Kasauti Par Katha
(0)
Author:
Sudha AroraPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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Available
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Book Details
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ISBN9789392186592
-
Pages244
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Avg Reading Time8 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: शहर के सम्पर्क और नए समय के प्रभाव में आदिवासी समाज भी अब ठीक-ठीक वैसा नहीं रहा, जैसा जंगल और प्रकृति ने उसे बनाया था। वह बदल रहा है और अफ़सोस कि अधिकतर विकृति की ओर ज़्यादा बदल रहा है। नागर सभ्यता अपनी तमाम नकारात्मक ऊर्जा के साथ उसे अपनी चपेट में ले रही है। जसिंता केरकेट्टा की ये कहानियाँ जैसे बदलाव की इस प्रक्रिया का जीवन्त दस्तावेज़ हैं। बिना किसी कलागत आग्रह के सरल-सीधी कथा-कहन के साथ वे इन कहानियों में आदिवासी स्त्रियों की असहायता को भी उजागर करती हैं और पुरुषों में बढ़ते ताक़त के नशे की ओर भी संकेत करती हैं। कुछ कहानियों में उन्होंने ऐसे वयस्क मूल्यबोध की ओर भी इशारा किया है जिसको स्वीकार करने में नागर जन की तथाकथित आधुनिकता भी बग़लें झाँकने लगेगी। मसलन ‘रिश्ता’ कहानी में विवाह नामक संस्था को आमूल-चूल पुनर्परिभाषित करते नैना, सूरज और सुरजमुनी के संवाद। संवाद-प्रधान कुछ कहानियों में धर्म-आधारित राजनीति और आदिवासी जीवन पर उसके प्रभाव को लेकर भी अच्छी रोशनी पड़ती है। व्यवस्था और अवधारणा के स्तर पर बहुत सूक्ष्म और रेडिकल बदलावों के संकेत इन कहानियों में कई जगह मिलते हैं। ये कहानियाँ बताती हैं कि आदिवासी समाज में भी भले ही पुरुषों ने स्त्री के लिए कोई सम्मानजनक जगह नहीं रखी, बाहरी दुष्प्रभाव में भले ही बेटे अपनी माँओं-बहनों के साथ हिंसा करने लगे हैं, लेकिन स्त्री अभी भी अपनी संस्कृति, अपनी प्राकृतिक सहजता को लेकर सचेत है, उसे खोने को तैयार नहीं। हिंसा का शिकार होकर भी वह हिंसा को नहीं चुनती। आदिवासी दुनिया के संघर्षों, मूल्यों, पीड़ाओं, उसके सामने मौजूद ख़तरों और बदलावों को दर्शातीं कहानियों का एक रोचक संग्रह।
Kathakram
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक में सुप्रसिद्ध वैयाकरण एवं कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा लिखित रोचक कथाएँ संकलित हैं। इनमें दो पौराणिक वृत्तांत हैं—‘शकुंतला’ और ‘गौतम बुद्ध’। ये बँगला के प्रसिद्ध कथाकार तथा चित्रकार अवींद्र कुमार ठाकुर की अनूठी कृतियाँ हैं, जो अपनी चित्रमयता के लिए जानी जाती हैं। इनका छायानुवाद इस पुस्तक में है। दो यात्रा-वृत्तांत हैं—‘उत्तराखंड की ओर’ और ‘सूर्योदय के देश में’। जीवन के कथा-क्रम से जुड़ी कथाओं और यात्रा-वृत्तों का रोचक-पठनीय संकलन।
Dafa 604
- Author Name:
Apoorv Agarwal
- Book Type:

- Description: किसी भी समाज की कोई भी इकाई समाज के नैतिक मूल्यों, मान-मर्यादाओं और अनुशासन के मानदंडों का प्रतिबिम्ब होती है। फिर चाहे यह न्यायपीठों, न्यायाधीशों, या सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा की प्रतिज्ञा लेनेवाले क़ानूनविद् ही क्यों न हों, जिन्हें समाज ने लोकतंत्र का प्रमुख आधार-स्तम्भ माना है। प्रस्तुत कहानियाँ हमें इसी क़ानूनी दाँव-पेच की जीती-जागती दुनिया में ले जाती हैं, जहाँ एक न्यायाधीश न्याय-परायणता निभाने के लिए अपने सर्वस्व की बलि दे देता है, तो दूसरा, सामाजिक बुराइयों के आगे घुटने टेक पूरे पेशे की पवित्रता भंग कर देता है। हिन्दी साहित्य की ये श्रेष्ठ कहानियाँ हमें उन पेचदार क़ानूनविदों से भी मिलवाती हैं, जिनके लम्बे होशियार हाथों में क़ानून की लगाम है। ‘दफ़ा 604’ उन्हीं की क़ानून-पटुता की सच्चाई उकेरती कहानियों का संग्रह है, जिसमें मानव-चरित्र के कई राग-रंग आलोकित होते हैं।
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