Cricket Coaching Manual
Author:
Bhuvendra Tyagi, Jwala SinghPublisher:
Unbound ScriptLanguage:
EnglishCategory:
Sports0 Ratings
Price: ₹ 331.17
₹
399
Available
CRICKET COACHING MANUAL By Coach JWALA SINGH How does a young dreamer become an elite professional? It takes more than just a straight bat—it takes a roadmap. In this masterclass, renowned coach Jwala Singh breaks down the journey of a cricketer into 8 essential sections, offering a mix of technical precision, tactical brilliance, and the "warrior" mindset required to reach the top. What’s Inside? *The Coach-Player Synergy:* Discover why getting into the Indian team is "difficult, but not impossible." Jwala provides a rare look at how parents should recognize talent and how to choose the right mentor for the long road to the Elite Stage. *The Art of the Willow (Batting):* From the discipline of the "V" to the aggression of the upper cut and the hook, learn how to dismantle any bowling attack. Master the lofted shots for Powerplays and the surgical precision of the late cut against spin. The Mechanics of Pace & Spin (Bowling): A deep dive into the "Rock-Back" position, the importance of the release point, and the dark arts of reverse swing and the Yorker. *The Backbone (Fielding & Keeping):* Learn the agility secrets of boundary riders and why the wicketkeeper is the true heartbeat of the team. *The Modern Athlete (Fitness & Recovery):* Cricket is won in the gym and the kitchen. This book covers balanced diets, injury prevention, and the grueling process of a successful comeback after being dropped. *The Captain’s Mindset:* Understand the heavy mantle of leadership, team spirit, and the mental fitness required to thrive under the pressure of millions of fans. Who Is This Book For? *Aspiring Players:* Learn the exact techniques used by international stars. *Cricket Parents:* Understand how to support your child’s dream without adding undue pressure. *Coaches:* A structured syllabus to groom the next generation of champions.
ISBN: 9789348497901
Pages: 312
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 11-18
Country of Origin: India
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Suryaprakash Chaturvedi
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- Description: v data-content-type="html" data-appearance="default" data-element="main">समय बदलता है तो स्थितियाँ भी बदलती हैं। जीवन का स्वरूप भी बदलता है। बदलते समय के साथ सब कुछ बदलता है। वैसे ही क्रिकेट के खेल में भी बदलाव आते रहे हैं। क्रिकेट बदला तो खेल की मार्केटिंग भी बदली। आज जहाँ भी जिन खेलों की लोकप्रियता है, वहाँ का मार्केट ही उन खेलों का मुख्य प्रायोजक है। भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता है तो आज विश्व क्रिकेट भी भारत के प्रायोजकों के धन से ही चल रहा है। इसलिए क्रिकेट की मार्केटिंग का हिसाब लगाती यह किताब आज के बदलते समय को समझने में भी काम आने वाली है। मार्केट या बाज़ार समाज का अहम हिस्सा रहे हैं। मार्केट पर भी समाज का ही नियंत्रण रहा। मगर आज मार्केट पर नियंत्रण करने वाला समाज ही उसके सामने नतमस्तक है। आज सब मुनाफा कमाने में लगे हुए हैं। यहाँ तक कि खिलाड़ी भी आज खेल को खेल की तरह न खेलकर कि कोरे मुनाफे के लिए ही खेलते हैं। प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी की यह किताब क्रिकेट में मार्केट की बढ़ती दखलअन्दाजी को सामने लाने का अच्छा प्रयास है। क्रिकेट का मार्केट अगर खेल और खिलाड़ियों पर हावी होने लगेगा तो न तो क्रिकेट शानदार अनिश्चिततओं का खेल रह जाएगा और न ही इसके खिलाड़ी लोकप्रिय और यशस्वी हो पाएँगे। खेल खतम, पैसा हज़म नहीं होना चाहिए। किताब पढ़ें और क्रिकेट की विरासत को समझें।
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