने हृदय में विराजमान करना हो तो अपने अंत:करण को लोभ, मोह, माया, क्रोध आदि विकारों से मुक्त करना होगा। हृदयरूपी बगिया में प्रेमरूपी पुष्प खिलाने होंगे। साईं की प्रतिमा को शुद्ध व पवित्र अंत:करण में प्रतिष्ठित करने के पश्चात् ही उनके अलौकिक रूप व छटा का पान किया जा सकता है। सर्वभूतों में व्याप्त साईं सकल जगत् से नाता रखते हैं। तभी तो सभी धर्मों के अनुयायी उन्हें पूरी श्रद्धा व आस्था के साथ पूजते हैं, फिर भले ही वे हिंदू हों या मुसलमान। साईं ने सदैव सत्य का प्रतिपादन किया और धार्मिक आडंबरों व कट्टर रूढ़ियों में उलझे समाज को एक नई दिशा दी। प्रस्तुत पुस्तक में साईं बाबा के जीवन-दर्शन व संदेशों को सरल व बोधगम्य भाषा-शैली में प्रस्तुत करने का विनम्र प्रयास किया गया है। बाबा के उपदेश आज भी जनमानस को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं—दिन-प्रतिदन साईं धाम शिरडी में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस तथ्य की साक्षी है। साईं की शिक्षाओं, चमत्कृत करनेवाली कथाओं एवं प्रेरणादायी उपदेशों के द्वारा जीवन पथ आलोकित करनेवाली आस्थापूर्ण पुस्तक।
Civil Services Mein Safal Kaise Hon
- Author Name:
Deepak Anand
- Book Type:

- Description: सिविल सेवाएँ देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्त्वपूर्ण सेवाएँ हैं। पढ़े-लिखे युवाओं में इनके प्रति विशेष आकर्षण रहता है। हर युवा इस मुकाम को पाना चाहता है। डेढ़ सौ करोड़ की जनसंख्या में से प्रति वर्ष करीब एक हजार सिविल सेवक चुने जाते हैं, जिनके लिए कई लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं। इन आँकड़ों से इन सेवाओं के प्रति आकर्षण और महत्ता को सहज ही समझा जा सकता है। इन सेवाओं के लिए त्रिस्तरीय कसौटी पर उम्मीदवारों को पारदर्शी प्रक्रिया के द्वारा कसा जाता है। जो उम्मीदवार तीव्र आग सी तप्त इन कसौटियों पर खरा उतरता है, वही चुना जाता है और अपनी अनुपम आभा से देशसेवा का प्रण लेता है। प्रस्तुत पुस्तक सिविल सेवा में तैयारी की मार्गदर्शिका है। इसमें बताया गया है कि इन परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें, अध्ययन के दौरान किन बिंदुओं को विशेषतः ध्यान में रखना है। कुल मिलाकर यह पुस्तक परीक्षार्थियों की ज्यादातर मुश्किलें आसान कर देती है। आशा है, प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों, अभ्यर्थियों और अपने कॉरियर के लिए पूर्ण समर्पण करने का इरादा रखनेवाले विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तक बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।
Pali Hindi Kosh
- Author Name:
Bhadant Anand Kaushalyayan
- Book Type:

-
Description:
आधुनिक भारत में और ख़ासतौर पर हिन्दी, गुजराती, बंगाली, मराठी भाषी क्षेत्रों में पालि-भाषा के अध्ययन की ओर आम लोगों की रुचि दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। भारत के कई विश्वविद्यालयों में पालि भाषा के अध्ययन-अध्यापन का कार्य हो रहा है। कई राज्यों में तो मिडल-स्कूल से पालि के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था की गई है। किन्तु पालि भाषा के छात्रों तथा अध्यापकों को ‘पालि-हिन्दी कोश’ की बहुत ही कमी महसूस हो रही थी। इस कमी को दूर करने का काम इस ‘पालि-हिन्दी कोश’ ने किया है। भारतीय भाषा कोश में डॉ. भदन्त आनन्द कौसल्यायन का यह बड़ा योगदान है।
कहा जाता है कि किसी भी भाषा के अध्ययन के लिए उस भाषा का कोश अनिवार्य है। यह कोश उन सभी की आवश्यकता को पूरा करता है जो पालि पढ़ने में रुचि रखते हैं। यह ‘पालि-हिन्दी कोश’ पालि भाषा, हिन्दी भाषा तथा बौद्ध साहित्य के अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त अधिकारी विद्वान द्वारा लिखा गया है। इससे हिन्दी, मराठी, और अन्य भारतीय भाषाओं के छात्र, अध्यापक निश्चित रूप से लाभान्वित होंगे। यह भारतीय भाषाओं में पालि-हिन्दी का अपने ढंग का एकमात्र कोश है।
Antarrashtriya Sangathan
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: अंतर्राष्ट्रीय संगठन ऐसे संगठन होते हैं, जो एकांतिक रूप से किसी विशेष राष्ट्र या राज्य के न होते हुए भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे संयुक्त राष्ट्र संघ, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो), दक्षेस/सार्क, आसियान, एपेक, यूरोपीय संघ, राष्ट्रमंडल, अरब लीग, अफ्रीकी संघ, ओपेक, विश्व बैंक, विश्व व्यापार संगठन इत्यादि। विगत दशक में अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर अनेक ग्रंथ अंग्रेजी में प्रकाशित हुए हैं, किंतु हिंदी में इस विषय पर एक संपूर्ण पुस्तक का सर्वथा अभाव रहा है। अत: इसी अभाव की पूर्ति हेतु इस ग्रंथ 'अंतरराष्ट्रीय संगठन' का सृजन किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक में सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सांगोपांग वर्णन है। प्रत्येक संगठन के अंत में उससे संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्यों को कोष्ठक में दिया गया है। पुस्तक की विषयवस्तु को उपयोगी बनाने हेतु अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संबंधित कई पुस्तकों से संदर्भ भी लिये गए हैं। आशा है, यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।
UPSESSB TGT English 12 Practice Sets Uttar Pradesh Secondary Education Service Selection Board Trained Graduate Teacher Recruitment Examination (English Practice Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSSC AVAR DAROGA MUKHYA PAR. (30 PRCT SET)-NEW
- Author Name:
Ram Mohan Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Ganit (CUET Mathematics in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Railway Samanya Gyan (Vastunisth)
- Author Name:
Vivek Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book